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रानी की जवानी : भाग ८

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रानी तो अपने लैंडलॉर्ड को ही सम्मोहित कर उसके साथ सेक्स को आतुर थी और कहिए तो दो दो पैक लगाते हुए आलोक मेरे जांघ से बूब्स तक हाथ फेर चुका था, मैं व्हिस्की हालफिलहाल से ही पीना शुरू की इसलिए दो पैक पीने के बाद नशे में चूर हो गई और तभी आलोक वाशरूम से निकला और उसने कमर से टॉवल लपेट लिया था तो मैं सोफा पर बैठे हुए उसकी ओर देख रही थी। आलोक की उम्र ३२ वर्ष होगी तो लंबाई ६ फीट के आसपास साथ में चौड़ी छाती तो हेंडसम मर्द और रानी को तो अब गैरों के संग हमबिस्तर होने की चाहत जाग उठी थी और तभी मैं उठकर आलोक के पास गई और उसको बाहों में लेकर उसके चेहरे को चूमने लगी तो आलोक मेरे गोल गद्देदार गांड़ पर हाथ फेरने लगा साथ ही मेरे लंबे काली जुल्फों को पकड़ कर मेरे रसीले ओंठ को चूमने लगा तो मैं आलोक के टॉवल को कमर पर से खींच नीचे गिरा दी और फिर उससे लिपटकर उसके मुंह में ही रसीले ओंठ डाल दी तो आलोक मेरे स्कर्ट को नीचे खिसकाया फिर मेरे चूतड सहलाने लगा, खड़े खड़े दोनों अर्ध नग्न अवस्था में आ गए तो शराब पीकर मैं थोड़ी अधिक ही बेशर्म हो चुकी थी, मेरे जिस्म पर जो टॉप्स था उसे वो गर्दन से बाहर करना चाहा तो मैं उसके मुंह से ओंठ निकाल उसको अपना टॉप्स उतारने दी और फिर मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थी तो आलोक सिर्फ चढ्ढी और बनियान में था। मैं तो व्हिस्की पीकर मस्त थी और अब तो आलोक के ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दी फिर वो मेरे गर्दन में हाथ डाले ओंठ को मुंह में लिया और चूसने लगा तो मैं सोची की क्यों ना इसकी चढ्ढी उतार लन्ड देखा जाए, वो ओंठ चूसने में लीन था तभी मैं उसके चढ्ढी को कमर से नीचे कर दी फिर तो उसका मोटा लंबा लन्ड मेरे हाथ में था, साला जो कहो लन्ड दमदार था और इसके ऊपर बैठकर चुदाने का मजा भी लेना था तभी मैं आलोक के मुंह से ओंठ निकाल उसके लन्ड को हिलाने लगी और उसके छाती को सहलाते हुए बोली ” मेरी पसंद हमेशा से सॉलिड ही होता है, क्यों ” फिर दोनो सोफा पर बैठे लेकिन मैं तो उसके लन्ड पकड़ झट से फर्श पर बैठी फिर उसके लन्ड का चमड़ा नीचे कर सुपाड़ा को जीभ से चाटने लगी तो वो मेरे पीठ पर हाथ फेरने लगा और मेरी ब्रा खोलकर बूब्स नंगा कर दिया फिर मुझे क्या था, उसके सुस्त पड़े लन्ड पकड़ हिलाने लगी और खुद से पेंटी की हूक खोलकर नंगी हो गई ” क्यों लैंडलॉर्ड, टीनेंट का इस्तेमाल करेगा तो भाड़ा
( वो मेरे बूब्स पकड़े दबाने लगा ) मिलेगा हर दफे सेक्स पर महीने का एक तिहाई भाड़ा माफ
( मैं उसके लन्ड हिलाने लगी ) ओह यानी महीने में तीन चुदाई पर भाड़ा नहीं देना होगा ” वो चुप रहा और मैं उसके अर्ध टाईट लन्ड को पकड़ मुंह में भर ली और चूसने लगी, रानी की तो बुर में खुजली होने लगी थी सिर्फ यही सोचकर की आलोक का मोटा लन्ड बुर में लेकर चुदवाना है और उसका लन्ड मुंह में टाईट होते जा रहा था तो मैं एक बार उसके लन्ड मुंह से निकाल उसके सुपाड़ा को नाक से लगाए सूंघने लगी फिर तो वो मेरे बूब्स पकड़े दबाए जा रहा था ” रानी चलो बेड पर ” तो दोनों बेडरूम चले गए फिर मैं तो नंगे ही लेट गई और आलोक मेरे कमर के पास बैठकर बूब्स को पकड़े दबाने लगा, दोनों हाथ में मेरे मुलायम बूब्स को पकड़े मसलने में मस्त था तो मैं पूछी ” आपकी बीबी का बूब्स तो बड़ा बड़ा है
