वैशाली दीदी – 3 | Erotic Stories
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वैशाली दीदी – 3

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गहरी नींद के बाद मैं सुबह उठा तो देखा वैशाली दीदी बिस्तर पर नहीं है… बिस्तर पूरा तहस नहस हो गया था.. चादर एक जगह से फट भी गयी थी. बिस्तर की हालत देख कर कोई भी बता सकता था की भयंकर चुदाई हुई है इस बेड पर.. दीदी की साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट, चड्डी और ब्रा इधर उधर जमीन पर पड़ी हुई थी…
मैं उठा और दीदी के सारे कपडे उठाने लगा.. कपड़ो से दीदी की कामुक बदन की खुसबू आ रही थी.. ब्लाउज को देखकर मैं सोचने लगा.. इस छोटी सी ब्लाउज में दीदी के बड़े बड़े तरबूज कैद रहते है.. मैंने दीदी की ब्लाउज और ब्रा को लिया और अपने लंड पर मसलने लगा…
मैंने देखा बाथरूम से पानी गिरने की आवाज आ रही है.. बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ था. मैं अंदर चला गया, वहा दीदी शावर के निचे नहा रही थी.. दीदी पूरी नंगी होकर नहा रही थी.. दोस्तों वैशाली दीदी का बदन इतना सेक्सी और गदराया हुआ की देखते ही लैंड ९० डिग्री में खड़ा हो गया.. दोस्तों शादी के बाद दीदी का फिगर 40-32-40 का हो गया है.. पानी की बूंदे दीदी की मोटे मोटे चुच्चो से होती हुई उनकी बूर में जा रही थी.. दीदी की बड़ी बड़ी चूचियां बहुत ही कसी और तनी हुई है.. पतली फ्लैट कमर और फैली हुई दीदी की विशाल चुत्तड़.. दीदी का जवान बदन मेरे अंदर की आग को और भड़का रही थी.. मैं चुप चाप दीदी के पीछे आ गया और उन्हें पकड़ लिया..
दीदी: ओह्ह्ह रोहित तू है
मैं: हाँ दीदी.. मैं सोच रहा हूँ आपके साथ ही नहा लू
दीदी: हाँ भाई तेरे लिए ही तो मैंने बाथरूम लॉक नहीं किया था..
मैं दीदी को पीछे से पूरा हग किये हुए था और शावर के निचे खड़ा था.. मेरा बदन भी पूरा भीग गया था.. मैं दीदी की चूचियों को धीरे धीरे दबा रहा था और उनकी नैक पर किश कर रहा था.. दीदी अह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह कर रही थी.. दीदी ने पीछे से एक हाथ लगा कर मेरी शॉर्ट्स भी उतार दी.. अब मेरा खड़ा लंड दीदी की नंगी चुत्तड़ो के बीच में फिट था…. मेरा लंड दीदी की मोटी गांड का पूरा मजा ले रहा था… और मैं अपने दोनों हाथो से दीदी की चूचियों को मसल रहा था.. दीदी की चूचियां इतनी बड़ी बड़ी है की वो एक हाथ में आती नहीं है.. इतनी सॉफ्ट और भरी हुई चूचियों को दबाने में बहुत ही मजा आ रहा था.. उस पर दीदी की कामुक सिसकारियां. उउउउइइइइ उह्ह्ह्हह्ह जोर से दबा भाई…
फिर मैंने दीदी को घुमाया और अपनी बाहो में लिया.. और दीदी को किश करने लगा.. और दीदी की चुत्तड़ो को मसलने लगा.. अह्हह्ह्ह्ह ऊह्ह्ह्ह भाई.. तूने तो मेरी चुत में फिर से आग लगा दी है भाई
ओह्ह्ह दीदी आप चिंता नहीं करो अभी शांत कर देता हूँ तेरी चुत
मैं निचे झुका और दीदी की चुत पर अपना मुंह ले गया.. मस्त क्लीन शेवड गोरी चिकनी चुत थी.. मैं दीदी की चुत को चूसने लगा.. अह्ह्ह्ह भाई तू आग शांत कर रहा है भड़का रहा है..
उफ्फ्फ्फ़ दीदी तुम्हारी चुत बहुत ही प्यारी है..
