My busty maid Swathi | Erotic Stories
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My busty maid Swathi

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हाय फ्रेंड मेरा नाम विक्की है, और मेरी उम्र २० साल है. मैं चेन्नई में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढाई कर रहा हूँ. कॉलेज के सामने की एक सोसाइटी में मैं रहता हूँ.
फ्लैट में मैं अकेला रहता हूँ ताकि मैं पढाई कर सकू. मैं घर सफाई और खाना बनाने के लिए एक मेड खोज रहा था. एक बार लेडीज मेड के जॉब के लिए आयी. उसका नाम स्वाति था. मैंने बोला के एक दो दिन काम करके दिखाओ फिर रखते है. वो डेली सुबह जल्दी आ जाती थी और घर का काम भी अच्छे से करती थी. इसलिए मैंने उसे काम पर रख लिया.
स्वाति एक 35-३६ साल की साउथ इंडियन लेडीज थी. उसका रंग डस्की था और दिखने में हैल्थी थी. पर इसके बावजूद वो काफी सेक्सी औरत थी. उसका पति उसको छोड़कर दुबई चला गया था. अब वो अकेले पास की ही एक बस्ती में रहती है.
स्वाति के पास मेरे घर की एक चाबी है. वो सुबह आती है और सबसे पहले झाड़ू पोछा लगाती है. मेरी एक आदत है मैं सिर्फ एक चड्डी पहन कर ही सोता हूँ. कई बार मैं ऐसे ही हाफ नेकेड सोते रहता हूँ और वो झाड़ू लगा कर चली जाती है. सुबह सुबह मेरा लंड पूरा तना रहता है और अंडरवियर में एक तम्बू सा बन जाता है. मैंने कई बार नोटिस किया है की झाड़ू देते वक़्त वो बिच बिच में मुझे और अंडरवियर में बने तम्बू को देखते रहती है. जब मेरी आँख उससे मिलती तो वो झेप जाती और काम करने लगती. पर सिर्फ वो ही नहीं मैं भी उसे भरे हुए गदराये बदन को ताड़ता रहता था. झाड़ू पोछा लगाते समय हमेशा मुझे उसके ब्लाउज में कैद बड़े बड़े संतरो के दर्शन हो जाते और उसके जाने के बाद मैं अपना लंड हिला कर शांत करता था.
एक बार मैं सुबह बाथरूम में शेविंग कर रहा था. तभी स्वाति आई कपडे का बाल्टी लेकर
स्वाति: भैया मैं कपडा धो लेती हूँ इधर ही
मैं: ठीक है .. तुम उधर कपडा धो लो मेरा थोड़ी में हो जायेगा
स्वाति टूटी फूटी हिंदी बोल लेती थी. उसने आज एक आर्डिनरी सी साड़ी पहनी थी. उसने साड़ी को अपनी घुटने तक ऊपर किया और बैठ गयी और कपडा धोने लगी. मैं शेविंग कर रहा था, मैंने थोड़ी देर में देखा की उसकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक गया है. और ब्लाउज में कैद उसके बड़े बड़े चुच्चे दिख रहे थे. वो कपड़ो को रगड़ रगड़ कर धो रही थी जिसकी वजह से उसके बॉल्स काफी उछल रहे थे. दोस्तों क्या मस्त नजारा था, बड़े बड़े फुटबॉल बहुत ही तेजी से ब्लाउज से अंदर बाहर हो रहे थे. पसीने से उसका ब्लाउज भींग चूका था और क्लीवेज से पसीने की बूंदे ब्लाउज के अंदर जा रही थी. मेरा लंड पूरा अकड़ रहा था. कई बार स्वाति ने मुझे ताड़ते हुए भी देखा पर एक सेक्सी स्माइल देकर वो वापस अपने काम में लग गयी. मेरा पूरा ध्यान उसकी हिलती हुई चूचियों पर था. जिसकी वजह से मेरी गाल पर एक कट लग गया और मेरे मुंह से चींख निकल गयी. स्वाति अपना काम छोड़ कर मेरे पास आयी… ‘क्या भैया थोड़ा देखकर कर काम करने का … देखो खून बह रहा है’ उसने अपनी साड़ी का पल्लू लिया और कट वाली जगह को दबा कर रखा. वो मेरे काफी नजदीक खड़ी थी, अब मुझे उसके चुच्चो के सामने से दर्शन हो रहे थे. पसीने से भींगी हुई ब्लाउज में कैद बड़े बड़े चुच्चे बहुत ही सेक्सी लग रही थी. वो पास में ही पड़ी डेटोल की बोतल लायी और मेरी गाल पर लगाने लगी .. वो इतना सट कर दवाई लगा रही थी की मेरे कोहनी से उनकी चूचियां दब रही थी. जब मेरा खून का बहाव रुका तो उसने अपनी साड़ी ली और वापस कपडा धोने लगी.
