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सावन के महीने में भैया बने सैयां : भाग ३

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फ्रेंड्स
रिमझिम, उम्र २४ साल तो गोरा बदन साथ ही फिगर स्लिम और चूचियां शेप में साथ ही चिकनी जांघों के बीच मेरी चूत रानी जिसे मैं काफी मेंटेन रखती थी, उसके बाल को शेव रखना तो साफ सफाई से रखना ताकि मेरे पति उसे चूम ले लेकिन मेरे पति आज तक मेरी योनि को नहीं चूमे थे फिर भी कोई अफसोस नहीं, चूमने वाले की कमी नहीं तो मैं अपने भैया विवेक के साथ दो बार तो मजे ली फिर मेरे हब्बी मुझे छोड़कर चले गए और मैं सोची की यहां रहकर थोड़ा घूम फिर लिया जाए साथ ही भैया के साथ काम क्रिया करके मस्ती किया जाए। आज की रात तो मुझे अकेले छत के रूम मे रहना था तो विवेक मेरे बगल वाले रूम में रहते और फिर कोई बंधन नहीं जिसे हम दोनों तोड़ चुके थे, रक्षा सूत्र से कामसूत्र तक का सफर तय करके अब मैं मस्त थी वैसे भी शादीशुदा महिला के दो ही काम होते हैं एक तो किचन में खाना बनाना और रात को पति के साथ बिस्तर गर्म करना जिसे मैं फिलहाल भैया के साथ कर रही थी। मैं खाना खाकर आंटी को कुछ काम में मदद की फिर छत पर आ गई तो भैया रूम में नहीं थे और मुझे लगा कि वो टॉप फ्लोर पर होंगे और मैं पहले तो अपना कपड़ा बदल ली फिर नाईट गाउन पहन टॉप फ्लोर पर गई तो विवेक मस्ती में सिगरेट फूंक रहा था लेकिन मुझे देख वो दूसरे हाथ में पकड़े समान को छुपाने लगा तो मैं उसके करीब गई फिर बोली ” जो तुम कर रहे हो मुझे पता है, आराम से पियो ” तो विवेक के हाथ में बीयर की बोतल थी और वो बियर पीते हुए बोला ” तुम जाकर रूम में आराम करो
( मैं बोली ) बिलकुल नहीं, तुम्हारे लिए खाना भी लाकर रूम में रख दी हूं ” और वो बियर पीकर बोतल वहीं पर छोड़ा फिर दोनों नीचे आ गए तो विवेक पहले तो वाशरूम गया फिर फ्रेश होकर सीधे अपने रूम और मैं रूम घुसी तो वो अपने शॉर्ट्स पर से लन्ड सहलाता हुआ बोला ” जरा लॉलीपॉप चूस दो फिर मुड़ हुआ तो मजे करूंगा
( मैं दरवाजा खुला ही छोड़ दी और उसके शॉर्ट्स को उतारकर लन्ड को पकड़ ली ) ओह यानी तेरी मर्जी से रात बीतेगा ” वो कुछ नही बोला और मैं उसके सामने बैठ गई फिर लन्ड को पकड़ हिलाना शुरु की तो वो अपना हाथ बढ़ाकर मेरी बूब्स दबाने लगा और फिर उसके अर्ध रूप से टाईट लन्ड को मैं मुंह में लिए चूसने लगी, उसके छाती से लेकर गाल तक को सहला रही थी और लन्ड मुंह में टाईट होने लगा तो मैं लन्ड मुंह से निकाली फिर जीभ से चाटना शुरु की तो भैया मेरे नाईट गाउन की डोरी खोलकर बूब्स को पकड़ दबाने लगे, मैं उनसे नजर मिलाते हुए मुंह में फिर से लन्ड ली और चूसने लगी साथ ही चेहरे का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी तो विवेक मेरे चूची दबाते हुए मस्त थे और मैं उनके लन्ड चूसते हुए बुर की गुदगुदी से मरी जा रही थी ” आह उह ओह अब तेरी बुर को चाट चाटकर मस्त कर दूंगा साली तेरी जैसी हॉट माल़ तो पैसे पर नही मिलेगी ” कुछ देर तक लन्ड चूसी की भैया बोले ” रुको ” और फिर दोनों टॉप फ्लोर पर चले गए।
