Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

माँ की काम भावनाओ की पूर्ति भाग – २

⏰ 1 min read

इस भाग में आपका स्वागत है। कहानी को आगे बढ़ाते है।….

में जाके हॉल में बैठ गया। अंकल माँ के चूत पे हाथ घुमा रहे थे। फिर निचे झुक के अपनी जबान चूत के आस पास घुमाने लगे फिर चूत की पंखुड़ी खोल के दाने को चूसने लगे माँ की हालत ख़राब होने लगी। वह माँ करहाते हुए ” हफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ्फ़ हायययययययय माँ कसम मजा आ रहा है ऐसी चीज़ें किसी ने मेरे साथ नहीं किया।……. उउउउउउउउ ” ५ मिनट बाद माँ अंकल के मुँह में झड़ जाती है। अंकल उठ के अपने लंड को स्ट्रोक देने लगते है। फिर माँ को घोड़ी बनाके चूत का अंदाजा लेके अपना लंड पेलना शुरू करते है। माँ के चूत का मुँह छोटा होने के कारण अंकल को परेशानी हो रही थी। वहा माँ भी चीला रही थी ” उईईईईई मररररररर गईइइइइइइइइ रहीम कितना बड़ा है तेरा आराम से कर ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ” . रहीम बिना सुने पेलने लगता है फिर एक झटके से आधा लंड अंदर जाता है फिर धीरे धीरे चोदने का स्पीड अंकल बढ़ाते है। फिर पूरा लंड माँ के चूत में पेल देते है। माँ भी आराम से चुद रही थी। १० मिनट बाद अंकल माँ के चूत से लंड निकलते है लंड पूरी तरह से चमक रहा था। फिर अंकल बिस्तर पर लेटते है और माँ को अपने उप्पर बिठाते है। माँ अपने हाथ से लंड अपने चूत में ले रही थी। में साफ़ देख रहा था अंकल का लंड माँ की चूत में जाते हुए देख रहा था। माँ के उड़ते बूब्स, सावला बदन, मादक आवाजे सुनके मुजसे रहा नहीं गया। मेने अपने शॉर्ट से लंड निकाल के मुठ मारना शुरू किया। फिर थोड़ी देर बाद अंकल ने माँ को बाए कोहनी पे लिटा के एक टांग उप्पर की। मुझे माँ की चूत निचला हिंसा साफ़ दिख रहा था, अब अंकल भी बाए कोहनी में आके माँ की गांड को सिटोके लेट जाते है। फिर अपने कटे हुए लंड पे हाथ घुमाके माँ की चूत में पेल देते है। अंकल का एसहोल भी साफ़ दीखता है। इस बार अंकल भी बड़बड़ाना शुरू करते है ” कुसुम रानी, मेरी जान क्या प्यारी कुमारी चूत है तेरी। पहले क्यों नहीं मिली ( सामने टंगे पिताजी के फोटो को देखते हुए ) रामलाल बेटा अब तेरे लंड का इंतजाम कही और कर ले। अब ये तेरी बीवी के चूत पे रहीम का नाम छप गया है। अब मरते दम तक कुसुम अपने चूत में रहीम का लंड लेगी। अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह बोलो कुसुम ” . माँ ” ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह देखो ना पवन के पापा रहीमजी कितने प्यार से हमे चोद रहे है, इतने सालो में आपसे मेरा एक बार भी पानी नहीं छूटा। आज तीन बार मेरी चूत पानी छोड़ चुकी है ( माँ रहीम को स्मूच करते हुए ) ऊऊऊऊऊ आप अगर सहयोग दे तो आपके बेटे जैसे आप भी हम दोनों की जिंदगीभर चुदाई देख के मुठ मार सकते हो, वैसे भी आपकी ४ इंच की नुन्नी से कोई औरत संतुष्ट नहीं हो सकती ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ” फिर दोनों घमासान चुदाई शुरू करते है।
