Mai Sharif se randi bani – 1 | Erotic Stories
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Mai Sharif se randi bani – 1

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नमस्कार दोस्तों मैं अंकुर कांगड़ा एक बार फिर से आपका स्वागत करता हूं. दोस्तों आप सभी की जिंदगी में हम बुरे दिन तो आते ही होंगे नो से लड़कर आप कैसे बाहर निकलते हैं आप कैसे लड़ते हैं और कैसे हैं चीजों से बाहर आते हैं यही जिंदगी है.

कुछ ऐसी ही कहानी मेरी एक दोस्त मोना की कहानी है. हम सारे दोस्त और उसके घर वाले उसको मानु नाम से बुलाते हैं तो इस कहानी में उसका नाम मानो ही रखते हैं. अब अगर मैं यह कहानी बताऊं तो आपको ज्यादा अच्छी ना लगे तो चलिए उसी की जुबानी सुनते हैं कहानी.

मेरा नाम माया सिंह है मैं बिहार की रहने वाली हूं लेकिन मैं गुड़गांव में काम करती हूं, मैं मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती हूं. यह घटना मेरे साथ करीब 2 साल पहले की हुई थी.

उस वक्त में 25 साल की एक जवान लड़की थी मेरी जवानी पूरे उफान पर थी. ऑफिस के लड़के और बॉस और घर के आस पास रहने वाले लोग मुझे देखकर अपना ल** ठीक करते थे. मैं हमेशा इन सब चीजों को देकर खुश होती थी लेकिन जैसा कि आप जानते हैं दिल्ली के अंदर कभी कभी बहुत ज्यादा हो जाता है.

मेरा फिगर 34 – 28 – 33 है। मेरा बदन एकदम गदराया हुआ है. मेरी जवानी पूरे सबाब पर थी और मैं मुझे मिलने वाली अटेंशन से बहुत ज्यादा खुश थी. ऑफिस में मैं सबकी चहेती थी, चहेती क्या, वह अपने मन ने मुझे चोदी रहे होते थे. उनको बस मौका चाहिए होता है कि किसी तरीके से वह मुझे टच कर सके. हालाकि मेरी जगह कोई और लड़की होती तो वह अब तक इन जालिमों का शिकार हो चुकी होती लेकिन मैं काम करने में ठीक ठाक थी इसलिए कोई मेरे काम को लेकर कोई कुछ नहीं बोलता था. और कंपनी के सीनियर एंप्लॉयज भी मेरा खूब इज्जत करते थे.

लेकिन मेरे साथ के जितने भी थे वो सब के सब एक नंबर के ह** थे मुझे बस अपनी बाहों में जकड़ ना चाहते थे. लेकिन मैं किसी को भी भाव नहीं देती थी टीम लीडर को भी नहीं. मेरी मेरे टीम लीडर के साथ नहीं बनती थी। .. हमेशा हमारे तू तू मैं मैं होती ही रहती थी मुझे उसका मुझे घूरना पसंद नहीं था. कंपनी के अंदर यह पॉलिसी थी कि अगर कंपनी के लोगों को यह पता चल जाता है कि आपका अफेयर किसी कंपनी में काम करने वाले लोग के साथ है तो आप दोनों को कंपनी से बाहर निकाल लेंगे

इस वजह से हम सब लोग एक दूसरे से बातचीत करते थे हम लोग एक दूसरे के दोस्त थे लेकिन एक दूसरे को कभी भी डेट नहीं करते ते हैं. और तो और वहां पर मेरे जैसा मेरे लायक कोई लड़का था भी नहीं लेकिन दूसरी ब्रांच के अंदर एक बड़ा ही नौजवान खूबसूरत सा लड़का था. उसका नाम आर्यन था. अब नाम ही इतना हीरो वाला है तो लड़का भी हीरो ही होगा 6 फुट 2 इंच का शरीर मुझे बहुत अच्छा लगता था. गठीला बदन लंबे-लंबे बाल और हल्की सी गाड़ी में वह एकदम किसी हीरो सा लगता था|