टॉप फ्लोर पर एक लकड़ी की चौकी थी जिसपर विवेक लेटा तो मैं नाईट गाऊन की डोरी खोलकर उनके पैर के पास बैठी फिर शॉर्ट्स हटाए उनके लन्ड को पकड़ चाटने लगी तो विवेक मेरे बूब्स को दबाता हुआ बोला ” मेरे मुंह के ऊपर टांग फैला बैठो ” आज भैया के मुंह में ही मूत दूंगी और मैं भैया के मुंह के ऊपर चूतड किए बैठी तो विवेक मेरे नग्न चूत को देखता हुआ उसमें एक उंगली घुसाया फिर कुरेदने लगा और मैं नाईट गाउन बदन से निकाल पूर्णतः नग्न हो गई। विवेक मेरे कमर में हाथ लगाया और मैं उंगली से बुर फैलाई साथ ही चूतड को थोड़ा नीचे की तो भैया आराम से जीभ घुसाए बुर चाटने लगे और मैं उनके हाथ का एहसास स्तन पर पा रही थी ” उह आह ओह डियर चाट चाट कर बुर को रसीला कर दो फिर तो छत पर ही तुझसे चुदूंगी ” और वो कुछ देर तक बुर चाटा फिर मैं उसके मुंह के ऊपर से उठकर बगल में बैठी। विवेक और रिमझिम नंगे थे तो भैया मुझे बाहों में लिए गोद में बिठाए तो मेरे दोनो जांघ फैले हुए थे और पैर उनके कमर से लिपटे हुए, अब मैं विवेक के चेहरे को चूमने लगी तो वो मेरे पीठ सहलाते हुए ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगे और मैं उनसे लिपटे उनके छाती से बूब्स रगड़ने लगी तो उनका लन्ड मेरी चूतड को चुभ रहा था, अब विवेक मेरे रसीले ओंठ को छोड़ जीभ से चाटने लगे तो मैं खुद अपना मुंह खोले उनके जीभ अंदर लिए चूसने लगी और दोनों कामुकता वश एक दूसरे से लिपटे फ्रेंच किस्स करने में मस्त थे। टॉप फ्लोर पर खुले आसमान के नीचे दोनों काम क्रिया में लीन थे तो विवेक मेरे जीभ को चूसते हुए मुझे काम की ज्वाला में झोंक रहा था और मुझे उसके फुंफकार रहे लन्ड की चुभन बुर पर किल रही थी, साला अपनी बहन तक को चोदने से बाज नहीं आया तो मैं कौन दूध की धुली हूं खुद विवेक को फांस ली और अपनी बुर की खुजली शांत कराने को तड़प रही हूं, फिर मैं विवेक का चेहरा पीछे कर जीभ निकाली और उसके कंधे पर सर रख दी तो वो मेरे पीठ सहलाता हुआ बोला ” तेरा मखमली बदन इस लकड़ी पर
( मैं विवेक के कान को ओंठो के बीच लेकर चूस ली ) डियर औरत तो अपनी प्यास मिटाने के लिए रेगिस्तान में भी सेक्स कर सकती है
( वो मुझे गोद पर से उतारा और फिर मुझे छत के किनारे पर ले गया ) इधर आओ रिमझिम खड़े खड़े चोदूंगा तब पूरा लन्ड तेरी बुर में घुसेगा ” और मैं दीवार के सहारे खड़ी हो गई तो दोनों जांघो को फैलाकर खड़ी थी, विवेक अपना लन्ड पकड़े बुर में घुसाने लगा तो मुझे एहसास हुआ मानो की लोहे की गर्म रॉड बुर में घुस रही है, वैसे एक बार बुर से रस निकल चुका था तो मैं पीछे मुड़कर देखी और मैं दोनों हाथ दीवार पर रखे चौपाया जानवर की तरह खड़ी थी तो विवेक का लन्ड बुर में घुस चुका था, अब मेरे कमर पकड़े धकाधक चोदने लगा तो मैं अपने चूतड को हिलाने लगी और उसका हाथ मेरे बूब्स पर था ” आह ओह उह और तेज चोद मेरे भैया उर्फ सैयां
