चालू माल संगीता भाभी | Erotic Stories
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चालू माल संगीता भाभी

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हाय फ्रेंड्स मेरा नाम सागर है, और मेरी उम्र २६ साल है. मेरा एक बहुत ही अच्छा दोस्त है अमित. उसके घर वाले उसकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे. वो जब भी कोई लड़की देखने जाता वो मुझे भी अपने साथ ले जाता.
एक बार मैं, अमित और उसके पेरेंट्स एक घर में गए लड़की देखने के लिए. थोड़ी वहा हम सबने लड़की के घरवालों से बात की. फिर थोड़ी देर बाद लड़की बाहर आयी. लड़की दिखने में बहुत ही सुन्दर और हरी भरी माल थी. मेरा दोस्त तो देखकर ही पागल हो गया.. पर मुझे वो लड़की कुछ जानी पहचानी सी लगी.. फिर मुझे याद आया की यह लड़की तो मेरे कॉलेज में पढ़ती थी.. उसका नाम संगीता है.. वो भी मुझे देख कर चौक गयी..
मेरे दोस्त ने मुझे बोला की उसे लड़की बहुत पसंद आयी है. मैंने उसे कुछ बोला नहीं क्युकी कॉलेज में उसके 2-३ बॉयफ्रेंड थे… फिर हम सब उसके घर से चले गए. मेरे दोस्त के घरवालों ने 3-४ दिन का समय वाला जवाब देने के लिए. मैं रात भर सोचता रहा ही की अपने दोस्त को ये बातें बता दूँ. पर अमित तो उसका दीवाना हो चूका था.. पर उसकी कोई गलती नहीं है संगीता बहुत ही कड़क माल थी. वो दिखने में बहुत ही गोरी और सुन्दर थी.. हाइट 5’6″ और चौड़ा भरा हुआ बदन. और उसका फिगर तो बहुत ही जोरदार था — 38-30-38.
रात को मुझे संगीता का कॉल आया की वो मुझसे कल मिलना चाहती है.. मैं दूसरे दिन उससे मिलने पंहुचा..
संगीता: सागर कैसे हो?
मैं: मैं ठीक हूँ संगीता
संगीता: सागर प्लीज अमित को मेरे बॉयफ्रेंड वाली बात मत बताना
मैं: संगीता अमित मेरे बहुत अच्छा दोस्त है.. मुझे ये सब उसे बताना होगा..
संगीता: सागर मेरी बात मान लो प्लीज.. अब मैं वैसी नहीं हूँ.. बड़ी मुश्किल से इतना अच्छा रिश्ता हाथ लगा है..
मैं: पर संगीता मैं अपने दोस्त को देखा नहीं दे सकता.. उसे ये बात पता होनी चाहिए…
संगीता ने मेरे जांघ पर अपना हाथ रखी और सहलाने लगी..
संगीता: सागर मैं इस बात को छुपाने के लिए कीमत दे सकती हूँ
मैं: कैसी कीमत
संगीता: मैं तुमको खुस कर सकती हूँ… और यही नहीं तुम्हारी भाभी होने के नाते हमदोनो हमेशा मजे कर सकते है..
संगीता ने मेरी नैक पर किश किया.. उसकी बातो से मेरा लंड खड़ा होने लगा… मैं भी सोचने लगा की बहुत बड़ी रंडी है साली ये तो.. पर इससे मुझे क्या, मुझे तो ऐसी टंच माल हमेशा चोदने को मिल रही है
मैं: परररर संगीता
संगीता: सागर ज्यादा मत सोचो… पहले मुझे मौका दो.. अगर तुम्हे ठीक नहीं लगा तो फिर तुम कुछ भी कर लेना
मैं: ठीक है
संगीता: चलो फिर मैं तुझे पिक करती हूँ रात को ७ बजे..
अब मेरे अंदर से गिल्ट फीलिंग हट गयी थी.. मैं तो सिर्फ संगीता को पेलने के सपने देख रहा था.. शाम को संगीता अपना कार लेकर आयी मुझे पिक करने.. आज तो संगीता कहर ढा रही थी.. संगीता ने ब्लैक कलर की ड्रेस पहनी हुई थी.. ड्रेस बहुत ही टाइट थी और संगीता के बदन से पूरी चिपकी हुई थी.. संगीता के बदन का हर कर्व नजर आ रहा था.. उसकी कमर बहुत ही पतली और फ्लैट थी, पर गांड फैली और बहुत ही भारी थी.. उसकी ड्रेस सिर्फ उसकी गांड तक ही थी.. उसकी विशाल चुत्तड़ बहुत ही मुश्किल से ड्रेस में फिट थी.. और उसकी चूचियां तो बड़े बड़े फूटबालो के जैसी थी जिसे कैद करना ड्रेस के बस की बात नहीं थी.. ड्रेस से संगीता का मस्त क्लीवेज दिख रहा था, उसके मोटे मोटे दूध ड्रेस से बाहर निकलने के लिए बेताब थे… पीछे संगीता का बैक पूरा ओपन था..