मैं शेविंग कम्पलीट करके लिविंग रूम में आ गया और पेपर पढ़ने लगा. स्वाति कपडा धोकर कर किचन में आयी और खाना बनाने लगी. पीछे से स्वाति और भी सेक्सी लग रही थी. उसकी नंगी पीठ पर पसीने की कुछ बूंदे टपक रही थी और उसकी चौड़ी गांड साड़ी में और भी बड़ी और भारी लग रही थी. मैं उसके पीछे गया और उसकी कमर को पकड़ लिया
मैं: आज खाने में क्या बन रहा है आंटी
स्वाति: भैया ये क्या कर रहे हो .. छोडो मुझे
मैंने उसको छोड़ा नहीं और ब्लाउज के ऊपर से उसकी चूचियों को प्रेस करने लगा ..
मैं: बताओ ना आंटी क्या बनाया है
स्वाति: भैया आप छोडो मुझे पहले
मैंने उसकी चूचियों को खूब दबाया, उसे भी थोड़ा मजा आ रहा था ..
स्वाति: खाने में भिंडी है
मैं: पर मुझे तो कुछ और खाना है
स्वाति: आह्ह्ह्ह भैया आप छोडो मुझे
मैंने उसे छोड़ दिया ..
मैं: क्या आंटी तुम्हे मजा नहीं आ रहा है .. मुझे तो बहुत मजा आ रहा है
स्वाति: भैया ऐसा नहीं होता है … आप मेरे से उम्र में कितने छोटे हो ..
मैं: आंटी मैं अपने कमरे में जा रहा हूँ .. अगर तुमको भी मजा लेना है तो आ जाना
मैं अपने कमरे में चला गया और बेड पर लेट गया. स्वाति आंटी खाना कम्पलीट की और कमरे में आयी..
गर्मी का मौसम, पसीने में भीगा उसका गदराया बदन बहुत ही कामुक लग रहा था …
स्वाति: भैया खाना बन गया है .. अब मैं जा रही हूँ
मैं उठा और उसे पकड़ लिया. उसकी नैक पर किश करने लगा और ब्लाउज के ऊपर से बॉल दबाने लगा …
स्वाति: अह्ह्ह्हह भैया ऐसा नहीं करो …
मैं: आंटी आप बहुत सेक्सी हो .. मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा है
मैंने स्वाति का पल्लू हटा दिया.. ब्लाउज में कैद उसके बड़े बड़े दूध पहाड़ो के जैसे लग रहे थे… चूचियों का बड़ा हिस्सा क्लीवेज से दिख रहा था .. स्वाति की सांसे बहुत तेज चल रही थी … जिससे उसकी चूचियां मस्त बाउंस हो रही थी. मैं किश करते हुए उसकी चुच्चो को दबा रहा था … अह्ह्ह्हह भैया .. अब वो सिसकारियां लेने लगी …
मैं: ऊह्ह्ह्ह आंटी आपके बड़े बड़े दूध ने बहुत परेशां किया है मुझे
स्वाति: अह्हह्ह्ह्ह आंटी मत बोलो …
मैं: ओके स्वाति डार्लिंग … तुम भी मुझे विक्की बोलो …
मैं उसकी ब्लाउज का हुक खोलने लगा. इतनी टाइट ब्लाउज थी की हुक खोलने में बहुत दिक्कत हो रही थी.. मैंने ब्लाउज को पकड़ा और एक बार में ही फाड़ दिया. ब्लाउज के हुक टूट कर गिर गए … ब्लाउज के अंदर उसने ब्रा नहीं पहनी थी … ब्लाउज फटते ही बड़े बड़े दो तरबूज बाहर आ गए …
स्वाति: अह्हह्ह्ह्ह भैया आपने मेरी ब्लाउज फाड़ दी .. अब मैं घर कैसी जाऊँगी
मैं: स्वाति डार्लिंग नई ले दूंगा … तुम सिर्फ मजे लो अभी
