बुआ की चुदाई 2 – bharat143 | Erotic Stories
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बुआ की चुदाई 2 – bharat143

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नमस्कार दोस्तों

पिछली कहानी में मैंने आपको बताया की मैंने कैसे अपनी बुआ को रात भर चोदा मेरी कहानी आपको कैसी लगी मुझे ईमेल करके जरूर बताइये

अब आगे

रातभर चार बार चुदाई करने से मैं बहुत थक चूका था, इसीलिए मैं मैं बहुत देर तक सोया रहा, लेकिन मेरी बुआ सुबह जल्दी उठी, और उसने घर का सारा काम कर दिया और मुझको नींद से जगाने के लिए आई. और मेरे ऊपर से कम्बल खीच के मुझे उठाया. मैंने उठकर सबसे पहले मोबाइल उठाया, ग्यारह बज चुके थे. तभी बुआ बोली
बुआ: उठो मेरे राजा जल्दी से तैयार हो जा, आज बहुत काम करना है
मैं: वो बुआ जी मेरा सर थोडा दर्द कर रहा.
बुआ: कुछ नही होगा, तुम्हारा पहली बार था इसीलिए थोडा सर में दर्द हो रहा होगा, मैंने बाथरूम में गर्म पानी रखा है जल्दी से नहा लो, तब तक मैं तुम्हारे लिए नाश्ता तैयार करके रखती हु
मैं: ठीक है बुआ जी

और मैं नहाने के लिए जा ही रहा था तभी बुआ बोली,
बुआ: भारत जरा रुक पहले मैं तुम्हारे सर का मलुश कर देती हु
मैं: ठीक है बुआ

और बुआ अपने चूतड़ हिला के चली गई, और कुछ देर बात दूकान से नवरत्न तेल लेके आई

बुआ: मेरे राजा आजा मैं तुम्हारे सर की मलुश कर देती हु

मैं बुआ पास जाकर बैठ गया और बुआ अपने हाथ से मेरे सर पर मालिश करने लगी
बुआ के हाथो की मालिश से मुझे बहुत अच्छा लग रहा था

मैं: बुआ आप हमारा बहुत ख्याल रखती हो

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बुआ: ख्याल तो तुम्हारा रखना ही पड़ेगा मेरे राजा, तुम भी इसके बदले में मेरा ख्याल रखो बस
मैं: हा बुआ जी, आप से मैं आप जो बोलेगी वही करूँगा.

बुआ: अब तुम मुझे बुआ मत कहो, अब तो मैं तुम्हारी पत्नी की तरह हु, तुम अकेले में मुझे मेरे नाम से बोला करो
मैं: ओके बुआजी

बुआ: फिर बुआ
मैं: sorry आजसे मैं आपको राधा ही बोलूंगा
बुआ: अब कैसा लग रहा है सर को
मैं: बहुत अच्छा लग रहा है, मेरा पूरा शारीर जकड़ गया है, आप मालिश करदो
बुआ: ठीक है, उतारो अपने कपड़े

मैंने अपने कपड़े उतारे और बिस्तर पड़ा रहा

बुआ: अब मुझसे क्या शर्माना ये अंडरवियर भी उतार दो
और बुआ ने मेरी अंडरवियर झट से निचे खिची, और बुआ तेल से मेरी पीठ पर मालिश कर रही थी. धीरे धीरे वह मेरे चूतडो को सहलाने लगी. मुझे तो बहुत ही मजा आ रहा था. और फिर मेरे जांघो को सहलाते हुए मेरे पैर तक आई. और मुझे सीधा होने के लिए कहा.
मैं भी सीधा हुआ, अब बुआ मेरे मेरे छाती को सहला रही थी. मेरे छाती पर बाल थे, इसिलए सहलाते सहलाते वो बिच बिच में मेरे बाल नोच रही थी, मुझे हल्का सा दर्द हो रहा, लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था.
फिर बुआ बोली जल्दी नहा कर आ मैंने तुम्हारे लिए बाथरूम में गर्म पानी रखा है

मई: ठीक है मेरी प्यारी राधा
और मैं नहाने चला गया.
और नहाने के बाटी सिर्फ टॉवल लपटकर मैं आया. बुआ ने मेरे लिए गर्म नाश्ता बनाया, हम दोनों ने साथ नाश्ता किया और मेरे रूम में चले आये
बुआ: अब मैंने तुम्हारी बहुत सेवा की अब तुम मेरी सेवा करो

मेरी बुआ में लाल साडी पहन रखी थी, इस साड़ी में बुआ कमाल की लग रही थी. मैंने बुआ का पल्लू खीचा और उनके ब्लाउस के बटन खोलने लगा. मैं आपको बता दू की गाव में औरते ब्रा नही पहनती इसीलिए सीधा बुआ के बड़े बड़े चुचे आझाद हो गये. मैं बुआ के चुचे जोर जोर से रगड़ रहा था और बुआ की सांसे तेज होती जा रही थी. मैं बुआ के बूब्स दबाते दबाते उनके होठो को भी चूस रहा था, करीब पञ्च मिनिट ऐसा ही करने के बाद मैं बुआ को चाटते चाटते बुआ की नाभि तक आ पहुंचा.

