कमसिन कबूतरी! | Erotic Stories
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कमसिन कबूतरी!

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देवयानी सोलह वर्ष की थी पर अपनी कोमल कदकाठी के कारण चौदह की दिखती थी। उसने एक बालफिल्म ” नन्ही परी जल मे उतरी ” में काम किया। उसकी सलोनी सूरत, मादक अदा, और बोली की मिठास देख  ‘जर्मन फिल्म्स प्रमोशन प्राइवेट ‘  कंपनी ने भी और अच्छा काम दिया। देवयानी नौ वर्ष की उम्र से स्टेज पर नाचने और ग्यारह वर्ष की उम्र से नौटंकी में काम कर रही थी। वह बाल कलाकार के नाते कई ईनाम जीत चुकी थी।

‘नन्ही परी’ एक साफ़सुथरी बाल-कला फिल्म थी, पर इसके दो संस्करण बने। यूरोप व अरब देशों में इसे भेजने के लिए जरूरत के अनुसार इसमें ‘एडल्ट कंटेन्ट’ याने कुछ नग्न दृश्य डाले गए। एडल्ट संस्करण कुछ खास रईसों के प्राइवेट शो, अर्थात निजी तौर पर देखने के लिए डालने पड़े। देवयानी ये दृश्य देने के लिए पहले तैयार नहीं हुई पर फिल्म के करार की कानूनी जरूरत के मद्दे नजर जब उसके पापा ने उसे नग्न होने को कहा तो वो तैयार हो गई। वह तरणताल में न केवल नंगी तैरी बल्कि एक दृश्य में एक मोटे बलिष्ठ पुरुष के नग्न लंड पर भी बैठी। इस वजह से ‘जर्मन फिल्म्स प्रमोशन प्राइवेट ‘ के प्रोड्यूसर- डाइरेक्टर खुश हुए और उसे इस अंदाज की दो नई फिल्मों में काम मिल गया।

यह काम उसके लिए आसान इसलिए भी था क्योंकि नौ वर्ष की उम्र से स्टेज पर उत्तेजक सेक्सी डांस ( मगर पूरे कपड़े पहने ) वो करती आई और ग्यारह वर्ष की उम्र से सेक्सी नौटंकी भी कर रही थी। उसकी मां कमला रानी खुद एक आर्केस्ट्रा ग्रुप व नौटंकी मंडली से जुड़ी हुई थी।

अपनी दूसरी बाल फिल्म ”बेबी बटरफ्लाइ ” ( बाल लीला- तितली ) में दृश्यों की शूटिंग के समय वह अपनी एक जिगरी फ्रेंड रिया को ले जाने लगी थी। रिया देवयानी से चार साल छोटी थी अर्थात बारह वर्ष की पर नाजुक कदकाठी होने से वह दस वर्ष सरीखी दिखती। ‘बेबी बटरफ्लाइ’ की शूटिंग धीरे-धीरे हुई थी जिसमें तीन महीने का वक्त लगा। जैसा कि बताया उसकी हमजोली सखी-सहेली रिया उसके साथ रोज आती-जाती। इस कारण बाल फिल्म के हिंदुस्तानी प्रोड्यूसर सेठ चिम्मनभाई भगूभाई शाह और जर्मन फिल्म प्रोड्यूसर हान्स फ्रिट्ज, इन दोनों का ध्यान रिया की ओर भी गया, पर कोई बात नहीं हुई। रिया को रोज-बरोज अच्छा खाने-पीने को मिलता और कई बार गिफ्ट भी तो वह नियमित आने लगी थी।

देवयानी की दूसरी बालफिल्म ” ट्विंकल ट्विंकल लिटल बॉडी ” ( Twinkle-Twinkle Little Body ) थी। यह खेल-प्रधान, व्यायाम ( जिमनैस्टिक्स ) – प्रधान फिल्म बनाई गई। दोनों फिल्मों में देवयानी ने उम्दा नग्न दृश्य दे दिये गो कि ये दृश्य बहुत थोड़े थे। देवयानी अब नग्न पुरुष -लं ड पर अदा से बैठने लगी थी। उस वक्त मीठी, सुरीली, रसभरी, कोमल-कान्त आवाज़ में जब वह ” आह, आह; ओह-ओह; अहा-अहा !!!!!!!!!!” ( aaaaah aaaaaaaaaaaaaaahh ) करती तब देखते-सुनते ही बनता था। इससे दृश्य में चार चाँद लग जाते थे।

