Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

बड़ी बहन को चोदा

⏰ 1 min read

मेरी बडी बहन दिपा 26 साल की मद्मस्त जवानी है ! उसकी शादी दो साल पहले हुइ थी, पति देल्ही मै फ़ौजी थ्रे और दिदी अपने जवानी का आनंद ले रही थी ! दिपा खुसमिजाज लड्की थी और एक दिन वो मुझे फोन कि…….. “राहुल तुम दिदि से मिलने कब आओगे ?

(राहुल) राखी के पर्व मे आता हू दिदि, इंतजार करो ! ” मेरी नज़र दिदि के जिस्म पर अक्सर जाती थी, लेकिन कभी उन्हे नण्गा नही देखा था ! दिपा के दो मस्त-2 गोल चुचि मेरे लंड़ को उर्जा देते थे तो उनका भारी भरकम चुतर मेरी नजर के सामने घुमता रह्ता था ! राखी का पर्व आ गया और मै दिदी से मिल्ने को निकल गया, दोफ्हर 1:00 बजे उनके घर पहुंचा, दिदी गुलाबी साड़ी और ब्लाउज मे गदराइ माल लग रही थी! दिपा के घर पहुंचकर मै स्नान किया और दोनो साथ मे खाना खाये, वो मुस्कुराते हुए बोली……. “राहुल अब तुम आराम करो

(राहुल) लेकिन आप क्या काम करेगी

(दिपा) काम क्या है जिजा तुम्हारे बाहर गये हुये है, चलो दोनो एक हि बिस्तर पर लेटकर बाते करेंग़े ! ”

Also Read: Main Bana Shilpa Aunty Ki 2nd Husband

दिपा का रंग़ गोरा, चेहरा खुबसुरत, ओंठ रसिली, कमर पतले, पेट सपाट और चुत्तर गोल गुम्बदाकार है, बुर को बार से मुक्त रखती है, जबकी बाल काले और लम्बे है, कोइ भी मर्द इनको देखकर चोदना जरुर चाहेगा! दिदी को देख मेरा लंड खड़ा हो जाता था, लेकिन शादि के बाद उनसे मुलाकात एक हि बार हुइ थी ! दिदी के साथ उनके बिस्तर पर लेटा और दोनो एक दुस्ररे के ओर मुह्न कर्के बात कर्ने लगे, उनके छाति से साड़ी निचे आ चुकि थी और उनका चुचि ब्लौओज से बाहर आने को आतुर था, मेरा ध्यान उनकी चुचि पर जा रहा था और फिर मै उंके चुचि को पकड़ लिया, जोर-2 से चुचि मसल्ता हुआ उनके ओंठ को चुम्ने लगा, वो बिरोध कर रही थी, लेकिन मै उनके जिस्म पर सवार हो गया! दिपा के चिक्ने बदन पर लेटकर उनके गुलाबी ओंठ को चुस्ने लगा, अब वो मेरे गिरफ़्त मे थी और मुझे उनके चिक्ने मांसल बदन का मजा मिल रहा था! दिपा मुझे कसकर पकड़ ली और अपने जिभ को मेरे मुह्न मे घुसा दी, उनका जिभ चुस्ता हुआ उनके बदन पर सवार था और वो मेरे बदन को सहला रही थी! कुछ देर बाद वो जिभ बाहर निकाल ली और दोनो बिस्तर पर बैठ कर एक दुसरे को नग्न करने लगे! दिपा के जिस्म पर से साड़ी, ब्लौउज और पेटिकोट निकाल कर उसके जिस्म को घुर्ने लगे, वो शर्मा रहि थी लेकिन मेरे 6-7 इंच लम्बे लंड को थाम्कर हिला रही थी!

