चचेरी बहन की पहल : चोद डाला | Erotic Stories
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चचेरी बहन की पहल : चोद डाला

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दोस्तों,
किसी शैतान कि तरह मैं अपने आपको ढाल चुका था तो मन में काम वासना के अलावा कुछ दिखता ही नहीं था, यहां तक कि अपनी जननी को भी अपनी भूख के सामने निगल गया तो बहन तक दूर की रिश्तेदार है, अभी तक में मात्र ८-९ चुत की खुशबू तो सबके साथ ओरल सेक्स से संभोग सुख तक का आनंद। राहुल को एक २०-२१ साल के लड़के की जगह एक सेक्स मशीन की तरह हो देखना चाहिए, लंबा कद ( ६’० फीट ) तो सुडौल बदन साथ ही लंड ७-८ इंच लम्बा और डेढ़ इंच मोटा लेकिन ४०-४५ साल की औरत हो या फिर १७-२८ साल की जवान लौंडिया, सबको बिस्तर पर संतुष्ट करके ही छोड़ता हूं तो रिश्ते में एक नए रिश्ते ने जन्म ले लिया, अपनी मॉम नेहा का मैं बेटा कम और आशिक ज्यादा हो गया तो बहन की चुदाई कर उसकी सील तोड़ उसके पहले पति का दर्जा लिया, पड़ोस की औरत शीला आंटी तक को अपने प्यार की जाल में फंसाकर उनको भोगने लगा तो बुआ बिनीता अपने पति के लंड से अधिक अपने भतीजा के लंड को ही अहमियत देने लगी, मुझे समाज क्या कहेगा तो कोई मॉम बेटा, भाई बहन और बुआ का मेरे संग अफेयर पर लोग क्या कहेगा, मायने नहीं रखता आखिर चुत और लंड का रिश्ता ही सबसे उपर और मजबूत होता है। राहुल फिलहाल अपने घर में अकेले है तो मॉम – डैड और बहन बाहर गए हुए हैं साथ ही मेरी चचेरी बहन रेखा मेरे साथ रह रही है वो भी मेरे मॉम के कहने पर, तो क्या मेरी मॉम ये नहीं सोच सकती थी कि जो लड़का अपनी मॉम तक को चोदने से बाज नहीं आया, क्या वो अपनी चचेरी बहन रेखा के साथ शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाएगा और आज रेखा कॉलेज से दोपहर ०१:३० बजे वापस आईं तो उसकी गैरहाजिरी में मैं अपनी नौकरानी अनीता को ही चोदा और सुस्त होकर सो गया, मेरी नींद तब खुली जब डोर बेल बजने लगा और मैं जाकर दरवाजा खोला तो रेखा अंदर घुसी फिर वो सीधे अपने रूम चली गई तो मैं अनीता से खाना बनवा चुका था, थोड़ी देर बाद मैं रेखा के रूम में झांका तो मेरे से एक साल छोटी छोकरी रेखा अपने तन से जींस और टॉप्स उतारकर सिर्फ ब्रा और पैंटी में खड़ी थी, उसके गोल गुंबदाकार गान्ड देख मेरा लन्ड फुंफकारने लगा तो अनीता को चोदकर मेरा लन्ड एक डेढ़ घंटा पहले ही सुस्त पड़ा था और मेरे पर दो बोतल बियर का नशा बरकरार था तो मैं इस दुविधा में था कि अंदर घुसकर रेखा को पकड़ा जाए या फिर उसकी पहल का इंतजार किया जाए और तभी रेखा दरवाजे की ओर मुड़ी तो उसकी नजर मेरे नजर से टकरा गई और मेरा ध्यान उसके गोल चिकने चूचियों पर था, गोरी छोकरी के स्तन पर काले रंग की ब्रा और चुत पर काली पेंटी, साली कहर ढा रही थी तो वो मुझे देखते हुए अपने हाथ से मुझे इशारा की तो मैं उसकी ओर गया और वो झट से मेरी बाहों में आकर मुझसे लिपटे मेरे गर्दन चूमने लगी तो मेरा हाथ उसके चिकने जिस्म पर घूमने लगा और वो मेरे गर्दन में