Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

Meri Jarurate – Part 3

This story is part of a 3-part series. You are reading part 3.
‹ Previous: Meri Jarurate – Part 2
View all 3 parts →
⏰ 1 min read

इस कहानी के आखरी पार्ट में आपका स्वागत है।…….. इस कहानी में देखेंगे तृप्ति कैसे अब्दुल के बच्चो की माँ बनी

ऐसे ही दिन बीते गए। रघुवीर का बिज़नेस अच्छा चलने लगा। उसने सोचा की उप्पर का मकान से अब्दुल को निकल के वह पे अलग कुछ बनाये। मेने मना किया पर रघुवीर नहीं माना। अब्दुल ने दूसरी जगह देखली। अब्दुल में कभी कभी मिलने लगे। एक दिन रघुवीर ने हमें देख लिया। मेने साफ़ कहा की अब्दुल और मेरा रिस्ता सिर्फ चुदाई का है क्यों की तुम मेरी प्यास नहीं बुजा पाते हो। रघुवीर ने अब्दुल को बुलाया और झगड़ने लगा में उनके बीच में आगयी। रघुवीर ने अब्दुल को थप्पड़ मारा। मेने रघुवीर के सामने अब्दुल को किस किया रघुवीर सहम गया। रघुवीर ” देखो तृप्ति हमें तुम्हारी जरुरत है ” में रघुवीर के कंधे पे हाथ रख के ” जी आप मेरे पति है मेरे परमेश्वर है। में आप और राजू से बोहोत प्यार करती हु। लेकिन मेरी जो शारीरिक जरूरते है वो आप पूरा नहीं कर सकते तो में अब्दुल के साथ। ” रघुवीर ” तो मुझसे तलाक़ चाहती हो? ” . में ” नहीं जी, बीवी तो आपकी रहूंगी ” . अब्दुल बिच में ” सिन्दूर आपका हो गा, चुत में लंड मेरा होगा ” . में अब्दुल जोर जोर से हसने लगे। रघुवीर ” ये क्या भद्दा मजाक है ” . में रघुवीर के कंधे पे हाथ रख के ” में बाहर किसी के साथ सम्बन्ध बनाने से अच्छा है घर की बात घर में रहेगी अब्दुल आप को भैया मानते मुझे भाभी और क्या चाहिए हसी मजाक तो होता ही में तो तुम दोनों के साथ सो चुकी हु, अब मान भी जाईये ” . मेने बातो बातो में रघुवीर के गलो पर किस किया।. में ” अब्दुल चलो इनके पैर छूते है, कल ही तुम्हारा सारा सामान उप्पर के कमरे में आना चाहिए। में कल ही डबल बेड मंगवाती हु, बापरे कितने काम है ” . अब्दुल और में रघुवीर के पैर छूते है। अब्दुल ” भाई साहब कोई गलती हुई तो माफ़ करना ” . रघुवीर मुँह मोड़ के बेठ जाता है में ” इसमें गलती क्या है ” . अब्दुल ” भाभी, कोई भी नहीं चाहता की अपनी बीवी किसी और से संबध बनाये ” . में ” चुप बैठो, में क्या ऐसी वैसी हु क्या, मेने अपने देवर के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाये है। चलो छोड़ो में दोनों के लिए खाना परोस तिहु हसी मजाक करते हुए हम तीनोंने खाना खाया। दूसरे दिन अब्दुल सामान लेके आया। मेने भी नया बेड मंगवाया। और उप्पर रखवाया ” भैया बेड मजबूत तो है ना ” सेल्स मन ” हा मैडम, इतना मजबूत है की कुस्ती भी खेल सकते हो ” . में मन में रात में कुस्ती ही तो खेलनी है. रात में खाना खा के में रघुवीर के पैर दबा रही थी। अब्दुल वह आके रघुवीर के पैर चुके ” नमस्ते भाई साहब ” . इस रघुवीर मुड अच्छा था। ” आओ अब्दुल कैसे हो, खाना होगया ” . अब्दुल ” जी भाई साहब, भाभी कैसी हो ” . में ” अरे भाई साहब आप यही खाना खाया करो ना हमारे साथ ” . अब्दुल ” में……… नॉन वेज खाता हु ” . में ” वो।