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अनैतिक संबंध : भाग ८

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फ्रेंड्स
विशाल तो २० वर्ष की उम्र में ही सेक्स का स्वाद चख लिया लेकिन ये एक महज संयोग रहा की मुझे अपनी मॉम विशाखा के साथ ही हमबिस्तर होने का मौका मिला, वो ३८ वर्ष की उम्र में भी काफी सेक्सी और हॉट साथ ही बूब्स हों या वेजिना बिल्कुल ही शेप में, उनके साथ तीन दिन तक शारीरिक संबंध बनाता रहा फिर मॉम एक दिन बोली ” क्यों ना हम दोनो कुछ दिनो के लिए ब्रेकअप कर लें
( मैं बोला ) हां एक दूसरे से मन भर चुका है बेहतर होगा की एक सप्ताह के लिए छुट्टी ” और मैं विशाखा के साथ सम्भोग कर भी आत्मग्लानि नही महसूस कर रहा था तो दूसरी ओर हस्तमैथुन की आदत भी छूट गई, मॉम के साथ सेक्स किए चार दिन बीत चुका था और इस बीच वो एक ही बार लेडिस क्लब भी गई थी तो शायद वहां किसी के साथ सेक्स की हो लेकिन मेरे पास तो और कोई विकल्प नहीं था और ठीक पांचवा दिन मैं अपने आप पर काबू नहीं रख सका, सुबह उठकर फ्रेश हुआ फिर बालकनी में बैठकर चाय पीने लगा साथ ही न्यूजपेपर पढ़ रहा था तो मॉम वहां आई और सामने के कुर्सी पर बैठ बोली ” गुड मॉर्निंग विशाल
( मैं उनके नंगे पांव को देखता हुआ बोला ) गुड मार्निंग विशाखा
( मॉम गुस्सा गई ) तुम मुझे नाम से पुकारोगे
( मैं नूजपेपर रखा फिर उनको देखने लगा ) तो क्या हुआ, आप दो बच्चे की मॉम होकर ऐसी नाइटी पहन रखी हो वो भी सुबह के ०९:०० बजे तो फिर
( विशाखा मुझे देख हंस दी ) समझ रही हूं, व्हाट यू नीड इज माय न्यूड बॉडी
( मैं बोला ) हां नशे की आदत आपने लगाई तो फिर झिझक क्यों
( विशाखा झट से नाईट गाऊन की डोरी खोल उसको थोड़ा हटाई ) ले देख और बेझिझक होकर अपना शॉर्ट्स उतार
( मैं तो इधर उधर देखने लगा की कही बेबी या आकांक्षा ना आ जाए ) क्या सुबह सुबह दर्शन करवा रही हैं, बंद कीजिए
( मॉम नाइटी की डोरी बांध ली ) क्यों तुझे डर लगने लगा लेकिन मैं लेडिस क्लब में दर्जनों दोस्तो के बीच अकेले एक मर्द के साथ नंगी होकर मजे लेती हूं, इसलिए मुझे सब बोल्ड और सेक्सी कहते हैं
( मॉम की चूची और नग्न शरीर देख लन्ड खड़ा हो गया ) यू आर ए पोर्न बेब्स ” और मॉम मुझे देख इशारे में छत पर आने को बोली तो मैं समझ गया की इनको कंप्यूटर सिखाना है, वो उठकर किचन की ओर गई तो मैं छत पर गया फिर बेडरूम में बैठकर पहले तो कंप्यूटर ऑन किया, इतने में बेबी वहां आई और कमरे की सफाई करने लगी, मैं धीमे स्वर में पूछा ” बेबी तुम्हें कंप्यूटर सीखना है
( वो मेरी ओर देखी ) छोटे मालिक मैं ठहरी मूर्ख देहाती कंप्यूटर का क्या काम
( मैं उसे देख बोला ) तो तुम्हारी मालकिन को क्या काम बेबी ” वो चुप रही फिर सफाई करके चली गई तो मैं कुर्सी पर बैठ कंप्यूटर ऑन होते ही एक पोर्न वीडियो ऑन किया फिर देखने लगा और थोड़ी देर में मॉम आ पहुंची तो मुझे देख बोली ” वाह कंप्यूटर सिखाने का अच्छा बहाना है
