नौकरी बचाने के लिए एम्प्लोयी ने अपनी बेटी और बीवी चुदवाई | Erotic Stories
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नौकरी बचाने के लिए एम्प्लोयी ने अपनी बेटी और बीवी चुदवाई

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दोस्तों मेरा ट्रांसफर अपने कंपनी के दिल्ली ऑफिस में हुआ. जब मैंने दिल्ली ऑफिस का इंचार्ज लिया तब ब्रांच काफी अच्छा परफॉर्म नही कर रही थी. मेरा सबसे पहला काम था की ऑफिस स्टाफ की कटिंग करना. एक महीना ऑफिस में काम करने के बाद कुछ लोगो को मैंने सेलेक्ट किया जिन्हे मुझे ऑफिस से निकालना था.. इसमें से एक एम्प्लोयी था रमेश.
रमेश की उम्र ४५ साल है वो 20 सालो से कंपनी में है. रमेश ऑफिस में दिन भर गप्पे मारता रहता है और अपना काम दुसरो से करवाता था. मैंने उसको एक दिन अपने केबिन में बुलाया और उसको टर्मिनेशन का नोटिस दिया. वो काफी शॉक में आ गया था, मुझसे काफी मिन्नतें करने लगा पर मेरे हाथ भी बहुत टाइट थे.. इसलिए मैं उसे समझा कर भेज दिया. नोटिस पीरियड १ महीने का था इसलिए वो ऑफिस आता और चुपचाप काम करके चला जाता.
एक दिन वो केबिन पर आया और मुझे अपने बेटी की बर्थडे पार्टी में आने के लिए कहा. मैं भी फॉर्मेलिटी निभाने के लिए उसके घर चला गया. वहा उसने मुझे अपनी बेटी मधु और बीवी शिल्पा से मिलाया. दोनों माँ बेटी जबरदस्त पीस थी –एक तरफ उसकी बेटी मधु सेक्सी टंच माल थी तो दूसरी तरफ उसकी बीवी एक गदरायी हुई कामुक औरत थी. मधु २२ साल की जवान खूबसूरत लड़की है और उसका फिगर 36-28-३८ है. दूसरी तरफ शिल्पा 39 साल की हरी भरी महिला है और उसका फिगर 40-32-40 होगा. मधु ने एक ब्लैक ड्रेस पहनी थी. ड्रेस घुटनो के थोड़ा ऊपर तक ही थी जिससे उसकी गोरी गोरी मोटी टांगे दिख रही थी. मैंने मधु से हाथ मिला कर बर्थडे विश किया. शिल्पा आंटी ने ग्रीन कलर की ट्रांसपेरेंट साड़ी पहनी थी और अंदर टाइट स्लीवलेस ब्लाउज. पल्लू के अंदर आंटी का ब्लाउज दिख रहा था.. शिल्पा की बड़े बड़े फुटबॉल जैसी चूचियां ब्लाउज से बाहर आने को बेताब थी, मस्त क्लीवेज लाइन दिख रहा था.. थोड़ी देर बाद मधु ने केक काटा. उसने सबको केक खिलाया. मैं पार्टी में किसीको जानता नहीं था इसलिए सोफे में बैठकर कोल्डड्रिंक पि रहा था.. रमेश मधु के साथ मेरे पास आये और कहने लगा
रमेश: मधु बेटा सर का थोड़ा खाश ख्याल रखो.. ये तुम्हारी ही उम्र के है..
मधु: ठीक है पापा
मधु मेरे पास ही बैठ गयी और बातें करनी लगी. मधु की खूबसूरती और सेक्सी फिगर मुझे भा रही थी.. मैं भी उसके साथ फ्री होने लगा.. ड्रेस में कैद मधु की चूचियां काफी नंगी दिख रही थी.. उसके बड़े बड़े आम मुझे बहुत ही मस्त लग रहे थे..
मधु: चलो सर मेरे रूम में.. यहाँ तो बोरिंग पार्टी चल रही है
मैं: मधु डोंट कॉल मी सर.. कॉल मी रोहित
मधु: ओके रोहित..
मैं और मधु उसके कमरे में चले आये.. कमरे में दारू की बोतल भी थी.. मधु ने एक पेग बनाया और मुझे दिया.. और दूसरा पेग लेकर मेरे गोद पर आ कर बैठ गयी और मुझे गाल पर किश करने लगी..
मधु: रोहित तुम मेरे पापा को नौकरी से निकाल कर अच्छा नहीं कर रहे हो.. तुमको पता है पापा कितनी टेंशन में रहते है
मैं: अच्छा ये सब तुम इसलिए कर रही हो
मधु: और नहीं तो क्या.. पापा ने बोला है की आपको खुश रखो ताकि शायद आप पापा को नौकरी से ना निकालें..
