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अनैतिक संबंध : भाग २

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पिछले भाग के आगे…. विशाल तो पोर्न मूवी देख हस्तमैथुन किया करता था और सेक्स से बिल्कुल ही अनजान था लेकिन मेरी हॉट मॉम विशाखा ही मुझे अपनी ओर आकर्षित कर लेगी सोचा नहीं था और फिर मॉम बेटा के सामने नंगी थी तो ये एक पाप था जिसे दोनों कर रहे थे, विशाखा आकर लेट गई तो मैं अब मॉम के जांघो को सहलाने लगा ” नीड ब्लोजॉब
( मैं बोला ) नहीं थोड़ी देर तो टिक पाऊंगा
( मॉम बोली ) ओके तो शुरू हो जा देखूं अपने बेटे में कितना दम है
( मैं जांघो के बीच घुटनों के बल बैठे लन्ड को बुर में घुसाने लगा ) अब भी तेरी वेजिना इतनी टाईट है ” मॉम चुप रही और मेरा लन्ड पूरी तरह अंदर चला गया, कोमल गुदाज बुर में लन्ड था तो मानो मुझे काफी मजा आ रहा था और मैं अब मॉम की बुर में धक्का देने लगा तो विशाखा लेटे हुए मस्त थी ” तेरे पापा को मेरे लिए समय कहां है तो मजबूरन लेडिस क्लब जाती हूं और फिर शराब की आदत लग गई
( मैं मॉम के ऊपर लेटकर चोदने लगा ) सब ठीक है मैं तो आपकी कमी को जानता था लेकिन करता भी तो क्या
( मॉम चूतड उछालते हुए चुदाने लगी ) मॉम ने अपने बेटा को सेक्स के लिए प्रपोज किया ” और वो मेरे ओंठ चूम रही थी, उनके खूबसूरत जिस्म जोकि मखमली थी पर लेटकर उनके गोल गोल बूब्स का एहसास छाती पर तो कमर से कमर का घर्षण यकीनन मेरे लिए सब कुछ नया था तो विशाखा चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में मस्त थी, वो मेरे पीठ पर हाथ फेरते हुए गाल चूमने लगी ” और तेज बी फास्ट डियर तुझे तो मैं जल्द ही ट्रेनिंग देकर पोर्न किंग बना दूंगी फिर मेरी दोस्तों को भी चोदना
( मेरा लन्ड रसीले बुर में गपागप अंदर बाहर हो रहा था तो मॉम बोली ) लवली तुम जल्दी झडोगे ऐसा नहीं हुआ बहुत खूब ” और मैं भी लन्ड के टिकने से अचंभित था, जीवन में पहली बार चुदाई कर रहा था वो भी मॉम की बुर को फिर भी चार मिनट से चोदे जा रहा था और मॉम तो मुझे अपने बदन पर लिटाए चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में लीन थी ” आह ओह बुर को कितने दिनों के बाद मजा मिल रहा है
( मैं उनके ओंठ चूम लिया, ) क्यों विशाखा तेरे हब्बी तुझे नहीं चोदते
( विशाखा हंस दी ) २१ साल से एक ही बदन कितना मजा मिलेगा इसलिए तो मैं भी बिस्तर बदलती रहती हूं ” और अब मॉम की बुर गर्म लग रही थी तो मैं उनके ऊपर से उठा फिर वाशरूम जाकर मूतने लगा, वापस आया फिर विशाखा को घुटनो के बल किए गांड़ की ओर से बुर मे लन्ड घुसाया और धकाधक चुदाई करने लगा, मेरी मॉम तो काम की मूर्त थी और लंबा अनुभव इसलिए चूतड को हिलाते हुए चुदाई का मजा दूना कर रही थी तो मैं उनकी बुर में लन्ड पेलता हुआ हांफने लगा ” उह आह ओह मॉम इतनी देर मेरा लन्ड बुर में टिकेगा, सोचा नहीं था
( मॉम बोली ) मॉम को बेड पर विशाखा बोला कर तेरी मॉम नंबर वन रण्डी है ” और फिर मैं लन्ड का रगड़ा बुर को देता हुआ वीर्य स्खलित कर दिया फिर मॉम मेरे लन्ड चूस कर वीर्य का स्वाद ले ली, वो वाशरूम चली गई और मैं उनके आते ही फ्रेश हुआ फिर दोनों नंगे ही एक साथ सो गए।
अगली सुबह…….
