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अनैतिक संबंध : भाग १३

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हेलो फ्रेंड्स
विशाल अग्रवाल का आपको नमस्कार, आपने पढ़ा की कैसे मैं २० वर्ष की अवस्था में शारीरिक संबंध बना लिया लेकिन वो परिस्थिति मॉम द्वारा उत्पन्न की गई थी और उनके नग्न बदन को देख मैं अपना धैर्य खो बैठा तो मॉम मुझे चाहती थी की मैं उन्हें किसी बहाने से हाथ लगाऊं और सब कुछ उनके हिसाब से हुआ लेकिन विशाखा और मेरे बीच शारीरिक संबंध बनते हुए आकांक्षा ने देख लिया, फिर क्या था वो भी मेरे सामने नग्न हुई और दोनों ओरल सेक्स का मजा लिए लेकिन उसके कोमार्य को भंग करना मेरी जिम्मेदारी थी और उसकी चाहत का ख्याल मुझे था। आज तो विशाखा और आकांक्षा दोनों के साथ सेक्स किया, बहन मेरे साथ वाशरूम में ही ओरल सेक्स की तो मॉम वाशरूम में चुदाई का मजा ली और दिन में खाना खा पीकर आराम किए फिर शाम को मैं टहलने को निकल रहा था, संयोग से आकांक्षा भी शॉर्ट्स और टी शर्ट में थी तो स्पोर्ट्स शूज पहन रखी थी, मैं उसे देख बोला ” क्या बात है, दौड़ने जा रही हो
( आकांक्षा मुंह फेरते हुए बोली ) क्यों नही अपने आपको स्लिम ट्रिम रखना है ” और दोनों साथ ही घर से निकले तो आकांक्षा पूछी ” तुम किधर जा रहे हो विशाल
( मैं बोला ) थोड़ा मूड बनाकर आता हूं
( आकांशा बोली ) ओह यानी व्हिस्की पीने की आदत तुम्हें भी
( मैं बोला ) नही यार एक ठंडी बीयर पिऊंगा, क्यों तू उसका स्वाद ली है ” वो कुछ नही बोली लेकिन उसके चेहरे से लग रहा था की वो बियर का स्वाद चख चुकी है, दोनों साथ ही सड़क किनारे चल रहे थे तो आकांक्षा बोली ” लेकिन भैया बियर तुम पियोगे कहां
( मैं बोला ) जिस पार्क में तुम टहलोगी ना उसी पार्क में
( पार्क के बाहर दोनों रुके हुए थे ) ओके मेरा भी मन है, तुम लेकर आओ और मैं
( मैं उसके बूब्स की ओर देखा ) चलो ना साथ पार्क में अकेले क्या करोगी ” फिर दोनों पास के मार्केट में गए तो आकांक्षा वाईन शॉप से पहले ही रुक गई और मैं दो बोतल बियर खरीदा फिर ग्लास और सिगरेट का पैकेट, आकांक्षा को देख मेरा मन तड़प उठा था तो मैं सोचा की पार्क में ही बियर पीते वक्त उसको तंग किया जाए। शाम के ०६:५५ बजे थे और दोनों मार्केट से निकल पड़े तो मेरे हाथ में एक पोलिबेग था और फिर सड़क किनारे चलते वक्त मेने उसका हाथ पकड़ लिया, कुछ लोग आकांक्षा की नंगी टांगो को भी देख रहे थे तो कुछेक की नजर उसके बूब्स पर थी और दोनों उस पार्क में घुसे जहां कम ही लोग होते थे और फिर पार्क के एक कोने की ओर बढ़े तो आकांक्षा बोली ” तुम तो मेरे साथ ऐसे कर रहे हो मानो मैं तेरी गर्ल फ्रेंड हूं
