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दिपा की सहेली राखी

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मै दिपा दिदि को लेकर कानपुर से देल्ही पहुंचा और फ़िर दिदि अपने घर के कामकाज मे लग गयो तो मै 2-3 घंटे आराम करने के बाद एक काफ़ी पिया ! दोपहर के 12:00 बजे दिदि की फ़्लैट से बाहर निकला और अपार्टमेंट के बाहर जाकर एक दुकान से सिगरेट लिया, फ़िर पीने लगा, सोच रहा था की दिदि की सहेली राखी से बात कि जाय ! उनके मोबाईल पर काल किया तो स्विच ओफ़ बताया, खैर घर वापस आकर स्नान किया और दोपहर मे खा पिकर सो गया ! शाम 5:00 बजे मेरा मोबाईल रिंग़ हुआ तो मै राखी के नम्बर को देख खुश हुआ, बात करने लगा……….. “बोलिये राखी जी आप कहि बाहर है क्या ?

(राखी) नही तो लेकिन मोबाईल स्विच ओफ़ मिला होगा

(राहुल) मै दिदि को लेकर आया हु

(राखी) ओह आज तो…….. तुम कल सुबह आओ ना. ”

मै रात को मोबाईल पर एक पोर्न क्लिप देखा और फ़िर सो गया ! सुबह दिदी मुझे एक चाय के साथ उठाने आई, जिजा भी घर पर ही थे, खैर हमलोग साथ मे चाय पिये फ़िर जिजा अपने काम पर जाने को तैयार होने लगे तो दिदि भी उनके नाश्ता बनाने मे ब्यस्त हो गयी ! जिजा घर से निकले तो मै भी स्नान करने चला गया और नाश्ता करने के बाद तैयार होने लगा, तो दिदि मेरे पास आकर बोली…… :”अभी कहा जा रहे हो राहुल

(राहुल) अपने दोस्तो से मिलने जा रहा हु 2-3 घंटे मे आउंग़ा

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(दिपा) ओह दिन मे जिजा नही है सोची थोड़ी मस्ती करुंग़ी

(राहुल) तो क्या हुआ दिदी अभी तो 10:00 ही बजे है, आता हु. ” और मै सिधे राखी के घर चला गया, गेट को खटखट करने लगा तो राखी आकर दरवाजा खोली ! मै उनके घर के अंदर घुसा तो राखी मुझे बैठ्ने को बोली और किचन चली गयी, गुलाबी रंग़ के गाउन मे सेक्सी लग रही थी, उधर से एक बियर की बोट्ल और ग्लास लेकर आई ! राखी मेरे करीब सोफ़ा पर बैठ्कर बियर को ग्लास मे ड़ालने लगी, उसके ड़ीप गले की वजह से चुची का उपरी हिस्सा दिख रहा था तो वो झुककर जब ग्लास मे बियर ड़ालने लगी तो उनके गुलाबी ब्रा मे सुंदर सी चुचि दिख् रही थी, अब दोनो बियर पीने लगे तो राखी मेरे जिंस के उपर हाथ रखकर मेरे ओर खिंसकी…… “राहुल दिदि के यहा कितने दिन तक रुक्ना है

(राहुल) 4-5 दिन तक. ” दोनो दो-2 ग्लास बियर पीकर मस्त हो उठे तो मेरा हाथ राखी के गाउन के ड़ोरी पर चला गया, मै ड़ोरी को खोला और गाउन को उसके जिस्म से निकालने लगा ! राखी बिन ब्रा और पेंटी के नग्न अवस्था मे थी और दोनो पैर को एक दुसरे पर चढाकर सोफ़ा पर बैठी हुई थी तो मै उसके स्तन को मसल्ता हुआ गाल को चुमने लगा, वो मेरे शर्ट और जिंस को निकालने लगी और पल भर बाद दोनो नग्न थे ! अब दोनो ज़मीन पर खड़े होकर एक दुसरे से लिपट गये और मै उसके चेहरे को चुम रहा था तो वो मेरे गर्दन को चुम रही थी, मेरा हाथ राखी के मस्तायी गांड़ पर था तो अब दोनो एक दुसरे के ओंठ को चुमने लगे, मेरे मुह्न मे उसके रसिले ओंठ थे तो मै चुसता हुआ उसके गांड़ की ओर से बुर मे एक उंग़ली कर दिया ! राखी अब अपने जिभ को मेरे मुह्न मे ड़ालकर चुसवा रही थी तो मै उसकी बुर को उंग़ली से कुरेदने लगा, उसकी चुचि मेरे सिने से चिपक रही थी तो पल भर बाद उसके जिभ को छोड़कर बुर से उंग़ली बाहर किया !