( मॉम की नजर पोर्न मूवी पर पड़ी ) ओह क्या मस्त नजारा है ” मैं कुर्सी से उठ खड़ा हुआ और उनके सामने होकर उनके नाईट गाउन की डोरी को खोल उनको नंगा कर दिया, भले भी नाईट गाऊन बदन पर ही था फिर भी उसे दोनों दिशा में कर मैं बूब्स पकड़े दबाना शुरू किया तो मॉम मेरे गाल चूम बोली ” दरवाजा खोलकर ही मुझे लेगा ” और वो खुद दरवाजा बंद की फिर मैं उन्हें पीछे से दबोचकर उनके बूब्स दबाते हुए उनके गर्दन सहित गाल चूमने लगा तो विशाखा मेरी ओर होकर मेरे लन्ड शॉर्ट्स पर से पकड़ बोली ” क्यों बेबी से चुसवा लिया खड़ा हों गया
( मैं विशाखा के ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा तो वो मेरे शॉर्ट्स कमर से नीचे कर दी ) नो एंट्री किसी और के साथ वो भी आपके रहते हुए असंभव ” और उनके जिस्म से नाईट गाऊन उतार नंगा कर उन्हें बाहों में ले लिया तो मॉम मेरे गाल चूमते हुए मेरे चूतड सहलाने लगी जबकि मैं खुद उनके गोल गुंबदाकार चूतड को सहलाता हुआ मस्त था।
विशाखा और विशाल दोनों नग्न फर्श पर खड़े थे फिर तो मैं उनके ओंठ मुंह में लिए चूसने लगा लेकिन वो झट से अपनी जीभ मेरे मुंह में डालकर चुसवाने लगी, अपना एक पैर बेड के किनारे रख दी तो मैं उनके गर्दन में हाथ डाले उनकी जीभ चूस रहा था और मेरी छाती उनकी चूचियों का एहसास पा रही थी, मुंह में लार का मिश्रण तो दोनों एक दूसरे से लिपटे सेक्स की दुनिया में खो चुके थे और तभी विशाखा मेरे मुंह से जीभ निकाल कंधे पर सर रख दी, मेरा लन्ड पूरी तरह से टाईट हो चुका था। विशाखा मुझे कुर्सी पर बैठने बोली और खुद मेरे सामने जमीन पर बैठ गई फिर लन्ड का सुपाड़ा ओंठो पर रगड़ते हुए मस्त थी, अपनी लम्बी सी जीभ मुंह से निकाल उस पर लन्ड को रगड़ने लगी तो मैं हाथ बढ़ाए मॉम का स्तन पुचकारने लगा ” आह उह उई चूस साली रण्डी तेरी बुर नही गांड़ ही चोदूंगा
( मॉम सुपाड़ा को नाक से सटाए सूंघने लगी ) तेरी मर्जी जिधर पेलना हो तू जाने ” और फिर मुंह खोल लन्ड अंदर लिए चूसना शुरू की तो औरतों के मुंह में लन्ड का होना यकीनन बहुत मजा देता है और मॉम मुझसे नजर मिलाते हुए सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी तो मेरा लन्ड फुंफकार रहा था, मैं सहेज भर रहा था ” आह ओह मॉम प्लीज चूस चूसकर इसकी अकड़ शांत कर दो ” तो विशाखा मुंह से लन्ड निकाल उठी फिर बेड पर लेट गई, ३८ साल की औरत की बुर से रस निकालना इतना आसान नहीं होता तो मैं मॉम के छाती के ऊपर चेहरा किए बूब्स को मुंह में लिया फिर चूसते हुए दूसरे स्तन को पुचकारने लगा तो मॉम मेरे जांघो के बीच लटके लन्ड को पकड़ हिलाने लगी, साली सुबह सुबह अपने जिस्म का नुमाइश कराकर मेरे मन मस्तिष्क को गर्म कर दी तो मैं उनकी चूची चूसकर अब चुदाई की सोच रहा था और विशाखा बोली ” पहले बुर को रसीला होने दो फिर ” और मैं मॉम के चूतड के नीचे तकिया डाला तो मॉम जांघो को फैलाकर लेटी हुई थी, मैं मॉम के बुर को सहलाने लगा फिर झुककर उसके ऊपरी हिस्से को चूम रहा था, औरत के बदन का सबसे कोमल अंग जिसमें जीभ डालकर चाटने का आनंद ही अलग होता है, बुर के हिस्से जोकि दो फांकों के बीच होता है उसके खुलते ही बुर का भाग फिर शिस्निका और उसमें जीभ मैं घुसाया फिर लपलप कुत्ते की तरह चाटने लगा तो विशाखा मेरे बाल सहलाते हुए बोली ” आआआह्ह उहूह उई बुर में इतनी गुदगुदी और खुजली नहीं होती थी डियर जब से तू मेरे साथ सेक्स कर रहा है मैं तो जवानी के दहलीज पर दुबारा आ गई हूं