बुआ की नाभि पर किस करते करते उनकी चूत पर आ गया. बुआ के सुबह ही अपनी झान्टो वाली चूत शेव की थी. मैंने अपनी जीभ बुआ की चूत में डाल दी और मैं उसकी चूत को चूसने लगा
बुआ: आआआआआआ अ अ अ अ ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊऊम्मम्मह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊऊऊऊस्सस्सस्सस्स

ऐसी आवाजे निकलने लगी
बुआ: ऊऊऊऊऊऊऊह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् अब मत तड़पाओ मेरे राजा जल्दी से अपना लण्ड घुसा दे मेरी चूत के अंदर. अब मुझसे रहा नही जा रहा
मैं: ठीक है रंडी अभी डालता हु अपना लण्ड तुम्हारी फ़ुद्दी में

और मैंने अपने लण्ड की चमड़ी पीछे की तरफ किसकी और बुआ ने कमर के निचा एक तकिया डाला, और मेरे खंदो पर अपने पैर रख दिए.
मैंने अपना लण्ड बुआ की चूत पर सेट किया और एक जोरदार धक्का मारा.
मेरा पूरा का पूरा लण्ड बुआ की चूत में आसानी से चला गया, क्यों की बुआ की उम्र तो 42 थी और मैं 23 का. और लगातार धक्के मारता रहा.
मुझको बहुत मजा आने लगा था और बुआ भी बहुत मस्ती में अपनी मुह से सिस्कारिया निकाल रही थी
बुआ: भारत और जोर से चोदो, और जोर से. बहुत मजा आ रहा है, आ आ अ अ हा हा फाड़ दे मेरी चूत बना दे आज इसका भोसड़ा
मई: फ़िक्र मत करो आज मैं आपको बहुत सुख देनेवाला हु, आप बस देखती रहो मैं क्या क्या करता हूँ
बुआ: मैं सिर्फ तुम्हारी हु तुम जो चाहे रहो. ओओओओ आआआआ बहुत मजा आ रहा है

और मैं बुआ को पेलता गया. लगभग 7 मिनिट के बाद बुआ का शारीर अकड़ने लगा और बुआ ने अपना कामरस छोड़ दिया. आज मैंने पहले ही शॉट में बुआ को तृप्त कर दिया, लेकिन मेरा लण्ड अभी भी तना हुआ था.
अब मेरे मन में कुछ अलग तरीके से सेक्स करने की सूचि. मैंने बुआ के चूत में फिर से लण्ड घुसा दिया और बुआ को अपने पैर मेरे कमर पर दबाने के लिए कहा, बुआ ने भी वैसा ही किया. अब मैंने बुआ की पीठ पर अपने दोनों हाथ रखे और उनको अपने बहो में भर लिया और उसी पोजीशन में मैं खड़ा हुआ. लेकिन बुआ का ज्यादा होने के कारण मैं यह पोजीशन ट्राय नही कर सका.
और बुआ को उल्टा करके पीछे से उनकी चूत में अपना लण्ड घुसेड़ दिया और लगातार धका पेली करता रहा, मुझे बहुत मजा आ रहा था, बुआ भी बहुत मस्ती आई थी
बुआ: आज सच में बहुत मजा आया मेरी जान. इतनी इच्छी तरह मेरी अब तक किसीने भी चुदाई नही की
मैं: एक बात बोलू आपसे
बुआ: बोल मेरे राजा
मैं: सच सच बताना तुमने फूफा के चले जाने बाद किस किस चुदाई की है
बुआ: सिर्फ दो आदमी से ही मैं चुदती हु और वह भी महीने में एक या दो बार
मैं: कोण कोण है वो
बुआ: हमारे गल्ली का दुकानदार और एक जीप ड्राईवर
मैं: तभी तो तुम्हारी चूत इतनी ढीली है
बुआ: लेकिन आज से मैं सिर्फ तुमसे ही चुदुंगी उन दोनों का पत्ता कट

अब चुदते चुदते बहुत डेर हो चुकी थी लगभग 17 मिनिट तक मैंने बुआ को पलंगतोड़ चोदा और मेरा वीर्य निकल गया. मैंने बुआ की चूत में ही अपना वीर्य नकाल लिया.
और मैं निढाल हो कर बेड पर पड़ा रहा और बुआ मेरे ऊपर पड़ी रही

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