हाथ डाले मेरे ओंठ पर ही चुम्बन देने लगी, मैं उसकी गान्ड पर हाथ फेरने लगा तो हाफ साईज पैंटी में नितम्ब का अधिकतर भाग नंगा ही था। रेखा किसी सेक्सी और हॉट लड़की की तरह मेरे ओंठ ही मुंह में लेकर चूसने लगी तो मैं उसके कमर में हाथ डाले उसके पैंटी को चूतड़ से नीचे करने लगा, ना कोई हुक ना कोई डोरी और इलास्टिक कमरबंद की पैंटी चूतड़ से नीचे करके छोड़ दिया तो रेखा मेरे ओंठ छोड़कर अपना जीभ ही निकाल मेरे ओंठ को चाटने लगी और राहुल मुंह खोलकर बहन की जीभ अंदर लिए चूसने लगा तो मेरा हाथ उसकी गान्ड के मुहाने पर थी, धीरे से उसकी गान्ड में उंगली डालकर कुरेदने लगा तो रेखा की दोनों चूचियां मेरे सीने को ठंडक पहुंचा रही थी और मैं अब उसकी ब्रा के डोरी को ही खोल दिया तो समझो चूचियां पर ब्रा सिर्फ लटकी हुई थी और उसके नग्न पीठ सहलाता हुआ गान्ड को कुरेदता रहा तो खूबसूरत तन की मल्लिका रेखा अपनी जीभ मुंह से खोलकर ओंठ चूम ली “उस छेद पर ध्यान दो मेरे हमसफ़र
( मैं उसकी ब्रा बाहों से निकाल उसे पूर्ण नग्न कर बोला ) कॉलेज गई थी तो थकी होगी
( वो शरमाते हुए अपना सर मेरे छाती से छुपा ली ) नहीं, बल्कि क्लास में तेरे बारे में ही सोच रही थी “मैं रेखा को अपने गोद में उठाकर रूम से बाहर डायनिंग हॉल आया और उसे सोफ़ा पर लिटा दिया फिर रेफ्रिजरेटर की ओर जाकर उससे बटर की टिकिया लेकर उसके पास आया “बेबी, चुत पूजन का वक़्त हो चला है, जरा उठकर बैठो “वो उठकर बैठी फिर अपनी चूतड़ सोफ़ा के किनारे किए दोनों जांघें फैला दी तो उसकी मुरब्बे की भांति फूली हुई चुत की फांकों को सहलाने लगा तो मेरा लंड पैजामा में टाईट हो चुका था फिर मैं उसके सामने जमीन पर बैठे पूछा “अरे तुम खाना तो खा लो
( वो हंसने लगी ) क्लास जाने से पहले ही छोला भटूरा खाई थी, देना है तो एक गलास बियर दे दो “मैं उठकर रेफ्रिजरेटर से बियर की आखिरी बोतल निकाला फिर किचन से दो गलास लेकर आया, जमीन पर बैठकर दोनों ग्लास में बियर डाला तो साथ ही सिगरेट जलाकर फूंकने लगा, उसे ग्लास बढ़ाते हुए चुत को निहारने लगा “तुम किसी ओर से क्यों नहीं चुदवाने कि कोशिश करती हो
( वो बियर पीने लगी ) क्यों मेरे से तेरा मन भर गया “तो मैं बियर पीता हुआ उसे सिगरेट बढ़ाया फिर कुछ बूंद बियर की टपका कर उसकी चुत को गीला कर हाथ से मालिश करने लगा तो अब रेखा की चुत पर मेरे ओंठ का आनंद था और वो गलास टेबल पर रख सिगरेट फूंकते हुए बोली “दस के सामने टांग पसारूंगी तो सब मुझे चालू किस्म की माल कहेगा, बाकी तेरे साथ मुझे काफी मजा आता है “तो राहुल उंगली लगाकर बहन कि चुत को फैलाया फिर जीभ घुसा चाटने लगा, फिलहाल तो चुत से प्राकृतिक सुंगध आ रही थी तो उसकी चुत को कुत्ते की तरह चाटने में मस्त था और वो मेरे सर के पीछे हाथ लगाकर मुंह को अपनी चुत की ओर धंसा रही थी और “उई मां, मर गई आह उह अबे साले बहुत खुजली हो रही है ओह चोद ना
( मैं जीभ निकालकर बोला ) अभी सिर्फ मुखमैथुन का कार्यक्रम होगा फिर रात को तेरी गान्ड चोदूंगा
