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अनैतिक संबंध : भाग ९

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फ्रेंड्स
मैं विशाल अग्रवाल अपनी मॉम जोकि मेरी बीबी की तरह मेरे साथ हर दिन सम्भोग क्रिया कर रही है मजे में हैं लेकिन विशाखा मॉम की उम्र और उनके शरीर में मजा तो है लेकिन मुझे हमउम्र लड़की की चाहत होने लगी, कॉलेज में मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है कारण की मेरे ग्रुप को लड़कियां आवारा समझती हैं। आज दिन में ही विशाखा को कंप्यूटर क्लास में मस्त चुदाई की तो रात का प्लान बना लेकिन दोनों को ये नहीं मालूम था की पीठ पीछे कुछ चल रहा है और शाम होते ही विशाखा मेरे रूम में आई और बोली ” आज मैं लेडिस क्लब के लिए निकलूंगी तो तुम भी किसी पार्टी के लिए निकल जाना
( मैं असमंजस में था ) ओह लेकिन पार्टी किसका
( मॉम बोली ) क्या है की एक घंटे में दोनों साथ चलो और फिर हम दोनों किसी पार्क या सुनसान जगह पर मजे करेंगे
( मैं बोला ) ओह मॉम घर बिल्कुल सुरक्षित है और बाहर ये सब
( विशाखा बोली ) ठीक है तो आज रात ग्यारह बजे तेरे रूम आऊंगी ” मैं भी सोचा की इधर उधर जाकर सेक्स करना ठीक नहीं, मॉम और बेटा के बीच यौन संबंध घर की चारदीवारी में ही बने तो अच्छा है। मैं आपको अपनी छोटी बहन आकांक्षा के बारे में बता दूं, वो दसवीं कक्षा में पढ़ती है लेकिन एक बार फेल कर चुकी है और उसकी उम्र १८ साल है तो बदन हॉट और सेक्सी साथ ही हमेशा छोटे कपड़े ही पहनती है, स्कूल ड्रेस तो खैर जांघो तक को ही दर्शाता है लेकिज घर में भी उसकी ड्रेस काफी छोटी होती है और जिस दिन से मॉम को नंगा देखा हूं इच्छा जाग गई है की आकांक्षा के साथ भी मजे कर लूं लेकिन वो इतनी आसानी से जिस्म सौपने वाली नहीं, रात के ०९:०० बजे मैं ऊपर के रूम गया फिर दो पैक व्हिस्की पीकर मस्त हो गया और खाने की इच्छा फिलहाल नहीं थी तो वहीं लेटा हुआ मॉम के व्हाट्सएप पर मैसेज किया ” डार्लिंग ऊपर के रूम में तेरा इंतजार कर रहा हूं ” और फिर दो मिनट में जवाब आया ” आ रही हूं ” और मैं तो विशाखा के जिस्म का दीवाना हो गया था, उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबाने का मजा ही अलग था तो उसकी ढीली बुर में जीभ घुसाए चाटने का आनंद बिलकुल अनोखा और इतने में विशाखा रूम में आई और वो तो नाईट गाउन पहन मुझ पर कहर ढा रही थी, ब्लैक रंग की नाईट गाऊन में गोरा बदन निखर रहा था तो उसके नंगे पांव देख मन तड़प उठा तो नाईट गाऊन घुटनो तक का ही था और वो मुझे देख आंख मारी तो मैं उठकर उसके पास गया फिर उनको बाहों में लिए गाल चूमने लगा और मेरा हाथ उनके गोल गुंबदाकार नितंब पर था तो विशाखा मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगी और मैं मॉम के ओंठ मुंह में लिए चूसने लगा तो नाईट गाऊन के ऊपर से ही उनके चूतड का मांसल हिस्सा दबाने लगा और विशाखा तो मेरे छाती से बूब्स रगड़ते हुए मुंह में ही अपनी जीभ घुसाई जिसे चूसता हुआ उनके गांड़ सहलाने लगा, दोनों खड़े खड़े एक दूसरे से लिपटे फ्रेंच किस्स का आनंद ले रहे थे और मॉम कुछ देर बाद जीभ निकाल बोली ” डियर मैं आकांक्षा के साथ जाकर डिनर कर लेती हूं नही तो उसे शक हो जाएगा
( मैं उनके गाल सहलाया ) पहले ब्लोजॉब फिर डिनर ” और विशाखा खुद भी व्हिस्की के नशे में चूर थी, मेरे शॉर्ट्स को कमर से नीचे कर लन्ड पकड़ ली फिर उसे हिलाते हुए ओंठ चूम ली।