दिपा को लेटाकर उनके पैर के पास बैठा और उनके चिक्ने-2 जण्घा को सह्लाने लगा, वो पैर सटाकर लेटी थी जिस्से की उसके बुर का दिदार नही हो पा रहा था! उसके चुतर के निचे एक तकिआ डाला और झुक्कर उसके जाङ्ह को चुम्ने लगा, वो अब गरम होने लगी और मै उसके चिक्ने जांङह को चुमता हुआ उसके चुचि को मसल्ने लगा, दिपा का पैर दो दिशा मै होने लगा और मुझे उस्के बुर का दिदार हो रहा था! मेरे लंड को बुर की भुख लग चुकि थी लेकिन चुदाइ अंत का काम था! अब दिदी का दोनो पैर फ़ल्का हुआ था और मै अप्ना चेह्रा उंके जण्घा के बिच कर दिया! दिपा के बुर को करीब से देख़्कर सुण्घने लगा, बुर के दोनो रान अलग थे आखिर मे दो साल से चुद जो रही थी! मै उंनके बुर को चुम्ने लगा और मेरी रांड बहन बुर को फ़ल्का दी, अब मेरा जिभ उंके बुर को चाट्ने लगा, मुझे काफ़ी मजा आ रहा था जब्की दिपा अप्ने पैर को पटक रही थी! दिदी के जण्घा को थाम्कर उसके बुर को कुत्ते कि तरह लपालप चाटने लगा, बुर का स्वाद ऐसा होता है आज पता चला! पल भर बाद दिदी के दोनो रान को मुह्न में लेकर चुस्ने लगा और दिदी तडपने लगी……. “राहुल अब बुर को कुते की तरह मत चुसो, चोदो मुझे सुना रे कुता

(राहुल) जरुर बे रंडी लेकिन मेरा लण्ड कौन चुसेगा. ”

मुझे वो बिस्तर पर सुलाकर मेरे कमर के पास बैठी और लण्ड को थाम्कर सर झुकाई, वो लंड के सुपाडे को अपने ओंठ पर रगड्ने लगी और मुझे आंख मारी, फिर वो मेरे पुरे लंड को मुह्न में लेकर चुसने लगी! दिपा मुह्न का झट्का लंड पर देने लगी और मेरा लंड उसके मुह्न मे पुरी तरह से खडा हो चुका था! कुछ देर बाद वो लंड को बाहर कि और जिभ से लंड को चाट्ने लगी, अब मेरा ध्यान दिपा कि बुर पर था! उसको चोद्कर लंड कि आग भुझाना था ! दिपा अब बेशरम कि तरह लेट्कर पैर को फ़ैला दी और अपने चुत पर हाथ फेरने लगी…… “राहुल अब देर मत करो, बुर को तुम्हरा लंड चाहिये ! ” मै दिदी के दोनो जण्घा के बिच लंड पकड़ कर बैठ गया और सुपाडा को बुर के छेद मे घुसाने लगा, धीरे-2 पुरा लंड बुर में चला गया और मेरा लंड गपागप बुर चोदने लगा! दिपा कि बुर सख्त थी और मेरा फ़ौलादी लंड बुर को चोद रहा था! दिदी के बदन पर सवार होकर पुरे गति से उनके बुर को चोद रहा था और वो मुझे कसकर पकड़े हुए अपने चुत्तर को उपर निचे करने लगी ! मेरा मुसल लंड बुर को रगरा दे रहा था और दो जिस्म आपस मे काम वास्ना का आनंद ले रहे थे! मेरे लंड से पानी निकलने का एह्सास हुआ और मै उनको तेज रफ़्तार से चोद्ते हुए ओंठ चुसने लगा, दिपा अपने चुत्तर को उपर निचे करते हुए हांफ़ रही थी, मेरा भी हाल खराब था! वो अब चिख्नने लगी…….. “अबे साले बुर मे आग लगी है, माल झाड बे, आह्हह ऊम्मम्मम अह्हह्ह. ” और मेरा लंड पुरी तरह से गरम हो चुका था, लगातार 12-14 मिनट से उसके बुर को चोद रहा था, अब चिखने लगा…… “आह्ह ले बे रंडी मेरा विर्य गिरा, पिला अपने बुर को आअह्हह्ह. ” और लंड से तेज गति मे विर्य निकला, मै लंड बुर में हि रहने दिया! दो नग्न जिस्म बिस्तर पर लेटे रहे और फिर दिपा मुझे चुम कर बोली……. “अग्ले चार दिन तक हम दोनो कपडा नही पहनेगे. ” दिदी को चोद्कर बहुत मजा आया !

This story बड़ी बहन को चोदा appeared first on new sex story dot com

Leave a Comment