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शादी में विन्नी दीदी की ठुकाई

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हाय फ्रेंड्स मेरा नाम रोहित है, मेरी उम्र २५ साल है. एक बार मैं अपने रिलेटिव की शादी पर गया था. पार्टी एक होटल में थी, वहा एक रूम में मेरे कजिन ने दारू का इंतजाम किया हुआ था जो किसी परिवार वालो को पता नहीं थी… हम सब भाई ऊपर जाते दारू का पैक लगा कर फिर निचे आकर डांस करते.
मेरी एक कजिन है विन्नी दीदी, उसने देख लिया की हम सब बीच बीच में कही चले जा रहे थे. उसने हमारा पीछा किया और रूम तक आ गयी. दीदी ने हम सबको दारू पीते हुए देख लिया..

दीदी: अच्छा ये सब हो रहा है यहाँ पर
हमने दीदी को देखा तो हम सब डर गए.
मैं: दीदी प्लीज किसी को मत बताना…
दीदी: अकेले अकेले दारू पिओगे तो जरूर बताऊंगी
मैं: ओह्ह्ह दीदी आप भी पिओगी
दीदी: क्यों नहीं… मुझे भी चढ़ानी है थोड़ी सी

मैंने दीदी को विस्की का पैक बना कर दिया.. दीदी ने फटाफट दो पैक मारे. फिर से हमसब वापस डांस फ्लोर पर डांस करने लगे. इस बार दीदी भी हमारे साथ नाच रही थी. दोस्तों विन्नी दीदी ३२ साल की शादी शुदा औरत है. पर है वो जबरदस्त कंटाप माल. दीदी का बदन ३८-३०-३८ होगा. दीदी ने ब्लैक कलर की साड़ी पहनी हुई थी, जिसमे उनका गोरा बदन बहुत खिल रहा था. टाइट ब्लाउज में कैद दूध से भरे हुए बड़े बड़े स्तन क़यामत लग रही थी. ब्लाउज काफी डीप थी, जिससे काफी क्लीवेज दिख रहा था. हम सब नशे में थे, मैं दीदी के साथ डांस करने लगा. दीदी पर नशा छा गया था. मैं डांस के बहाने दीदी के जवान बदन को ताड़ रहा था.. दीदी की गोरी कमर ब्लैक साड़ी में मस्त लग रही थी.. दीदी ने साड़ी बहुत निचे से बाँधी थी, एकदम अपनी बूर से ऊपर. साड़ी में कसी हुई दीदी की भारी भरकम चुत्तड़ बहुत ही सेक्सी लग रही थी. दीदी हर बीट के साथ अपनी गांड मटका रही थी.. मैं दीदी की भारी गांड पर अपना लंड रगड़ रगड़ कर नाच रहा था… रात के १२ बज चुके थे और DJ बंद हो गया…

दीदी: भाई अभी तो मजा आना शुरू ही हुआ था…
मैं: दीदी आपको और पार्टी करनी है क्या…
दीदी: हाँ भाई…
मैं: ठीक है दीदी आप मेरे रूम में चलो… वहा म्यूजिक और दारू दोनों का इंतजाम है

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मैं दीदी को लेकर अपने कमरे में ले गया. वहा मैंने और दीदी ने २ पैक और लगाए. मैंने अपने मोबाइल पर सांग्स लगा दिया और हमदोनो डांस करने लगे. दीदी काफी नशे में थी… उनको अब कुछ होश नहीं था… उनकी साड़ी का पल्लू पूरा हट चूका था, और उनके बड़े बड़े बॉल्स ब्लाउज से साफ़ दिख रहे थे. दीदी की चूचियां बहुत ज्यादा बाउंस हो रही थी… जिसे देख कर मेरा लंड पूरा खड़ा हो चूका था.

दीदी: भाई सिर्फ देखता ही रहेगा क्या
दीदी ने मेरी आँखों को देख लिया था..
मैं: सॉरी दीदी
दीदी: रोहित मेरे भाई सॉरी की क्या बात है.. इस ऐज में होता है… तुझे अगर देखना है तो देख सकता है….

