Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

रेणु का देवर संग रोमांस : भाग २

⏰ 1 min read

फ्रेंड्स
मैं अपने ससुराल में थी तो पति के वहां से जाते ही मैं अपने देवर मोंटी को फांस ली, मोंटी मेरे बूब्स को पहली बार देख तड़प उठा तो मैं भी उसे अप्रत्यक्ष रूप से सेक्स के लिए इशारा की फिर उस रात जो हुआ वो आप लोग पढ़ ही रहे हैं। मैं अपने बेड पर नग्न अवस्था में लेटी हुई थी तो मोंटी मेरे बूब्स को चूस चूसकर लाल कर दिया फिर मेरे चिकने बदन को चूमता हुआ मेरे गाल पर हाथ फेर रहा था और मैं अब जांघों को फैलाकर चुदाई को तड़प रही थी, मोंटी मेरे कमर तक चूमा फिर मेरी जांंघो को फैलाकर बूर देखने लगा ” आपकी मुन्नी तो हेयर फ्री है फिर हेयर रिमूवर क्रीम क्यों मंगवाई
( मैं शर्मिंदिगी महसूस कर रही थी ) वो तो आपके लिए बस एक इशारा था की मैं
( मोंटी मेरे चूत पर मुंह लगाए चूमने लगा ) क्या मैं भाभी जान बताइए ना
( मैं बोली ) इतनी बेशर्म नहीं हूं डियर ” और मोंटी मेरे चूतड के नीचे तकिया लगाया फिर चूत को चूमने लगा, मैं हाथ लगाए चूत को फैलाई तो मोंटी जीभ से उसे चाटने लगा, गुलाबी रंग की चूत को लपालप कुत्ते की तरह चाटे जा रहा था तो मैं ” आह ओह उह आआआह्हह अब छोड़ दो नही तो रस निकल जाएगी ” और मोंटी बूर से जीभ निकाल दो उंगली एक साथ बूर में डाले कुरेदने लगा तो मैं उसके लन्ड को देख चूसने को आतुर थी ” आह उई आआआह्ह मेरा निकल गया
( मोंटी उंगली निकाल अपने मुंह में लेकर रस चाटा ) बहुत स्वादिष्ट है जानू ” फिर मैं क्या बोलती वो बूर को दुबारा जीभ से चाटना शुरु किया और मैं भले ही थोड़ी सुस्त पड़ चुकी थी लेकिन कामुकता वाश चुदाई को तड़प रही थी, वो बूर से जीभ निकाल झट से एक टॉवल कमर में लपेट लिया फिर दरवाजा खोल निकल गया, मैं नंगे बेड पर लेटी रही और नाईटी से ही बूर को साफ की, मोंटी वापस आकर दरवाजा बंद किया तो मैं खुद बेड पर बैठ गई फिर उसके टॉवल कमर से हटा दी और लन्ड पकड़ पूछी ” कितने गुफा में ये शेर सैर किया है
( मोंटी मेरे चूची पकड़ दबाने लगा ) आज पहली बार है भाभी
( मैं उसके ओंठ पर उंगली रख दी ) भाभी नहीं रेणु बोलो ” और उसे बेड पर लिटाकर मैं उसके लन्ड को पकड़ चूमने लगी। मैं देवर जी के सामने झुकी फिर लन्ड पूजन में लग गई, उनके ८ इंच लंबे दो इंच मोटे लन्ड को चूमते हुए जांघें सहलाने लगी तो मोंटी लेटे हुए मेरे स्तन पकड़ दबाने लगा, अब मैं मोंटी के लन्ड को मुंह में ली फिर चूसने लगी तो मोंटी मेरी चूची दबाते हुए मस्त था ” रेणु डार्लिंग तुझे तो चने की खेत में ले जाकर चोदूं तब देखना मजा
( मैं लन्ड मुंह से निकाल उसे चाटने लगी ) खेत में तू डाल या बेड पर मस्ती उतनी ही आएगी ” और फिर मैं उसके लन्ड को मुंह में लिए चूसने लगी, मुंह का झटका देते हुए मुखमैथुन कर रही थी तो चूत में खुजली हो रही थी और मोंटी ” आह ओह अब छोड़ साली तुझे पटक कर चोदना है ” मैं अपने मुंह की प्यास बुझाने में लगी हुई थी तो मोंटी मेरे बाल पकड़ा फिर नीचे से लन्ड का धक्का देता हुआ मुंह की चुदाई करने लगा तो मैं कुछ देर लन्ड चूसने का आनंद ली फिर लन्ड मुंह से निकाल झट से नाईटी बदन पर डाली और फ्रेश होने चली गई, अटेचेड वाशरून नहीं होने के वजह से रात हो या दिन फ्रेश होने के लिए रूम से बाहर निकलना पड़ता था और वैसे भी देवर संग सेक्स कर रही थी कहीं ननद को शक होता फिर तो मेरा क्या होता पता नहीं, मैं फ्रेश होकर वापस रूम आई।
