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बुआ की चुदाई

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मै राहुल आपलोगो को एक ऐसी घट्ना से वाकिफ़ कराने जा रहा हु जोकि तकरिबन 2 साल पहले की है! मेरी छोटी बुआ बिनिता और मेरी छोटी चाची दोनो ही एक ही शहर मे रह्ती थी, मै चाचि के घर पर हफ़्ते दिनो के लिये गया था, दो दिन बाद बुआ मुझे फ़ोन की और बोली…… “क्या राहुल बुआ से मिलने का मन नही करता

(राहुल) जरुर बुआ, कल सुबह आता हु

(बिनिता) नही आज शाम को आओ, तुम्हारे फ़ुफ़ा जी देल्ही जाने वाले है

(राहुल) ओह लेकिन कब

(बिनिता) आज शाम को फ़िर मै अकेले बोर होते रहुंग़ी

(राहुल) शाम को आता हु बुआ. ” और फ़िर दोपहर मे खा पीकर आराम करने लगा !

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शाम को एक छोटे से बैग मे अपना कपड़ा और कुछ सामान रखा और बुआ के घर निकल पड़ा, शाम 6:15 बजे उनके घर पहुंचा तो फ़ुफ़ा जी देल्ही के लिये निकल पड़े थे ! मै घर के अंदर घुसा तो बुआ के दोनो बच्चे खेल रहे थे, मै बुआ का पैर छुआ और सोफ़ा पर बैठ गया, बुआ लाल रंग़ के गाउन मे बेहद खुबसुरत लग रही थी ! बुआ दोनो बच्चे को पढ्ने के लिये कमरे के अंदर भेजी और खुद किचन चली गयी, शायद काफ़ी बना रही थी तो मै किचन घुसा और बुआ को पिच्हे कि ओर से पकड़ लिया, वो मुस्कुराते हुए पिच्हे की ओर देखी…… “राहुल जरा सब्र करो, फ़िर देखना रात की बात

(राहुल) सो क्या बुआ आज रात को क्या कुच्ह खास है. ” मै बुआ के गाल को चुमकर उनको छोड़ा, फ़िर हाल मे जाकर टेलीविजन देखने लगा ! रात 9:30 बजे तक सबलोग खा पिकर सोने चले गये, बुआ अपने दोनो बच्चो के साथ अपने बेड़रूम चली गयी और मै अपने बेड़ पर चला गया, मोबाईल हाथ मे थामे न्युज देखने लगा और फ़िर 10:30 बजे के आसपास मै बाथरूम जाकर हाथ मुह्न धोता हु और फ़िर बेड़ पर आकर सो जाता हु ! बिस्तर पर लेटे-2 बुआ बिनिता के आने का इंतजार है, पता नही अभी तक उनके दोनो बच्चे सोये नही है या फ़िर बुआ ही मेरा इंतजार अपने बिस्तर पर कर रही है, अब उठ्ने हि वाला था की बुआ मेरे कमरे मे घुस आयी ! लाल रंग़ के गाउन मे सेक्सी माल लग रही थी और मै बेड़ पर उठ्कर बैठ गया, वो मुस्कुराते हुए बिस्तर पर आई और मेरे सिने से लग गयी !

