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पति, पत्नी और वो : भाग ६

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रानी तो निर्वस्त्र हुए व्हिस्की पी रही थी तो मेरे एक ओर राकेश और दूसरी ओर चंदन बैठा हुआ था, रात के ११:५० बजे थे लेकिन किसी को भूख कहां बस दोनो को मेरे जिस्म से प्यार था और उसको दोनो जमकर भोग रहे थे, मैं एक सिगरेट फूकने लगी और चंदन से पूछी ” तुझे भूख नही लगीं है यार
( वो मेरे कंधे पर हाथ रख गाल चूम लिया ) ओह सेक्सी तेरे सामने काहे की भूख बस जी करता है की तुझे चोदता रहूं
( राकेश मेरे बूब्स पकड़ पुचकारने लगा तो मैं बोली ) जरा इसे चाट ना डियर फिर तेरा चुसूंगी ” तो राकेश मेरे सामने खड़ा हुआ और एक पैर सोफा पर रखकर लन्ड पकड़े मुझे इशारे से चाटने को बोला तो मैं सिगरेट चंदन को दी और ड्रिंक्स भी खत्म हो चुका था तो मैं सोफा पर आगे की ओर खिसक गई फिर राकेश का लन्ड पकड़ उसके सुपाड़ा को नाक से लगाए सूंघने लगी तो चंदन मेरे चूची को पकड़ दबाना शुरू किया, उसका लन्ड चूसकर टाईट कर दी थी इतना ही नहीं वो मेरी चूत भी चाटा था और फिर राकेश का लन्ड मुंह में लिए चूसना शुरू की तो राकेश मेरे लंबे काले जुल्फों को पकड़ मुंह में लन्ड पेलने लगा और चंदन मेरे जांघो को सहलाता हुआ बुर पर उंगली फेर रहा था, तभी राकेश मेरे बाल पकड़ मुंह में ही लन्ड का धक्का देते हुए चोदने लगा और चंदन मेरी बुर में उंगली घुसाए रगड़ने लगा। मैं तो नंगे दोनो मर्दों के बीच किसी वैश्या की तरह मुखमैथुन करने लगी और चंदन मेरे बुर कुरेदता हुआ चूची को पकड़ मुंह में लिया और चूसने लगा, मेरी चूंचियां कोई खास बड़ी नही थी, ३२ सी साईज की ब्रा पहन चुचियों को बांध रखती थी और चंदन उसे चूसता हुआ मेरी बुर को उंगली से चोद रहा था, राकेश अब मुंह से लन्ड को निकाला तो मैं उसके लन्ड पकड़ उसपर जीभ फेरने लगी, लन्ड चाटने का मजा ही अलग है और चंदन चूची को मुंह से निकाल दिया तो मैं राकेश का लन्ड छोड़ बोली ” जरा बुर तो चाट दे डियर फिर तो दोनो मुझे चोदकर बुर को संतुष्ट कर देना ” राकेश फर्श पर बैठा तो मेरी दोनो जांघें फैली हुई थी और वो मेरे जांघों के बीच चेहरा किए बुर पर ओंठ रख चूमने लगा तो चंदन मेरे गर्दन में हाथ डालकर चेहरा अपनी ओर किया जबकि पति बुर चट्टा की तरह जीभ अंदर करते हुए चाटने लगा, मैं चंदन के चेहरे को चूमने लगी तो वो मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दिया फिर चूची पकड़ दबाने लगा ” आप बहुत सेक्सी हैं
( मैं उसका लन्ड पकड़ सहलाने लगी ) क्यों नही नंगी जो हूं, सारी नंगी लड़कियां और महिलाएं सेक्सी ही लगती है चंदन ” इतने में मेरा जीभ मुंह से बाहर हुआ और उसके ओंठ को चाटने लगा तो चंदन मुंह खोलकर जीभ अंदर लिया और चूसने लगा जबकि राकेश बुर में जीभ घुसाए चाटने में मस्त था और मेरे एक बूब्स पकड़े दबा भी रहा था तो मैं चंदन का लन्ड पकड़े हिलाने लगी और रानी शादी के पहले तो किसी भी लड़के के छुवन से दूर थी लेकिन शादी के बाद पति के साथ शारीरिक संबंध बनता ही रहा और आज तो मेरे हब्बी हद कर दिए जब उन्होंने मुझे अपने दोस्त के सामने नंगा कर दिया फिर तो मुझे आज व्हिस्की का स्वाद भी मिला साथ ही दो दो लड़कों के संग सेक्स भी की, राकेश बुर से जीभ निकाला फिर मैं चंदन को अपने से अलग की और वाशरूम चली गई, फ्रेश होकर वापस आई तो छाती के ऊपर से पेटीकोट लगा रखी थी।
मेरे डाइनिंग हॉल में घुसते ही चंदन बोला ” भाभी जान कुछ हल्का फुल्का खा लीजिए
