शिवानी भाभी की साड़ी | Erotic Stories
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शिवानी भाभी की साड़ी

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हेलो दोस्तो मेरा नाम सुशांत है। में उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 20 साल है। मेरा लंड 7″ लम्बा है। मेरी लम्बाई 5′ 6″ है। यह कहानी मेरी ओर मेरे घर के सामने रहने वाली शिवानी भाभी की है। उनकी उम्र 26 साल है। लेकिन वो लगती 20 की है। उनकी लंबाई 5′ 3″ है। उनका फिगर 32-38-34 का है। देखने मे एक दम पटाका माल है।

यह कहानी आज से 6 महीने पहले की है। मेरे पड़ोस में एक भैया रहते है उनका नाम मनीष था। उनसे मेरी अच्छी दोस्ती थी। उनकी शादी आज से दो साल पहले हुई थी। मैंने जबसे शिवानी भाभी को देखा तब से उन्हें चोदने की सोच रहा हूं इसलिए उनके घर रोज जाता हूं। भाभी से बात करता हु। कुछ दिनों बाद मेरी ओर भाभी की अछी दोस्ती हो गयी।
मेरा भाभी से बात करना और मिलना ज्यादा हो गया। भाभी मेरे साथ कभी कभी मार्केट भी जाती थी। अक्सर भाभी साड़ी पहनती है ओर मैं साड़ी बहुत बड़ा दीवाना हू। मतलब की मुझे औरते साड़ी मैं ज्यादा पसंद है। वैसे मेरी दिलचस्पी आंटी मैं भी है बस वो ज्यादा उम्र की न हो। साड़ी की वजह से मेरा सबको चोदने का मन करता है। एक बार में भाभी के घर गया। दुपहर का टाइम था। भाभी ने मैक्सी पहेने हुई थी। मैक्सी सिल्क लाल कलर की थी। भाभी ने अंदर ब्रा ओर पैंटी नही पहनी थी। क्योंकि मैक्सी तोड़ी पार्रेदशी थी। फिर भी भाभी के बूब्स टाइट थे। मेरा भाभी के शरीर का मुआयना करने के बाद मेरा लंड खड़ा हो गया। लेकिन मैंने अपने आप को काबू किया। भाभी से बातचीत शुरू करदी ओर भाभी के बूब्स घूरने लगा। भाभी ने मुझे देख लिया था। पर बोली नही कुछ। तोड़ी देर बाद बो बोली कि की खाना खा लो। मैंने झट से हाँ कर दी और खाने बैठ गया। खाना खाते हुए भाभी ने मेरे से कहा कि फ्री हो क्या मुझे मार्केट जाना है ओर तुम्हरे भाई शाम तक आयगे।
मैंने झट से हाँ कर दी क्योकि मुझे भाभी के साथ मार्किट जाने मैं मजा आता था ओर आये भी क्यों नही जब इतना कड़क माल साथ मैं बाइक बे बैठ कर जाए तो जनत का मजा आता है।
मेरा खाना खाने के बाद भाभी बोली कि मैं तैयार होकर आती हु।
मैं बाहर बैठ गया। थोड़ी देर बाद अंदर से भाभी की आवाज आयी कि अंदर आना, में शिवानी की आवाज़ सुन कर एक दम अंदर गया और अंदर जाते ही मेरे होश उड़ गए। भाभी पिंक पेटीकोट में थी और पिंक ब्रा का हुक लगाने की कोशिश कर राही थी। मेरे लन्ड उफान मारने लगा। मैं भाभी की मस्त गांड देखने लगा। भाभी को मेरे आने का एहसास हुआ तो वो पलटी ओर बोली क्या देख रहे हो, तुम्हरी गर्लफ्रैंड नही है क्या। मैंने होश संभाला ओर बोला की कुछ नही।
इतने में भाभी बोल पड़ी मेरी ब्रा का हुक लगा दो। यह सुनके मेरे मन मे लडडू फुट गए। क्योकि मैं आप सभी को बता दु, ब्रा का हुक लगाने में किसी भी औरत या लड़की को कोई प्रॉब्लम नही आती है। अगर कोई औरत आप से ब्रा का हुक लगवाए तो साफ है कि वो आपसे चुदवाना चाहती है। लेकिन मैंने थोड़ा सबर रखा क्योकि भाभी साड़ी पहन रही थी और मै हु साड़ी का दीवाना। तो मैंने भाभी का हुक लगा दिया ओर साइड से बूव्स पर हाथ फेर दिया। मुजे यह करने मे बहुत मजा आया। इसके बाद मैने भाभी के ब्लाउज का भी हुक लगया। ओर बोल पड़ा कि भाभी आपको साड़ी मैं पहनाउ। तो भाभी ने झट से हाँ कर दी। मुझे साड़ी बंधनी आती है क्योंकि मैं पहले भी बहुत चुत चोद चुका था। उन्हें मैं अपने हाथों से साड़ी पहना था। मुझे औरतो साड़ी पहनने ओर उतारने में मज़ा आता है। मैंने भाभी को साड़ी पहनना स्टार्ट किया और साड़ी को पेटीकोट में दवाते टाइम मैन अंदर तक हाथ डाला और पैंटी को छुआ। मेरा खड़ा लन्ड भाभी के लग रहा था। जब प्लेट्स अंदर दवा रहा था तब मैंने भाभी की चुत पर हाथ फेर दिया। भाभी सिसकारिया ले रही थी। मैंने पल्लू के टाइम भाभी की गांड ओर चूची पर हाथ फेरा ओर थोड़ा दवाया भी था।
भाभी पिंक साड़ी मैं माल लग रही थी।
मैंने भाभी की फ़ोटो भी ली। अब भाभी को साड़ी में देख मेरा सबर टूट गया ओर भाभी को किश करने लगा। भाभी मेरा पूरा साथ दे रही थी। 5 मिनट के बाद हम अलग हुए। तो भाभी ने मेरे सारे कपड़े निकाल दिए। और मेरा लन्ड देखकर चोक गयी और बोली कि उसके पति का छोटा है। और झट से मुह में ले लिया। भाभी को लन्ड अछे से चूसना आता था। 5 मिनट में भाभी के मुँह में झड़ गया। और भाभी सारा पानी पी गयी। उसके बाद मैने साड़ी उतरने का मज़ा लिया। में इस प्रकार साड़ी उतरता हु। औरत को चुदने से ज्यादा मजा इसमे आएंगे। मेरे साड़ी उतरते समय भाभी पूरे मजे म थी। उनहे पता नही चला कब वो ब्रा पैंटी मैं थी।
इसके बाद मैने भाभी को ब्रा पैंटी में अपने गले लगाया। और अपने सीने से भीच दिया। औरत को ब्रा पैंटी में अपने शरीर से रगड़ने में बहुत मजा आता है। आप सब कर के देखना।

