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अनैतिक संबंध : भाग १०

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फ्रेंड्स
विशाल तो अपने रूम में आकर बेड पर लेट गया लेकिन मेरी आंखें में आकांक्षा की नग्न जिस्म घूम रही थी, मैं तो इस सोच में था की आकांक्षा को ही बुलाया जाए लेकिन मेरी मॉम विशाखा उसको मेरे कमरे में पहले से देख जरूर आग बबूला हो उठती, आकांक्षा जोकि देखने में सुंदर साथ ही उम्र १८ वर्ष तो लंबाई ५’५ इंच, छाती पर बूब्स के जोड़े टाइट और बिल्कुल टेनिस बॉल की तरह तो उसके गोल नितंब के साथ टाईट चूत यकीनन मेरी बहन मुझे तड़पा रही थी और मेरा लन्ड अब थोड़ा सुस्त हुआ था। रात के १०:२० बजे थे तो मैं मोबाइल रखकर अब करवट लिए लेट गया और शायद आकांक्षा मेरे पास आए इस उम्मीद में था लेकिन विशाखा का आना तय था, कुछ देर बाद दरवाजा खुलने की आवाज आई तो देखा की आकांक्षा है, मुझे देख हंसते हुए अंदर घुसी फिर दरवाजा लॉक करके मेरी ओर बढ़ने लगी तो उसके बदन पर नाइटी थी और मैं बेड पर उठकर बैठा तो वो मेरे सामने बेड के नीचे खड़ी थी, मुझे देख नाइटी की डोरी खोल उसको बदन से निकाल दी और उसके खूबसूरत जिस्म पर सिर्फ ब्रा और पैंटी थी। मैं उसके हाथ को पकड़ अपनी ओर खींच लिया तो आकांक्षा बेड पर आ गई फिर दोनों आमने सामने बैठे थे और वो मेरे गाल सहलाने लगी, मैं उसके गाल को चूमना शुरू किया फिर वो मेरे से चिपक गई और मुझे चूमते हुए मेरे शॉर्ट्स उतारने लगी, मैं उसकी गर्दन में हाथ लगाया फिर ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा और आकांक्षा खुद अपनी जीभ मेरे मुंह में घुसाए चुसवाने लगी। विशाल के गोद में वो टांगे फैलाई बैठी तो मैं उसके जीभ चूसता हुआ पीठ सहलाने लगा और आकांक्षा आराम से मेरी मुंह में जीभ घुसाए थी, लग रहा था जैसे पहले से भी काम क्रिया करती आई है और मैं उसके जीभ निकाल दिया तो वो मेरे कंधे पर सर रख मेरे पीठ सहलाने लगी ” विशाल मैं तो अपनी वर्जिनिटी तेरे साथ ही तोडूंगी लेकिन आज नही बस ओरल सेक्स ” और उसको बेड पर लिटाया फिर बूब्स को पकड़ दबाने लगा तो वो खुद पीठ पर हाथ लगाए ब्रा की हुक खोल चुचियों को नग्न कर दी, मेरे सामने उसके दोनों बूब्स नंगे थे जिसके ब्राउन घुंडी को मैं झुककर चाटने लगा तो बूब्स को पुचकार रहा था और वो ” आह उह उई बहुत मजा आ रहा है और जोर से दबाओ डियर ” तो मैं उसकी चूची जोकि मॉम की चूची के आकार की आधी होगी को मुंह में लिए चूसने लगा और आकांक्षा मेरे शॉर्ट्स कमर से नीचे करने लगी, मैं चूची चूसता हुआ खुद शॉर्ट्स खोल दिया तो मेरा लन्ड उसके हाथ में था जिसे वो हिलाने लगी और मैं चूची मुंह से निकाल उसके दूसरी बूब्स को पकड़ जीभ से चाटने लगा, आकांक्षा अपने जांघ पर जांघ चढ़ाए आपस में रगड़ने लगी तो मैं अब उसकी बूब्स मुंह में भर चूसने लगा और मेरा लन्ड फुंफकार रहा था जिसे आकांक्षा हिलाते हुए मस्त थी ” आह उह उफ बहुत खुजली हो रही है, ऐसी अनुभूति कभी नही हुई और तेजी से चूस ना ” मैं चूची चूसता हुआ उसके दूसरे चूची दबाए जा रहा था फिर वो मेरे बाल पकड़ चेहरे को पीछे की ओर कर दी। मैं उठकर वाशरूम चला गया और फ्रेश होकर आया तो आकांक्षा बेड पर लेटी हुई थी, उसके जिस्म पर सिर्फ पेंटी थी तो मैं उसके बगल में बैठकर उसके बदन को सहलाने लगा तो आकांक्षा बोली ” विशाल पहले मैं ब्लोजॉब करूं ” मैं सर हिलाकर हामी भर दिया।
विशाल बेड पर लेट गया तो उसका ७ इंच लम्बा लन्ड टाईट था और आकांक्षा मेरे लन्ड को पकड़ चूमने लगी तो मेरा हाथ उसके बूब्स को पकड़ दबाने लगा, मुझसे नज़रें मिलाते हुए वो सुपाड़ा को मुंह में लेकर चूसने लगी फिर अपने मुंह खोले २/३ लन्ड अंदर ले ली और मुंह बंद किए चूसना शुरू की तो में मस्त था, आकांक्षा अब मेरे लन्ड को पकड़ मुंह का झटका लन्ड पर देते हुए मुखमैथुन करने लगी और मैं ” आह उह उई इतने अच्छे से मुखमैथुन जरूर मेरी प्यारी आकांक्षा पहले भी चूस चुकी है ” और वो कुछ देर तक चूसने के बाद लन्ड मुंह से निकाली फिर उसे जीभ से चाटने लगी और इतने में दरवाजा नॉक होने लगा तो आकांक्षा मुझे देख रही थी ” तुम चादर ओढ़कर लेटो मैं खोलता हूं ” फिर मैं कमर से टॉवल लपेटकर उठा और दरवाजा खोला तो मॉम खड़ी थी, अंदर आई और दरवाजा बंद करने लगी ” अब काहे बंद कर रही हो खुला ही रहने दो ” तो मॉम दरवाजा सटाकर छोड़ दी ” वाह आकांक्षा से तो बर्दास्त नही हुआ और भैया के पास आ गई
