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भैया ने मुझे कामुक किया : आकांक्षा (भाग ३)

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फ्रेंड्स
मैं आकांक्षा अग्रवाल अपने खूबसूरत जिस्म को नंगा कर घर के बागान में बैठी हुई थी तो मेरे भैया विशाल मेरे संग सेक्स का मजा ले रहे थे जिसमें की मुझे भी बहुत आनंद आ रहा था, जवानी के दहलीज पर कदम रखते ही यौन संबंध और उसके उत्तेजना को समझी तो उसका अनुभव काफी मजेदार रहा, मैं तो २० साल की लौंडिया और विशाल २३ साल का हेंडसम लड़का और उनके साथ कौमार्य भंग कराई फिर अपने क्लासमेट निलेश के साथ हमबिस्तर होकर अपने बदन की भूख मिटाने लगी लेकिन ये भूख तो ऐसी की जितना भोजन मिले उतनी ही भूख बढ़ती जाती है। कुछ देर बाद विशाल दो केन बीयर लेकर आया फिर मेरे बगल में बैठ गया तो मैं उसके हाथ से एक केन बीयर लेकर पीना शुरू की फिर विशाल सिगरेट जलाया और बियर पीते हुए मेरी ओर देखा तो मैं उसके शॉर्ट्स पर से लन्ड के उभार को पकड़ दबाने लगी और विशाल मुझे सिगरेट देकर बोला ” क्या रानी लन्ड को बाहर निकाल देता हूं तब पकड़ना ” और वो अपना शॉर्ट्स उतार नंगा हो गया, मेरे कंधे में हाथ डाल गाल चूमना शुरु किया तो मैं बीयर पीते हुए सिगरेट फूंक रही थी फिर विशाल मेरे बूब्स पर बीयर गिराया तो मैं उसके गाल चूम ली ” क्यों बूब्स पर बीयर का स्वाद चाहिए
( वो मेरे बूब्स पकड़ चाटने लगा ) बूर पर भी बीयर डालकर चाटो ना ” तो विशाल मेरे दोनों बूब्स पर बीयर गिराया फिर जीभ से चाटने लगा और एक हाथ जांघो के बीच डाल बूर में उंगली कर कुरेदने लगा तो मैं बीयर पीकर मस्त हो गई फिर उसके लन्ड हिलाने लगी तो विशाल मेरे चूची को जीभ से चाटकर बूर से ऊंगली निकाल दिया ” अब तू चल तुझे अंधेरे में खड़े खड़े चोदता हूं
( मैं उठी ) चल आज तो बूर में गर्भ निरोधक दवाई भी नही डालूंगी
( दोनों वहां से नंगे उठकर जाने लगे तो वो मेरे कमर में हाथ डाले हुआ था तो मैं उसके लन्ड पकड़ ली ) अच्छा यदि तू पेट से हो गई तो
( मैं उसके गाल चूम ली ) उहुं एक बार में प्रेगनेंट नहीं कर पाओगे ”
दोनों बागान के आखिरी छोर पहुंच चूके थे, विशाल और आकांक्षा दोनों ही नग्न थे तो अब भैया मुझे वहां लगे एक बेंच पर बैठने को बोला फिर मेरे चेहरे के सामने खड़ा हो गया तो मैं विशाल का लन्ड पकड़ चूमने लगी और वो एक पैर बेंच पर रख मेरे मुंह में लन्ड डालने लगा तो मैं मुंह खोले उसका आधा लन्ड अन्दर ले ली फिर चूसना शुरु की तो विशाल हाथ को मेरी बूब्स पर लगाया और दबाने लगा, मेरे गले में सुपाड़ा अटक रहा था सो थोड़ा सा लन्ड मुंह से बाहर कर उसके कमर में हाथ डाल दी फिर चेहरा आगे पीछे करते हुए मुखमैथुन करने लगी तो विशाल मेरे सर के पीछे हाथ लगाया फिर मेरी मुंह में ही लन्ड का धक्का देने लगा और दोनों कामुकता के चरम पर थे। कुछ देर बाद विशाल का लन्ड मुंह से निकाल दी फिर बोली ” आज क्या सिर्फ ब्लोजॉब ही होगा या फिर