( रेखा ) तेरे मूसल लंड से गान्ड मुझे नहीं फड़वानी “मैं उसके चुत की दोनों फांकों को मुंह में लिए चूसने लगा तो इस हरकत से तो अच्छी अच्छी रण्डी मचल उठती और रेखा अपने चूतड़ ऊपर करने लगी पर मैं उसकी बुर चूसता रहा फिर रज की धार मुंह में निकल पड़ी, रेखा की चुत की नमकीन सा पानी पीकर मस्त हो गया, उठकर वाशरूम गया फिर मूतने के बाद वहीं पैजामा खोलकर छोड़ दिया, नंगे ही रेखा के सामने गया तो रेखा उठकर खड़ी हो गई और लंड पकड़ बोली “आज आगे से खड़े खड़े चुदाई करो
( मैं उसके स्तन को दबाने लगा ) बेबी, जो तुम बोलोगी वहीं होगा “वो अपना एक पैर टेबल पर रखी तो दूसरी टांग जमीन पर थी, दोनों जांघें फैली हुई तो चुत रानी की मुस्कराहट देखने लायक थी, बिल्कुल ही चूसने के बाद ब्रेड पकोड़ा हो चुकी थी अब मैं अपना लंड पकड़े थोड़ा सा अपना पैर मोड़ा ताकि उसकी चुत और मेरे लंड में मुहब्बत हो सके तो रेखा खुद अपनी चुत उंगली से फैलाकर लंड के इंतजार मं थी। राहुल अपने लंड को छेद में घुसाने लगा तो आधा लंड आराम से बुर में चला गया, फिर मैं उसकी कमर थामे नीचे से ही लंड को अंदर चानपने लगा तो रेखा दूरी मिटाते हुए मुझसे लिपट गई, थोड़ा सा लंड बाहर था तो उसकी चूतड़ को पकड़े नीचे से जोर का धक्का दे मारा और रेखा मेरे से लिपटे धीमे स्वर में बोली “ओह राहुल मजा आ गया, चोद मुझे आह उह उई कितना अच्छा लग रहा है”तो मेरा लंड गपागप उसकी चुत में जाने लगा और वो मेरे छाती से चूची रगड़ते हुए चुदवाने में लीन थी तो मेरा लंड चिकने चुत में तेज दौड़ लगा रहा था, दोनों का बदन आपस में चिपका हुआ था तो छेद की गहराई में लंड दाखिल थे और मेरा पूरा लंड उसकी बुर को चोद चोद कर बेहाल कर रहा था लेकिन रेखा अब पुरानी चुद्दक़ड्ड हो चुकी थी, आराम से दोनों जांघें फैला कर मेरे से चुद्वाई करवा रही थी, पल भर के लिए दोनों रुक से गए तो रेखा बोली “मुझे गोद में लेकर चोदो ना
( मैं उसके गाल चूम बोला ) तेरा बदन हाथ में लिए चोदना, थोड़ा मुश्किल है “लेकिन धीरे से वो मेरे गर्दन में हाथ डाले दोनों जांघें ऊपर किए पैर को कमर से लपेट कर मेरी गोद में आ गई तो मैं उसके कमर को पकड़े रखा और रेखा अपने आपको मेरे बदन से लगाकर रखी थी फिर मैं क्या करता, चुदासी लड़की खुद ही मेरे कंधे में हाथ डाले अपने निचले हिस्से को उपर नीचे करके चुदवाने लगी फिर मैं खड़े होकर उसे सिर्फ अपनी गोद में लिए हुए था और कुछ देर बाद वो खुद मेरे गोद से उतर गई, वो वाशरूम भागी तो मेरे दोनों पैर में काफी दर्द था, वो वापस आईं तो उसे सोफ़ा पर लिटाकर उसके कमर के पास बैठा और बुर पर थूककर हाथ से मालिश करने लगा। रेखा की चुत रानी आग कि भट्टी हो चुकी थी तो मैं बैठे बैठे लंड अंदर डाला फिर चोदने लगा और दोनों चुदाई के आखिरी पड़ाव पर थे, मैं दे दनादन लंड पेलता रहा और ६-७ मिनट की चुदाई का अंत हो गया, उसकी चुत में वीर्य का फव्वारा निकला तो मैं उसके जिस्म पर सवार होकर शांत है गया और वो ओंठ चूम बोली “तुम बहुत ही स्ट्रॉन्ग हो “

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