मेरी मम्मी हफ़्ते भर पहले एक साथ दो लंड़ से चुदी थी, मै और मेरा मित्र याकुब ने एक ही साथ अपने-2 लंड़ नेहा की बुर मे घुसाकर उसकी चुदाई की थी ! 40 साल की गरम जवानी नेहा को चुदवाने की हरपल इच्हा रह्ती थी, उनके सिने से लगे रसिले आम की तरह दो-2 स्तन देख मेरा मन तड़पने लगता था तो उनकी मस्ताई चाल देख तो लंड़ ही फ़नफ़ना उठ्ता था, जब वो चल्ती थी तो उसके नितम्ब के दोनो फ़ांक जोकि खरबुजे की तरह थे आपस मे टकराते थे और उसकी लचक देख मन करता था की उनकी गांड़ ही चोद ड़ालु ! सुबह पापा जब काम पर निकल गये तो मै कालेज जाने के लिये तैयार होने लगा, अभी स्नान करके बाथरूम से निकला था की मेरी मम्मी किचन से बाहर आते हुए बोली……. “जरा रुकना राहुल
(नेहा पास आकर खड़ी थी) बोलो मम्मी क्या बात है
(नेहा) अपनी आंखे बंद करो तो एक तोह्फ़ा तुम्हे दुंग़ी. ”
मै कमर से एक तोलिया लपेटे खड़ा था और अपने आंखो को बंंद कर लिया तो पल भर बाद मुझे एह्सास हुआ की मेरी तोलिया कमर से गायब है और मेरी मम्मी नेहा मेरे लंड़ को पकड़े बोली…….. “अभी आंखे बंद जब तक ना बोलु नही खोलना. ” मेरा लंड़ अर्ध रूप से खड़ा था और मुझे एह्सास हुआ की मेरा लंड़ मम्मी की मुह्न मे है, वो मेरे पुरे लंड़ को मुह्न मे लेकर चुस रही थी तो मै अब आंखे खोलकर बोला…. “क्या मम्मी आप भी सुबह-2 मेरा लंड़ चुसने लगी
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(नेहा लंड़ को मुह्न से निकाल) तो क्या दिक्कत है राहुल कालेज जाकर क्या करोगे. ” और नेहा मेरे लंड़ पर लगे उनके मुह्न के थुक को जिभ से चाट्ने लगी, मै समझ गया कि बिना चुदे ये नही मानेगी ! नेहा काले रंग़ के गाउन मे सेक्सी लग रही थी और उसके ड़ीप गले कि वजह से चुचि का उपरी हिस्सा दिख रहा था, वो मेरे पैर के सामने घुट्ने के बल बैठे मेरा पुरा लंड़ अपने मुह्न मे ले ली और मै उसके बाल को कसकर पकड़े उसकी मुह्न मे लंड़ पेलने लगा, 7-8 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा मेरा लंड़ उसके गले तक जा रही थी ! मेरे लंड़ का सुपाड़ा उसके गले तक जाकर फ़ंस रही थी और मै नेहा की मुह्न को चोदता हुआ मस्त था, 4-5 मिनट तक मम्मी की मुह्न को चोदा फ़िर दोनो हाल के सोफ़ा पर बैठ गये !
