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रानी के साथ खुले आसमान के नीचे..

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रानी को स्टेशन से लेकर आ रहा था तो रानी ने मेरी जांघ पे हाथ रखा ” साहिल तुम्हारी बहुत याद आई! ” मैं मुस्कुराया ” रानी तुम भी इतने दिनों के लिए मत जाया करो! ” , उसने मेरे गाल खीचे ” अब ये मत कहना की इतने दिन तुम शरीफ बने रहे? ” , मैंने उसके हाथ पे हाथ रखा ” ह्म्म्म ऐसा कह सकती हो पर तुम तुम हो ” , वो हसने लगी ” दोनों को खूब बजाया?? ” , मैं भी हसने लगा ” नहीं सिर्फ पूनम, काजल और बहादुर तो गए हुए है दो दिन बाद आएँगे! ” , उसका हाथ मेरे लौडे पे गया ” अपनी आंटी के लिए कुछ बचा रखा है या सब कुछ पूनम को दे दिया है? ” , मैंने गाडी धीमे की ” खुद ही पता लगा लो! ” , वो हंसी ” फार्म से पहले जो खाली रस्ता है, वहां रोक लो ” ,, आइने सोचा उसे बाथरूम जाना है ” अब दूर ही कितना है, थोड़ी देर रोक लो ” , जगह आते ही, उसका हाथ मेरे लौडे पे कसा ” नहीं, रोक लो ” , उसके दिमाग में कुछ था, मैंने रोक दिया ” जाओ जल्दी करी आओ ” , वो मेरी तरफ देख मुस्कुराई ” अब दिखाओ अपनी आंटी की कितनी याद आई! ” , मैं उसकी ठरक देख दंग रह गया ” रानी इधर?, कोई आ जाएगा, कमरे में आराम से दिखाऊंगा ” , उसने मेरे लोअर में हाथ घुसा दिया ” यहाँ वैसे कोई नहीं आता, इतनी सुबह कौन आएगा, मुझे तो देखना है अभी, यहीं!! ” , उसने मेरा लण्ड बाहर निकाल लिया ” हाए तुम्हारा ये लौडा कितना तगड़ा है!! ” , मैंने उसका ये रूप नहीं देखा था ” रानी मान जाओ कमरे में और वैसे भी मुझे तुम्हारे साथ सारे कपड़े उतार के अच्छा लगता है ” , वो ठरक से भरी हुई थी ” कपड़े तो यहाँ भी उतर सकते है, तुम बोलो तो सही!! ” , उसने गाड़ी में ही कमीज़ उतार दी, उसके हाव भाव से लग गया की वो कुछ भी करने को तयार थी, उसने अपना ब्रा भी खोल दिया ” और बोलो!! ” , उसने अपना नाडा खोला ” राजा तुम्हारी आंटी बहुत प्यासी है! ह्ह्ह ” , मैं गाडी से उतर गया और उसके सामने लोअर नीचे किया, उसने मेरे लटके हुए लण्ड को हाथ में लिया और मेरे टोपे को चूमा ” बहुत दिन हो गए इसे देखे हुए ह्ह्ह ” और चूसने लगी और मेरे आंडो को प्यार से मसलने लगी, मेरा लण्ड खड़ा होने लगा मैंने उसके मुम्मो को सहलाया ” पूनम भी बड़ी सेक्सी हो रही है! ” उसने मेरा तनता हुआ लण्ड चूमा और कुछ ही देर में मेरा लण्ड पूरा खड़ा कर दिया, मैंने उसे पिछली सीट पे बिठाया और उसकी सलवार उतार दी, उसने जल्दी से अपनी हरे रंग की कछी उतार दी ” साहिल आओ जल्दी ह्ह्ह्ह ” , मैं उसके उपर लेट गया और उसने मेरा लण्ड अपने छेद पे लगाया ” अब जैसे उसे चोदा है मुझे भी चोदो ” , उसकी चूत उतनी गीली नहीं थी, मैंने डालने की कोशिश की और उसके रसीले होठों को चूमा ” रानी अभी तू रेडी नहीं हुई?? ” उसने मेरे नितम्बो पे हाथ रख दिया ” ह्म्म्म साहिल तुम्हारी याद में पहली बार अह्ह्ह्ह ” , मैंने एक झटका दिया ” पहली बार क्या? ” टोपा उसमे घुस गया, वो चिल्लाई ” अह्ह्ह साहिल ” उसके नखून मेरी पीठ में गड़े, मैंने पीछे किया