दीदी मुझसे चिपक कर डांस करने लगी…. मैं भी दीदी के बदन को सहलाने लगा और अपना हाथ दीदी की भारी गांड पर रख दिया.. और धीरे से प्रेस कर दिया.
मैं: दीदी मुझे सिर्फ देखना नहीं है…
दीदी: ओह्ह्ह तो मेरा भाई और क्या करना चाहता है
मैं: दीदी मैं आपकी इस गदरायी बदन को भोगना चाहता हूँ… आपका ये भाई आपको पूरी नंगी करके अपने बिस्तर पर रगड़ रगड़ कर चोदना चाहता है..
दीदी: ओह्ह्ह्हह रोहित तूने मेरी आग भी भड़का दी है… और तेरे जीजाजी भी नहीं है यहाँ पर..
मैं:दीदी आज मुझे ही अपना पति समझ लो…
दीदी: ठीक है भाई.. चल अब अपनी बीवी की प्यास बुझा…
दीदी मुझे पागलो की तरह किश करने लगी… दीदी ने मेरी शर्ट फाड़ दी और मेरी छाती को किश करने लगी. मैंने दीदी को तुरंत पीछेसे अपनी आगोश में ले लिया और उनकी नेक और पीठ पर किश करने लगा और उनकी चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा… ओह्ह्ह्ह भाई… फिर मैंने दीदी की ब्लाउज में हाथ डाला और उनकी चूचियों को दबाने लगा…. अह्ह्ह्हह्हह रोहित….. और दबा भाई जोर से.. मैंने ब्लाउज की डोर खोल दी.. दीदी ने ब्रा नहीं पहनी थी, जिससे उनके तरबूज हवा में उछलने लगे.. बहुत ही बड़ी बड़ी और भरी हुई चूचियां थी. जिसे देख कर मुंह में पानी आ गया… मैं चूचियों को जोर जोर से दबाने लगा… अह्हह्ह्ह्ह भाई…. दीदी की तरबूज जैसी बड़ी बड़ी रसीली चूचियां मेरे हाथो में थी जिसे मैं खूब मसल और चूस रहा था… ओह्ह्ह्हह्हह भाई…. मजा आ रहा है…
मैं: साली रंडी कितनी बड़ी बड़ी चूचियां है तेरी…. इसको दबा दबा कर चूसने में बहुत मजा आ रहा है
दीदी: ओह्ह्ह्हह्ह मेरे राजा…. चूस ले अच्छे से मेरे भाई…

फिर मैंने दीदी की साड़ी उतर कर फेंक दी.. दीदी के गोरे और गदराये बदन पर अब सिर्फ एक चड्डी थी.. जो दीदी की भारी गांड के बीच में फंसी हुई थी. मैं दीदी का पुरा बदन चुम रहा था.. दीदी की चौड़ी गांड को खूब मसला… फिर मैंने दीदी को अपने बिस्तर पर ले गया… अब मैंने दीदी की चड्डी भी उतार दी… मेरे सामने दीदी की प्यारी चिकनी चुत थी… जो बहुत गीली हो चुकी थी..
दीदी: ओह्ह्ह्हह भाई अब मत तड़पा भाई… बुझा दे अपनी दीदी की प्यास…
मैं दीदी के ऊपर चढ़ गया और अपना ८” का लौड़ा दीदी की बूर में रगड़ने लगा… मैंने लंड अंदर नहीं डाला, बस दीदी की बूर के ऊपर घिस रहा था….
दीदी: ओह्ह्ह्हह…. अबे बहनचोद हरामी डाल क्यू नहीं है
मैं: उफ्फ्फ दीदी आप तो मेरे सपनो की रानी हो… बहुत मजे से चोदूँगा मैं आपको
फिर मैंने अपना लंड दीदी की बूर में पेल दिया.. लंड दीदी की बूर को फाड़ता हुआ पूरा अंदर चला गया…
दीदी: ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह भाई… फाड़ दिया रे तूने मेरी बूर…
मैं: उफ्फ्फ्फ़ विन्नी दीदी… आज आपकी बूर में अपना लंड डालने का सपना पूरा हो गया
दीदी: उईईईईई माँ… भाई बहुत ही मोटा लंड है तेरा… चल अब ठोकना शुरू कर मुझे…
मैं: ठीक है मेरी रांड..

मैं घाचा घच अपना लंड दीदी की बूर में पेलने लगा… ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह राजा…. आह्ह्ह्ह और तेज भाई…
मैं अपना लंड बाहर निकाल कर फिर दीदी की बूर में पूरा पेल देता था…..
दीदी: ओह्ह्ह्हह बहनचोद… कीप फकिंग माय पुसी……
मैं: उफ्फफ्फ्फ़ मेरी रंडी दीदी… बहुत मजेदार बदन है आपका
दीदी: आअह्ह्ह्ह भाई…. निकाल अपनी ठरक… और ले ले मेरी जवान बदन का मजा

मैं दीदी की बड़ी बड़ी चूचियों को चूस चूस कर चोद रहा था.. आअह्ह्ह्हह भाई… फ़क मी रोहित… मेक मी योर स्लट बेबी…..
मैं ३० मिनट तक दीदी को बहुत बुरी तरह चोद रहा था.. मेरा लंड दना दन दीदी की बूर में जा रहा था…. ओह्ह्ह्हह्ह भाई फ़क मी डार्लिंग… और तेज भाई
मैं: उफ्फफ्फ्फ़… विन्नी दीदी…. आप जैसी रंडी को चोदने में बहुत मजा आ रहा है…
दीदी: आआह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह भाई…. मैं झड़ने वाली हूँ भाई… फ़क मी हर्डर बेबी….. मेक मी कम…
मैं: अह्हह्ह्ह्ह विन्नी… खा मेरा पुरा लंड…..
दीदी: उफ्फफ्फ्फ़ भाई….. ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्ह मेरी चूची दबा कर जोर से मार मेरी चुत भाई…
हर शॉट के साथ दीदी की फुटबॉल जैसी चूचियां उछल रही थी. मैं दीदी की चूचियों खूब दबा और चूस रहा था…. दीदी अब बहुत तेज चिल्ला रही थी…. मैं भी पूरी ताकत से अपना लंड दीदी की बूर में पेल रहा था.
दीदी: अह्हह्ह्ह्ह भाई…. उईईईईई ओह्ह्ह्ह…… मेरा झड़ने वाला है… आअह्ह्ह्हह भाई मैं गयी..

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