मै पुरी तरह से नग्न था तो मम्मी गाउन पहने मुझे चुम रही थी, मै नेहा के गाउन को उसके जिस्म से निकाला और उनके नग्न खुबसुरत जिस्म को सहलाने लगा, बिन ब्रा और पेंटी मे नेहा मस्त माल दिख रही थी तो मै सोफ़ा के निचे ज़मीन पर बैठा और उसकी चुत्तर सोफ़ा के किनारे पर थी ! मम्मी दोनो जङ्हा को फ़ैलाये बुर का दर्शन करा रही थी, उनके केले के थम्ब से चिकने और मोटे जङ्हा को चुमता हुआ बुर पर उंग़ली रगड़ रहा था, मम्मी की चुत फ़ुली हुई थी और दरार भी मस्त थे जबकि बुर के फ़ांक मांसल, उनके जङ्हा को चुमता हुआ उनकी बुर मे एक उंग़ली घुसाकर कुरेदने लगा और अब उनके जङ्हा को छोड़कर बुर को सुङ्हने लगा ! मम्मी की बुर पर नाक रखकर खुस्बु लेने लगा और फ़िर उसको चुमता हुआ उनके एक स्तन को कसकर पकड़े दबा रहा था, बुर की दरार मे जब जिभ रगड़ने लगा तो मम्मी ने बुर को उंग़ली की मदद से फ़लका दी ! 40 साल की चुददक्कर औरत की बुर पुरी तरह से फ़ल्की हुई थी और मै अपने जिभ से उसको चोदकर मस्त हो रहा था, नेहा मेरे सर पर हाथ लगाए बुर चट्वाते हुए सिसकने लगी…… “अरे कुत्ते बुर को चाटता ही रहेगा या फ़िर चोदना भी है
(राहुल) चुपकर साली रांड़ जिभ से चुदा ना. ” पल भर बाद उसके दोनो फ़ांक को मुह्न मे भरकर चुभलाने लगा तो मम्मी के मुह्न से सिसक निकलने लगी ! अब नेहा को छोड़ कर बाथरूम गया और फ़्रेश होकर कमरे मे आया !
नेहा को सोफ़ा पर कुतिया कि तरह कर दिया तो उसके भारी भरकम चुत्तर के सामने मै खड़ा था, अब मम्मी के चुत्तर को चुमने लगा और गांड़ के फ़ांक को अलग करके जिभ से चाट्ने लगा, उसकी बुर के सामने लंड़ थामे खड़ा था और फ़िर लंड़ को मम्मी की बुर मे पेल दिया! नेहा की चुत मे आधे से अधिक लंड़ को पेलकर उनके कमर को पकड़ा और एक तेज झट्का बुर मे दिया, चुददक्कर औरत की बुर मे लंड़ को तिरछा करके पेलने लगा और नेहा अपने भारी भरकम गांड़ को हिला ड़ुलाकर मुझसे चुदने लगी ! मम्मी की बुर के दिवार पर लंड़ धक्का मार रहा था और वो चुदने मे मस्गुल थी, अपने कुल्हे को आगे पिच्हे करते हुए हाफ़ रही थी…… “ऊह्हज आह्ह राहुल और तेज चोदो ना मेरी बुर पानी फ़ेंकने वाली है. ” लग्भग 10 मिनट की चुदाई के बाद उसकी बुर गिलि हो गयी और अब नेहा सोफ़ा पर बैठ्कर बुर चाट्ने को बोलने लगी, मै ज़मीन पर बैठा मम्मी की बुर के रस को चाट्ने लगा अब चुदाई करने का वक़्त फ़िर से आ चुका था ! नेहा अब बेड़ पर आ गयी तो मै उसको सुला दिया और उसके दोनो जङ्हा के बिच लंड़ पकड़े बैठ गया, उसके बुर के मुहाने पर सुपाड़ा को रखा और जोर का झट्का बुर मे दिया, आधे लंड़ घुसते ही मै थोड़ा सा लंड़ बाहर किया और फ़िर जोर से बुर मे धक्का दिया, मेरा पुरा लंड़ मम्मी की बुर मे था और वो जोर से चिल्लाने लगी…… “ऊउई बाप रे कितना मोटा लंड़ है बुर के दिवार पर नही राहुल सिधे चोद ना
(राहुल) चुपकर साली रंड़ी चुद आराम से. ” और नेहा को चोदता हुआ उसके बदन पर औंध गया, उसके स्तन मेरी छाती से दब रहे थे तो मै मम्मी की जबर्दस्त चुदाई कर रहा था, वो अपने नितम्ब को उपर निचे करते हुए चुदवा रही थी और फ़िर मेरा लंड़ बुर मे विर्यपात करा दिया !