राखी अब सोफ़ा पर बैठी थी और उसका चुत्तर किनारे पर था, अपने दोनो पैर को दो दिशा मे किये बुर को सहला रही थी तो मै ज़मीन पर बैठ्कर राखी के जङ्हा को चुमने लगा और अब अपने हथेली को बुर पर रगड़ रहा था ! उसके चिकने जङ्हा को चुम-2 कर अब अपना मुह्न उसके बुर पर लगा दिया, बुर पर बार नही थे तो मै उसपर चुम्बन देता हुआ उसके स्तन को मसलने लगा, राखी अपने बुर को उङ्ली की मदद से फ़ल्का दी तो मेरा आधा जिभ उसकी बुर को चाट्ने लगा ! राखी दिदि की हमउम्र थी और इनका बुर काफ़ी टाईट था, मेरा जिभ बुर को कुत्ते की तरह चोद रहा था तो वो सिसक रही थी…….. “ऊह्हह आह्हह्ह ऊम्मम्मम्मम राहुल अब बुर को चोद दो ना यार. ” लेकिन मै उसकी बुर के दोनो फ़ांक को मुह्न मे भरकर चुभलाने लगा तो वो मेरे बाल पकड़े मेरे मुह्न को बुर की ओर धंसाने लगी ! मेरा लंड़ अब चुदाई को आतुर था……

राखी को सोफ़ा पर ही कुत्तिया की तरह कर दिया और उसके भारी भरकम चुत्तर के सामने खड़ा होकर लंड़ के सुपाड़ा को बुर के मुहाने मे घुसाया, अब कमर थामे धीरे-2 लंड़ को अंदर की ओर पेलने लगा ! राखी की चुत मे जब मेरा आधा लंड़ घुस गया तो मै उसके कमर को पकड़े लंड़ का जोरदार धक्का बुर मे दिया तो लंड़ बुर के अंदर था और वो चिल्लाने लगी…… “ऊउईइ बाप रे इतना मुसल लंड़ बुर फ़ाड़्कर ही दम लोगे क्या

(राहुल) अबे साली चुद ना जबतक बुर कसी हुई है तब तक हि तो चुदने मे मजा है. ” राखी अब चुदाई का मजा ले रही थी, अपने चुत्तर को आगे पिच्हे करते हुए चुद रही थी तो मेरा लंड़ पुरी गति के साथ उसकी बुर को चोद रहा था ! उसके सिने से झुलते दोनो चुची को रहरह्कर मसलने लगा और 5 मिनट की चुदाई के बाद वो बोली…… “राहुल और तेज चोदो ना पानी आने पर है

(राहुल) तो क्या आज चुदाई रुकने वाली नही है. “. मेरा मुसललंड़ उसकी बुर को चोदने मे मस्गुल था तो पल भर बाद बुर पानी से भर गयी लेकिन मै राखी को चोदता जा रहा था, अब कमरे मे फ़चाफ़च की आवाज भी उसके बुर से निकलने लगी ! वो अपने नितम्ब को हिलाते हुए बोली…… “राहुल थोड़ी देर के लिये रुको ना

(राहुल) सो क्या करना है

(राखी) बहुत तेज पिसाब लगी है. ” दोनो बाथरूम घुसे और वो अब पैन पर बैठ्कर मुतने वाली थी तो मैने उसको बोला…. “चल साली इधर आकर खड़ी हो जा तेरी मुत आज पीनी है. ” अब राखी अपने दोनो पैर को फ़ल्काये खड़ी थी तो मै उसके सामने ज़मीन पर बैठ गया, उसके बुर पर मुह्न लगाया और बुर के दोनो फ़ांक को अपने मुह्न मे लेकर चुसने लगा, वो पल भर बाद मेरे मुह्न मे छरछर मुतने लगी, बुर से निकला मुत की गरम धार को मै पीकर उठा और फ़िर दोनो फ़्रेश होकर बेड़ रूम चले गये ! अब राखी बिस्तर पर लेटकर चुदने को तैयार थी तो मै उसके जङ्हा के बिच बैठ्कर लंड़ को पकड़ा और उसकी बुर मे पेलने लगा, 2/3 लंड़ पेलकर एक तेज झट्का बुर मे दिया और उसकी चुदाई करता हुआ उसके चुचक को मसलने लगा ! पल भर बाद उसके जिस्म पर औंधकर चुदाई कर रहा था तो राखी तेजी से अपने चुत्तर को उपर निचे करने लगी, मै उसकी बुर चोद-चोदकर हांफ़ने लगा और बोला…… “राखि अब मेरा लंड़ विर्य फ़ेंकने वाला है आह्हह. ” मेरे लंड़ से विर्य राखि की चुत मे गिरा और फ़िर मै उसके बदन पर लेटा रहा !

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