Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

रेखा और रोहित का जिस्मानी प्यार : भाग २

⏰ 1 min read

दोस्तों
पिछले भाग में आपने पढ़ा की कैसे मेरी चचेरी बहन रेखा मुझसे बेझिझक होकर सब कुछ मांग ली और दे भी दी, मुझे नहीं लगता की कोई लड़की या औरत अपने जिस्म मर्द या लड़कों को सौप दे तो उसका कुछ घट जाता, बिलकुल नहीं बल्कि अनुभव बढ़ता है तो रात के ००:०० बजे होंगे और मैं रोहित अपनी दीदी रेखा के साथ बेड पर नंगा था साथ ही वो मेरा लन्ड चूसते हुए मस्त थी तो मैं अब चुदाई को तैयार था लेकिन इतने में कोई दरवाजा खटखटाया तो दोनों का हाल खराब हो गया और मैं दीदी को देख बोला ” आप झट से पिछले दरवाजे से निकलकर अपने रूम…. ” वो अपने नाईट गाऊन पहन ली फिर रूम के पिछले दरवाजे से निकल गई और मैं अपना पैजामा पहन दरवाजा खोलने गया तो देखा की घर की कामवाली कविता खड़ी है और मैं गुस्से से लाल उसे देख बोला ” क्या है इतनी रात नींद खराब कर दी
( वो हंस दी ) साहब मेरे रूम में मच्छर बहुत है तो मच्छर वाला कोएल लेने आई हूं
( मैं बोला ) ठीक है रूको अभी देता हूं ” और फिर रूम में जाकर कॉइल लाकर उसे दिया तो वो बोली ” साहेब आपके बिस्तर पर वो क्या है
( मैं देखा तो दीदी की ब्रा पड़ी हुई थी ) जो भी है तुमको क्या
( वो बोली ) आप क्या कर रहे थे सब पता है ” ये बोलकर वो जाने लगी तो मैं उसके पीछे गया ” सुनो कविता
( वो मुड़कर बोली ) जी बोलिए
( मैं बोला ) देखो प्लीज ये बात किसी को मत बताना
( वो मेरे छाती पर हाथ फेरने लगी ) बोलने से क्या कुछ मिलता है, मुझे भी जरा रेखा दीदी वाला मजा दो ना
( मैं उसके गाल सहला दिया ) ठीक है लेकिन अभी मैं और रेखा काम क्रिया के मध्यान में ही थे, कल तुझे जरूर दूंगा ” और वो गांड़ मटकाते हुए चली गई, मेरा लन्ड तो टाईट था और अब मैं दीदी के कमरे के पास गया और दुविधा में पड़ गया की नोक करूं या नहीं, तभी हल्के हाथ से दरवाजा को धकेला तो दरवाजा खुला ही था और मुझे देख रेखा दीदी हड़बड़ा कर उठ गई और मैं उन्हें इशारे से रूम में बुलाया फिर अपने रूम में चला गया। कविता तो २०-२१ साल की छोकरी होगी जोकि मेरे घर में रहकर काम करती थी लेकिन उसे भी मुझसे चुदवाना था ये जानकर मैं खुश हो गया।
रेखा दीदी रूम में आई फिर दरवाजा बंद कर बिस्तर के पास खड़े खड़े अपनी नाईट गाऊन उतार फैंकी तो साली पूर्णतः नग्न थी और मैं उनके ब्रा को हाथ में लिए उन्हें दिखाया तो वो हंस दी ” कौन हम दोनों के काम वासना में विध्न पैदा किया
( मैं बोला ) ओह डार्लिंग कोई नही, कविता को मच्छर काटने लगा तो कोइल लेने आई थी
( रेखा मेरे कमर के पास बैठकर लन्ड पकड़ हिलाने लगी ) सब बहाना है उसको भी तेरा लौड़ा चाहिए ” ये कहते हुए रेखा झुककर लन्ड मुंह में ली फिर चूसते हुए झांट में उंगली नचाने लगी तो मैं रेखा के बूब्स पकड़े दबाने लगा, मेरा टाईट लन्ड कुछ देर के लिए सुस्त पड़ गया था लेकिन दीदी ने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो लौड़ा टाईट होकर उनके मुंह में ही फुंफकारने लगा और रेखा मुंह से निकाल जीभ से चाट ली फिर बोली ” रोहित अब देर मत करो