मोंटी बेड पर लेटा हुआ था तो मैं बेड पर चढ़ने से पहले ही नाईटी उतार फैंकी फिर नंगे ही उसके कमर के पास बैठ लन्ड पकड़ सहलाने लगी तो मोंटी उठकर बैठा फिर मुझे डॉगी स्टाइल में किया और मैं कोहनी.. घुटनों के बल हुई फिर वो मेरी जांघों को पूरी तरह से फैलाया और पीछे मुड़कर मैं देखी तो वो लन्ड को चूत में घुसा रहा था, उसके लन्ड का १/३ हिस्सा आराम से अंदर घुस गया फिर उसने कमर पकड़ जोर का धक्का मारा तो मैं चिंहुक पड़ी ” आह उह आराम से मोंटी फट जायेगी
( मोंटी दुबारा धक्का देता हुआ चोदने लगा ) फटेगी साली पांच साल से तो भाई साहब से चुद्वा रही है और उसके पहले ना जाने कितनों का लन्ड बूर में ली होगी
( मैं चूतड हिलाने लगी ) तुम्हारे भैया ही मेरी चूत का सील तोड़े थे क्या समझे ” और मोंटी पूरे गति से चुदाई कर रहा था तो मैं चूतड स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए चुदाने में लीन थी, मोंटी का लन्ड मानो लोहे का रॉड हो जोकि कड़ा और लंबा था, अब बूर में गर्मी होने लगी तो मैं चूतड स्थिर कर चुदाने लगी और वो मेरे सीने से लगे चूची को पकड़ मसल रहा था, कुछ देर बाद मोंटी बूर से लन्ड निकाल दिया फिर मैं बेड पर लेट गई और वो मेरे चूत सहलाता हुआ पूछा ” रेणु क्या कंडोम लगा लूं कहीं तू पेट से हो गई
( मैं हंस दी ) बेटी होते ही कॉपर टी लगवा ली थी तुम निश्चिन्त होकर मुझे चोदो ” और फिर वो मेरी जांघों के बीच लन्ड पकड़े बैठा और बूर में घुसाने लगा, लन्ड बूर में धकाधक चुदाई कर रही थी तो मैं एक नए अनोखे एहसास को पा रही थी, लगातार पति से चुदाई कराकर बोरियत महसूस होने लगी थी तो देवर जी का लन्ड मुझे सुख दे रहा था। मोंटी मेरे जिस्म पर लेटकर चोदने लगा तो मैं उसके गाल चूमते हुए चूतड उछालना शुरू की फिर तो उसके लन्ड और मेरी चूत में मानो घमासान युद्ध जारी था लेकिन इस युद्ध में तो हमेशा मर्दों की ही हार होती है, मैं चूतड उछाल उछाल कर चुदाने में मस्त थी ” आह उह उई आआआह्ह तेजी से चोद साले तेरा लन्ड तो बहुत ही सॉलिड है ” और मोंटी मेरे बदन पर सवार हुए चोदने में मस्त था तो मैं अब चूतड स्थिर कर दी, कुछ देर बाद मोंटी का लन्ड दम तोड़ दिया और मेरी चूत वीर्य से सराबोर हो गई। कुछ देर बाद मोंटी रूम से चला गया तो मैं भी फ्रेश होकर सो गई।

This content appeared first on new sex story .com

Also Read: Mama Ke Ladke Ne Choda – Hindi Sex Kahani

This story रेणु का देवर संग रोमांस : भाग २ appeared first on erosstories.com

Part 2 of 3 complete
Continue to Part 3 →
रेणु का देवर संग रोमांस : भाग ३
View all 3 parts →