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पूनम के साथ हसीन पल (Part-2)

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रात भर पूनम ने पूरा साथ दिया, सुबह मेरी नींद खुली तो देखा वो कमरे में नहीं थी, मैं उठा और फ्रेश होने चला गया, जब वापिस आया तो देखा वो नहा के तैयार थी, उसने बालों में तौलिआ लपेटा हुआ था, मुझे देख के मुस्कुराती हुई पास आई ” बाबू कल मज़ा गया आज का दिन और है हमारे पास ” , मैंने उसके गालों को छूआ ” कहीं जा रही है तैयार होके? ” वो और पास आई ” नहीं आपके लिए तैयार हुई हूँ ” उसने अपना चेहरा आगे किया और मैंने अपने होंठ उसके होठों पे रख दिया, वो मुझसे लिपट गई और हम एक दूसरे को ताबड़ तोड़ चूमने लगे उसने मेरे हाथ अपने बड़े मुम्मो पे रख दिए, मैंने उसका कुरता ऊपर किया और उसके मुम्मो को दबाया ” पूनम सुबह सुबह करने का मज़ा कुछ ही होता है ” उसमे से अच्छी खुशबू आ रही थी, उसने तौलिया साइड में रख दिया और मेरे बालों में हाथ फेरा ” ह्म्म्मम्म बाबू हहहहह मुझे प्यार करो ” लण्ड जोश में तन चूका था, मैंने उसका कुरता उतार फेका और उसके जिस्म को चूमने लगा, मैंने उसकी सलवार खोल दी ” आज तुझे बहुत प्यार करूँगा ” मैंने उसे बिस्तर पे लेटा दिया और उसकी काली झाटों को चूमा उसकी खुशबू से मैं और जोश में आ गया ” ओह्ह्ह्ह पूनम तेरी खुशबू ने मुझे और जोश से भर दिया, मैं उसके ऊपर चढ़ गया, उसने मेरे लण्ड को पकड़ा ” बाबू इतना जोश ये तो बहुत सख्त हो गया है हहहहह अब और मत खेलो बस मुझे प्यार करो ” उसने सुपाड़ा चूत पे लगाया और मैंने अंदर घुसाया मेरी अह्ह्ह छूट गई ” अह्ह्ह्हह पूनम कितनी गरम हो रही है तू हहहह ” उसकी चूत से पानी निकल रहा बस फिर ज़ोर दार चुदाई शुरू हुई और हम दोनों मानो जनम जनम के भूके ” कभी वो ऊपर और कभी मैं और वो ज़ोर ज़ोर की आहें भर रही थी ” अह्ह्ह्ह हहहह उह्ह्ह बाबू ऐसे ही ज़ोर से हहहह ” , और जैसे ही उसे लगता की हम झड़ सकते है वो मुझे रोक देती थी ऐसे करते करते जब हम झड़े बहुत ज़ोर से झड़े काफी देर एक दूसरे को चूमते रहे, उसने मेरी आँखों में देखा ” बाबू मुझे ऐसा आज तक नहीं हुआ ” हम दोनों एक दूसरे की बाहों में लेटे रहे वो मेरे लण्ड को सहलाती रही और मैं उसके मुम्मो को ” पूनम जा कुछ अच्छा नाश्ता बना ले कल से बहुत काम हुआ है, ताकत वापिस लानी है ” , उसने लण्ड को कस के पकड़ा ” बाबू इसके लिए मेरे पास बहुत अच्छा इलाज है करती हूँ नास्ते के बाद ”

मैं नहा धो के ब्रेकफास्ट किया ” क्या इलाज बता रही थी? ” वो मुस्कुराई ” रानी दीदी जो आपकी मालिश करती थी वही मैं भी करुँगी आपकी ” , मैं हसने लगा ” क्यों कुछ कमी आ रही है इसमें? ” वो पास आई ” कुछ कमी ना आए इस लिए, आप जाकर कमरे में लेटो मैं आती हूँ ” , मैं कमरे में जाकर लेट गया और वो तेल लेकर आई और मेरे पास बैठ गई और मेरा लोअर नीचे किया और लण्ड पे तेल लगाया और हलके हाथ से मालिश करने लगी, मैंने उसकी मांसल जांघ को सहलाया ” एक दिन से कुछ नहीं होगा कल से कौन करेगा? ” , वो मलते हुए बोली ” एक महीने तक मैं रोज़ करुँगी बस आपको टाइम निकालने पड़ेगा ” , मैंने उसकी नाइटी ऊपर की ” रानी तो सारे कपड़े उतार के करती है, तू भी उतार ” उसने मेरे ांडों को हलके से मसला ” ताकि आप फिर खड़ा करलो और चढ़ जाओ मुझपे रहा ” मैंने उसकी नंगी थिगह पे हाथ फेरा ” उतार न मज़ा आएगा, देखता हूँ कितना रोक सकता हूँ ” वो उठी और नाइटी उतार दी और ब्रा पैंटी में आ गई ” अब खुश खड़ा मत करना, मुझे नीचे अभी तक खुला खुला लग रहा है ” मैंने उसके मुम्मो पे हाथ लगाया ” सूजन आई है ” वो हैरान हो गई ” आपको कैसे पता ” मैं हंस पड़ा ” शुरू शुरू में रानी के भी हो जाता था, फिर दो तीन दिन उसकी चाल बिगड़ी रहती थी ” , उसने लण्ड को बेस से पकड़ लिया और हल्का खींच के मालिश करने लगी, तेल असर दिखा रहा था और हलकी चिरमिराहट लगनी लगी, मैंने पूछा ” ये तेल किसने दिया है तुझे? ” , वो मुस्कुराई ” जाने दो कुछ हो रहा है? ” , अब धीरे धीरे लण्ड खड़ा होने लगा, उसने छोड़ दिया ” बाबू रोको कम से कम बीस मिनट मत होने दो ” , मैंने दिमाग हटाया ” पायल सो रही है? ” , उसने थोड़ा तेल और लिया ” मैं उसे सुबह कृष्णा के पास छोड़ आई हूँ ” लण्ड में अब गरम गरम सी फीलिंग आ रही थी, वो फिर मसाज करने पर अब थोड़े तेज़ हाथ से, मुझे अच्छा लग रहा था ” पूनम बता न कहाँ से लाइ है ये तेल, थोड़ा कृष्णा को भी दे दे क्या पता उसका भी भला हो जाए ” वो मुस्कुराई ” क्यों पिटवा रहे हो उसे, उसका आदमी समझ जाएगा ” वो हसने लगी और उसके हाथ टाइट हो गया, मैंने उसे रोका ” धीरे निकालेगी क्या दर्द हो रहा है ” वो हसने लगी ” इसे तो संभाल के रखना है तीन चारों का सहारा है ये ” , बीस मिनट मसाज के बाद, वो गर्म पानी लाइ और उसमे तौलिया भिगो के लण्ड पे लपेट दिया, क्या बताऊँ मज़ा सा आ गया ” अह्ह्ह पूनम अच्छा लग रहा है, थोड़ी देर ऐसे करने के बाद वो उठ गई ” चलो अब नहा लो ” मैंने उसका हाथ पकड़ लिया ” तेरा मन नहीं हुआ? ” , वो मुस्कुराई ” हुआ तो है जाकर नहा लो फिर करेंगे “

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