हम दोनों लोग बहुत अच्छे दोस्त थे क्योंकि हम लोग साथ में बैठे कॉफी पीते थे. धीमे धीमे हमारी दोस्ती प्यार में बदल ले लगी. मैं हमेशा प्यार बाकी सब से दूर भागती थी क्योंकि प्यार से मेरा धोखा मिलता था और कंपनी की पॉलिसी में भी नहीं था मैं यहां पर कार्य बनाने आई थी. लेकिन उसके प्यार का जादू मुझ पर ऐसा चला कि मैं सारी सुध बुध खो गई.

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इन्ही सब चीजों के बीच में उसने मुझे प्रपोज कर दिया, अब सपनों के राजकुमार ने मुझे प्रपोज किया था तो मैंने मना नहीं किया. हालांकि मेरे कई फीमेल दोस्तों ने मुझे यह बताया कि वो ये तो हरामी * लड़का है, सिर्फ लड़कियों के जिस्म तक उसका दिमाग चलता है, वह तुमसे प्यार का नहीं करता और अंत में धोखा दे देगा लेकिन मैं सब सुनने के मूड में नहीं थी और मैंने उन सब से झगड़ा किया और उन से दूर रहने लगी.

मैं शादी से पहले सारी चीज़ें नहीं करना चाहती थी लेकिन उसके डील डोल बदन को देखकर मैंने कई बार अपनी चुत में उंगली की है. अपनी च* में उंगली डालते हुए मैं उसको उसके लोड़े को महसूस करती थी. और जबाब हम दोनों गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड हो गए हैं तो उसे chudai का मौका मुझे मिल जाता. मैं उस तरीके की बिल्कुल भी नहीं हूं लेकिन ना जाने क्यों जब भी मैं उसका चेहरा अपने मन में सोचती हो तो मुझे सब खयाल आने लग जाते थे.

खैर ऐसे ही कुछ दिन बीत गए और उसने मुझे रात में अपने घर पर डिनर पर इन्वाइट किया. मैंने ब्लैक कलर का टॉप कहना घुटने से थोड़ी ऊपर जाकर खत्म हो रहा था. वह मिनी स्कर्ट से तो कुछ थोड़ा बड़ा था लेकिन घुटने से थोड़ा सा ऊपर था. पीछे मेरी स्लीवलेस थी. अंदर मैंने पोल्का डॉट वाले ब्रा और कच्छी पहनी थी. मैं बिल्कुल ऐसे तैयार हो रही थी मानो मेरी सुहागरात के लिए मैं जा रही हूं. यह खुद को देखते-देखते मैं शरमा गई और खुद से ही बातें करने लगे कि वह माया तू तो बहुत सुंदर है इसलिए तेरेको सब लड़के मरते हैं.

मैं तैयार हुई और उसके घर के लिए मैं चली पर गई. उसके घर पर कोई भी नहीं था उसने अपने घर को बहुत अच्छे से डेकोरेट किया था और खुद सूट बूट में बैठा हुआ था. वो हाथ में शैम्पेन की बोतल लेकर खड़ा था. घर की सजावट देख के मुझे बड़ा अच्छा लगा मैंने बोला क्या इरादा है तुम्हारा इतना घर की सजा रखा है. उसने बोला तुम पहली बार घर आई हो इसलिए सजा के रखा हुआ है. मैंने बोला अच्छा जी इतना प्यार मुझ पर क्यों आ रहा है बला. उसने बोला आप हो ही इतने प्यारे आप इतने स्पेशल हो की मैं आपके लिए कुछ स्पेशल करना चाहता था, सो मुझसे जो हो सका वह मैंने किया.