मैं: ओके.. फिर करो मुझे खुश
मधु मुझे किश करने लगी, मैं उसकी गोरी गोरी टांगो को सहला रहा था और किश कर रहा था. फिर मैं उठा पीछे से पकड़ लिया.. अपना हाथ उसकी ड्रेस के अंदर डाल दिया और उसके चुच्चो को दबाने लगा…. अह्ह्ह्हह्हह रोहित… ओह्ह्ह मधु डार्लिंग मस्त टंच माल हो तुम… क्या सेक्सी फिगर है डार्लिंग.. मैं उसकी बैक पर किश कर रहा था और उसकी मोटे मोटे चुच्चो को मसल रहा था…
फिर मैंने उसकी ड्रेस की ज़िप खोल दी और उसकी बदन को चूमने लगा.. पीछे से उसकी रेड कलर की ब्रा की स्ट्राप दिख रही थी.. मैं उसकी गोरी चिकनी बैक को किश कर रहा था और धीरे धीरे ड्रेस निचे खिसका रहा था.. ड्रेस उसकी चौड़ी गांड में फंसी हुई थी.. जो काफी दिक्कत के बाद निकल गयी.. अब उसकी फैली हुई मोटी गांड सिर्फ एक रेड चड्डी में थी… उसका गोरा जवान बदन अब केवल ब्रा और पैंटी में था..
मधु ने मेरी शर्ट उतार दी और पैंट के ऊपर से मेरा लंड सहला रही थी.. फिर उसने मेरी लंड को मेरी पैंट के कैद से आजाद किया.. मेरा 9″ का लौड़ा देखकर वो थोड़ा सहम गयी.. ओह्ह्ह्हह रोहित यह तो बहुत ही बड़ा है.. मैं इसे कैसे लूंगी
उफ्फ्फ्फ़ डरो नहीं मधु डार्लिंग.. तुम बस इसे मुंह में लेकर प्यार से चुसो बाकी मुझ पर छोड़ दो
मधु ने मेरा लंड अपने मुंह में लिया और चूसने लगी.. उसकी सॉफ्ट होठो की गर्मी से मेरा लौड़ा और भी कड़क हो रहा था.. वो जोर जोर से लंड को चूस रही थी.. अब मेरा लौड़ा पूरा अकड़ चूका था….
मैंने मधु की ब्रा और पैंटी उतार दी और उसके बिस्तर पर लेटा दिया.. उसकी चिकनी और गोरी चुत देखकर लग रहा था की उसकी सील नहीं टूटी है.. मैंने उसकी बूर में अपना लौड़ा धीरे से पेल दिया…. मेरा लंड मधु की अनचुदी बूर को फाड़ता हुआ अंदर चला गया.. साथ ही मधु की जोर से चीखे निकल आयी.. अभी मेरा सिर्फ लंड का सुपाड़ा ही अंदर गया था.. दूसरा झटका और भी जोरदार था, मेरा आधा लंड मधु की बूर में चला गया था.. अब उसकी सील टूट चुकी थी… वो दर्द से काफी कराह रही थी.. मैं उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर उसे शांत कर रहा था… फिर मैंने एक और करारा शॉट मारा और पूरा लौड़ा मधु की चुत में डाल दिया… दर्द के मारे मधु मुझसे लिपट गयी और मेरी पीठ में नोचने लगी.. उईईईईई माँ रोहित तूने तो फाड़ डाला रे.. मर गयी मैं.. उह्ह्हह्ह आईईईई…
मैं उसकी चूचियों को जोर जोर से दबा रहा था.. ऐसी बड़ी और भरी हुई चूचियों को दबाने में बहुत ही मजा आ रहा था.. १० मिनट रुकने के बाद मैं मधु को धीरे धीरे चोदने लगा.. थोड़ी देर बाद मधु भी चुदाई का मजा लेने लगी…… अह्हह्ह्ह्ह रोहित.. कम आन फक मी डिअर..
पुरे कमरे में फच फच की चुदाई संगीत गूंज रही थी.. मैं अपना लौड़ा पूरा निकाल कर फिर जड़ से मधु की बूर में पेल देता था…. मधु भी पूरा मजा लेकर चुद रही थी..
मैं: ओह्ह्ह्ह मधु डार्लिंग.. मस्त टाइट चुत है तेरी जानेमन
मधु: ओह्ह्ह्ह रोहित सर.. लगता है आपके लिए बचा कर रखी थी.. और चोदो सर फाड़ दो मेरी बूर..
मैंने और मधु ने बहुत देर तक चुदाई का मजा लिया और एक दूसरे की बाहो में फिनिश हो गए..

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