मै अपने चाचा के पास उन्नाऊ गया हुआ था, उनके परिवार मे उनके अलावे चाचि, उनका एक छोटा लड़्का और एक 15 साल कि लड़्की थी ! मै दोपहर के वक़्त उनके घर पहुंचा तो मेरी छोटी चाची मेरा इंतजार कर रही थी, दरवाजा खोलि तो मै उनको देखकर मुस्कुराया और फ़िर अंदर आ गया ! चाचि बबिता पीले रंग़ के साड़ी, बिन बाहो वालि ब्लाउज, ड़ीप गला के साथ और पिठ की ओर देखा तो पुरा उपरी हिस्सा नग्न, 33 साल कि मदमस्त जवानी के पैर को झुककर छुना चाहा तो वो मुझे अपने बाहो मे भर ली और गाल को चुमते हुए बोली………… “राहुल तुम जल्दी से फ़्रेश हो जाओ फ़िर हमदोनो पुरानी यादो को ताजा करेंग़े
(राहुल उनके चुत्तर को सहलाने लगा) इसमे फ़्रेश होने कि क्या जरुरत मेरी जान. ” और मै बबिता को अपने गोद मे लेकर उसके बेड़रूम चला गया !
बबिता को बेड़ पर सुलाकर मै खड़े-2 उनके कमरे मे कपड़ा खोलने लगा, वो मुझे देख मुस्कुराने लगी और सिर्फ़ चड़्ही पहने मै बेड़ पर गया, वो मुझे देख शर्मा रही थी और मै उनको बेड़ पर उठाकर अपने सिने से लगा लिया ! बबिता मेरे से चिपके मेरे गोद मे बैठ गयी और मै उसके ओंठ को चुमने लगा तो मेरा हाथ उसके पिठ को पकड़े अपने से चिपकाये हुए था, बबिता के गाल और ओंठ पर चुम्बन देता हुआ उसके बड़े -2 चुचि का श्पर्श अपने छाति पर पा रहा था! चाचि मेरे मुह्न मे अपना जिभ भरकर चुसवाने लगी तो मेरा हाथ उनके नग्न पिठ पर घुम रहा था! उनके ब्लाउज की ड़ोरी को खोल दिया तो चुचि ब्रा सहित ब्लाउज मे कैद थी, अभी ब्लाउज उसके छाति से चिपका हुआ था ! अपने जिभ को मुह्न से निकाल ब्लाउज को अपने बाहो से निकाली तो उजले रंग़ कि ब्रा मे दोनो चुचि लटक रहे थे, मानो दो रसिले आम लगे हुए हो !
चाचि को बेड़ पर लिटाकर उनके कमर से साड़ी को खोलने लगा, वो थोड़ा विरोध तो कर रही थी लेकिन मेरे मज्बुत हाथो के आगे विवस थी ! उनके हिरे से चमकते जिस्म पर ब्रा और साया था तो मै उसके ब्रा को उतार फ़ेंका और चाचि के सिने पर औंध कर चुचि के अग्र भाग को मुह्न मे लेकर चुभलाने लगा, उनके पुरे स्तन को मुह्न मे ले पाना आसान नही था ! चाचि के चुचि चुसता हुआ उनके दुसरे चुचि को मसलने लगा, मेरा लंड़ तो चड़्ही मे फ़नफ़नाने लगा और मै चाचि की सिसकारी सुनता हुआ उनके दुसरे स्तन को चुसने लगा! बबिता मेरे पिठ पर हाथ फ़ेर रही थी और बोलने लगी…… “राहुल अब चुचि चुसना छोड़ ना मेरी बुर मे खुजली हो रही है. ” खैर मै उनके पेट से लेकर कमर तक को चुमने लगा तो वो अपने दोनो जङ्हा को एक दुसरे के उपर रखी हुई थी ! मै उनके मोटे जङ्हा पर चुम्बन देने लगा और उनकी पकड़ धीली पड़ने लगी, दोनो जङ्हा दो दिशा मे हो गये और अब मुझे चुत का खुबसुरत नज़ारा देखने को मिल रहा था ! बबिता के गांड़ के निचे एक तकिया ड़ालकर उनके दोनो पैर को दो दिशा मे किया और सर झुकाकर उनके बार रहित बुर को चुमने लगा, बुर के दोनो फ़ांक मुरब्बे कि तरह फ़ुले हुए थे, अब उनकी चुत को उंग़ली की मदद से फ़लकाया और अपना लम्बा सा जिभ उनके बुर मे घुसाकर चाटने लगा ! चाचि की चुत से खुसबु आ रही थी और मै बुर को जिभ से चोद-2 कर मस्त हो रहा था, बबिता अब चिखने लगी……. “ऊह्ह ऊम्मम्म राहुल अब बुर चोदो ना मेरी बुर मे खुजली हो रहि है
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(राहुल) अभी बुर को चुसने दे फ़िर लंड़ मेरा कौन चाटेगा फ़िर चुदाई
(चाचि) चुसो साले कुते मुह्न मे मुतुंग़ी तब समझ मे तुझे आएगी. ” मै बुर के दोनो फ़ांक को चुसता रहा और फ़िर उठ्कर बाथरूम गया !
बबिता बिस्तर पर कुत्तिया कि तरह हो चुकि थी तो मै समझ गया कि बुर चुदवाने को वो आतुर है, उसके नितम्ब के सामने घुट्ने के बल बैठकर चुत्तर पर चुम्बन देने लगा ! उसके गांड़ के फ़ांक मे जिभ घुमाता हुआ गांड़ चाटने लगा, गांड़ के मुहाने को जिभ से चाटकर अब बुर को उंग़ली की मदद से फ़लकाया, सुपाड़ा को बुर मे घुसाकर कमर थामा और फ़िर एक जोर का धक्का बुर मे दे दिया ! बबिता कि बुर मे पुरा लंड़ घुस चुका था तो मै तेज गति से उसकी चुदाई करने लगा, वो अपने चुत्तर को हिलाने लगी और बोली…….. “ऊह्ह ऊम्मम्म राहुल और तेज चोदो ना मेरी बुर को आह्ह कितना मजा आ रहा है तेरे लंड़ से चुदकर
(राहुल चोदता हुआ) क्यो बे रांड़ चाचा से चुदकर मजा नही आता
(बबिता) उसके लंड़ मे दम कहा है राहुल. ” मै 5-7 मिनट चाचि को चोदा तो उसकी बुर से रस फ़ेंक दिया और मै लंड़ निकालकर बुर को चाटने लगा, जिभ से बुर के रस का स्वाद ले रहा था ! पल भर बाद बबिता बेड़ पर लेट गयी और मै उनके बुर मे लंड़ पेलकर चुदाई करने लगा, चाचि के नग्न जिस्म पर सवार हुआ और मेरा लंड़ उसकी बुर चुदाई करने लगा तो बबिता अपने चुतर को उपर निचे करते हुए चुदने लगी ! दो नग्न जिस्म आपस मे रगड़ खा रहे थे और मेरा मुसल लंड़ उसके बुर को गरम करने मे लगा हुआ था, अब मै चिंख उठा…….. “ऊऊह्ह ले बे रंड़ी बुर को विर्य पिला मेरा झड़ा. ” चाचि की बुर मे विर्य गिराकर उनके बदन पर लेटा रहा !