…….. तो में बनाया करुँगी ” . अब्दुल ” बोहोत बढ़िया ” . रघुवीर ” चलो में तो सोने चला ” . में भी खड़े हाथ उठा के आलस देते हुए। ” सुनए ये मेरी नाइटी लेके जाइये ” . मेने उन दोनों के सामने नाइटी उतारी उस वक्त मेने ब्रा नहीं पहनी थी सिर्फ बिकनी साइज की पेंटि पहनी थी। दोनों आँखे फाड़ के देख रहे थे। में अपने बूब्स हाथो से छुपाते हुए ” तुम दो नो ने मुझे कभी नंगा नहीं देखा क्या? ” रघुवीर मेरी नाइटी उठा के अंदर चले जाने लगे में ” अजी सुनो राजू रात में एक बार सुसु करने लेके जाना और टेबल के यहाँ कंडोम पैकेट है वो लाना ” रघुवीर ” तुम कब तक आओगी ” . में ” सवेरे आजाऊंगी ” . फिर अब्दुल मेरी गांड पे हाथ घुमाके उप्पर ले गया। मेने अपनी बाहे अब्दुल की बहो में डाल दी अब्दुल मेरी दो नो निप्पल बारी बारी चूस लिए। फिर खुद के कपडे उत्तारे उसका लंड पूरा तना हो डोल रहा था मेने उसके लंड पे चॉकलेट फ्लेवर का कंडोम चढ़ा दिया करीब १० मिनट चूस के चमकाया। फिर अब्दुल ने मुझे लिटाया फिर चुत में जबान डालके चूस लिया थोड़ी देर बाद मेने पानी अब्दुल के मुँह में छोड़ दिया। अब्दुल ने घोड़ी बनके मेरी छूट में लंड दाल दिया और चोद न सुरु किया में ” आयआईईई।……… क्या लंड है देवरजी आपका ऐसा लगता जिंदगी भर चुदती रहु ” . अचानक मेरी नज़र दरवाजे यहाँ पे गयी देखा तो लगा कोई झाक रहा है। मेने अब्दुल को रुकया। में धीरे से दरवाजे के पास गयी और धीरे से दरवाजा खोला। तो देखा रघुवीर नुन्नी निकाल के हिला रहा था। में और अब्दुल नंगे ही बाहर आये। अब्दुल ने लाइट जलाई। में ” पति देव क्या हुआ?
रघुवीर ” में वो।…. में वो टंकी का पानी देख ने आया था?
में चुत को खोलते हुए ” या इसका पानी देखने आये थे?, ये गलत है ” रघुवीर ” गलती हो गयी माफ़ करो ” . में ” गलती हो गयी? ” अब्दुल मुझे काटते हुए ” भाई साहब की कोई गलती नहीं है, वो बिचारे क्या करते तुम यहाँ मेरा लंड ले रही हो, वो अपना हिला भी नहीं सकते? ” में ” तो क्या करे? ” अब्दुल ” उन्हें देखने दो अपनी चुदाई बिचारे मुठ ही तो मार सकते है ” . में सोचते हुए टेबल के पास गयी सिगरेट का पैकेट से सिगरेट ली और लाइटर से सिगरेट जलाई। रघुवीर मुझे चौक के देखने लगा में चिलाके ” अबे चूतिये क्या देख रहा है सारा मज़ा कीर किरा कर दिया ” डर के अब्दुल के पास लिपट जाता हे। अब्दुल उठ के मेरी गांड मसलने लगता है। अब्दुल ” देखो भाभी आप को कोण रोक रहा चुदनेसे? आराम से चूड़ो? ” में और अबदुल किस करना शुरू करते है। उसका लंड फिरसे टाइट होता है। में निचे झुक के लंड चूस के चमका देती हु। फिर कंडोम पहनाके तैयार करती हु। अब्दुल मुझे रघुवीर की गोद में लिटाके मेरी चुत में ऊगली डालता है में ” आअह्ह्ह्ह क्या कर रहे हो। देखो नाजी ये अब्दुल मेरी चुत अपना १० इंच का मुसल डाल रहा है ” . एक ही झटके में पूरा लंड मेरी चुत में डालता है में ” ाहूऊऊऊ मर गयी. धीरे धीरे करो ” . अब्दुल अपना स्पीड बढ़ाता है में दो बार अपना पानी छोड़ देती हु। फिर घोड़ी बानाके गांड के छेद पे बोहोत सारा थूक लगता है फिर धीरे धीरे अपना लंड ढकेलना शुरू करता है। में दर्द से ” आआ।…… वोओओओओओ।…….. मर गयी। ” . थोड़ी देर में अब्दुल गुराना शुरू करता है में समज जाती हु के छूटने वाला है। मेरी गांड में से लंड निकलता है। कंडोम वीर्य से भरा हुआ था। अब्दुल पसीने से चमक रहा था। में अब्दुल में पास जाके टॉवल से पैना पोछते हुए ” अजी सुनते हो ” रघुवीर अपनी नूनी छुपाते हुए ” जी ” . में ” देवरजी के लंड पे जो कंडोम है उसे निकाल के बहार फेकिये और बहार से दरवाजा बंद कीजिये। रघुवीर अब्दुल का कंडोम निकाल के बहार चला जाता है में और अब्दुल नंगे ही सो जाते है. कुछ दिनों बाद करवा चौथ का त्यौहार आता है। दिन भर में रघुवीर के लिए उपवास रखती हु। रात के करीब ८ बजे आता है। पूजा करके में अपना उपवास छोड़ती हु। फिर रात के करीब ११ बजे लेस्स वाली पेंटी पहनके गांड मटकते हुए और मुँह में सिगरेट पिते हुए अब्दुल के पास गयी। अब्दुल नंगा नहा रहा था। नहाने के बाद टॉवल लपेट के मेरे पास आता है। में उसे लिपट के किस करते हुए अब्दुल ” भाभी कूच मांगू ” में ” बोलो ” अब्दुल ” मुझे

