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रेखा और रोहित का जिस्मानी प्यार

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फ्रेंड्स
मैं रोहित, उम्र २६ वर्ष तो लंबाई ५ फीट ११ इंच, कसरती बदन तो लन्ड ७ इंच लम्बा और सांवला चेहरा, मेरे बड़े अंकल की दो बेटी हैं और दोनों शादीशुदा तो एक की उम्र २८ साल होगी तो छोटी वाली की उम्र २३ साल और संयोगवश रिमझिम के साथ मेरा शारीरिक संबंध बन चुका था लेकिन बड़ी बहन रेखा जोकि मुझसे उम्र में बड़ी साथ ही छह साल का एक बेटा ने भी मुझे अचंभित कर दिया। ये बात तब की है जब रेखा दीदी अपने पति और बच्चा के साथ मेरे घर आई थी, घर में पापा, मां और मेरी छोटी बहन रहती थी तो दो मंजिले घर में मैं ऊपर के मंजिल में रहता था और संयोगवश गेस्ट रूम भी ऊपर के मंजिल पर था। शाम के ०६:३० बजे तीनों घर आए तो मैं दीदी को देख उनका चरण स्पर्श किया फिर जीजा जा का पैर छुआ तो रेखा दीदी टॉप्स और लेगिंग्स पहन रखी थी और मैं उनके सामान को ऊपर के मंजिल पर लेता गया, कुछ देर बाद रेखा दीदी वहां आई फिर मुझे देख बोली ” तब रोहित क्या हाल समाचार है
( मैं उनके चुचियों के उभार को देखता रहा ) सब ठीक है दीदी, बैठिए ” वो कुर्सी पर बैठ गई फिर घर की कामवाली चाय लेकर आई तो मैं सामने खड़ा था, चाय का प्याला हाथ में लिया और रेखा दीदी को देख कल्पना लोक में खो गया। रेखा देखने में सुंदर तो लंबाई ५’५ इंच साथ ही चूचियां बड़ी बड़ी तो गांड़ गोल और गुंबदाकार, वो हॉट और सेक्सी लग रही थी, चाय की चुस्की लेते हुए उनकी नजर भी मेरे लन्ड के उभार पर जाती और फिर इधर उधर चेहरा करते हुए बातें करने लगी ” तुम कभी मेरे यहां आते नही
( मैं हंस दिया ) हां थोडा व्यस्त रहता हूं दीदी, बगल के रूम में सामान रख दिया हूं, जाकर फ्रेश हो लीजिए और रेखा दीदी उठकर गईं तो मैं उनके पीछे पीछे गया साथ ही उनके गांड़ के शेप की कल्पना कर रहा था और वो जब रूम घुसी तो मैं बरामदे पर ही रुक गया। कमरे के दरवाजे पर पर्दा लगा हुआ था तो मैं वहीं पर खड़ा होकर अंदर झांकने लगा और रेखा बेझिझक अपने टॉप्स को उतार दी तो उनका नग्न पीठ मुझे दिख रहा था, अब वो बैग से एक ड्रेस निकाल बेड पर रखी फिर कमर पर ज्योंहि हाथ लगाई मेरी सांसें रुक सी गई आखिर उनका गोल मटोल नितम्ब जो देखना था और वो झट से अपने लेगिंग्स को नीचे कर मेरी ओर चेहरा की और उनकी बड़ी बड़ी चूचियां जोकि काले रंग के ब्रा में कैद थी साथ ही उनके खूबसूरत जिस्म जोकि नग्न थे को देख मेरा लन्ड टाईट हो गया, साली की सपाट पेट से लेकर कमर तक को निहारने लगा तो वो पेंटी पहने बुर को छुपा रखी थी और फिर उनकी हाथ पीठ पर गई तो वो ब्रा खोल मुझे अपनी बूब्स का दर्शन कराई, उनकी दोनो चुचियों पर भूरे निप्पल तो दूध से लबालब स्तन देख लौड़ा खड़ा हो गया और वो अब बेड पर पड़े ड्रेस को उठाई तो लगा की बुर देखने को नही मिलेगा और वो नाईट गाऊन पहन अपने जिस्म को ढक ली, मेरा लन्ड तो हाफ पैंट में टाईट हो चुका था और मैं रेखा दीदी को देखा फिर वहां से खिसक गया।
मैं नीचे आया और डाइनिंग हॉल में बैठकर जीजा जी से बातें करने लगा तभी रेखा दीदी वहां आई तो उनके नाईट गाऊन से चुचियों का क्लीवेज दिख रहा था, साली अपने जिस्म का नुमाइश तो की लेकिन चूत ही नहीं देखने को मिला। मैं शाम के वक्त घूमने जाता था सो टहलने निकल गया और फिर मार्केट की ओर जाकर वाईन शॉप से एक बोतल बियर लिया और सिगरेट की पैकेट लेकर पास के एक पार्क में बैठकर बियर पीने लगा तो मेरे मन में सिर्फ रेखा दीदी के जिस्म की नग्नता घूम रही थी और लगभग ८:०० बजे मैं घर पहुंचा तो सीधे अपने रूम गया, फिर कपड़ा बदल रहा था की रेखा दीदी अचानक से रूम में घुस गई और मैं चढ्ढी बनियान पहने खड़ा था, उन्हें देख झट से टॉवेल लिया और कमर से लपेट लिया तो रेखा दीदी बोली ” कहां घूमने गए थे
