कामिनी चाची के साथ सेक्स | Erotic Stories
Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

कामिनी चाची के साथ सेक्स

⏰ 1 min read

हेलो दोस्तो,

मै राहुल मल्होत्रा आप लोगो को अपनी मम्मी कि सहेली कामिनी के साथ मैंने सेक्स के जो आनंद लिए थे, उसका जिक्र करने जा रहा हूं।कामिनी मेरे मम्मी की सहेली है और अक्सर घर आया करती है, हम दोनों एक बार सेक्स का आनंद ले चुके थे, ४० साल की औरत को बिस्तर पर ख़ुश करना आसान काम नहीं होता और कामिनी की चिकनी बदन, गोरा रंग, खूबसूरत चेहरा और साथ में बड़ी बड़ी चूची तो देखने लायक उभारदार गान्ड, गान्ड के दोनों फांक खरबूजे की तरह और मोटे चिकने जांघ किसी भी लड़के या मर्द के लंड को तडपाने के लिए काफी थे।आज सुबह कालेज की ओर जा ही रहा था कि मेरा फ़ोन बज उठा, मै बाईक को सड़क किनारे किया और बात करने लगा…. “हैलो चाची

(कामिनी) हाय राहुल अभी तुम कहां हो?

(राहुल) अभी कालेज जा रहा हूं, कोई बात है क्या?

(कामिनी) अगर फुरसत मै होते तो घर पर ही कुछ काम था

(राहुल) ठीक है तो आता हूं ।” मै कामिनी के काम को समझ रहा था।अब कालेज के रास्ते को छोड़कर कामिनी चाची के घर की और चल पड़ा, रास्ते में एक बियर पीकर मूड बनाया और ११:१५ बजे के आसपास उनके घर पहुंच गया।कामिनी चाची के घर का दरवाजा खुला हुआ था और मै दरवाजा को खट खट किया तो वो आवाज दी”अंदर आ जाओ राहुल” और मै अंदर घुसा तो कामिनी सोफ़ा पर बैठकर एक मैगजीन पढ़ रही थी, मुझे देखकर बोली…. “आओ बैठो राहुल

Also Read: Safar ek raat ka – 6

(मै सोफ़ा पर बैठते हुए पूछा) बोलिए आंटी क्या काम है?

(कामिनी मुस्कुराई) क्या काम है ? सिर्फ काम ही तो है, क्या मेरे साथ काम क्रिया करने को जी नहीं करता ।

मै उसके और करीब खिसका और उनके चूची के गोलाई पर हाथ रखकर चूची को पुचकारा, कामिनी आज साड़ी नहीं बल्कि गाऊन पहन रखी थी और उसके पीले रंग के गाऊन के ऊपर से ही चूची दबाता हुआ ओंठ और गाल चूमने लगा तो वो मेरे जींस के ऊपरी भाग पर हाथ लगा दी और जींस खोलने लगी, जबकि मेरा हाथ उनके पीठ और गोलाई पर था, वो मेरे ओंठ को मुंह में लेकर चूसने लगी तो मै चाची के मुंह में अपना जीभ पेलकर चुस्वाने लगा।अब मै चाची को अपने गोद में बिठाया और जीभ चुस्वाते हुए उनके पीठ को सहलाने लगा, पल भर बाद वो मेरे जीभ को निकाल दी, इधर मेरा जींस खुल चुका था तो वो मेरे सर्ट को खोलने लगी, अब मै सिर्फ कच्छा में था तो कामिनी उठकर दरवाजा की ओर गई और दरवाजा को बंद करके किचन की ओर चली गई, वापस एक बोतल बियर और ग्लास लेकर आई, अब बियर का बोतल खोला और ग्लास में बियर डालने लगा तो वो मेरे छाती को चूमने लगी और मै अब उसके गाऊन को कमर तक कर दिया, फिर गले से बाहर निकाल दिया, कामिनी ना यो ब्रा पहन रखी थी ना ही पेंटी, अब वो पूरी तरह से नग्न थी तो दोनों बियर पीने लगे और मै उसके जांघों के बीच हाथ लगाकर बुर को सहलाने लगा।कुछ देर तक चूची को मसला फिर बियर पीकर काम में दोनों लग गए।