इसी दौरान दोनों प्रोड्यूसरों का ध्यान और निगाहें रिया के नाबालिग नाजुक बदन की ओर चढ़ीं। दोनों ने एक दिन आपस में एक-दूसरे को कहा – – – ‘ क्या ही अच्छा हो अगर इस नई छोरी को भी फिल्म-कला में उतार दिया जाए!!’ हान्स फ्रिट्ज़ ने इशारा किया कि इस काम में देवयानी हमारी मदद कर सकती है, और उसे करनी भी चाहिए। अब इसे किस्मत कहना चाहिए कि एक दिन, बल्कि रात को देवयानी खुद सेठ चिम्मनभाई शाह से इसी काम के लिए प्राइवेट में मिलने आई। वह वही बात बोली: ‘क्या उसकी फ्रेंड रिया को भी किसी फिल्म में आप उतार सकते हैं??’ शाह जी ने कहा– ‘ उतार तो सकते हैं, वह भी बाल-फिल्म में, पर स्क्रिप्ट की जरूरत के अनुसार क्या वह नंगे-नंगे दृश्य दे सकेगी???’ देवयानी ने कहा: ‘वह तो आप लोगों पर आता है कि आप उसके शरीर को कैसे हेंडल करते हैं; वैसे वो गरीब है और मेरा खयाल है वो कई दृश्यों में नंगी हो जाएगी’। ‘ ” ठीक है, ठीक है, छोरी! मैं हान्स फ्रिट्ज़ से बात कर लेता हूँ; लेकिन इस रिया का प्राइवेट में स्क्रीन टेस्ट होगा! वो घबराएगी तो नहीं?!”

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दूसरे दिन मौका देख देवयानी ने रिया से बात की। वो तैयार दिखी, लेकिन देवयानी ने सोचा रिया की मॉम से भी बात कर लेनी चाहिए क्योंकि कांट्रैक्ट पर उसकी मॉम के दस्तखत जरूरी है। देवयानी उसकी मॉम से मिली और सब बता दिया। उसने बताया वो 3 फिल्में कर चुकी है और न केवल अच्छी कमाई हुई बल्कि नुकसान भी कुछ नहीं हुआ; बल्कि उसका स्वास्थ्य पहले से अच्छा है। रिया की मॉम राजी तो हो गई पर उसे फिल्म के कुछ नंगे दृश्यों पर एतराज़ था। इस पर देवयानी ने कहा वो भी तो नंगी हो कर नंगे दृश्य देती है, आजकल यह कला है। फिर नंगे दृश्य 2-4 ही देने होते हैं, और नंगे दृश्यों वाली फिल्म कुछ 40-42 लोगों को प्राइवेट में दिखाई जाती है, सबको नहीं, और ये फिल्में डीवीडी पर भी नहीं आएगी।

पूरा-पक्का समझाने पर रिया की मॉम को ये काम जम गया। तीसरे दिन देवयानी ने शाह जी को बता दिया की आज रिया की मॉम आप लोगों से प्राइवेट में बात करेगी।

इसमें सबसे ज्यादा खुश हान्स फ्रिट्ज़ था। इसलिए जब रिया की मॉम आई तो शाह जी के साथ वो भी था। रिया की मॉम का नाम ललना था, ललना, 33 वर्ष, विधवा, एकाकी, और रिया उसकी एकमात्र संतान। उसे बताया गया कि हमारी पूरी फिल्में साफ-सुथरी हैं; कुछ दृश्य ही नंगे होते हैं जो कि इस या उस वजह से जरूरी है, नहीं तो हमारा धंधा बैठ जाएगा। सब समझाने पर वह करार पर दस्तखत के लिए तैयार हो गई। ललना को विश्वास में लाने के लिए उसे एक छोटे कमरे में भी ले जाया गया, जहां बाल फिल्म कलाकार -बालिकाएँ मज़े से बैठी हुईं थी; कुछ तो नौ साल की भी थीं।