( विवेक का लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था तो वो चूची दबाता हुआ बोला ) तेरी गांड़ चोदने की इच्छा है
( मैं बोली ) कल की रात चोदना वो भी तेल पिलाकर तब मजा आयेगा ” और मैं बुर की गर्मी से परेशान थी तो विवेक का लन्ड मेरी कोमल जननांग को चोदे जा रहा था तो छत पर दोनों काम वासना पूर्ण करने में लगे हुए थे। मैं बुर की गर्मी की वजह से आहें भर रही थी ” आह ओह तेरा लन्ड तो काफी कड़ा है मुझे क्या मेरी मां को भी चोदकर मस्त कर दे
( विवेक बोला ) हां साली एक बार आंटी मेरे में दिलचस्पी तो दिखाए, चालीस साल की औरत को भी चोद चोदकर तृप्त कर सकता हूं ” और तभी मेरी बुर रसीली हो गई तो विवेक लन्ड निकाला और मैं सीधी खड़ी हुई तो वो मेरे जांघो के बीच मुंह लगाए बुर का रस चाटने लगा तो मैं उसके बाल सहला रही थी ” अब तेरे लन्ड पर बैठकर चुदूंगी डियर ” तो दोनों आकर चौकी पर बैठ गए।
विवेक बेड पर चित लेट गया फिर मैं उसके लन्ड के ऊपर चूतड किए बैठी तो वो मेरे कमर को पकड़े मेरे जिस्म को संतुलित किया फिर मैं खुद लन्ड पकड़ बुर में घुसाने लगी, आधा लन्ड घुसते ही चूतड को नीचे धंसाने लगी तो लन्ड बुर में घुसने लगा, विवेक मेरे कमर को पकड़े नीचे से धक्का देने लगा और मेरी चुदाई हो रही थी तो मैं भी चूतड ऊपर और नीचे करतें हुए चुदाने लगी तो विवेक मेरे सीने से लगे चूची को दबाए जा रहा था और पिछले ६-७ मिनट से चुदाते हुए मैं काफी गर्म हो चुकी थी तो दोनों संभोग क्रिया में लीन थे और मेरी रसीली चूत अब गर्म हो चुकी थी तो विवेक मेरी बुर में लन्ड डालें ही उठकर बैठ गए तो रिमझिम अपने बड़े भैया का लन्ड चूत मे लिए उनके गोद में थी और अब उनके कंधे पर हाथ रख चूतड उछालना शुरू की तो विवेक मुझे बाहों के घेरे में लिए गाल चूमने लगा ” आराम से चूतड उछाल साली तेरी गांड़ भारी है
( मैं उनसे लिपटे हुए चुदाने लगी और अब विवेक नीचे से धक्का देने लगा ) वो तो है लेकिन आपका लौड़ा काफी लंबा, मोटा और कड़ा ” और दोनों कामशास्त्र के अनुसार लिपटे हुए एक ऐसे पोजीशन में संभोग क्रिया कर रहे थे जिसमें औरतों को सबसे अधिक मजा आता है, विवेक का लन्ड बुर के अंदर यानी भगनाशा तक टकरा रही थी तो वो अब चोदते हुए हांफने लगे। मैं अब थकान महसूस कर रही थी इसलिए चूतड स्थिर किए उनके लन्ड पर बैठी रही जबकि भैया नीचे से धकाधक चुदाई करते हुए मेरी बुर का कचूमर निकाल रहे थे, मैं उनके कंधे पर सर रख लन्ड का धक्का सहने लगी और विवेक अब मेरे गर्दन चूमता हुआ बोला ” अब तू भी चूतड उछाल बेबी, मेरा निकलने पर है ” तो मैं चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी और फिर मेरी बुर वीर्य से गोली हो गई तो मैं कुछ पल लन्ड बुर में रहने दी फिर उठकर लन्ड को मुंह में लिए चूसने लगी, वीर्य का स्वाद चखकर मस्त हो उठी, तन पर नाईट गाउन डाली तो भैया शॉर्ट्स पहने फिर दोनों नीचे आए और साथ ही वाशरूम स्नान करने घुसे, दोनों एक दूसरे के साथ स्नान किए अगले भाग में पढ़िए।

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