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अनैतिक संबंध : भाग १२

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दोस्तों
मैं विशाल अग्रवाल, जिसको पहली बार नग्न औरत के रूप में अपनी मॉम ही मिली और मैं उनके जाल में फंस गया, एक तो वो शराब के नशे में चूर उस पर से कदम लड़खड़ाते हुए तो उनको संभालने में मैं खुद ही फिसल गया और उनके कपड़े बदला फिर दोनों के बीच एक ऐसा संबंध बना जोकि अनैतिक और गलत माना जाता है। मैं तो ४० साल की महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने लगा और भूल गया की दोनों के बीच क्या सम्बन्ध हैं फिर उन्हें भी मेरे साथ मजा आने लगा लेकिन मेरी छोटी बहन आकांक्षा भी हम दोनो के कर्म को जान गई फिर मुझे उसके खूबसूरत जिस्म का दीदार हुआ, वो मेरे साथ ओरल सेक्स का मजा ली और अपने वर्जिनिटी के बारे में दोनों को आश्वस्त कराई लेकिन सुबह सुबह दोनों साथ में स्नान किए फिर मेरा ७ इंच लंबा लन्ड चूत के लिए तड़पने लगा और मैं रूम में ही था की मॉम वहां आ गई और मुझे देख बोली ” कुछ नाश्ता कर लो फिर मेरे रूम आ जाओ तेरा इंतजार कर रही हूं ” मैं शॉर्ट्स पहन रखा था लेकिन लन्ड का उभार स्पष्ट दिख रहा था, मैं जल्दी में ब्रेड और आमलेट खाया फिर एक ग्लास पानी पीकर मॉम के रूम चला गया, डैड घर में नही थे और मॉम बेड पर लेटकर एक मैगजीन पढ़ रही थी, मुझे देख बोली ” नाश्ता किए हो थोडा आराम कर लो फिर मुझे अच्छे से स्नान करा कर आराम करना ” मॉम तो नाईटी पहन रखी थी और मैं बगल में लेटा तो देखा की वो प्लेबॉय मैगजीन पढ़ रही हैं, मेरा ध्यान उनके उफान लेती चुचियों पर था और मैं हाथ लगाए उसको दबाने लगा तो विशाखा मैगजीन रख कर बोली ” आकांक्षा की ख्वाइस का ध्यान रखना क्या समझे
( मैं मॉम के गाल चूक लिया ) जरूर जब बोलेगी उसको मिलेगा
( मॉम झट से मेरे शॉर्ट्स के ऊपर से लन्ड पकड़ दबाने लगी ) हां लेकिन थोड़ा आराम से यदि वर्जिन होगी तो दर्द से हाल खराब हो जाएगा और तुम तो इतनी गति से डालते हो की मेरा लहर जाता है ” मैं मॉम की नाईटी के डोरी को खोल उसे बाहों तक समेट दिया फिर चूची दबाने लगा तो विशाखा मेरी ओर करवट हुए मेरे ओंठ चूमने लगी और दोनों पल भर में ही लिपट कर एक दूसरे का ओंठ चूसने लगे तो मैं अपना पैर उठाकर उनके कमर पर रख दिया और विशाखा झट से ओंठ निकाल मेरे मुंह में जीभ घुसाई तो मॉम की गर्दन को पकड़े उनके जीभ चूसने लगा और उनके बूब्स मेरी छाती से चिपके थे, मैं तो उनके गोल गुंबदाकार गांड़ को सहलाता हुआ जीभ चूस रहा था की मॉम मेरे शॉर्ट्स नीचे कर लन्ड पकड़ ली, मैं उनके हाथ में लन्ड का एहसास पा रहा था जिसे वो हिलाने लगी और मैं मुंह से जीभ निकाल उनको चित लिटाया और अब नंगे होकर मॉम की नाईटी बदन से निकाल दिया ” पहले दूध पी लूं फिर स्नान करवाऊंगा ” और उनके छाती पर मुंह लगाए स्तन पकड़ मुंह में भर लिया तो विशाखा मुझे छाती से लगाए चूची चुसवा रही थी, मेरा लन्ड तो टाईट था और अब चुदाई को आतुर था लेकिन इनकी बुर को बिना चाटे चोदने में मजा नहीं था तो मॉम आहें भरने लगी ” आह उह उई चूस चूस आज तेरे लन्ड से चुदाई का आनंद लेना है
( मैं चूची मुंह से निकाल दिया ) रात को क्या बुर नही चुदवाई थी ” विशाखा कुछ नही बोली फिर मैं उनके ऊपर सवार हुआ और उनके ओंठ को चूमने लगा, वो मेरे पीठ सहलाते हुए मुंह से जीभ निकाली और मेरे मुंह में घुसाई जिसे मैं चूसने लगा।