मै उनको अपने गोद मे बिठाकर चुमने लगा, वो मेरे से चिपक कर बैठी थी तो उसके दोनो पैर दो दिशा मे और मेरे कमर से लिपटे थे! बिनिता मुझे अपने से जकड़ ली थी तो मै उनके ओंठ को चुसता हूआ उनके जिभ को अपने मुह्न मे भर् लिया और चुसने लगा, उसकी बड़ी-2 चुचि मेरे छाती से दब रही थी और उनके जिभ चुसता हुआ मै उसके गाउन को उपर करने लगा! बिनिता अपने चुत्तर को मेरे गोद से थोड़ा उपर की और मै उनके गाउन को कमर तक करके जिभ चुसना छोड़ा, उनके गाउन को गले से बाहर कर दिया तो वो बिन ब्रा और पेंटी की नग्न थी ! बुआ को बिस्तर पर सुलाकर उसके कमर के पास बैठा और चुत्तर के निचे एक तकिया ड़ाल दिया, बुआ बेशर्म औरत की तरह अपने दोनो जङ्हा को फ़ल्काए लेटी हुई थी, मै अब बुआ की बुर पर मुह्न लगाकर बुर पर चुम्बन देने लगा और वो सिसक रही थी ! बिनिता अपने बुर को फ़ल्काकर मुझसे चट्वाने लगी, मेरा जिभ उसकी बुर को कुत्ते की तरह चोद रहा था और मेरा हाथ उनके एक चुचि को मसल रहा था, बुआ की बुर से खुस्बु आ रही थी तो 2-4 मिनट बुर को जिभ से चोदने के बाद मै उनके बुर के दोनो फ़ांक को मुह्न मे ले लिया और चुभलाने लगा, वो चिंखने लगी……. “आह्हह ऊउम्मम राहुल मेरी बुर अब चोद दो ना. ” मै बुर को छोड़्कर बाथरूम भागा !

बिनिता बिस्तर पर कुत्तिया कि तरह हो गयी तो उसके विशालकाय नितम्ब के सामने मै अपना लंड़ पकड़े बैठ गया, उसके बुर के मुहाने पर सुपाड़ा रखकर धीरे-2 लंड़ को अंदर पेलने लगा, आधा लंड़ घुसते ही उसकी चुत मे जोर का धक्का मारा तो मेरा पुरा लंड़ बुर मे घुस गया और बुआ चिन्हुक उठी……. ऊऊम्मम्मम मर गयी बुर फ़ाड़ ड़ाला

(राहुल चोदता हुआ) चुपकर साली रंड़ी दो बच्चे पैदा करके बुर फ़ट रही है

(बुआ) तो क्या हुआ बुर की सिकुड़न से परेशानी नही होती

(राहुल) मुझे क्या पता चुत्तर हिला साली. ” मै बुआ की बुर चोदने लगा और साथ मे उनके सिने से झुलते चुचि को मसलने लगा तो बुआ अपने गांड़ आगे पिच्हे करते हुए मजा देने लगी ! बिनिता की मांसल चुत्तर मेरे कमर से टकरा रही थी और मेरा शेर उसकी गुफ़ा मे भ्रमण कर रहा था, उसकी बुर को जिभ से चोदा था तो मेरी लंड़ 10 मिनट से उसकी चुत चोद रही थी, बुर तो मानो आग की भटटी हो चुकी थी और मै दनादन लंड़ पेलता हुआ मस्त था, तभी बुआ चिखने लगी….. “ऊऊउ अबे चोदु तेज चोद ना बुर रस झाड़्ने वाली है. ” और फ़िर मेरा लंड़ उसकी बुर के पानी से गिला हो गया! वो अब बिस्तर पर सो गयी तो मै उसके मुह्न के पास बैठ्कर अपना लंड़ उसके मुह्न मे भर दिया, बिनिता मेरे लंड़ को चुसने लगी तो मै उसके स्तन को दबा रहा था! पल भर बाद वो मेरे लंड़ को जिभ से चाटी और मै उसके बुर पर मुह्न लगाकर रस चाट्ने लगा !

बुआ की चुत का रस चाट्कर मै उनके चुत मे लंड़ पेला और चुदाई करने लगा, उसके मांसल बदन पर सवार होकर चुदाई कर रहा था तो बुआ अपने गांड़ को उपर निचे करने लगी ! मै बुआ के रसिले ओंठ को चुमता हुआ तेज चुदाई करने लगा और 15 मिनट कि चुदाई के बाद चिंख पड़ा….. “ओह्हज आह्हह्हह बुआ ले मेरा विर्य अपनी बुर को पीला

(बुआ) जरुर राहुल आह्ह अब बुर शांत हो गयी. ” बुआ की बुर मे विर्यपात कराकर उसके जिस्म पर लेटा रहा !

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