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उसके बाद मैंने भाभी के बूब्स चूसे। बूब्स चूसते हुए मैं भाभी की गांड दवा रहा था। साथ मे चुत में उंगली भी जो पूरी चुत के पानी से गीली हो रही थी। कुछ देर बाद मैंने भभी को मैंने लिटाया ओर कमर के नीचे तकिया लगा कर उनकी चुत में एक ही बार मे पूरा लन्ड उतार दिया। जिस से भाभी की चूत फट गई और वो चिलाने वाली थी कि मैंने उनके होठ प होठ रख दिये। ओर ऐसी पड़ा रहा, भाभी मेरे से छटने की कोसिस कर रही थी। पर मैने थोड़ी देर बाद धके शरू किये तो वो भी अपनी गांड उठाने लगी और चुदाई का मजा लेने लगी। 10 मिनट की चुदाई के बाद में ओर वो एक साथ पानी छोड़ दिया। और में उसके ऊपर लेता रहा। कुछ देर बाद मैंने लन्ड बहार निकाला और सीधा उसके मुंह मे दिया। उसने रंडी की तरह लन्ड चूसना शरू किया ओर कुछ ही देर में वो खड़ा हो गया। अबके मैने भाभी को कुतिया बना दिया तो भाभी बोली कि आज तक किसी ने नही मारी तो आराम से मारना। यह सुन के की मेरी जान की गांड सील पैक है। मैंने जोश में एक ही बार मे आधा लन्ड गांड दाल दिया और भाभी रो पड़ी। मेरे प रोने का कुछ असर नही हुआ। मैने रंडी की तरह दूसरे धके में पूरा लन्ड गांड में डाल दिया। 5 मिनट गांड चोदने के बाद मैंने फिर चुत चोदी।

चुदाई के बाद मैंने भाभी को खुद नहलाया ओर साड़ी पहना कर मार्किट लेके गया। वहां पर मैंने एक आई-पिल ली के भाभी को देदी।
अब जभी भी भाभी मुजे ऐकले मिलती है तो साड़ी कार्यक्रम शरू हो जाता है। मैं आपके कमेंट्स का इंतजार करुगा। आगे भी अपनी ओर चुत की कहानी बताऊगा।
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