मेरी नींद खुली तो मॉम बिस्तर पर नही थी और मैं उनके वाशरूम में फ्रेश हुआ फिर रूम से निकला, डाइनिंग हॉल में मॉम और बहन आकांक्षा बैठे हुए थे तो आकांक्षा नाश्ता कर रही थी और फिर मैं कामवाली को चाय बनाने बोला तो बहन बोली ” भैया मुझे स्कूल ड्रॉप कर दोगे
( मैं बोला ) ठीक है चाय पीकर चलता हूं ” और फिर बहन को बाईक पर बैठाया और उसके स्कूल ड्रॉप करने चला गया भले ही वो बाइक पर दूरी बनाए बैठी थी लेकिन कभी कभार उसके बूब्स का एहसास मेरी पीठ को मिल रहा था और पहली बार मुझे बहन के बदन का स्पर्श भी मुझे कामुक कर रहा था, उसे स्कूल में छोड़ा फिर लौटते वक्त एक वाईन शॉप से बियर की बोतल लिया और पीकर वापस घर आया तो मॉम डाइनिंग हॉल में बैठकर टी वी देख रही थी तो कामवाली किचन में खाना बना रही थीं। मॉम उजले रंग की कुर्ती और काले रंग की स्कर्ट पहन रखी थी तो उन्हें देख मेरा मन तड़प उठा और वो मुझे पास बुलाई ” तुम कहीं जाओगे क्या
( मैं बोला ) नही ठीक है तो ऊपर के रूम में जाकर पढ़ाई करो मैं आती हूं ” इशारे से सब समझ चुका था और फिर ऊपर के कमरे में गया और कपड़ा बदल कर फ्रेश हुआ, बेड पर लेटे हुए मॉम का इंतजार कर रहा था।
विशाखा कुछ देर बाद आईं फिर रूम में घुसते ही दरवाजा बंद कर दी और मुझे देखते हुए अपने कुर्ती को उतार फैंकी ” किसकी याद में बीयर पी रखा है हीरो
( मैं उनके बूब्स को ब्रा में देख तड़प उठा ) वो है एक लौंडिया विशाखा अग्रवाल और उसने मेरी रातों की नींद उड़ा दी है ” मॉम बेशर्म की तरह स्कर्ट को भी उतार दी तो उनके बदन पर सिर्फ ब्रा और पेंटी ही था तो मैं उन्हें देखता हुआ मस्त था, आकर मेरे सामने बैठी फिर मेरे बनियान और शॉर्ट्स को उतार दी फिर मेरे गाल चूमते हुए लन्ड को पकड़ हिलाने लगी तो मैं मॉम के ओंठ मुंह में लिए चूसने लगा और मेरे हाथ उसके पीठ पर थे, ब्रा की हुक खोल दिया तो बूब्स उससे बाहर निकल गए और मैं मॉम की ओंठ छोड़ पूछा ” अगर बेबी यहां आई तो
( मॉम मेरे चेहरे को सहलाने लगी ) बोल कर आई हूं की इधर नो एंट्री ” और मैं मॉम के ओंठ को ज्योंहि जीभ से चाटने लगा वो खुद अपना जीभ निकाल मेरे मुंह में डाल दी और अब विशाखा मेरे गोद में जांघें फैलाई बैठ गई तो दोनों फ्रेंच किस्स में लीन थे, उनका गोल गुंबदाकार गांड़ के नीचे हाथ लगाया तो बुर फैली हुई थी और मैं उसमें उंगली घुसाए जीभ चूसते हुए मस्त था, मेरा लन्ड तो टाईट हो चुका था तो मॉम मेरे गर्दन में हाथ डाले जिभ्ब चुसवा रही थी और बुर में उंगली करते हुए मैं इस सोच में था की इन्हें तो नीग्रो का लौड़ा चाहिए और फिर जीभ मुंह से निकाल मेरे कंधे पर सर रखी ” भले ही मैं तुम्हारी मां हूं लेकिन उसके पहले एक औरत भी इसलिए बेझिझक मेरे साथ सेक्स करो ” और मैं मॉम को बेड पर लिटाया फिर उनके बूब्स पकड़े दबाना चालू किया तो वो स्नान करके मुझसे चुदाने को तैयार थी, आगे अगले भाग में।

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