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भैया ने मुझे कामुक किया : आकांक्षा (भाग २)

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फ्रेंड्स
मैं आकांक्षा अपने बड़े भाई विशाल के साथ घर के बागान में थी, मेरे जिस्म पर तो नाईट गाऊन थी और विशाल शॉर्ट्स सहित बनियान पहन रखा था, दोनों बागान में लकड़ी के बेंच पर बैठे तो विशाल पीलीबेग से बीयर की दो केन निकाला फिर मेरे करीब होकर मेरे गाल चूम लिया ” बेबी यहीं पर तुम्हें और तुम्हारी मॉम को नंगा कर चोदूं तो मजा आ जायेगा
( मैं हंस दी और उसके हाथ से बीयर की केन ले ली ) तो रोका किसने है, यहीं पर फिलहाल मेरे साथ मजा लो फिर मॉम आएंगी तो उन्हें भी
( विशाल सिगरेट जलाया और फूंकने लगा ) सही बोली रानी लेकिन मॉम तो आज चूद्वा कर ही आएंगी
( मैं बीयर पीने लगी ) उससे क्या बहुत कम धंधे वाली होगी जो उनके सामने बेड पर टिक पाएगी, कभी खुजली मिटती ही नहीं ” और विशाल मुझे सिगरेट पीने को दिया फिर मैं बीयर पीते हुए सिगरेट फूंकने लगी, विशाल मेरे नाईट गाऊन की डोरी खोल बूब्स पकड़ दबाने लगा तो मैं बीयर की केन बेंच पर रख उसके शॉर्ट्स को नीचे कर दी। मेरा खूबसूरत जिस्म नाईट गाऊन में था जिसकी डोरी खोलकर विशाल मेरे चूची को पकड़ दबाए जा रहा था साथ ही चेहरा चूमने लगा तो मैं भैया के लन्ड पकड़ सहलाने लगी, तभी विशाल मेरे रसीले ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा और मैं उसके टाईट लन्ड को पकड़ हिलाने लगी, विशाल और मैं फिर से बीयर पीने लगे तो मैं नाईट गाऊन को कंधे तक कर रखी थी, मेरे बूब्स नंगे थे लेकिन पेंटी पहन चूत को ढक रखी थी।
शाम के ०७:१५ बजे होंगे तो घर के बागान में लैंप ही हमें रोशनी दे रही थी और दोनों अर्ध नग्न अवस्था में बैठकर बीयर पिए फिर विशाल मेरे गाल चूमने लगा तो मैं उसके बनियान को उतार डाली, अब भैया भी मेरी नाईट गाऊन उतार मुझे नंगा कर दिए और दोनों करीब होकर एक दूसरे के चेहरे को चूमने लगे, आखिर में विशाल के मुंह में जीभ घुसाई और वो मेरी जीभ चूसते हुए मुझे अपने जांघो पर बिठा लिया तो मैं उसके कंधे में बाहें डालकर फ्रेंच किस्स का मजा ले रही थी और विशाल मेरे चूतड की ओर से चूत में उंगली डालने लगा तो मैं अब उसकी छाती से बाईं चूची रगड़ते हुए मस्त थी फिर विशाल जीभ निकाल दिया तो मैं उसके कंधे पर सर रख बोली ” पहले मेरी चूत चाटो
( वो हंस दिया ) नहीं पहले दूध पिऊंगा फिर चाटूंगा ” विशाल मुझे गोद से उतारा फिर बगल में बैठे मेरे चूची को मुंह में लिए चूसने लगा तो उसका एक हाथ दूसरे चूची को पकड़ दबाए जा रहा था और मैं विशाल के ७ इंच लम्बे लन्ड पकड़ हिलाने लगी ” उह आह ओह बहुत मजा आ रहा है चूस साले अपनी मां की दूध पी ले ” और वो चूची को चूसता हुआ अब मेरे जांघों के बीच हाथ लगाया तो मैं समझ गई की उसे क्या चाहिए, अपनी जांघो को फैलाकर उसके हाथ पकड़ बूर पर रख दी फिर तो वो बूर के फांकों के बीच उंगली रगड़ते हुए चूची चूसने में मस्त था ” आह उह उई मेरी बूर में कितनी गुदगुदी हो रही है आआआह्ह्ह ” लेकिन वो बूर में उंगली डाल कुरेदने लगा तो चूची चूस चूसकर लाल कर दिया, मैं उसके गाल चूम ली फिर बोली ” घांस पर लेट जा ताकि तेरा लन्ड चूस सकूं ” दोनों घांस पर बैठ गए।