( मैं हंस दिया ) जी पास के मार्केट में क्यों कुछ सामान मंगवाना था क्या दीदी
( वो मेरी ओर खिसकी फिर कमर पर हाथ रख टॉवेल हटा दी ) अब ठीक है तुम अपनी बड़ी बहन को कपड़ा बदलते देखते हो बेशर्म ” मैं उहूँ बोला तो वो मेरे चढ्ढी पर से ही लन्ड के उभार को पकड़ दबा दी ” आउच ये क्या कर रही हैं ” तो वो मेरे गाल पर चुम्बन देकर बोली ” रात को तेरे रूम आऊंगी फिर देखते रहना
( मैं उनको बाहों में लेकर गाल चूम लिया ) जरूर रेखा दीदी जो दिखाना है वो दिखा दीजिए ” तो वो मुझसे अलग होकर चली गई और मैं वाशरूम जाकर स्नान किया फिर सब साथ ही रात को खाना खाए। मैं खाना खाकर अपने रूम चला गया फिर रेखा दीदी, जीजा जी और उनका बेटा भी ऊपर के मंजिल पर आया और मेरे सामने वाले कमरे में तीनों रुके हुए थे तो रेखा दीदी का कथन मुझे याद था और मैं रूम में नाईट बल्ब ऑन करके मोबाइल पर न्यूज पढ़ने लगा साथ ही रेखा का इंतजार कर रहा था।
रात के ११:३० बजे होंगे की मेरा दरवाजा खुला और रेखा दीदी को देख मेरा मन प्रसन्न हो गया, नाईट गाऊन में सेक्सी और हॉट दिख रही थी तो मुझे देखते हुए मेरी ओर आई तो मैं बेड पर से उठा फिर रेखा दीदी मेरे करीब आकर मुझसे लिपट गई तो मैं उनके नितम्ब को सहलाता हुआ गर्दन चूमने लगा तो वो मेरे चेहरे को चुम्बन दे रही थी, मेरे छाती से बूब्स रगड़ते हुए आखिर में ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगी तो मुझे लगा की चलो इसकी खूबसूरत जवानी का रसपान किया जाए और फिर रेखा मुझसे दूर होकर बेझिझक अपने नाईट गाऊन उतार दी तो उनका खूबसूरत जिस्म नंगा था, सिर्फ पेंटी पहने वो चूत को ढक रखी थी तो मैं रेखा के करीब गया फिर उनके बूब्स पर हाथ लगाए उसे दबाने लगा साथ ही ओंठ को चूमता हुआ दीदी के हाथ का एहसास अपने चूतड पर पा रहा था, रेखा मेरे चढ्ढी को कमर से नीचे कर लन्ड को पकड़ ली फिर ओंठ पर से ओंठ हटाई लेकिन मैं उनके रसीले ओंठ मुंह में लेकर चूसने लगा। रेखा भले ही शादीशुदा महिला थी लेकिन उसके अंग शेप में थे और उनकी ओंठ चूसते हुए मैं अब मुंह खोल उनको जीभ मुंह में डालने को कहा और वो जीभ मुंह में डाले चुसवा रही थी और मेरा हाथ उनके चूतड पर फिसल रहा था। रेखा के गोल गद्देदार गांड़ को सहलाता हुआ जीभ चूस रहा था और फिर उनके गांड़ की दरार में उंगली रगड़ने लगा तो मेरा लन्ड पूरी तरह से टाईट हो चुका था और मैं दीदी के पेंटी के किनारे से उंगली डाल बुर को सहलाने लगा तो वो मुझसे लिपट कर फ्रेंच किस्स का आनंद दे रही थी, तभी रेखा अपने पेंटी की हुक खोलकर बुर को पूर्णतः नग्न कर दी और मैं उनकी बुर में गांड़ की ओर से उंगली कर रगड़ने लगा, साली की चूत तो मानो आग की भट्टी थी फिर भी कोमल जननांग को कुरेदने में बेहद मजा आ रहा था तभी रेखा मुंह से जीभ निकाल मेरे कंधे पर सर रख दी और दोनों नग्न अवस्था में बेड पर आए।