विशाखा के मांसल जिस्म पर सवार हुए उसके जीभ को चूसता हुआ मस्त था की मॉम मेरे चूतड और पीठ को सहला रही थी, उनकी आंखें बंद थी तो सांसें तेज चल रही थी और दोनों काम वासना में लगे हुए थे फिर उन्होंने मेरे मुंह से जीभ निकाला और मैं अब उनके गदराये शरीर पर चुम्बन देता हुआ नीचे की ओर फिसलने लगा, मैं उनके बूब्स दबाते हुए चुम्बन देते हुए ये भूल चुका था की ये मेरी मॉम हैं, फिर कमर तक चुम्मा लिया और उनके बदन पर से उठा तो वो बोली ” तेरा पेनिस अभी टिकेगा ना
( मै हंस दिया ) हां अब तुम भी इसे चूसोगी फिर इसमें भी लोगी ( बुर की ओर इशारा किया ” , तो उठो वाशरूम में ही मजे लेते हैं ” विशाखा बेड पर से उठी और दोनों साथ ही वाशरूम घुसे, दोनों नग्न थे और मॉम दरवाजा बंद कर दी फिर दोनों झरने के नीचे बैठ गए तो विशाखा मेरे लन्ड को सहलाते हुए पूछी ” तुम्हें मेरे रूम में आते कोई देखा तो नहीं
( मैं उनके गाल सहलाने लगा ) ओह डार्लिंग, आकांक्षा को सब मालूम है और बेबी अपने काम में व्यस्त ” झरना ऑन कर दोनो भींगने लगे तो मॉम मेरे लन्ड को चूसना चाहती थी और उनकी चाहत पूरी करने के लिए मैं उठकर खड़ा हुआ, विशाखा अपने घुटनों के बल हुई फिर मेरे लन्ड पकड़ सुपाड़ा को ओंठ पर रगड़ने लगी और मुंह खोल आधे से अधिक लन्ड मुंह में भर ली, वो लन्ड को चूसने में मस्त थी तो दोनों झरने के नीचे थे और फिर वो मुंह का झटका देने लगी तो मेरा लन्ड पूरी तरह से चूत में जाने को तड़प रहा था, मैं उनके मुंह में दो चार बार धक्का दिया फिर वो खुद मुंह से लन्ड निकाल दी और जीभ से चाटने लगी तो मैं बोला ” मॉम अब बर्दास्त नही हो रहा प्लीज उठो ताकि मैं लन्ड की गर्मी चूत में झाड़ सकूं ” वो उठकर खड़ी हुई फिर दीवार के सहारे घोड़ी बन गई तो मैं उनके जांघो को फैलाकर लन्ड को बुर में घुसाने लगा और धक्का देकर चुदाई करने लगा, इस उम्र में भी मॉम सेक्सी और हॉट थी इतना ही नहीं सेक्स में काफी दिलचस्पी थी, वो अपने चूतड को हिलाते हुए चुदाई का मजा ले रही थी तो मेरा लन्ड उसकी गर्म कुंड में धक्का दिए जा रहा था, कुछ देर तक चूतड हिलाई फिर स्थिर होकर चुदाने लगी तो मैं मॉम की बूब्स दबाते हुए बोला ” डार्लिंग क्या तेरी बुर से आज रस नही निकलेगा
( विशाखा चूतड हिलाना शुरू की ) क्यों नही, ऐसे गबरू जवान बेटा को पैदा की हूं ताकि मुझे मस्त कर सके ” और कुछ पल में ही उनकी बुर से रस निकलने लगा लेकिन मैं गीले बुर में दे दनादन धक्का देता हुआ मस्त था लेकिन विशाखा सुस्त पड़ चुकी थी ” आह उह उई और तेज तुझस्से बुर चुदवाने के बाद मुझे सब का लन्ड फीका लगने लगा है
( मैं गपागप उनकी बुर में लन्ड पेल रहा था ) डार्लिंग तुमको तो दर्जनों दोस्त से चुदवाऊंगा लेकिन अलग अंदाज में ” और मेरा लन्ड तो बुर में शेर की तरह दहाड़ रहा था, मॉम अब अपने चूतड हिलाने लगी तो मैं उनके गर्दन को पकड़ उनके बदन को ही आगे पीछे करने लगा और लन्ड तो मॉम की बुर में टिके रहना चाहता था तो मॉम ” आह उह अब बस करो डियर रात को भी तुझे चोदना है
( मैं ध्खका देता हुआ बोला ) जरूर फिलहाल तो आपकी बुर को गीला कर दिया ” और मेरे लन्ड से वीर्य निकल पड़ा तो मॉम कुछ देर स्थिर रही फिर मैं लन्ड साफ कर टॉवल कमर से लपेट लिया और उनके वाशरूम से निकल गया।

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