हम दोनों ने दूसरे को हग किया और साथ में खाने की टेबल पर बैठ गए. हम दोनों पहले तो आमने सामने बैठे हुए थे खाने के अंदर बहुत सारी वैरायटी बनी हुई थी. मैं खाने लगी लेकिन वह वैसा ही बैठकर मुझे देख रहा था. मैं उसको बोला तुम मुझे ऐसे मत देखो मुझ को शर्म आ रही है तुम भी कुछ खाओ ना.

बोला नहीं यह मैंने तुम्हारे लिए बनाया है मुझे कुछ और खाना है. मैंने बोला क्या खाना है तुम्हें.. उसने बोला। .. अभी पता चल जाएगा कि मुझे क्या खाना है थोड़ी देर बाद उसने भी डिनर करना शुरू किया और आम लोगों में ऐसे ही बात चीत चलती रही. खाने के साथ हम लोग वाइन भी पि रहे थे मुझे लगने लगा कि मेरा सर भारी हो रहा है. क्योंकि इतनी वाइन मैं नहीं पीती हूं. कुल दिन मैंने तकरीबन तीन गिलास वाइन पी लिए थे इसलिए मेरा सारा घूम रहा था. मैं खड़ी होने की कोशिश कर रही थी लेकिन लड़खड़ा रही थी मैं गिर ने ही वाली थी कि उसने मुझे संभाल लिया.

आर यू ओके उसने मुझे पूछा आई एम फाइन मैंने कहा मैं उसकी बांहों में किसी हीरोइन की तरह महसूस कर रही थी. मैं घर जाने की बात कर रही थी लेकिन उसने मुझे समझाया कि मैं बहुत नशे में हूं तो घर ना जाऊं बल्कि आज यही रुक जाऊं. मेरे अंदर से भी ख्याल आया ठीक है आज यही रुक जाती हूं.

थोड़ी देर बाद मुझे वॉशरूम आया और मैं टॉयलेट करने के लिए चली गई जैसे ही मैंने टॉयलेट किया मेरा सारा नशा उतर गया. अब मैं नॉर्मल हो गई थी लेकिन मैं देखना चाहती थी कि आर्यन क्या करेगा. अरे मुझे बेड पर लेटा के दूसरे कमरे में जाने लगा उसका हाथ पकड़ के बोला तुम कहां जा रहे हो तुम मेरे साथ ही सो. सिंगल साइज बेड था इसलिए आर्यन ने मना कर दिया उसने बोला नहीं तुम आराम से सो मैं दूसरी जगह जाता हूं.

मैंने बोला यार क्या प्रॉब्लम है तुम यहां पर सो जाओ ना मुझको नींद नहीं आ रही है, तुम मेरे से बातें करो तुमने मुझे बुलाया है तो तुम मुझे अपने बारे में बताओ. ऐसे ही हमारी बातें चलती रही वह मेरी बातें सुन तरह बहुत ध्यान लगा गए. वह एक टक मुझे देखे ही जा रहा था मेरा भी सब का बांध टूट गया और मैंने उससे पूछा क्यों ऐसे देख रहे हो कभी लड़की नहीं देखी क्या. उसने बोला लड़कियां तो मैंने बहुत देखी है बट तुम सी हसी लड़की मैंने नहीं देखी. मैं शरमा गई

उसने मेरे थोड़ी पर हाथ लगाया और मेरे होंटो पर एक जोरदार चुंबन दे दिया. चुंबन बहुत ज्यादा गर्म था उसका. मेरे शरीर में ऐसा लगा कि मानो 440 वाल्ट का करंट दौड़ रहा हूं. मेरे दिल की धड़कन बहुत तेज़ी से बढ़ने लगी मेरी सांसे बहुत तेज चल रही थी. अब मैंने उसके सर को अपनी और दबाना चालू किया और उसके बालों को नोचने लगी और अपना जीव उस की जीव के अंदर डाल कर उसकी जीव के साथ खेलने लगी. मैं तो बेड के ऑलरेडी लेटी हुई थी लेकिन मैं गर्दन उठा उठा कि उसकी जीव को छू रही थी.

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