मैं: उफ्फ्फ संगीता आज तो जबर माल लग रही हो
संगीता: सागर अभी तो ट्रेलर ही देखा है पूरी पिक्चर देखलो फिर बताना…
मैं: वाह फिर तो बहुत मजा आएगा… पर हम जा कहा रहे है…
संगीता: मेरे फार्महाउस में..
संगीता और मैं उसके फार्महाउस के लिए निकल गए… मैं कार में बैठे बैठे उसकी नंगी टांगो को सहला रहा था.. हमने रास्ते में एक रेस्टोरेंट में डिनर किया.. वही मैंने दारू की कुछ बोतल ली और कंडोम का एक पैकेट लिया.. और फिर हम निकल पड़े फार्महाउस की तरफ… करीब १० बजे हम फार्महाउस पहुंचे.. फार्महाउस बहुत ही बड़ा और आलीशान था..
संगीता ने लाइट म्यूजिक स्टार्ट किया, मैं दारू का पैक बनाने लगा… फिर हम दोनों दारू पिने लगे.. संगीता मेरी गोद में आकर बैठ गयी और दारू पिने लगी.. मैं भी उसकी उसके बदन को चुम रहा था, कभी कभी उसकी चूचियों को सहला देता और मोटी टांगो पर हाथ फेर देता.. थोड़ी देर बाद संगीता उठी और मुझे लेकर डांस करने लगी.. वो गजब की सेक्सी मूव्स दिखा रही थी.. उसके बड़े बड़े चुच्चे हवा में उछल रहे थे. मैंने संगीता को पकड़ा और किश करने लगा.. वो भी मेरे किश का जोरदार रिस्पांस दे रही थी.. मेरा हाथ उसकी चुत्तड़ो पर था जिसे मैं जोर से मसल रहा था..
संगीता: अह्ह्ह्ह सागर…
मैं: ओह्ह्ह्हह संगीता डार्लिंग मस्त सेक्सी बदन है तेरा..
संगीता: सागर.. अह्ह्ह्हह्हह.. मैं तुम्हारी होने वाली भाभी हूँ.. तुम मुझे भाभी ही बोलो
मैं: ठीक है संगीता भाभी..
फिर मैंने संगीता को पीछे से पकड़ लिया और उसकी गोरी नंगी पीठ को चूमने लगा.. और उसकी मोटी मोटी चूचियों को ड्रेस के ऊपर से दबा रहा था.. वो सिर्फ अह्ह्ह्ह उउउउ की आवाजे निकाल रही थी.. उसकी चूचियां बहुत ही भरी और कसी हुई थी जिसे दबाने में बहुत ही मजा आ रहा था.. मैंने ड्रेस के अंदर हाथ डाल दी और उसकी चूचियों को दबाने लगा…
संगीता: आअह्हह्ह्ह्ह सागर जोर से दबा यार..
मैं: उफ्फ्फ्फ़ साली बहुत बड़े बड़े बॉल्स है तेरे… सच बता कितनो से चुद चुकी है अब तक
संगीता: ओह्ह्ह्ह सागर मेरे २ बॉयफ्रैंड्स ने मुझे चोदा है
मैं: अब से तू सिर्फ मुझसे और मेरे दोस्त से ही चुदेगी.. प्रॉमिस कर
संगीता: हाँ सागर मैं रंडी थोड़े ना हूँ… अब से सिर्फ तुमदोनो से ही चुदूँगी
मैं धीरे धीरे उसकी ड्रेस की ज़िप खोल रहा था और उसके नंगे बदन को चुम रहा था.. फिर संगीता ने मुझे सोफे में धकेल दिया और खुद डांस करने लगी.. डांस करते करते वो अपना ड्रेस भी उतार रही थी.. मस्त गांड मटका मटका कर नाच रही थी.. उसने अपनी ड्रेस पूरी उतार दी.. अब वो पूरी नंगी खड़ी थी.. उसने ब्रा और पैंटी नहीं पहन रखा था… उफ्फ्फ क्या बदन है संगीता भाभी आपका… फिर वो नंगी ही नाचने लगी.. उसकी फुटबॉल जैसी बड़ी बड़ी चूचियां हवा में बहुत बाउंस हो रही थी.. डांस करते करते कभी वो अपनी भारी गांड मुझे दिखती तो कभी अपनी चिकनी चुत..
उफ्फ्फ जानेमन आज तो पूरी रात आपकी मारूंगा मैं.. ओह्ह्ह्हह्ह सागर जितनी लेना है ले लेना मेरी, चल पहले तुझे शराब शबाब का मजा एक साथ देती हूँ..
