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अनैतिक संबंध : भाग ३

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पिछले भाग के आगे… मैं ऊपर के कमरे में था तो सुबह सुबह ही उनकी इच्छा सेक्स करने की हुई और मैं अपनी बहन आकांक्षा को स्कूल से ड्रॉप कर घर वापस आया तो रास्ते में एक बोतल बियर पी लिया, मॉम विशाखा पापा के प्रोफेशन की वजह से ही इधर उधर मुंह मारते रहती थी और उनके शरीर की भूख शायद अब पापा पूरा नही कर पा रहे थे। देर रात नशे में चूर विशाखा के साथ मैं हमबिस्तर हो गया लेकिन क्या मेरे जीवन का पहला शारीरिक संबंध मॉम के साथ ही बनना था, पता नही लेकिन अब जो भी हो रहा था वो दोनो की चाहत थी और मैं मॉम को एक हॉट और सेक्सी औरत के रूप में देख रहा था तो वो मुझमें एक ऐसे मर्द की तलाश कर रही थी जोकि उनके काम वासना को पूरी कर सके। मॉम सिर्फ पेंटी में मेरे गोद में बैठी हुई है तो उनके जीभ चूसता हुआ उन्हें थोड़ा कामुक किया फिर उनको बिस्तर पर लिटाया तो सुबह के १०:२० बजे थे और वो ब्लैक रंग की पेंटी पहने लेटी हुई थी तो मैं उनके चेहरे को झुककर चूमने लगा और वो मेरे बदन से कपड़े हटाकर नग्न कर चुकी थी, मेरे पीठ पर नाखून गड़ाने लगी तो दोनों एक दूसरे के चेहरे को चूमने लगे ” उह आह तुम बहुत स्ट्रॉन्ग हो रात को बहुत मजा आया
( मैं उनके गुलाबी ओंठ मुंह में लिए चूसा फिर बोला ) अभी तो आपकी गांड़ चोदूंगा तब मुझे मजा आयेगा ” और मैं मॉम के गर्दन को चूमने लगा साथ ही बूब्स को पकड़े दबाए जा रहा था तो विशाखा का मांसल बदन गोरा और काम रस से भरा हुआ था, मैं तो उनको चूमता हुआ नीचे की ओर खिसक रहा था और वो सिसकियां भर रही थी ” आह उह उई गांड़ चोदेगा बहुत दिन हो गए डियर इसलिए तेल डालकर ही करना ” मैं जांघ तक को चूमने लगा फिर मॉम के पेंटी पर से ही बुर को सहला रहा था, उनकी बुर तो ब्रेड पकोड़ा की तरह फूली हुई थी और मैं उनके चिकने जांघ को चूमते हुए मस्त था की मॉम खुद ही पेंटी की डोरी खोल दी, मेरे सामने नग्न बुर था जिसे मैं देखा फिर बोला ” मॉम प्लीज आप उल्टा लेट जाइए ” तो विशाखा पट लेट गई और मैं उनके कमर के नीचे तकिया लगाया तो उनकी चूतड बेड से थोड़ी ऊपर थी, अब तो उनके गोल गुंबदाकार गांड़ साथ ही गांड़ की दरार, गांड़ का छेद तो बुर सब मेरे सामने थे, मैं बुर में उंगली घुसाया और फिर मॉम की गांड़ के दरार को जीभ से चाटने लगा, विशाखा आहें भर रही थी ” ओह इट्स फाइन लीक माय एस ” तो मैं बुर से उंगली निकाला फिर गांड़ के छेद को फैलाकर उसे जीभ से चाटने लगा तो मॉम की गांड़ सही में टाईट थी और दोनों फांक सटे हुए, मैं गांड़ के मांस्ल हिस्से को पकड़ दबाने लगा तो जीभ से गांड़ चाटे जा रहा था और वो कामुकता वश अपने पैर बेड पर रगड़ते हुए मस्त थी ” ओह उह गांड़ में तेल या क्रीम डालकर चोदना नही तो मेरी जान निकल जाएगी ” और मैं उनके गांड़ को कुछ देर तक चाटा फिर बुर को फैलाए जीभ घुसाए चाटना शुरू किया।
विशाखा की गांड़ हो या चूत या फिर बड़ी बड़ी चूचियां सब उम्र के हिसाब से शेप में थी लेकिन आखिरकार मेरी मॉम थी तो यकीनन मेरे लिए उनका गुप्तांग बड़ा ही था, अब बुर में जीभ घुसाए चाटने लगा की कोई दरवाजा नॉक किया और मैं बुर से जीभ निकाला ” ओह डार्लिंग लगता है बेबी आई होगी तुमको खोजते