( मैं आकांक्षा के चूतड पर एक थप्पड़ मारा ) क्यों नही डार्लिंग, चलो इधर ही बैठते है ” फिर दोनों पार्क में घांस पर बैठे जिसके चारों ओर झाड़ी थी और अब मैं पोलिबेग से बियर की बोतल निकाला फिर ग्लास और दोनो ग्लास में डाला तो आकांक्षा थोड़ी डरी हुई थी, मैं सिगरेट जलाया फिर उसकी ओर ग्लास बढ़ा दिया ” आराम से पियो, मुझसे शरमाने की जरूरत नहीं क्यों ” और मैं उसके सामने बैठा हुआ बियर पीने लगा तो आकांक्षा तेजी से पूरा ग्लास खाली कर बोली ” चल डाल इसमें तेरी बहन हूं, इस उम्र में ये सब नहीं करूंगी तब कब करूंगी ” मैं दोनों ग्लास में बियर डाला फिर वो एक सिगरेट जलाई और मैं बियर पीता हुआ उसके चिकनी जांघो को सहलाने लगा तो वो मुझे देख बोली ” लगता है आज तू इधर ही मुझे तंग करेगा ” और मैं अनायास उसके एक बूब्स पकड़ जोर से दबा दिया तो वो ” आउच इतने जोर से नही ” बोली और दोनों बियर पीते हुए मस्त थे, मेरा हाथ उसके बूब्स पर दुबारा गया फिर मैं धीरे धीरे दबाए जा रहा था तो आकांक्षा खुद ग्लास रख मेरे गोद में बैठ गई फिर दोनों एक दूसरे के गाल चूमने लगे तो वो मुझसे लिपटकर मेरे छाती पर बूब्स रगड़ने लगी।
नोएडा सेक्टर ७ के पार्क में दोनों साथ बैठे थे तो आकांक्षा मेरे ओंठ मुंह में लिए चूसने लगी और खुद तो मेरे गोद में चूतड रख जांघों को फैलाकर बैठी थी, मैं उसके मुंह से ओंठ निकाला तो वो अपने लंबे से जीभ निकाल मेरे ओंठ चाटने लगी जिसे मैं मुंह में लेकर चूसने लगा साथ ही उसके टी शर्ट को ऊपर की ओर करते हुए नग्न पीठ सहलाने लगा तो दोनों जीभ चुसाई में मस्त थे और फिर। आकांक्षा के ब्रा के हुक पर हाथ लगाया तो वो जीभ मुंह से निकाल बोली ” , प्लीज कपड़े मत खोलो यहां कोई देख लिया ना
( मैं उसे गोद से उतरने बोला ) अब बचे हुए बियर को पिया जाए ” और दोनों ग्लास में बियर लिए पीने लगे तो आकांक्षा खुद अपने टी शर्ट को ऊपर कर दी तो मैं उसकी चूची को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगा, आसमानी रंग की ब्रा में बहन की चूचियां खूबसूरत लग रही थी जिसे मैं दबाए जा रहा था तो वो मेरे पेंट के ज़िप को नीचे खिसकाई तो मैं दुबारा ग्लास में बियर डाल पीने लगा ” लगता है ब्लोजॉब देने के मूड़ में हो ” तो वो मेरे पेंट से लन्ड निकाल दी फिर उसे हिलाने लगी ” मेरी फ्रेंड्स पार्क में ही छुपकर बॉयफ्रेंड के साथ रोमांस करती है
( वो अब मेरे लन्ड के सामने चेहरा झुकाई तो मैं उसके चूतड सहलाने लगा ) तेरा बॉयफ्रेंड है की नही ” लेकिन आकांक्षा मेरे लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी तो मैं उसके पीठ पर हाथ फेर रहा था, मेरा अर्ध टाईट लन्ड उसकी मुंह में था जिसे वो चूसने में मस्त थी तो मैं उसके शॉर्ट्स को कमर से थोड़ा नीचे किया फिर नग्न चूतड पर हाथ फेरने लगा, वो सिर्फ पैंटी में थी और मेरा लन्ड उसके मुंह में टाईट हो रहा था तो मैं उसके चूची को पकड़ कर दबाने लगा और फिर लन्ड चुसवाता हुआ आहे भर रहा था ” आह उह उई लन्ड तो टाईट है बेबी आज