( मैं हंस दी ) तुम दोनो पहले तो जो करना है वो कर लो फिर खाकर आराम से सो जाऊंगी ” और मैं डाइनिंग टेबल पर कोहनी रख बिल्कुल ही घोड़ी की तरह हो गई, मेरे जिस्म पेटीकोट से ढके हुए थे लेकिन चंदन मेरे चूतड के सामने खड़ा होकर पहले तो हाथ मेरे सीने पर लगाया फिर पेटीकोट की डोरी खोलकर बदन से निकाल दिया, मैं अपनी जांघें पूरी तरह से फैला दी तो चंदन मेरे चूतड को सहलाता हुआ लन्ड को बुर में घुसाने लगा, मैं जिस अंदाज में खड़ी थी उसमे चुदवाना काफी आनंददायक होता है तो चंदन अपना आधा से अधिक लन्ड अंदर घुसाया फिर जोर का धक्का दे दिया और मैं चिंखुक पड़ी ” उह उफ कितना मोटा लन्ड है इसका आराम से चोद साले तेरी मां की बुर नही है ” और मैं उसके लन्ड का धक्का खाते हुए कमर को हिलाना शुरू की तो चूदाई में दोनो को पूरा मजा आने लगा, मेरे गदेदार गांड़ उसके कमर से टकराते तो लन्ड पूरी तरह से बुर के अंदर जाकर घर्षण पैदा करने लगे और चंदन मेरे चुचियों को भी पकड़कर दबाए जा रहा था तो बुर गीली से गर्म हो चुकी थी, मैं अपने कमर को स्थिर की और चंदन के चोदने की गति भी थोड़ी कम हो गई तो मैं सिसकने लगी ” उह ओह आह बुर में बहुत गर्मी हो रही है चंदन
( वो चोदता हुआ मेरे गर्दन पकड़ा और खुद ही मेरे जिस्म को आगे पीछे करते हुए चोदने लगा ) इतनी जल्दी तेरी बुर में रस नही गिरेगा साली ” और वो चोदता हुआ हांफने लगा लेकिन कुछ देर में मेरी बुर से ही रस निकल गया और मैं राहत महसूस करने लगी लेकिन चंदन बुर से लन्ड निकाल वाशरूम चला गया और मैं अपने बदन को सीधा कर अंगड़ाई ली ” क्यों पति देव आप किस आसन में अपनी पत्नी को चोदेंगे
( राकेश बोला ) चल बेड पर, वैसे भी तुझे अधिक मस्ती मिले इसलिए चंदन को साथ लाई थी लेकिन तुम तो व्यंग्य वाण ही निकाल रही हो ” मैं अपने पति के कमर में हाथ डाले बेडरूम चली गई फिर बेड पर राकेश लेट गया और मुझे इशारे से लन्ड के ऊपर चूतड करने को कहा तो मैं उसके मोटे लंबे लन्ड पर टांगें चिहार बैठी तो चूतड थोड़ा ऊपर था और राकेश मेरे कमर को पकड़ लिया तो मैं लन्ड पकड़ बुर में घुसाने लगी, मेरी बुर की हाल तो मैं ही जानू लेकिन चुदवाना तो तन की जरूरत है और राकेश का सुपाड़ा सहित आधा लन्ड अंदर घुसते ही राकेश नीचे से धक्का देकर चोदने लगा तो मैं अपने गद्देदार चूतड को उछाल उछाल कर चुदाने लगी, मेरे जिस्म का हरेक हिस्सा इन दोनो ने चूमा था, चाटा था या बुर हो या गांड़ या मुंह सबमें लन्ड का धक्का पड़ा था, सच में ऐसा हसीन रात कभी भी मुझे स्वीकार्य है तो राकेश अब लन्ड का धक्का देना छोड़ दिया और मैं चूतड उछाल कर चुदाने लगी, इतने में चंदन रूम आया ” वाह क्या स्टाइल है चुदवाने का अब रानी की गांड़ चोदूंगा
( मैं राकेश के बदन पर डॉगी स्टाइल में हुई तो चंदन मेरे गांड़ में थूक दिया ) चोद साले अब तो रोज आकर चोद मुझे क्या फर्क पड़ता ” और चंदन का आधा लन्ड घुसते ही लगा मानो गांड़ फट जायेगी लेकिन धैर्य बनाए रखी और चंदन का एक धक्का मेरी गांड़ में पूरा लन्ड घुसेड़ दिया, अब मैं चिल्ला पड़ी ” उई मां मेरी गांड़ जा साला भर्ता बना दिया ” लेकिन मैं तो खुद ही गाँडू किस्म की औरत जिसे पति गांड़ में लन्ड पेलता ही रहता और अब मैं अपने चूतड को हिलाना शुरू की तो बुर और गांड़ दोनो मे ही लन्ड थे, राकेश नीचे से धक्का देता तो मेरे चूतड हिलाने से लन्ड खुद बखुद बुर में घुसती और निकलती तो चंदन मेरी गांड़ में लन्ड पेलता हुआ मस्त था ” सही में यार ऐसी मस्त माल़ तेरी बीवी है, काश मुझे भी मिलती
( मैं चूत और गांड़ में लन्ड लेते हुए मस्त थी ) मिलेगी देवर जी फिलहाल तो मैं मिल ही गई हूं तब तक मुझसे काम चलाइए, एक पति से भले दो सही ” और मेरी गांड़ का तो हाल खराब हो रहा था लेकिन बुर रसीली होने की वजह से चूदाई में आनंद आ रहा था, मैं कमर स्थिर कर पीछे मुड़ी ” क्यों चंदन कब तक गांड़ चोदने का इरादा है
( उसका लन्ड गांड़ में किसी खरंजे समान चुभ रही थी ) रानी जल्दी वीर्य स्खलित हुआ तो मेरी मर्दानगी पर सवाल उठाओगी तो थोड़ी देर मजे ले लो ” और राकेश नीचे से धक्का देता हुआ मस्त था तो मेरे बूब्स उसके मुंह के ऊपर थे जिसे वो चूस भी लेता और मैं सिसकने लगी ” उह आह हाय रे हरामि गांड़ का तो हवा निकाल दिया ” कुछ देर दोनो लन्ड का धक्का सहते हुए मैं दुबारा से चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाने लगी और चंदन तो चोदता हुआ बोला ” बस भाभी जान मेरा निकला ” वाह क्या संयोग रहा की राकेश का लन्ड बुर में रस गिराया तो चंदन का लन्ड गांड़ में, कुछ देर बाद स्नान कर खाना खाई और नंगे ही दोनो पति के बीच में सो गई।

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