और फिर धक्का लगाया, वो फिर चिल्लाई ” अह्ह्ह्ह साहिल पहली बार मैंने मुट्ठ मारी तुम्हारी याद में ह्ह्ह ” , ये सुन मुझे अजीब सी उत्तेजना हुई जैसे जब पूनम ने अपने दूध से मेरा लण्ड चिकना किया था, मैंने जोर से अन्दर घुसा दिया ” ओह्ह्ह रानी हह हह ” , वो चिल्लाई ” आई मेरे राजा क्या हुआ, आपा कैसे खो रहे हो एह्ह्ह ” , मैंने उसके दोनों मुम्मे पकड़ लिए ” रानी तूने आज तक मेरे सामने मुट्ठ क्यूँ नहीं मारी, मुझे देखना है! ” , वो मुझेसे लिपट गई, मेरे जोर से उसका चेहरा लाल पड़ गया और मैं उसे जोर जोर से चोदने लगा ” रानी ऐसे मज़ा नहीं आ रहा, चल वहां घास में लेट आज खुले आसमान के नीचे करेंगे ” , रानी घास में लेट गई, हलकी रौशनी में घास में वो नंगी बहुत सेक्सी माहौल बन गया. मैं उसके पास बैठा और उसके उन्नत मुम्मो को हाथ लगया ” रानी क्या सूजा तुझे ये? ” , उसने अपनी बाहें खोल ” राजा जब तुम किसी से प्यार करते हो तो उसके लिए कुछ भी करोगे, मैंने देख रही थी की इतने दिनों से जो तुम पूनम के साथ सो रहे हो मेरे लिए क्या सोचते हो ” , मैंने उसके मुम्मे को चूमा ” फिर क्या दिखा तुझे? ” , उसने मुझे अपने उपर लिया और मेरे होठों को चूमा ” जाने दो मैं गलत थी, अब देर ना लगाओ तुम्हारी रानी बेसब्र है! ” , मैं उसके उपर आया ” पर रानी तू आज मुझे मुट्ठ मार के दिकाएगी! ” , वो मुस्कुराई और मेरा लण्ड अपनी चूत पे लगाया ” हम्म्म्म सब करुँगी, पहले मेरी इच्छा पूरी करो ह्ह्ह्ह ” , मैंने थोडा जोर लगाया और मेरा मोटा सुपाडा उसकी चूत को चौदाता हुआ घुसने लगा, वो मेरी पीठ खरोचने लगी ” अह्ह्ह्हह आ, ऐसा लग रहा है जब पहली बार किया था ह्ह्ह्ह स्स्स्स धीरे ” , मैंने उसके होठों को अपने में दबाया और एक झटके में पूरा अन्दर घुसा दिया ” ह्ह्ह्ह ” वो चिल्ला पड़ी ” उह्ह्ह माँ, साहिल अब तुम नहीं झेले जाते आंटी से हह हह ” , मैं उसे धीरे धीरे चोदने लगा ” रानी आवाज़ मत करना, सुसान में आवाज़ गूंजती है ” और हम चुदाई में लीं हो गए हम दोनों झड़ने के करीब आ रहे थे, मैंने उसके थरथराते हुए होठों का चुम्बन लिया और उसके मुम्मो को चूसने लगा ” अहह हह हह हह रानी मुझे होने वाला है अहह ” वो मुझेलिपट गई और अपनी टांगो से मुझे जकड लिया ” आह्ह्ह्ह सस्स्स्सहिल मुझे भी ह्ह्ह ह्ह्ह ” , एक बारी को हम दोनों ने पूरी जान लगा दी और मैं उसकी गरम गीली चूत में अपना बीज छोड़ दिया, मैं उसके मुम्मे चूसता रहा ” ओह्ह्ह रानी बस दूध नहीं आया ह्ह्ह ” , मैं उसके साथ घास में लेट गया, उसने मेरे लण्ड हिलाया ” क्या मतलब था की दूध नहीं आया? ” मैं उठ के बैठ गया ” पूनम के निकलता है ” , वो भी उठी ” तुमने दूध भी पी लिया उसका!! ” , मैं मुस्कुराया ” वो छोड़ कैसा लगा? याद है ना? ” , वो गाडी की तरफ गई और कपड़े पहनने लगी, उसने अपनी कछी से मेरे लण्ड से अपना गीलापन पोचा ” तुम्हारे इसकी की तो बात ही कुछ और है, सब याद है! ”

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हम दोनों ने कड़े पहने और फार्म की तरफ चल दिए.

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