कामिनी ज़मीन पर बैठकर मेरे कच्छा को खोल दी और मूसल लंड को जड़ से थामे ओंठ से चूमने लगी, वो लंड के सुपाड़ा को अपने चेहरा पर रगड़ते हुए मस्त थी तो मै हाथ उसके सीने पर लगाकर चूची मसलने लगा, कामिनी वाकई काम कि देवी थी, वो सुपाड़ा सहित आधे लंड को मुंह में भरकर चूसने लगी तो मै चूची मसलता हुआ उसके बाल पर हाथ फेरने लगा, कुछ देर बाद वो लंड को मुंहन से निकालकर जीभ से चाटने लगी, मेरा जी अब चोदने को हो रहा था, लेकिन बिना बुर को चाटे मै चोदने वाला नहीं था, अब वो लंड छोड़कर बाथरूम भागी तो मै भी पिछे पिछे चल दिया, उसके चुतर की लचक देख लंड फन फन करने लगा।दोनों बाथरूम में फ्रेश होकर वापस आए।अब कामिनी सोफ़ा के किनारे पर चुतर रखकर टांग छिहारे बैठ गई और मै जमीन पर बैठकर बुर को सहलाने लगा, बुर के दोनों फांक ब्रेड पकोड़े की तरह फूली हुई थी और मै अपना मुंह बुर पर लगाकर चूमने लगा, वो बुर फालका दी तो मेरा जीभ बुर को चोदने लगा, लपालप जीभ अंदर बाहर करता हुआ चूची को दबा रहा था तो कामिनी…. “आह ओह ऊऊऊम राहुल मेरी बुर में चींटी रंग रही है आह चोदो मुझे. ” मै कुछ देर तक बुर को कुरेदा और फिर दोनों फांक को मुंह में भरकर चूसने लगा।अब कामिनी मेरे बाल को कसकर पकड़े अपने बुर को ओर मेरा चेहरा धंसा रही थी।मै बुर को छोड़कर अब सोफ़ा पर बैठा तो वो मेरे गाल को चूमने लगी….. “और बियर पिएगा

(राहुल) जरूर मेरी रानी. ” वो मेरे सामने से गान्ड हिलाते हुए रेफ्रिजरेटर की ओर गई और एक बोतल बियर लेकर आई, दोनों साथ ही बियर पीने लगे, फिर बेड पर आ गए, मेरा मन तो गान्ड मारने को था, उसको कुतिया की तरह बेड पर किया और गान्ड के मुहाने को जीभ से चाटने लगा तो वो पीछे मुड़कर बोली…. “क्या बे मादर चोद गान्ड मारेगा क्या

(राहुल) जरूर बे रण्डी

(कामिनी) जाकर मख्खन ले आ रेफ्रिजरेटर में है. ” मै मख्खन लेकर आया तो वो पट लेट गई और मै गान्ड के मुहाने में मख्खन लगाने लगा, उसके गान्ड के छेद में उंगली की मदद से मख्खन पेलने लगा और फिर कामिनी की गान्ड को उंगली से कुरेदता हुआ गान्ड के छेद को गीला कर दिया ।

कामिनी अब कोंहनी और घुटने के बल होकर मुझे गान्ड चोदने का न्योता दी तो मै उसके नितम्ब के सामने लंड पकड़े बैठ गया, अब अपना लन्ड का सुपाड़ा गान्ड में घुसाया और धीरे धीरे लंड को गान्ड में पेलने लगा, आधा लंड तो आराम से अन्दर चला गया और मै कमर को थामे एक जोर का झटका गान्ड में दे दिया, चाची चिनख पड़ी…. “आह मेरी गान्ड फ़ाड़ के रहेगा क्या. ” लेकिन मै एक जोर का झटका दे दिया तो पूरा लंड गान्ड में था और गीले गान्ड में लंड गपागप अंदर बाहर हो रहा था, कामिनी की मानसल गान्ड चोदते हुए उसके सीने से लटकते चूची को दबाने लगा तो अब कामिनी अपने गान्ड को हिला हिलाकर मजे को दुना कर रही थी।दोनों गान्ड चुदाई के क्रम में हांफने लगे और अब गान्ड के अंदर आग लगी हुई थी तो वो बोली….. “राहुल अब या तो गान्ड मै माल झाड़ दो या फिर लंड बाहर कर लो. ” मै लंड को गान्ड से बाहर किया और बाथरूम चला गया।दोनों फ्रेश हुए और फिर कामिनी बेड पर लेट गई, मै उनके गान्ड के मुहाने को जीभ से चाटने लगा, हालांकि वो गांड्डू किस्म की औरत लग रही थी फिर भी मै उसमे मख्खन पेलने लगा, कामिनी कुत्तिया की तरह हो गई तो मै अपने मूसल लंड को उसके गान्ड मै पेला और तेज गति से गान्ड की चुदाई करने लगा, चाची अपने चूतड़ को हिलाने लगी तो मै उनके सीने से लटकते चूची को मसलने लगा और दोनों चुदाई के काम मै ५-७ मिनट तक लगे रहे और फिर लंड उसके गान्ड मै वीर्यपात करके शांत पड़ गया ।दोनों बाथरूम जाकर फ्रेश हुए और फिर मै चाची के घर कुछ देर तक आराम किया और अपने कॉलेज की ओर चल दिया।

This story कामिनी चाची के साथ सेक्स appeared first on new sex story dot com

Leave a Comment