विशाखा मेरे सामने घुटनो के बल बैठे मेरे लन्ड को पकड़ चूमने लगी तो मैं उनके बाल सहलाने लगा और वो झट से मुंह खोले लन्ड अंदर ली फिर चूसना शुरू की तो मुझे मजा आ रहा था, मेरा लन्ड उनके मुंह का प्यार पाकर टाइट होने लगा तो मैं एक पैर बेड के किनारे में रख उनके बाल पकड़ा फिर उनके मुंह में लन्ड का धक्का देने लगा, दोनों सेक्स की दुनिया में खो चुके थे और मैं ” आह उह उई चूस साली रण्डी आज तेरी गांड़ चोदूंगा ” तो विशाखा अपने मुंह का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और मेरी आंखे बंद थी तो मैं भूल चुका था की मॉम के साथ मैं सेक्स कर रहा हूं और मैं मॉम की लंबी जुल्फों को पकड़े मुंह में लन्ड का धक्का दिए जा रहा था तभी दरवाजे की ओर देखा तो दिमाग सन्न रह गया और मैं धीमे स्वर में बोला ” मॉम आकांक्षा देख रही है ” तो वो झट से उठकर खड़ी हो गई, विशाखा तो नाईट गाऊन में थी लेकिन मेरा लन्ड तो नंगा था और आकांक्षा हम दोनों की ओर बढ़ी तो मैं बेड पर रखे शॉर्ट्स उठाया लेकिन छोटी बहन तो अपने हरकत से दोनों को अचंभित कर दी, मेरे सामने खड़ी हुई फिर मेरे हाथ से शॉर्ट्स लेकर बेड पर फेंक दी और मॉम को देखते हुए बोली ” वाह मॉम, लेडिस क्लब में तो गुलछरे उड़ाती ही हो और अब भैया के साथ भी, छीः तुम तो ” और वो झट से मेरा लन्ड पकड़ सहलाने लगी ” तुम इस वक्त यहां क्या करने आई
( आकांक्षा मेरे लन्ड को हिलाते हुए मेरे गाल चूम ली ) दो दिन से मुझे तुम दोनों पर शक था की आखिर भैया कॉलेज नहीं जा रहा है और तुम लेडिस क्लब ” ये कहते हुए आकांक्षा मेरे सामने बैठ गई फिर मेरे टाईट लन्ड को पकड़ उसके सुपाड़ा को ओंठ पर रगड़ने लगी तो विशाखा बेड के किनारे बैठ गई ” तो तू भी वर्जिन नही रही
( आकांक्षा मेरे लन्ड को चूमने लगी ) मॉम तुम मुझ पर शक मत करो, पोर्न मूवी देखती हूं खुद से इसको शांत करती हूं लेकिन पहली बार नंगे पेनिस हाथ में ली हूं ” ये कहते हुए आकांक्षा मेरे लन्ड को मुंह में लेकर चूसना शुरु की तो मॉम उठकर जाते हुए बोली ” देखूं तेरे डैड आए की नहीं, तुम दोनों नीचे रूम ही आ जाना ” और फिर मॉम चली गई तो बहन आकांक्षा मुंह में आधे से अधिक लन्ड लिए चूसने में मस्त थी और मैं उसके बाल सहलाते हुए आहें भर रहा था ” आह ओह उई बेबी मुंह का झटका तो दो ” तो आकांक्षा मुंह से लन्ड निकाल बेड पर लेट गई, उसने लाल रंग की नाइटी पहन रखी थी, मुझे इशारे से बैठने बोली तो मैं वाशरूम जाकर मूतने लगा फिर फ्रेश होकर निकला और बेड पर बैठकर पूछा ” बेबी तुम क्या मॉम के साथ ऐसा करोगी
( वो मेरे हाथ पकड़ अपने बूब्स पर रख दी ) दबाओ भैया, इसमें नशा है उस बुढ़िया में अब रखा ही क्या है, दो बच्चे की मॉम होकर बिस्तर बदलती रहती है ”
मैं आकांक्षा के बूब्स दबाने लगा तो वो मेरे लन्ड को पकड़े सहला रही थी और मैं उसके नाईटी को अब कमर तक कर दिया फिर पूछा ” आकांक्षा तुम सही में वर्जिन हो
( वो हंस दी ) तुम तो वर्जिन नही रहे
( मैं उसके जांघ को सहलाता हुआ बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा ) हां कुछ दिन पहले मॉम एक रात नशे की हालत में घर लौटी थी तो मुझे ही उनको सहारा देकर बेडरूम तक लाना पड़ा
( आकांक्षा खुद ही नाईटी की डोरी खोल दी तो मैं नग्न चूची को दबाने लगा ) ओह उसके बाद क्या हुआ विशाल
( मैं उसके गाल चूमने लगा ) उनका कपड़ा बदल दिया फिर कमर की मालिश किया लेकिन सब प्लान उनका था ताकि मेरे साथ
( आकांक्षा मेरे ओंठ चूम ली ) तो तुम मॉम के साथ फर्स्ट टाईम और मैं अपने भैया के साथ ” फिर क्या था मैं तो आकांक्षा के रसीले ओंठ को मुंह में लिए चूसने लगा तो वो मेरे लन्ड को सहलाते हुए मस्त थी, आकांक्षा के बदन पर हाथ फेरता हुआ मस्त था की वो मेरे मुंह से ओंठ निकाल बोली ” विशाल चलो नीचे ही, मैं तो पहले से ही बियर पी रखी हूं लेकिन मुझे भूख लगी है ” और मैं शॉर्ट्स पहन लिया तो आकांक्षा नाईटी पहन मेरे सत्य नीचे आई, मॉम डाइनिंग हॉल में डैड के साथ बैठकर डिनर कर रही थी ” क्या तुम लोग खाना नही खाओगे
( मैं बोला ) हां बस अभी आता हूं ” और आकांक्षा बेसिन में मुंह हाथ धोई तो मैं वाशरूम जाकर फ्रेश हुआ फिर आकर साथ में खाना खाने लगे, मेरा लन्ड तो टाईट था लेकिन अभी तो इंतजार था की इसे किसकी चूत में जाना है… विशाखा या आकांक्षा, खाना खाकर सब अपने अपने रूम चले गए।

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