( मॉम नंगे उठी फिर झट से टॉप्स और स्कर्ट पहन ली तो मैं वाशरूम चला गया ) कौन है ” फिर शायद वो जाकर दरवाजा खोली तो बेबी ही थी ” मैडम खाना में क्या बनाना है, वही पूछना भूल गई थी
( मॉम गुस्से में थी ) तुझे बोली थी की मुझे डिस्टर्ब मत करना, कुछ जरूरी काम निपटा रही हूं ” और फिर मॉम उसे खाने के बारे में बोली, मैं वाशरूम में था तभी मॉम आवाज दी ” बाहर निकल अक्ल के दुश्मन
( मैं निकला ) मेरे पर क्यों गुस्सा कर रही हो
( मॉम बोली ) बेबी क्या सोचेगी, तुम भी तो अपने कपड़े पहन यहां रह सकते थे, उसको जरूर कुछ शक होगा ” मैं मॉम को बाहों में लेकर गाल चूमने लगा ” सोचने दो उससे क्या फर्क पड़ता है ” और फिर विशाखा बेड पर लेटी तो मैं उसके स्कर्ट को ऊपर उठाया, पेंटी तो पहनी नही थी इसलिए बुर को सहलाते हुए अपना शॉर्ट्स उतार दिया, लन्ड को बुर में घुसाने लगा तो मॉम झल्ला गई ” तुम तो मेरी गांड़ चोदना चाहते थे
( मैं धक्का देकर चोदने लगा ) अब रात को तेरे गांड़ की तेल मालिश करके चोदूंगा ” और उनके बुर में लन्ड का रगड़ा देते हुए उनके ऊपर चढ़ गया तो विशाखा अपने टॉप्स उतार दी, मैं चोदने लगा तो वो मेरे गाल चूम चूतड उछालना शुरू की और दोनों संभोग क्रिया में लिप्त हो गए। मैं विशाखा के गुदाज चूत में लन्ड का वार तिरछा कर रहा था तो मॉम मुझे बाहों में जकड़े चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी और मैं उनके गाल चूमने लगी, मॉम में तो काम रस के साथ साथ मादकता भरी पड़ी थी, वैसे भी मारवाड़ प्रांत की औरतें काफी सेक्सी, हॉट और खूबसूरत होती है तो मैं मॉम को चोदता हुआ उनके ओंठ चूमने लगा तो मॉम मेरे पीठ सहलाने लगी और मैं तो लन्ड को तेजी से अंदर बाहर करता हुआ मस्त था। विशाखा अब चुदाते हुए बोलने लगी ” तुम्हारे पापा की वजह से में बदनाम हो गई, शुरू में तो मुझे पूरा प्यार देते थे लेकिन फिर गैरों के संग ही चुदाना तकदीर में लिखा था
( मैं गपागप लन्ड बुर में पेलते हुए मस्त था ) कोई नही डार्लिंग मैं भी तेरा ही हूं और तुमको कभी जरूरत लगे मुझे बोलना ” और फिर मॉम की बुर रसीली हो गई तो मैं लन्ड निकाला फिर मॉम की बुर में जीभ घुसाए चाटने लगा तो विशाखा मेरे बाल सहलाने लगी ” चल साली रण्डी अब डॉगी स्टाइल में हो जा
( विशाखा अपने को घुटनों के बल की तो मैं बुर में लन्ड डाला ) अपनी मॉम को रण्डी बोलता है
( मैं धकाधक चुदाई करने लगा और उनके सीने से झूलते स्तन पकड़ दबाने लगा ) सॉरी मॉम यू आर ए हॉट लेडी
( मॉम चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाने लगी ) तुम क्या पूरा लेडिस क्लब मुझे इसी नाम से पुकारता है ” और मैं चोदता हुआ मंजिल की ओर बढ़ने लगा तो मॉम मेरा पूरा साथ दे रही थी, अब कमरे में पूर्ण शांति थी लेकिन बुर में लन्ड का रगड़ा ६-७ मिनट से पड़ रहा था फिर मैं बोल पड़ा ” आह उह लीजिए मेरे लन्ड का वीर्य चूत को पिलाइए ” और मेरा लन्ड वीर्य स्खलित कर सुस्त पड़ गया तो मॉम मुझसे अलग होकर वाशरूम चली गई, आगे जो हुआ वो देर रात, इंतजार कीजिए।

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