मॉम के साथ हफ्ते भर की यात्रा : भाग – ८ | Erotic Stories
Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

मॉम के साथ हफ्ते भर की यात्रा : भाग – ८

⏰ 1 min read

दोस्तों,
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि कैसे सेक्सी मॉम नेहा और राहुल बनारस के गंगा के दूसरे किनारे पर जाकर एंज्वॉय करने लगे, नेहा की सेक्सी जिस्म ढीले ढाले टॉप्स और शेप – वियर में है तो राहुल शॉर्ट्स और टी शर्ट पहने मॉम को गोद में लिए चुम्बन की क्रिया में मस्त है और एक ४० साल की हॉट और बोल्ड औरत को राहुल अब चादर पर लिटाकर उसके टॉप्स को गले तक उठाकर चूची पकड़ दबाने लगा तो मेरा लंड शॉर्ट्स के अंदर अर्ध रूप से टाईट था और नेहा बोली ” अब दूध पियों राहुल
( मैं झुककर चूची को मुंह में लेने के पहले ) ओह, बियर तो बैग में है जानू पहले ड्रिंक्स फिर सेक्स, क्यों
( वो अपने टॉप्स नीचे करने लगी ) ठीक है राहुल ” तो वो उठकर बैठी और दोनों आमने सामने बैठे हुए बियर पीने का मजा लेने लगे तो मॉम के नग्न मोटे जांघ साथ ही बड़ी बड़ी चूचियों की उफान देख लंड दहाड़ने लगा था तो मैं सिगरेट का पैकेट लेकर सिगरेट जलाया और फूंकने लगा, सूर्य की रोशनी तो ठंडी हवा दोनों को मस्त कर रही थी और एक बोतल बियर पीने के बाद नेहा कुछ अधिक ही कामुक हो गई। वो मुझे देखते हुए मेरे कमर पर हाथ फेरने लगी और उनके इशारे को समझ मैं अपना शॉर्ट्स खोल उनको नंगा लंड पकड़ा दिया और वो मेरे लंड को हिलाते हुए मस्त थी तो मैं उनके टॉप्स में हाथ घुसा दिया फिर उनके ३६ सी साईज की ब्रा के बगैर की चूची को पकड़ दबाने लगा तो दोनों के तन में आग लग चुकी थी। कुछ देर के बाद नेहा मुझे खड़ा होने को बोली तो हम दोनों इधर उधर देखने लगे, जिस जगह पर दोनों थे संयोगवश वहां कोई भी नहीं था और फिर मॉम मेरे सामने घुटने के बल होकर बैठे हुए मेरे लंड का चमड़ा छिलकर सुपाड़ा को अपने ओंठ पर रगड़ने लगी और मैं गंगा के किनारे के क्षेत्र सहित गंगा को देखते हुए नेहा से लंड चुसवा रहा था, मेरे ६-७ इंच लम्बा लंड को मुंह में लिए नेहा चूसने में लीन थी तो इस जगह पर आराम से इसकी चुदाई कर सकता था, हां अगर कोई दोनों को इस हाल में देख लिया तो, तो क्या होगा !मॉम को वो भी चोदकर मजा लेगा तो मैं अब सिसकने लगा ” ओह उह बेबी, थोड़ा अपने मुंह का झटका देकर मुखमैथुन तो शुरू करो ” तो मेरा लंड नेहा की मुंह में अकड़ चुका था और वो मेरे लंड को निकालकर जीभ से चाटने लगी तो मेरा ध्यान उनके बूब्स पर था, फिर नेहा चादर पर लेट गई तो मेरा लंड नंगा ही था और मैं उसके टॉप्स गले तक करके झुका फिर उनके बूब्स मुंह में लेकर चूसने लगा, इतना बड़ा चूची मुंह में पूरी तरह से लेकर चूसना मुश्किल था तो नेहा मेरे बाल पर हाथ फेरते हुए दोनों जांघें फैला रखी थी और मेरा हाथ उनके चुत के फांकों को उंगलियों के बीच लेकर मिंज रहा था, भले ही शेप वियर वो पहन रखी थी फिर भी पतला सा वस्त्र उस मोटे फांक को क्या खाक ढक पाती, मैं पल भर चूची चूसा फिर उसको मुंह से निकालकर निपुल पर जीभ फेरने लगा और वो ” उह ओह अब खोल दो मेरा अंडरवियर और चोदो राहुल
( मैं हंसने लगा ) ओह लेकिन कोई चुदाई का कार्यक्रम देख लिया तो
( वो ) तो वो भी मुझे चोदेगा और क्या ! ” फिर मैं उनके शेप वियर को कमर से नीचे करने लगा इलास्टिक कमरबंद के लॉक से युक्त उनके ड्रेस को नीचे किया तो नेहा की कमर से मोटी चिकनी जांघें तक नंगी थी साथ ही चुत की फांकों की हसीन झलक देख तो मुंह में पानी आने लगा और मैं बिना देर किए उनके चुत को सहलाने लगा फिर मोम खुद ही उंगली की मदद से चुत फैलाकर अंदर का नजारा दिखाने लगी तो राहुल अपनी लंबी सी जीभ चुत में घुसा दिया फिर चुत चाटने लगा तो हाथ उनके जांघ को सहला रहा था और कामुकता वश नेहा अपनी टॉप्स गले तक करके खुद ही अपनी चूची को दबाने लगी, मैं किसी कुत्ते की तरह लपलप जीभ चुत के अन्दर बाहर करते हुए चाटने लगा तो नेहा ” उह ओह उई राहुल अब और नहीं प्लीज़ चोदो ना फाड़ दो अपनी मॉम की भतियान