रिया को जिस बालफिल्म में काम करना था उसका नाम ” टुक-टुक टटोल ” था। उसमें उसे अपनी हमउम्र बालिकाओं के साथ खेल के मैदान में उतर दूसरी लड़कियों के अंग टटोल खेलना-कूदना था। चूंकि देवयानी उसकी सहेली थी इसलिए इस फिल्म में देवयानी को भी डाल दिया गया था। इस फिल्म में नौ हमउम्र अर्थात ग्यारह से तेरह साल की बालाओं के साथ उसकी उछलकूद रखी गई थी। रिया को कैमरे के हर एंगल ( कोण ) से गुजरना था। फिल्म की शुरूआत में नौ बालिकाओं को एक-दूसरे के पीछे लग एक स्टेनलेस स्टील की छड़ ( बार या डंडे ) पर फिसलते हुए आगे-आगे बढ़ना था। दूसरे दृश्य में इसी काम को दूसरे ढंग से करना था, अर्थात चार बालिकाएँ आमने और पाँच बालिकाएँ सामने। इस फिल्म में अलग-अलग नौ स्वास्थ्यप्रद दृश्य थे। बेशक फिल्म साफ़सुथरी थी पर जर्मनी और अरब के वयस्क दर्शकों के लिए बनाए जाने वाले संस्करण में कुछ नग्न दृश्य डालना जरूरी था।

नग्न दृश्यों की ट्रेनिंग देने के लिए रिया को बुलाया गया, और वह घबराए नहीं इसलिए देवयानी को भी बुलाया। सेठ चिम्मनभाई भगूभाई और हान्स फ्रिट्ज़ पहले से बैठे हुए थे। पहले चिम्मनभाई ने आँख से इशारा किया तब देवयानी अपनी सखी रिया को उनकी ओर हाथ पकड़ कर लाई। चिम्मनभाई ने अपनी मजबूत मोटी जांघें पहले से ही भरपूर चौड़ी कर रखी थी, उनकी एक जांघ पर देवयानी और दूसरी पर रिया बैठ गई। दोनों छोरियों ने छोटी नाप का स्कर्ट पहन रखा था। सेठ ने दोनों को कमर से पकड़ उनका नाजुक पेट दाबा। फिर देवयानी तो खड़ी हो गई, पर जब रिया खड़ी होने लगी तो सेठ बोला, ” मुन्नी तू खड़ी ना हो, मेरी जांघ बिच बैठ”। देवयानी ने भी यही कहा। रिया कबूतरी की तरह सेठ की जांघों के बीच थी, सेठ ने जांघें कस ली। फिर देवयानी ने रिया के टॉप्स खोले व स्कर्ट नीचे सरका दिया। रिया थोड़ी देर के लिए खड़ी हुई उस वक्त सेठ ने अपनी धोती की लाँग खोल दी। रिया जब दुबारा बैठी तो उसे अपनी नन्ही गाँड़ के नीचे कुछ लिजलिजा अंग महसूस हुआ। वह उठी तो देवयानी ने उसकी पेंटी भी खोल दी जिससे वो मादरजात नंगी हो गई। उधर सेठ ने भी अपना नंगा लंड दोनों बालिकाओं को दिखा दिया। रिया ने आँखें मींच ली पर देवयानी ने हँसते हुए रिया की हथेली सेठ के नंगे लंड पर टिका दी। इशारा किया कि वो सेठ का लौड़ा पकड़े रखे। रिया ने कांपते हाथों से सेठ का मोटा सांवला-बैंगनी लंड पकड़ लिया।

हान्स फ्रिट्ज़ भी इस बीच नंगा हो चुका था, उसका नंगा-नंगा लंड भी ललकार मार रहा था जिसे देवयानी ने सम्हाला, वो तो उसके पुरुष-लंड पर राजी-ताज़ी बैठ गई। इशारा ये था कि रिया को भी हान्स के कठोर उग्र लंड पर बैठना है। रिया ने कुछ समय शरम की पर मामला समझ गई तब उसने सेठ का लंड अपने मुंह में ले लिया; और दूसरे हाथ से हान्स फ्रिट्ज़ का लौड़ा भी पकड़ लिया।

वह अब समझ गई कि ‘ टुक-टुक टटोल ‘ फिल्म में उसका असल काम पुरुषों के नंगे, उट्ठे लंडों को अपने मुंह, चूत, और गाँड में गड़ाना है। यही कला है, और यही बाल-फिल्म !

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