रात चूत चुदवा ले ” आकांक्षा तो घुटनों के बल आगे की ओर झुकी हुई थी और मैं उसके शॉर्ट्स को कमर से नीचे किया फिर पेंटी पर से ही बुर को सहलाने लगा, वो लन्ड मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी तो मैं बहन की पेंटी के किनारे से अंदर उंगली घुसाया फिर बुर के दरार में रगड़ने लगा और आकांक्षा मेरा लन्ड चाटते हुए बोली ” आज रात चुदवा ही लेती हूं क्यों ” और फिर मैं बहन की चूतड के सामने बैठ उसके शॉर्ट्स और पेंटी को कुछ देर के लिए निकाला फिर उसकी जांघों को फैलाकर बुर चाटने लगा, आकांक्षा ” आह उह ओह उई लगता है आज पार्क में मेरी चूत गैरों से चुदवाएगा
( मैं बुर के दरार में जीभ फेरने लगा ) बेबी तू चाहे तब नही तो मेरी बहन को मेरे रहते कोई नही चोद सकता सिवाय मेरे ” और उसकी बुर से रस निकल पड़ी तो आकांक्षा बिना देर किए अपने चूत को रूमाल से साफ की फिर शॉर्ट्स पहन ली, अब मैं सिगरेट फूंकने लगा तो वो पूछी ” क्यों घर चला जाए
( मैं उसके बूब्स पकड़ दबाने लगा ) जरा इसे चूस लूं ” , फिर बहन खुद टी शर्ट को थोड़ा ऊपर कर दी तो मैं ब्रा खोलकर हटाया, अब चेहरा उसके छाती से लगाकर चूची मुंह के अंदर भर चूसने लगा तो मेरा लन्ड बहन के हाथ में था और मैं चूची चूसता हुआ मस्त था तो आकांक्षा आहें भर रही थी ” आह ओह उई बुर में इतनी खुजली आज चुदवाना है ” और मैं उसके चूची मुंह से निकाल दिया फिर दोनों अपने अपने कपड़े ठीक किए और वापस घर चल दिए तो आकांक्षा बोली ” भैया एक बात पूछूं
( मैं बोला ) हां हां पूछ
( वो हिचकिचाते हुए बोली ) फर्स्ट टाईम में बहुत दर्द होता है क्या
( मैं हंस दिया ) ये मैं कैसे बता सकता ” और दोनों घर पहुंचे तो मॉम बालकनी में बैठी हुई थी, मैं अपने रूम गया फिर कपड़ा बदलकर फ्रेश हुआ तो कुछ देर बाद मॉम रूम में आई और मुझे लेटे देख पूछी ” क्या हीरो कॉफी नही पीना, दोनों साथ में कहां से
( मैं समझ गया की मॉम मेरे लन्ड के उभार को देख चुकी है ) वो तो पार्क से बाहर आ रही थी तभी मेरी नजर उस पर पड़ी ” और मैं मॉम के इशारे पर बाहर आया, दोनों बालकनी में बैठे थे तो बेबी कॉफी बना रही थी, मॉम मुझे देख पूछी ” दोनों पार्क में ही साथ थे ना
( मैं बोला ) हां मुझे बियर पीने की इच्छा थी तो पार्क में ही
( मॉम हंस दी ) समझ रही हूं, वहीं तुम दोनों एंजॉय किए होगे ” इतने में बेबी कॉफी का प्याला रखकर चली गई तो मैं बोला ” आज भी लेडिस क्लब नहीं गई
( मॉम खिलखिलाकर हंस दी ) अभी तेरे से मन नहीं भरा है क्या समझे, अब तो एक दो फ्रेंड है जो तुम्हे चाहने लगी है
( मैं कॉफी पीता हुआ ) आपकी फ्रेंड्स को कौन बताया
( मॉम बोली ) और कौन मैं बताई, वैसे भी जिस सोसायटी से हम लोग हैं वहां ये सब आम बात है ” और मॉम मुझे छोड़कर चली गई, आगे अगले भाग में।

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