मैं उसकी चूचियों को खूब मसल रहा था.. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह भइया … और जोर से दबाओ …. एक चूचि को मैंने मुंह में लिया और चूसने लगा .. अब उसकी मॉनिंग बहुत तेज हो गयी ….मैं उसकी चूचियों को बहुत दबा और चूस रहा था … फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया.. और अपना पैंट खोल कर उसकी टांगो के बिच में आ गया .. मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट ऊपर की तो मुझे काली झाटो में ढकी हुई उसकी चूत दिखी .. अपने अपना लण्ड उसकी चूत में रखा और पेल दिया .. उसकी चूत अभी भी बहुत टाइट थी शायद बहुत दिनों से चुदी नहीं थी … अह्ह्ह्हह भैया थोड़ा धीरे करो दर्द हो रहा है …
‘स्वाति डार्लिंग अभी तो पूरा घुसाना बाकी है’
2-३ तेज धक्को में मैंने पूरा लण्ड उसकी बूर में डाल दिया …अब मैंने उसकी चुदाई स्टार्ट की और अपना लण्ड उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा .. आआअह्ह्ह्हह उउउउउ भैया ..
‘स्वाति मजा आ रहा है’
‘हाँ भैया बहुत दिनों कोई ले रहा है मेरी… बहुत मजा आ रहा है’
‘फिर अच्छे से चुद ले फिर आज … येले साली और खा मेरा लण्ड’
‘ओह्ह्ह्हह उईईईईई भैया और तेज मारो …. अह्हह्ह्ह्ह
मैं जोर जोर से स्वाति को चोदने लगा .. अब वो भी पूरा मजा लेकर चुदवा रही थी … मैं उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर पेल रहा था .. ‘आह्ह्ह्हह भैया ८ साल बाद फिर से चुदाई हुई है मेरी’
‘स्वाति डार्लिंग अभी तो बहुत चोदना है तुझे’
‘आह्हः ओह्ह्ह्हह भैया फिर चोदो ना’
मैंने चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी .. उसकी बाउंस होती चूचियों को दबा कर चोद रहा था..
‘अह्ह्ह्हह भैया और जोर से मारो … मेरा निकलने वाला है’
‘अह्ह्ह्ह स्वाति डार्लिंग .. मेरा भी आने वाला है’
मैंने १० मिनट और चोदा उसे और हमदोनो का काम तमाम हो गया .. मैंने उसको छोड़ा नहीं और ब्लाउज के ऊपर से उसकी चूचियों को प्रेस करने लगा ..
मैं: बताओ ना आंटी क्या बनाया है
स्वाति: भैया आप छोडो मुझे पहले
मैंने उसकी चूचियों को खूब दबाया, उसे भी थोड़ा मजा आ रहा था ..
स्वाति: खाने में भिंडी है
मैं: पर मुझे तो कुछ और खाना है
स्वाति: आह्ह्ह्ह भैया आप छोडो मुझे
मैंने उसे छोड़ दिया ..
मैं: क्या आंटी तुम्हे मजा नहीं आ रहा है .. मुझे तो बहुत मजा आ रहा है
स्वाति: भैया ऐसा नहीं होता है … आप मेरे से उम्र में कितने छोटे हो ..
मैं: आंटी मैं अपने कमरे में जा रहा हूँ .. अगर तुमको भी मजा लेना है तो आ जाना
मैं अपने कमरे में चला गया और बेड पर लेट गया. स्वाति आंटी खाना कम्पलीट की और कमरे में आयी..