हम दोनों पेड़ पौधों के बीच घांस पर बैठ सेक्स का लुफ्त उठा रहे थे तो विशाल मुझे बोला ” चल घुटने के बल मेरे सामने बैठ जा ” मैं उसके सामने घुटने के बल बैठ गई तो वो मेरी दाईं चूची पकड़ मुंह में भर चूसने लगा और उसका हाथ मेरी फैली हुई जांघो के बीच था, वो स्तनपान करते हुए बूर में दुबारा से उंगली डाल कुरेदने लगा तो मैं ” आह ओह अब छोड़ दो डियर चूत में बहुत खुजली हो रही है आआआह्ह्ह्ह ऊऊह उई ” इतने में विशाल चूची मुंह से निकाल दिया तो मैं उसके हाथ पकड़ चूत से उंगली निकाल दी और विशाल दुबारा लकड़ी के बेंच पर बैठा तो मैं उठकर खड़ी हुई फिर उसके सामने घुटने के बल बैठकर लन्ड पकड़ ली ” लन्ड तो कुछ ज्यादा ही मोटा हो गया है किधर मुंह मार रहे हो
( विशाल मेरे गाल सहलाने लगा ) तू और तेरी मॉम को ही तो मजा दे रहा हूं नही तो अभी तक हस्तमैथुन ही करता रहता ” और मैं विशाल के लन्ड का चमड़ा नीचे कर उसे चूमने लगी, लन्ड तो गेहूंवा रंग का और सुपाड़ा ब्राउन रंग का मांस्ल हिस्सा था जिसे मैं चूमते हुए उसके झांट में उंगली घुमाने लगी फिर सुपाड़ा सहित आधा से अधिक लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी, क्या लोलीपॉप और क्या आइस क्रीम इस लन्ड के सामने सब फेल है जिसे मैं मुंह में रख चूसे जा रही थी तभी विशाल मेरे सर पर हाथ रख नीचे से लन्ड का धक्का देने लगा और मैं मुखचुदाई कराते हुए मस्त थी, पूरा जिस्म कामग्नि के गिरफ्त में था तो लन्ड चूसते हुए मुंह से लार टपकने लगा और मैं लन्ड मुंह से निकाल उसे जीभ से चाटने लगी तो विशाल बोला ” मुखमैथुन में तो तेरी मां भी तेरे सामने फेल है
( मैं उसे बोली ) फिर भी तो उसके गांड़ के पीछे चक्कर काटते रहते हो ” और मैं उठकर उसके बगल में बैठ गई फिर पानी का बोतल लिए पानी पीने लगी तो विशाल उठकर खड़ा हुआ फिर मेरे सामने घुटने के बल बैठ जांघो को पूरी तरह से फैलाया तो मैं दोनों जांघें हवा में लहरा दी और वो बूर पर चुम्बन देता हुआ मेरे जांघ सहलाने लगा फिर चूत को उंगली से फैलाया और जीभ डाल चाटने लगा तो मैं बूर की गुदगुदी से सिसकने लगी ” आह ओह उह आआआअह विशाल चाट बे कुत्ते बूर को खा जा
( वो जीभ निकाल बोला ) डार्लिंग तेरी बूर में जो क्लिटोरिस है ना उसे चूसता हूं ” और वो मेरे भगनाशा को ओंठो के बीच लेकर चूसने लगा, मेरी तो जान निकलने लगी ” आह ओह उह अब दुबारा रस गिरेगा डियर ” , बूर से रस निकलने लगा फिर वो जीभ से बूर चाट लिया। दोनों शारीरिक संबंध बनाते वक्त पसीना पसीना हो चुके थे भले ही वसंत ऋतु थी फिर भी काम क्रिया करते वक्त बदन का तापमान बढ़ता ही है और विशाल झट से शॉर्ट्स पहन लिया ” तुम आराम से रहो मैं और बियर लेकर आता हूं ” फिर भैया घर के अंदर चले गए, आगे क्या हुआ इंतजार कीजिए।

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