रात के करीब ३ बज जाते है। में भी ३ बार मुठ मार चूका था। अंकल खड़े हो जाते है। माँ घटने पर बैठ के अंकल का लैंड जोर जोर से हिलाके चूस रही थे। फिर अंकल गुर्राते हुए वीर्य की धार माँ के मांग में छोड़ते है। और बाकी बुँदे उनके बूब्स और मुँह पर झड़ देते है। में उठ कर सोने चला जाता हु। सबेरे १० बजे सूरज की रौशनी से मेरी आखे खुलती है। अंदर कमरे में देखा तो माँ और अंकल नंगे ही सो रहे थे। माँ अंकल के छाती पे सर रख के सो रही थी। में किचन में जाके चाय बना रहा था। इतने में अंकल और माँ उठ गए। माँ ने सिर्फ अपनी सफ़ेद नाइटी पहनली और अंकल सिर्फ शार्ट में किचन में आये। माँ ” बेटा, क्या कर रहे हो? ” में ” चाय बना रहा हु ” . अंकल ” बेटा, कल रात में और तेरी माँ के साथ जो हुआ उसे परेशान तो नहीं हो? ” में हस्ते हुए ” क्या हुआ? चुदाई ” में और माँ रहीम अंकल को चिपक जाते है। माँ सबके लिए चाय बनती है। हम तीनो गप्पे मारते हुए चाय पीते है। अचानक पिताजी का कॉल आता है मेरे मोबाइल पे। में फ़ोन उठाके ” हेलो, प्रणाम पिताजी ” . पिताजी ” वो छोड़ो, तू और तेरी माँ कहा हो कल रात से तेरी माँ के मोबाइल पे कॉल कर रहा हु ” में ( रहीम के गोदी में बैठी हुई माँ को देखते हुए ) ” वो बाथरूम में है ” पिताजी ” बहार आये तो कहना मुझे कॉल करे ” . में इशारो में माँ को बता रहा था. माँ ने मेरे हाथ से फ़ोन लिया पिताजी ने कॉल नहीं कट की थी, माँ ” हेलो, हाजी पवन के पापा ” . पिताजी ” अरे कल से फ़ोन कर रहा हु कहा मर गयी थी? ” माँ ” वो……. में ” . पिताजी ” चल में रखता हु फ़ोन, यहाँ वह गुलछर्रे मत उड़ाते रहना ” . और फ़ोन काट दिया। माँ रहीम के जांघ पे दोनों टाँगे फैलाके बेठ गयी। उनकी नाइटी जांघ तक उप्पर आगयी थी। रहीम के होठो को किस करते हुए ” हां भाई, तुम्हारी बीवी तो गुलछर्रे ही उड़ा रही है दूसरे मर्द के साथ ” ये सुनके हम सब हस्ते है। फिर माँ उठ के ब्रेकफर्स्ट बनाती है। हम तीनो नहा धोके तयार होते है। रहीम कहता है ” चलो आज कही घूमके आये ” माँ ” हां यार सचमें चलते है ” . हम तीनो तैयार होते है। रहीम टी-शर्ट जीन्स पहनता है। में ही फुल स्लीव्स की टी-शर्ट और जीन्स पहनता हु। माँ तोरे जीन्स ( जो उसे उसकी बहन ने दी थी और पिताजी ने फेक दी थी ) और डीप नैक का टी शर्ट पहनती है। माँ इस लिबाज में बड़ी सेक्सी दिख रही थी। फिर माँ कहती है ” अरे भाई जायेंगे कैसे। बाहर लोग तरह तरह की बाते करेंगे ” . में और रहीम अंकल सोच में पड़ते है। फिर रहिम अंकल झट से छत की और जाते है, और वहा से अपने घर के अंदर जाते है। फिर थोड़ी देर में बुरखा लेके आते है। बुरखा माँ के हाथ में देते हुए ” ये लो बेगम बाहर जाने की तरकीब ” . माँ खुश होती है फिर माँ और अंकल उनके घर छत से जाते है। में अपने घर को लॉक करके आता हु। बाहर आके। देखा अंकल और बुरखे में माँ बहार आते है। उप्पर गुप्ता आंटी देख के पूछती है ” रहीम, ये कोण है? तुम्हारे अब्बू और अम्मी गांव गए है ” . रहीम अंकल माँ के कंधे पे हाथ रख के ” ये मेरे मामू की बेटी है, आज ही गांव से आयी है, उसको अपने रिश्तेदार के यहाँ छोड़ने जा रहा हु ” . गुप्ता आंटी ” अच्छा बेटा ” . हम तीनो आगे पीछे चलते है किसीको शक न हो।………..

Also Read: Mama Ke Ladke Ne Choda – Hindi Sex Kahani

This content appeared first on new sex story .com

कहानी का अगला हिंसा पढ़ना न भूलिए।…..

This story माँ की काम भावनाओ की पूर्ति भाग – २ appeared first on erosstories.com

Part 2 of 5 complete
Continue to Part 3 →
माँ की काम भावनाओ की पूर्ति भाग – 3
View all 5 parts →