( मैं जीभ निकालकर बोला ) तेरी बेटी की चुत दो महीने से चुदाई का आनंद ले रही है तो बेटा जवान हो चुका है फिर तेरी चुत को तो घोड़े का लंड ही फाड़ सकता है ” वो अचानक से उठकर बैठ गई तो मैं अपने तमतमाए लंड को टॉवेल से ढक लिया फिर कमर से टॉवेल लपेटकर थोड़ी दूरी पर गया और मूतने लगा, बिल्कुल ही सुनसान सा जगह जोकि गंगा के दूसरे किनारे पर और दूर में कुछ लोग दिख तो रहे थे लेकिन इधर कोई नहीं था, उसिका मजा दोनों को मिल रहा था, वापस आया तो मॉम अपने चुत को तौलिया से ढक चुकी थी ” अपना टॉवेल जरा देना
( मैं ) क्यों नंगे जाकर मूत, कौन तेरी चुत और गान्ड देख रहा है ” तो नेहा मेरे सामने नग्न अवस्था में खड़ी होकर एक कदम आगे चली फिर अचानक से मेरे टॉवेल पर हाथ लगाकर खींच दी तो राहुल का लंड नंगा हो गया और वो झुककर टॉवेल ली फिर अपने कमर में लपेटकर चली गई, मैं चादर पर बैठा हुआ बियर की दूसरी बोतल निकाला और दोनों गलास में डालने लगा, वो कुछ दूरी पर बैठकर मूतने लगी तो मैं अपने नग्न लंड को ठंडी हवा लगने दिया और एक सिगरेट सुलगाने के बाद बियर पीने लगा तो नेहा उधर से आकर मेरे सामने बैठी फिर बियर पीने लगी ” अच्छी जगह है क्यों राहुल
( मैं ) हां बेबी लेकिन और लोग होते तो मजा आता
( वो मेरे लंड को पकड़ जोर से दबाने लगी ) व्हाट, मतलब कि ग्रुप सेक्स, बेशर्म ” तो वो बियर पीकर मुझसे इशारे में चुदाई को बोलने लगी फिर मैं दोनों गलास चादर के किनारे रख उन्हें डॉगी स्टाइल में होने को बोला।
नेहा तुरन्त ही अपने जिस्म को घुटने और कोहनी के बल कर दी तो उसके टॉप्स उसकी चूचियों को ढक रखे थे तो टॉवेल उसकी चूतड़ और चुत, अब मैं बियर के नशे मै मस्त था तो उसके चूतड़ के सामने लंड पकड़े बैठा फिर उसके टॉवेल हटाकर नग्न चूतड़ सहलाने लगा ” जी कर रहा है कि तेरी गान्ड ही चोदूं
( वो मुड़कर बोली ) आज रात वो भी तेल लगाकर क्यों बच्चे ” तो राहुल अपने लंड को पकड़ सुपाड़ा को चुत के अंदर घुसाने लगा, वैसे भी उसकी चुत की दोनों फांकें गुदाज लेकिन चूतड़ की ओर से साफ दिख रही थी, थोड़ी सी लटकी हुई तो मेरा सुपाड़ा सहित लंड चुत में घुस गया और मैं उसके कमर थामे दे दनादन चुदाई करने लगा, इतनी चिकनी चुत में तो एक फूटा लंड भी आराम से चोद सकता था तो मॉम अपने चूतड़ को हिलाते हुए मस्त थी और गंगा के किनारे दोनों संभोग क्रिया में लिप्त थे तो उसकी गुदाज चूतड़ मेरे कमर से टकराकर मानो मजा को दुना कर रही हो और वो कुछ देर चूतड़ हिल्स हिलाकर हांफने लगी ” उह ओह और तेज चोद मेरे शेर तेरी मॉम को अब सही में गधे का लंड चाहिए ” तो मैं चोदने में लीन था और कुछ देर बाद मॉम की चुत रज से भर गई तो दोनों शांत हो गए और वो अपना चूतड आगे किए मेरा लन्ड निकाल चित लेट गई लेकिन दोनों जांघें फैलाकर तो मेरा लंड चोदकर झड़ने को तैयार था और मैं मॉम के रसीले चुत में लंड पेलकर चोदने लगा तो वो ” अबे कुत्ते कम से कम चाटे तो होते
( मैं उस पर सवार होकर चोदने लगा ) चुपचाप साली अपनी गान्ड उछाल समझी रण्डी ” तो वो मुझे जकड़े हुए अपने गान्ड को उछालने लगी और दोनों काम की दुनिया में खो चुके थे, नेहा मेरे ओंठ चूमने लगी फिर चूतड़ स्थिर किए चुदवाने लगी तो मैं चोद कर बेहाल था, इस तेज धूप में बियर की ठंड का असर ना के बराबर था तो चेहरा से पसीने की बूंदें छूट रही थी, कुछ ऐसा ही हाल नेहा का भी था। दोनों के बदन का उपरी हिस्सा ढका हुआ था तो निचला भाग नग्न और मैं उस पर सवार होकर चोदने का आनंद ले रहा था तो नेहा फिर से अपनी चूतड़ उछालने लगी ” बस करो राहुल, चुत में भीषण गर्मी हो रही है
( मैं उसके ओंठ चूमा ) आराम से चुदाई का मजा ले ” लेकिन मेरा लन्ड जल्द ही मॉम की चुत में रस झाड़कर ठंडा हो गया तो दोनों एक दूसरे से लिपटे कुछ देर साथ रहे, फिर फ्रेश होकर अपना अपना कपड़ा पहने…… आगे, इंतजार कीजिए।

This story मॉम के साथ हफ्ते भर की यात्रा : भाग – ८ appeared first on new sex story dot com

Also Read: दीदी की शादी के बाद चुदाई

Leave a Comment