( वो मेरे छाती पर सर रखा ) हां साली दस के साथ रंगरेली जो मनाती है ” मैं चुप रही और आलोक मेरे दाहिने स्तन को मुंह में लिए चूसने लगा साथ ही दूसरे बूब्स को पकड़ दबाए जा रहा था, मैं उसके बाल को सहलाने लगी और मेरी बुर में तो कीड़े रेंगने लगे, बहुत मजा आ रहा था की मेरी मुंह से सेक्सी आवाजें ” आह ओह उह उफ इस ” निकलने लगी।
रानी बेड पर लेटे अपने लैंडलॉर्ड के साथ शारीरिक संबंध बना रही थी तो हब्बी ऑफिस के टूर पर बाहर थे, आलोक तो किसी बच्चे की तरह अपने मां के स्तन को चूसने में लगा था और मैं उसके बाल को सहलाने लगी ” ओह आह आलोक चूची मुंह से निकालो तो सही ” और फिर आलोक चूची मुंह से बाहर निकाला, चूची चूस चुसचुसके लाल कर दिया था और फिर मेरे चेहरे को चूमने लगा तो मैं उसके गाल चूमते हुए उसके पीठ सहलाने लगी। आलोक देखने में सुंदर था साथ ही उसकी लंबाई, चौड़ी छाती तो मोटे मोटे जांघ और लंबा मोटा लन्ड जिसे देख मैं क्या मेरी मां भी टांग पसार देती, अब मेरे ओंठ को चूमने लगा तो मैं अपने मुंह खोलकर जीभ बाहर की और आलोक मेरे जीभ मुंह में लिए चूसने लगा तो दोनों सेक्स की दुनिया में खो चुके थे, मेरे जिस्म की गरमी चरम पर थी तो मेरे बुर में गुदगुदी होने लगी और उसकी मुंह में जीभ घुसाए मैं मस्त थी तो आलोक मेरे स्तन को दबाए जा रहा था। रानी महीने में तीन बार चुदवाके किराया बचा सकती थी लेकिन दूसरी ओर मुझे कॉल गर्ल बनने का ऑफर भी था, इसलिए किराया बचाने से अच्छा तो गैर मर्दों के साथ बिस्तर गर्म करके पैसा बनाना था लेकिन पति की अनुमति चाहिए थी…. कॉल गर्ल बनने के लिए नही बल्कि आफिस में जॉब करने के लिए ताकि उस बहाने घर से रोज निकलूं और फिर क्लाइंट के साथ शारीरिक संबंध बना कर पैसा बनाऊं, अब मैं जीभ मुंह से निकाल दी फिर क्या था, आलोक मेरे सपाट पेट से लेकर छाती तक को चूमने लगा और मेरे बदन पर हाथ फेर रहा था, मैं जांघें आपस में सटाए रगड़े जा रही थी तो आलोक मेरे कमर तक चूमने के बाद मेरे जांघों को फैलाया और बुर पर हाथ फेरता हुआ जांघों को चूमने लगा ” उह ओह आह चाट ना प्लीज मेरे बुर को उसमें कीड़े रेंग रहे हैं ” आलोक मेरे जांघो को चूमता हुआ बुर में उंगली घुसाया फिर बुर कुरेदने लगा तो मैं जांघ पर उसके ओंठ का प्यार पाकर चूतड को थोड़ा ऊपर करने लगी, रानी अपने जांघो को फैलाए बुर में उंगली का आनंद ले रही थी और फिर आलोक जांघो को चूमते हुए बुर से उंगली को निकाला तो उसके ओंठ बुर को चूमने लगे और मैं उसके हाथ जोकि पेट पर फिसल रहे थें को पकड़ कर अपने बूब्स पर रख ली, यकीनन आलोक मेरे बुर को चूमता हुआ चूची को दबाए जा रहा था तो मैं सेक्स में मस्त थी, उसपर से व्हिस्की का नशा मुझे मजा दे रहा था तो आलोक बुर को उंगलियों से फैलाए उसमें जीभ घुसाया फिर चाटने लगा और मैं तो मस्त थी ” उह ओह आह चाटो डियर बहुत मजा आ रहा है उह ” और उसका पूरा जीभ बुर के अंदर था तो मैं बुर की गुदगुदी से परेशान थी लेकिन आलोक तो मेरे गुदाज बुर को चाटता हुआ चूची दबाए जा रहा था और तभी मैं बुर से रस निकलने का एहसास की ” उह आह ओह अब बुर से रस निकल जाएगा यार ” तो आलोक बुर से जीभ निकाला लेकिन मेरे मोटे फांकों को ओंठों के बीच लेकर चूसने लगा, किसी बच्चे की तरह लेम्नचुस चूसे जा रहा था और मैं रस निकलते ही ढीली पड़ गई लेकिन आलोक बुर का रस पीकर ही छोड़ा, आगे मैं भी उसके लन्ड को चूसी और देर रात तक प्यार हुआ, अगले भाग में।

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