( आकांक्षा हंस दी ) ओह मॉम तुमको ये सब नहीं बोलना चाहिए आखिर तुम तो भैया के साथ हमबिस्तर हो चुकी हो ” और फिर विशाखा बिना देर किए बेड पर बैठी, पहले तो आकांक्षा के चादर तन पर से हटा दी तो मैं उनके नाईट गाऊन की डोरी खोल उसके बदन से निकाल दिया, मॉम अंदर कुछ नही पहनी थी और नग्न मॉम को देख आकांक्षा बोली ” ओह लगता है एक राउंड डैड के साथ मजे ले चुकी है
( मॉम हंस दी ) उनको कहां फुर्सत घोड़े बेचकर सो रहे हैं ” और फिर मॉम को लिटाया, उनके चेहरे को चूमते हुए उनके बूब्स दबाने लगा तो आकांक्षा भी मॉम के बूब्स पकड़ दबाने लगी, फिर दोनों भाई बहन एक साथ उनके बूब्स मुंह में लिए चूसने लगे तो विशाखा मेरे बाल सहलाते हुए मस्त थी ” अच्छे से चूसो डियर लेकिन आकांक्षा तुम मॉम के जीभ चूसो ना ” तो आकांक्षा बूब्स चूस ली फिर उनके चेहरे को चूमने लगी और मैं देख रहा था की कैसे मॉम के ओंठ को चुनते हुए आकांक्षा उनकी चूची दबाए जा रही है, मेरा लन्ड टाइट हो चुका था और मैं मॉम के बूब्स मुंह से निकाल बोला ” अब मॉम मेरे मुंह के ऊपर बैठकर बुर चुसवाएगी तो आकांक्षा लन्ड चाटेगी ” लेकिन मॉम लेटी रही तो मैं मॉम के बदन को चूमना शुरू किया और आकांक्षा मॉम के जीभ मुंह में लिए चूसना शुरू की जबकि विशाखा अपनी बेटी के चूची पकड़ दबाए जा रही थी।
मैं विशाखा के कमर तक को चूम लिया फिर उनके जांघ को चूमते हुए जांघो के बीच हाथ लगाया तो बुर का एहसास मिला और आकांक्षा जीभ मुंह से निकाल दी ” विशाल प्लीज इसको चाट दो फिर मैं अपने रूम चली जाऊंगी
( मॉम बोली ) क्यों विशाल के लन्ड से नही चुदाना
( आकांक्षा बोली ) मैं वर्जिनिटी खोने को तैयार नहीं हूं ” तो आकांक्षा बेड पर लेटी और मैं उसके चूतड के नीचे तकिया डाला, अब जांघो को पूरी तरह से फैलाया तो उसकी बुर के फांक आपस में सटे हुए थे जिस पर बाल बिल्कुल ही नही थे, मैं झुका फिर बुर पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा तो आकांक्षा ” आह उह इतना मजा मुझे पता नही था ” और मैं बुर पर चुम्बन देता हुआ दरार को उंगली से अलग किया फिर उसमें जीभ घुसाए चाटना शुरु किया, जीभ थोड़ा ही अंदर जा रहा था तो मैं बुर में जीभ घुसाए चाटने में मस्त था तभी देखा की विशाखा अपनी बेटी के बूब्स को पकड़ मुंह में भर चूस रही है तो आकांक्षा ” आज उह उई उफ बुर में पूरा जीभ घुसा भैया
( मॉम चूची मुंह से निकाल दी ) अब तो भैया नाम का है विशाल बोल उसे ” और मैं बहन की बुर से जीभ निकाल उसके दोनो फांक मुंह में लिए चूसने लगा तो आकांक्षा की चूची चूसते हुए मॉम उसे गर्म कर रही थी, मैं उसके कमर पर हाथ रखा था तो आकांक्षा चीख पड़ी ” आह उह निकल गया ” और मैं झट से बुर मे जीभ घुसाए रस चाटने लगा फिर वो उठकर वाशरूम चली गई। मॉम अब टांगे फैलाई चुदाई को आतुर थी तो मेरा लन्ड बुर की गहराई नापने को तैयार था, मैं मॉम के जांघो के बीच लन्ड पकड़े बैठा फिर बुर में लन्ड घुसाने लगा, पूरा लन्ड उसकी बुर आराम से निगल गई तो मैं धकाधक चुदाई करने लगा और बहन वाशरूम से निकल अपने नाइटी पहन ली ” तुम दोनों एंजॉय करो मैं भी किसी दिन ऐसे मजे लुंगी ” और वो चली गई तो मैं मॉम के सेक्सी जिस्म पर सवार हुए चोदने लगा तो विशाखा मेरे गाल चूमते हुए चूतड उछालना शुरू कर दी उनके बदन से मेरे बदन का एहसास मजेदार था तो वो चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में मस्त थी, उनकी बुर से अभी तक रस नही निकला था और मैं चोदता हुआ उनके गाल चूम रहा था, विशाखा अब चूतड स्थिर किए चुदाने लगी और कुछ देर में ही उसकी बुर रस से गीली हो गई, आगे क्या हुआ अगले भाग में।

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