संगीता ने अपनी टांग मेरे मुंह में राखी और अपनी टांगो में शराब डालने लगी.. मैं भी उसकी टांगो से बहती हुई शराब को पिने लगा.. फिर उसने टांग हटाई और मेरे करीब आ गयी.. मैं सोफे में बैठा हुआ था जिसकी वजह से उसकी चुत मेरे मुंह के सामने आ गयी.. उसने अपनी कमर में शराब डाली.. जो बहती हुई उसकी बूर से टपक रही थी.. मैंने फट से उसकी कमर को पकड़ और अपना मुंह उसकी बूर में रख दिया और शराब पिने लगा.. मैं शराब से गीली उसकी बूर को जोर जोर से चूस रहा था और साथ ही साथ अपने हाथो से उसकी मोटी चुत्तड़ो को दबा रहा था…
अह्ह्ह उईईईईई सागर… बहुत मजा आ रहा है यार.. और चूस मेरी प्यासी चुत
वो शराब डालती गयी और मैं उसकी बूर को चुसता रहा.. फिर उसने मेरी पैंट उतार दी.. मेरा सांप तो जैसे आजाद हो गया.. मेरा 8″ लम्बा और 3″ मोटा लौड़ा देखकर संगीता की आँखों में चमक आ गयी..
ओह्ह्ह्ह सागर तेरा लंड तो बहुत ही तगड़ा है… इसको लेने में बहुत ही मजा आएगा..
वो मेरा लंड चूसने लगी.. लंड अब बुरी तरह अकड़ चूका था…. मैंने उसे एक कंडोम दिया.. संगीता ने मेरे लंड पर कंडोम लगाई.. और अपनी बूर को मेरे लंड पर सेट करते हुए बैठ गयी.. लंड फच की आवाज के साथ संगीता के बूर में घुस चूका था… संगीता के मुंह से जोर से चीख निकली..
उईईई माँ मर गई रे सागर.. मेरी चुत फाड़ दी रे तूने..
ओह्ह्ह मेरी रंडी भाभी.. तेरी बूर तो पहले से फटी है.. जाने कितनो से चुदी है ये
अह्ह्ह्ह सागर यार.. ऐसा लंड पहली बार ले रही हूँ.. बहुत ही दमदार है तेरा औजार..
फिर संगीता धीरे धीरे मेरे लंड पर कूदने लगी.. ऐसा लग रहा थी की वो मेरी चुदाई कर रही है.. मेरा लंड भी उसकी चुत का पूरा मजा ले रहा था.. पुरे कमरे में संगीता की चुदाई की आवाज गुजने लगी.. अह्ह्ह ओह्ह्ह्ह उईईईईई सागर.. फ़क मी डिअर… और चोदो मुझे..
मैं संगीता की उछलती हुई भारी चूचियों को दबा रहा था और जोर जोर से सक कर रहा था…
ओह्ह्ह्ह सागर मेरे राजा… फक मी बेबी… अमित का लौड़ा भी तेरे जैसा बड़ा है क्या..
उफ्फ्फ्फ़ संगीता डार्लिंग.. टेंशन ना लो अगर नहीं भी हुआ तो मैं हूँ ना.. तेरी चुत की मरम्मत करने के लिए…
आह्ह्ह्हह सागर.. तुम्हारे रहते मुझे क्या सोचना.. और जोर से पेलो मेरे राजा…
अह्ह्ह्ह उउउउउउ येले खा साली मेरा लंड.. आज तेरी चुत का भोसड़ा बना दूंगा…
थोड़ी देर बाद हमदोनो सोफे से उठे.. मैंने संगीता को डॉगी स्टाइल में आने को बोला और पीछे से उसकी लेने लगा… पीछे से चोदने में उसकी चौड़ी और उभरी गांड का पूरा मजा मिल रहा था.. मैं उसकी झूलती हुई मोटी मोटी चूचियों को मसल मसल कर उसकी बूर चोद रहा था.. अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह सागर.. मजा आ गया..
ओह्ह्ह संगीता भाभी.. तुम तो बहुत ही गरम माल हो..
उईईई उउउउउ सागर और पेलो राजा.. जोर से मारो अपनी भाभी की चुत… अह्हह्ह्ह्ह सागर और तेज चोदो…
उफ्फ्फ मेरी रंडी भाभी.. मजा आ रहा है तेरी ले कर..
आईईईई उउउउउ सागर फिर ये रिश्ता पक्का समझो…
हाँ भाभी… अब तू ही मेरी रंडी भाभी बनेगी… अह्ह्ह्हह्हह
हमदोनो बहुत बुरी तरह ढेर हो गए… संगीता अभी भी नंगी मेरी गोद में बैठी थी.. तभी अमित का फ़ोन आया..
अमित: सागर तू कुछ बोलने वाला था संगीता के बारे में…
मैं: हाँ यार.. वो संगीता मेरे कॉलेज में ही पढ़ती थी.. बहुत ही सरीफ लड़की थी कॉलेज में..
संगीता मुझे आँख मार कर धीरे धीरे हसने लगी.. मैं फ़ोन पर बाते करते हुए उसकी चूचियों को दबा कर उसे किश कर रहा था और उसके नंगे बदन से खेल रहा था..
मै: तुम शादी के लिए हाँ बोल दो अमित
अमित: थैंक्स यार..
फिर मैंने फ़ोन काट दिया और संगीता के ऊपर फिर से चढ़ गया..

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