Also Read: Massage Lene Ki Jagah Deni Padi

This content appeared first on new sex story .com

मेरी संतान चाहिए। आपकी कोख से हो तो मुझे ख़ुशी मिलेगी ” . में सिगरेट का कश मारते हुए ” ठीक है ” अब्दुल ख़ुशी के मारे मुझे ज़ोर से किस करता है मेरी मुँह की सिगरेट फेंक देता है। प्लेट में पड़ा हुआ चिकन टिक्का देते हुए ” अब से सिर्फ तू नॉन वेज ही खायेगी। बच्चा तंदरुस्त होना चाहिए। में एक पीस उठाते हुए ” . लेकिन मेने कभी खाया नहीं। ” मेरे ठूसते हुए अब्दुल ” तो अब खा लो ” . में ” टेस्ट तो ठीक है ” . अब्दुल और में खाना ख़तम करते है। फिर अब्दुल ने मेरे बूब्स चूसना शुरू किया। आज अब्दुल लंड ज्यादा ही बड़ा दिख रहा था। फिर ३ पोजीशन में मुझे २ घनटे तक चोदा और मेरी चुत में कटोरी इतना वीर्य छोड़ दिया।

दस साल अब बित गए एक एक्सीडेंट में अब्दुल की मौत हो गयी लेकिन उसकी दो संताने हमारे प्यार की निशानी है। में अब सिर्फ नॉन वेज ही खाती हु।

This story Meri Jarurate – Part 3 appeared first on erosstories.com

You're caught up — part 3 of 3
Restart from Part 1 →
View all 3 parts →