गर्मी का मौसम, पसीने में भीगा उसका गदराया बदन बहुत ही कामुक लग रहा था …
स्वाति: भैया खाना बन गया है .. अब मैं जा रही हूँ
मैं उठा और उसे पकड़ लिया. उसकी नैक पर किश करने लगा और ब्लाउज के ऊपर से बॉल दबाने लगा …
स्वाति: अह्ह्ह्हह भैया ऐसा नहीं करो …
मैं: आंटी आप बहुत सेक्सी हो .. मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा है
मैंने स्वाति का पल्लू हटा दिया.. ब्लाउज में कैद उसके बड़े बड़े दूध पहाड़ो के जैसे लग रहे थे… चूचियों का बड़ा हिस्सा क्लीवेज से दिख रहा था .. स्वाति की सांसे बहुत तेज चल रही थी … जिससे उसकी चूचियां मस्त बाउंस हो रही थी. मैं किश करते हुए उसकी चुच्चो को दबा रहा था … अह्ह्ह्हह भैया .. अब वो सिसकारियां लेने लगी …
मैं: ऊह्ह्ह्ह आंटी आपके बड़े बड़े दूध ने बहुत परेशां किया है मुझे
स्वाति: अह्हह्ह्ह्ह आंटी मत बोलो …
मैं: ओके स्वाति डार्लिंग … तुम भी मुझे विक्की बोलो …
मैं उसकी ब्लाउज का हुक खोलने लगा. इतनी टाइट ब्लाउज थी की हुक खोलने में बहुत दिक्कत हो रही थी.. मैंने ब्लाउज को पकड़ा और एक बार में ही फाड़ दिया. ब्लाउज के हुक टूट कर गिर गए … ब्लाउज के अंदर उसने ब्रा नहीं पहनी थी … ब्लाउज फटते ही बड़े बड़े दो तरबूज बाहर आ गए …
स्वाति: अह्हह्ह्ह्ह भैया आपने मेरी ब्लाउज फाड़ दी .. अब मैं घर कैसी जाऊँगी
मैं: स्वाति डार्लिंग नई ले दूंगा … तुम सिर्फ मजे लो अभी
मैं उसकी चूचियों को खूब मसल रहा था.. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह भइया … और जोर से दबाओ …. एक चूचि को मैंने मुंह में लिया और चूसने लगा .. अब उसकी मॉनिंग बहुत तेज हो गयी ….मैं उसकी चूचियों को बहुत दबा और चूस रहा था … फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया.. और अपना पैंट खोल कर उसकी टांगो के बिच में आ गया .. मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट ऊपर की तो मुझे काली झाटो में ढकी हुई उसकी चूत दिखी .. अपने अपना लण्ड उसकी चूत में रखा और पेल दिया .. उसकी चूत अभी भी बहुत टाइट थी शायद बहुत दिनों से चुदी नहीं थी … अह्ह्ह्हह भैया थोड़ा धीरे करो दर्द हो रहा है …
‘स्वाति डार्लिंग अभी तो पूरा घुसाना बाकी है’
2-३ तेज धक्को में मैंने पूरा लण्ड उसकी बूर में डाल दिया …अब मैंने उसकी चुदाई स्टार्ट की और अपना लण्ड उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा .. आआअह्ह्ह्हह उउउउउ भैया ..
‘स्वाति मजा आ रहा है’
‘हाँ भैया बहुत दिनों कोई ले रहा है मेरी… बहुत मजा आ रहा है’
‘फिर अच्छे से चुद ले फिर आज … येले साली और खा मेरा लण्ड’
‘ओह्ह्ह्हह उईईईईई भैया और तेज मारो …. अह्हह्ह्ह्ह
मैं जोर जोर से स्वाति को चोदने लगा .. अब वो भी पूरा मजा लेकर चुदवा रही थी … मैं उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर पेल रहा था .. ‘आह्ह्ह्हह भैया ८ साल बाद फिर से चुदाई हुई है मेरी’
‘स्वाति डार्लिंग अभी तो बहुत चोदना है तुझे’
‘आह्हः ओह्ह्ह्हह भैया फिर चोदो ना’
मैंने चुदाई की रफ़्तार बढ़ा दी .. उसकी बाउंस होती चूचियों को दबा कर चोद रहा था..
‘अह्ह्ह्हह भैया और जोर से मारो … मेरा निकलने वाला है’
‘अह्ह्ह्ह स्वाति डार्लिंग .. मेरा भी आने वाला है’
मैंने १० मिनट और चोदा उसे और हमदोनो का काम तमाम हो गया ..

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