मैं दीदी की बूर चूस रहा था और अपने हाथो से दीदी के बड़े बड़े आमो को दबा रहा था.. इतने सॉफ्ट और बड़ी बड़ी चूचियों को दबाने में बहुत ही मजा आ रहा था… आअह्ह्ह्हह भाई अब रहा नहीं जा रहा है कितना चूसेगा..
आ पेल ना अपनी बहन को..
ठीक है दीदी… फिर रेडी हो जाओ मेरा लंड लेने के लिए
मैंने दीदी को बाथरूम की दिवार से सटाया और उनकी एक टांग उठाई.. और बुर की गुफा पर अपना लौड़ा फिट किया.. और एक जोरदार झटका मारा.. लंड फच की आवाज के साथ दीदी के बूर में घुस गया.. और साथ ही साथ दीदी की जोर से सिसकारियां निकल गयी.. उईईईईई आइइइइइइइ… शावर की बूंदे हमदोनो के चेहरे पर पड़ रही थी और हम अपनी चुदाई में व्यस्त थे..
फिर मैं दन दनाता हुआ अपना लंड दीदी की बूर में अंदर बाहर करने लगा.. जितना जोर का शॉट उनकी जोर दीदी की आहे.. उउउउउउउ ईईईई रोहित.. तू ही मेरा असली पति है भाई.. पहले तूने मेरी साथ सुहागरात मनाई और अब हनीमून का असली मजा तू ही दे रहा है… अहहहहह भाई..
ओह्ह्ह्ह वैशाली माय जान.. तुझे चोदने का मजा तो कुछ और ही है
आअह्ह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह भाई
मैं वैशाली दीदी की नंगी चूचियों को चूस रहा था और उनकी चुदाई कर रहा था.. अह्ह्ह्हह रोहित फक मी डार्लिंग.. ओह्ह्ह ईईईई
फिर मैंने वैशाली दीदी को पलटा और पीछे से उसकी मारने लगा.. दीदी की चौड़ी विशाल गांड को पकड़ कर मैं दीदी को चोद रहा था.. अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई.. और चोद भाई.. अपनी बीवी को रगड़ डाल अच्छे से..
मैंने दीदी को पीछे से अपनी बांहो में जकड लिया और उनको चूचियों को दबा दबा कर चोदने लगा… पानी की बूंदे दीदी की नंगी पीठ पर गिर रही थी, जो दीदी के बदन को और भी सेक्सी बना रहे थे.. मैं दीदी की गोरी पीठ को चुम रहा था और उनके आमो को अपने हाथो से मसल रहा था..
अह्ह्ह्हह दीदी क्या रसीले आम है दीदी आपके…
उह्ह्हह्ह आईईईई भाई निचोड़ डाल मेरी चूचियों को फाड़ दे मेरी बूर….
ओह्ह्ह्हह दीदी आपकी चूचियां तो बड़े बड़े तरबूजों जैसी है जिन्हे दबाने में बहुत ही आनंद आ रहा है
ओह्ह्ह्हह्हह भाई और जोर से मार भाई…. फक मी डिअर…
उफ्फफ्फ्फ़ दीदी.. आज रात अपनी गांड में तेल लगा के रखना…. आज मैं तेरी गांड मरूंगा..
नहीं भाई गांड नहीं.. चुत मार ले जितनी..
नहीं दीदी आज तो तेरी ये मोटी गांड फाड़ कर ही रहूँगा…
उईईईईई आह्ह्ह्हह भाई ठीक है.. मैं अपने पति को पूरा खुस रखूंगी..
ओह्ह्ह्हह दीदी यू आर सो स्वीट एंड सेक्सी…
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई और तेज भाई.. आउउउउउउ
मैं दीदी की बड़े बड़े चुचो को दबा दबा कर बहुत तेजी से चोद रहा था.. मेरा लंड अब ताबड़ तोड़ दीदी की बूर में अंदर बाहर हो रहा था.. और धीरे धीरे दीदी की मॉनिंग तेज हो गयी… अह्हह्ह्ह्ह भाई… उउउउउउउउउ…
ओह्ह्ह्ह भाई मेरा हो गया…
फिर हमदोनो साथ में नहाये… फिर दीदी ने टॉवल से मेरा बदन पोछा और मैंने उनका बदन..

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