( मैं मॉम की चूत से जीभ निकाल दिया और दो उंगली उसमें घुसाए कुरेदने लगा ) मॉम हम दोनों के बीच का अनैतिक संबंध यदि कोई जान गया तो क्या होगा ” मॉम चुप रही और मैं उनके जांघ को चूमने लगा फिर उनकी बुर से रस निकलने लगा तो मैं दुबारा जीभ घुसाए बुर का रस चाटने लगा, मेरे मन में मॉम के प्रति अब सिर्फ सेक्स ही भरा था और उनकी बुर चाटकर मैं वाशरूम चला गया, फ्रेश हुआ तो विशाखा फ्रेश होने गई और फिर वापस आकर बेड पर बैठ गई।
विशाल उसके बगल में लेट गया तो विशाखा मेरे लन्ड पर बैठकर चुदाने को आतुर थी, अपने गोल गुंबदाकार गांड़ मेरे लन्ड के ठीक ऊपर किए बैठी तो मैं उनके कमर पकड़ उनके शरीर का संतुलन बनाया आखिर वो अपने जांघो को फैलाकर लन्ड के ऊपर बैठी थी, विशाखा लन्ड पकड़ बुर में घुसाने लगी तो उनकी ढीली बुर में लन्ड आराम से चला गया, वैसे भी चूत की गहराई और फलक उसके इस्तेमाल पर है लेकिन मॉम जैसी चुदक्कड औरत की बुर में मेरा लन्ड आसानी से चला गया और अब मॉम अपने गांड़ ऊपर नीचे करते हुए चुदाने लगी तो मैं नीचे से धक्का देता हुआ बुर चोदने लगा, एकं नया एहसास जोकि मॉम के साथ मिल रहा था आखिर उनके गद्देदार चूतड का दबाव सहते हुए लन्ड उसकी बुर में था और दो मिनट की चुदाई के बाद मैं उनको अपने ऊपर ही लेटने को बोला तो वो मेरे ऊपर डॉगी स्टाइल में थी और अपने कमर को हिलाते हुए लन्ड को बुर में ले रही थी। विशाखा का ओंठ चूमते हुए मैं भी नीचे से धक्का देने लगा तो वो कमर हिलाते हुए मस्त थी, उसकी बूब्स मेरे छाती पर रखी हुई थी तो वो मेरे गाल चूमते हुए चुदाई का आनंद ले रही थी। विशाल मॉम की कमर को पकड़ा फिर नीचे से ही बुर चुदाई करने लगा तो मॉम मेरे ओंठ चूम बोली ” अब पोजीशन बदलना है ” वो मेरे बदन पर से उतर गई फिर दीवार के सहारे खड़ी हुई, दीवार पर दोनों हाथ रख पैर को जमीन पर रखे ठीक घोड़ी बन गई तो मैं उनके मोटे चिकने जांघ को पूरी तरह से फैलाया फिर मॉम के चूतड को सहलाता हुआ सीने से लटकी बूब्स को पकड़ दबाने लगा, मॉम पीछे मुड़कर बोली ” अब किसका इंतज़ार कर रहा है जल्दी से शुरू करो
( मैं मॉम की बुर में लन्ड घुसाने लगा और फिर जोर का धक्का देकर चोदने लगा ) आह उह उफ बुर को अब एक साथ दो लौड़ा चाहिए
( मैं उनकी चुदाई करता हुआ मस्त था ) क्यों मॉम मोहित को बुलाना होगा
( विशाखा अपने चूतड को हिलाने लगी ) मेरे दिल की बात छीन लिया, वो हट्टा कट्टा नौजवान है जरूर उससे चुदाने की इच्छा रखती हूं
( मैं दे दनादन चोदने लगा ) तो खुद ही उसे अपने जाल में फांसना ताकि उसे पता ना चल सके कि मॉम का बेटा के साथ सेक्स हो रहा है
( विशाखा चूतड हिलाते हुए ) उहुंं तब तो मजा नही आयेगा, दोनों रहोगे तब ही विशाखा की बुर की खुजली मिट पाएगी
( मैं बुर की गर्मी से परेशान था ) लेकिन अब तो मेरे लन्ड से वीर्य झड़ा बेबी ” और फिर मॉम की बुर में विर्य गिराकर शांत हो गया तो वो मेरा लन्ड चूसकर वीर्य का स्वाद चख ली, कंप्यूटर का क्लास खत्म हुआ फिर दोनों फ्रेश होकर अपने अपने कमरे में।

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