रेखा दीदी मुझसे उम्र में ३-४ साल बड़ी थी लेकिन वो पहली बार मेरी नजर पर ध्यान रखी थी और मेरे मनोस्थिति को समझते हुए अपने जिस्म की भूख मिटाना चाहती थी आखिर शादी के छह साल बीत चुके थे और ऐसे में मॉडर्न खयालात की औरत कब तक एक ही मर्द के साथ मजे लेती। वो मुझे देखते हुए मेरे छाती को सहलाने लगी तो उनके बड़े बड़े स्तन को देख मेरे मुंह में पानी आ गया, मैं झट से एक बूब्स पकड़ा फिर झुककर उसको मुंह में ले लिया तो दीदी मेरे मुंह में चूची घुसाकर चुसवा रही थी, बेड पर बैठी हुई थी तो मैं उनके चूची मुंह में लिए उनके कंधे में हाथ डाले लेटा हुआ था और स्तनपान का मजा ले रहा था, मेरा लन्ड तो खंबे की तरह खड़ा था साथ ही दीदी उसे पकड़ हिलाना शुरु की ” उह ओह आह अब दांत मत लगाओ चूची पर दाग हो जाएगा
( मैं उनके स्तन को मुंह से निकाला फिर दाएं स्तन को मुंह में भर चूसने लगा ) उह उफ बुर में तो खुजली होने लगी डियर प्लीज अब डाल दो ” लेकिन मैं उनके चूची चूसता रहा तो दीदी अपने छाती से मुझे लगाए दूध पिला रही थी हालांकि स्तन से दूध का श्राव नही हो रहा था और फिर मैं उनके स्तन को छोड़ उठ बैठा तो रेखा मुझे देख पूछी ” कितनी औरतों के संग मस्ती किया है
( मैं बोला ) कोई मिली ही नहीं ” और मैं नंगे ही वाशरूम चला गया फिर मूतने के बाद फ्रेश होकर रूम आया तो रेखा दीदी नंगे बिस्तर पर लेटी हुई थी। मैं उनके कमर के पास बैठा फिर जांघो को सहलाने लगा और रेखा पूछी ” क्या तुम इसको भी चाटोगे ( बुर की ओर इशारा की ) ” मैं उनके जांघो को फैलाया तो उनकी चूत किसी ब्रेड पकोड़ा की तरह फूली हुई थी और दोनो फांकों को उंगलियों के बीच लेकर मिंजने लगा तो रेखा दीदी सिसकने लगी और मैं उनके मोटे चिकने जांघ को चूमना शुरु किया तो रेखा अपने जांघो को पूरी तरह से फैला दी और मैं अब अपना ओंठ बुर पर रख चुम्बन देने लगा तो वो निश्चित रूप से कामुक हो चुकी थी और फिर मैं उनके बुर के ऊपरी हिस्से को चूमता हुआ फांकों को फैलाया और जीभ से चाटने लगा ” आह ओह चाट बे कुत्ते अंदर तक जीभ घुसा घुसाकर चाट साले ताकि बुर रसीली हो सके ” वैसे भी दीदी की बुर ढीली हो चुकी थी और मैं पूरा जीभ बुर में डालकर चाटने लगा तो मेरी नाक उसके चूत के ऊपरी हिस्से पर गंध ले रही थी, साली बुर पर इत्र लगाकर मेरे पास आई थी और मेरा जीभ बुर को चाट रहा था तो रेखा अपने चूतड को आगे की ओर करते हुए सिसक रही थी ” उह ओह अब और नही, रस निकल जायेगा बे कुत्ते ” तो मैं रेखा की बुर का रस चाटना चाहता था, उनके कमर को कसकर पकड़े हुए बुर को जीभ से लपालप चाटने लगा फिर रस का धार निकल पड़ा तो मैं रस चाटता रहा और आखिर में रेखा की बुर के दोनों फांक को मुंह में लेकर चूसने लगा ” आह ओह उई मां मेरी जान निकल जाएगी अब तो साले मुंह में ही मूत दूंगी ” मैं मुंह से बुर निकाला फिर चेहरा ऊपर कर उनके कमर सहलाने लगा ” क्यों दीदी जीजा भी इतने प्यार से नहीं चाटे होंगे
( रेखा उठकर बैठी ) चुपकर दीदी के बच्चे मैं तो बुर चुदवाने आई थी ” और उठकर नंगे ही वाशरूम चली गई तो मैं बेड पर लेट उनका इंतजार करने लगा। रेखा दीदी उधर से नंगे आई फिर मेरे कमर के पास बैठकर लन्ड को पकड़ ली और उसे चूमने लगी तो मैं हाथ बढ़ाकर उनके चूची को पकड़ दबाने लगा, रेखा लन्ड के सुपाड़ा को ओंठ पर रगड़ते हुए मुंह में ले ली फिर चूसने लगी तो मैं लेटा रहा और वो पूरा मुंह खोल लन्ड निगल गई, लन्ड को मुंह का प्यार मिल रहा था तो उसकी मुंह में मेरा लन्ड टाईट होकर चुदाई को तैयार था लेकिन दीदी अब सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और मैं उनके मुंह में लन्ड का धक्का देता हुआ मस्त था, आगे क्या हुआ अगले भाग में।

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