( विशाल हंस दिया ) डार्लिंग चल अब बेंच पर ही डॉगी स्टाइल में हो जा फिर चुदाई करता हूं ” और मैं झट से अपने हाथों को बेंच के पिछले हिस्से पर रखी तो घुटनों के बल होकर चूतड चमकाने लगी, विशाल मेरे जांघों को फैलाकर लन्ड को बूर में घुसाने लगा तो आधा लन्ड मेरी चूत में घुसते ही मैं पीछे मुड़कर देखी और इतने में विशाल जोर का धक्का देकर चोदने लगा तो मैं चींख उठी ” आह ओह फाड़ दिया मेरी चूत को
( विशाल एक पैर बेंच पर रख मेरे कमर को पकड़े धकाधक चुदाई कर रहा था ) तेरी कितनी बार फटेगी बेबी मजे कर ” और मैं चूतड हिलाना शुरु कर दी तो मेरी कोमल चूत में लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था और मैं तो संभोग सुख की आदि हो चुकी थी, विशाल का लन्ड मेरे कोमल चूत में किसी खरंजा की तरह चुभने लगा और मेरी चूत तो गर्म हो चुकी थी ” आह ओह उह आआआअह विशाल और तेज चूत से रस निकलने पर है ” और विशाल ७-८ धक्का दिया तो चूत रसीली हो गई, मैं अब सीधे खड़े होकर बदन के दर्द को दूर करने लगी तो विशाल बैठकर मेरे बदन को सहलाने लगा और फिर मैं विशाल के चेहरे के सामने खड़ी हुई वो भी जांघों को फैलाकर, एक पैर बेंच पर रख दी और विशाल के गाल सहलाते हुए बोली ” अब जरा चूत चाट ले डियर
( वो मेरे चूतड को सहलाने लगा और जांघो के बीच चेहरा किए बूर चूम लिया ) और क्या करना है बेबी
( मैं बोली ) चाहो तो तेरे मुंह में ही मूत दूं ” वो चूत को जीभ से चाटने लगा और उसके दोनों हाथ मेरे मांसल चूतड को सहला रहे थे, विशाल का चेहरा मेरी जांघों के बीच में था और वो जीभ से चूत चाटने में लीन था ” आह ओह उह आआआह्हह विशाल चोद मुझे बहुत खुजली हो रही है
( वो बोला ) क्यों नहीं लन्ड भी तो तेरे चूत में ही दम तोड़ना चाहता है ” और फिर मुझे वहीं पर खड़ा रहने बोला साथ ही मैं बेंच के सहारे हाथ रख जांघो को फैलाई, बिल्कुल ही घोड़ी की तरह खड़ी थी तो विशाल मेरे चूतड के सामने खड़ा होकर बूर में लन्ड घुसाने लगा, उसका आधा लन्ड तो मेरे रसीले चूत में आराम से घुस गया फिर वो मेरे कमर पकड़े जोर से धक्का देकर चोदने लगा ” आह मजा आ गया और तेज चोद साले तेरी मां भी इतनी सेक्सी नहीं होगी ” और मैं खड़े खड़े चूतड को हिलाने लगी तो विशाल चुदाई करने में मस्त था, मेरी चूत में लन्ड का धक्का मुझे मजा दे रहा था तो मैं चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए संभोग सुख का मजा ले रही थी और विशाल चोदते हुए हांफने लगा ” आह तेरी चूत बहुत ही मस्त है साली लेकिन मेरी मां की चूत तो मानो कोई भोंसड़ा हो जिसमें घोड़े का लन्ड भी समा सकता है
( मैं पीछे मुड़कर हंस दी ) साले उससे ही तू पैदा हुआ है अब जल्दी से रस झाड़ और बूर को शांत कर दे
( विशाल का लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था ) आह ओह ले निकल गया साली ” और उसके लन्ड से वीर्य की धार छूट पड़ी, मेरी चूत तो रस गिरते ही चिपचिपा हो गया फिर विशाल लन्ड को बूर से निकाला तो मैं बेंच पर बैठ गई।

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