( मैं बोला ) लेकिन एक बार मेरे मुंह पर तो टांग चिहारे बैठ जाओ ” तो वो हंसते हुए मेरे चेहरे के ऊपर चूतड किए बैठ गई, मेरे चेहरे के ऊपर खूबसूरत सी बुर थी जिसे मैं चूमने लगा फिर दीदी चूतड को थोड़ा नीचे कर बुर को उंगलियों की मदद से फैलाई तो मैं जीभ घुसाए चाटने लगा साथ ही उनके चूची को दबा रहा था और कुछ देर तक बुर में जीभ रगड़ा फिर रेखा चेहरे पर से हटी तो मैं उठकर बैठा और रेखा को चित लेटने को बोला, वो बेशरम औरत की तरह जांघें फैलाई लेटी हुई थी तो मैं उनके बुर में सुपाड़ा घुसाया फिर लन्ड को उनके गुदाज अंग में चांपने लगा, २/३ लन्ड घुसा होगा की उनके बूब्स को पकड़ जोर से धक्का मारा और दीदी ” अबे साले कुत्ते आराम से चोद ना बुर फाड़ देगा क्या ” तो मैं रेखा की चूत में गपागप लन्ड पेलते हुए उनके बूब्स दबाने लगा और दीदी अब मेरा साथ निभाते हुए बोली ” जरा लेट तो जाओ फिर रेखा अपने जवानी का रसपान कराएगी ” में रेखा के चिकने बदन पर लेटा फिर दे दनादन चोदता हुआ चेहरा चूमने लगा तो रेखा मेरे पीठ सहलाते हुए अपने चूतड उछालना शुरू कर दी और दोनों संभोग क्रिया में लिप्त थे, रेखा के ओंठ को चूमते हुए चुदाई कर रहा था की वो जोर जोर से चूतड उछालने लगी और आहें भर रही थी ” उह ओह आह और तेज चोद चोदकर फाड़ डाल मेरी बुर
( मैं चोदता हुआ उनके बूब्स का एहसास अपने छाती पर पा रहा था ) ५-६ साल से चूत चुदवा रही है अब क्या फाडूंगा दीदी ” वो चुप रही और चूतड उछाल उछाल कर चुदाने लगी तो मेरा लन्ड चूत के गर्म कुंड में सलाख की तरह हो चुका था और मैं थोड़ा ब्रेक लेने के लिए दीदी के जिस्म पर से हट गया, नंगे ही वाशरूम गया फिर मूतने के बाद बाहर निकला और रेखा दीदी को देख बोला ” चलिए अब छत पर ही आपको चोदते हैं
( वो बोली ) ठीक है मुझे क्या प्रॉब्लम ” , और रेखा अपने जिस्म पर नाईट गाऊन डाल ली तो मैं हाफ पैंट पहन लिया फिर दोनों छत पर गए और सीढ़ी के दरवाजे को बंद कर दोनों प्रकृति की गोद में सेक्स करने को तैयार हुए। रेखा और मैं छत पर खड़े थे तो छत पर एक लकड़ी का बिस्तर था जिसपर उसको डॉगी स्टाइल में किए फिर उनके नाईट गाऊन को उतार खुद भी नंगा हुआ तो बेड के सामने यानी रेखा की गांड़ के सामने खड़े होकर चूतड को सहलाने लगे तो रेखा मुड़कर देखी और रोहित अब एक पैर बेड पर रखा तो रेखा के चूतड के सामने मेरा लन्ड था, अब उसके जांघ को थोड़ा फैलाया फिर लन्ड पकड़े चूतड के नीचे से ही चूत में घुसाने लगे, लन्ड बुर में घुसते ही तेज धक्का देकर चुदाई करने लगा तो रेखा दीदी बिना देर किए चूतड को हिलाना शुरु कर दी और मैं खड़े खड़े उनकी बुर चुदाई करने लगा, छत पर खुले आसमान के नीचे थोड़ी हवा तो अलग तरह की मस्ती और रेखा दीदी अपने चूतड को स्प्रिंग की तरह हिलाते हुए आहें भरने लगी ” उह ओह बिलकुल हथौड़ा की तरह तेरा लन्ड है तेजी से चोदो ना मेरी बुर तो आंसू टपकाने पर है
( मेरा लन्ड गपागप बुर में रगड़ा मार रहा था ) लेकिन दीदी गांड़ कब दोगी
( वो हंस दी ) पहले दीदी को बीबी तो समझ आह उह मेरा निकला ” और मेरा लन्ड बुर के रस से थोड़ा शांत हो गया तो मैं झट से लन्ड को निकाला और रेखा अब उस बेड पर लेट गई तो मैं उनके सामने बैठा फिर वो मेरे इशारे को समझते हुए चूतड को उपर उठाई और मैं बुर में जीभ घुसाए चाटने लगा, रेखा अपने निचले हिस्से को मस्त अंदाज में उठा रखी थी तो मैं कुत्ते की तरह बुर में जीभ घुसाए चाटने लगा फिर बुर से जीभ निकाल लिया तो रेखा बोली ” चल अब घोड़ी बनकर चुदवाने का मजा लूं ” और वो सीढ़ी घर के दीवार पर हाथ लगाए खड़ी हुई साथ ही जांघों को फैलाकर चुदाई का न्योता दी और मैं दीदी के चूतड के सामने लन्ड पकड़े खड़ा हुआ, उनकी रसीली बुर में लन्ड को डाला और तेजी से लन्ड पेल कर चुदाई करने लगा, साली रण्डी अपने गांड़ को हिलाते हुए चुदवा रही थी और यकीनन रेखा दस घाट का पानी पी चुकी थी तो मैं रेखा की बुर ७-८ मिनट से चोदते हुए हांफने लगा तो रेखा पीछे मुड़कर बोली ” अबे साले तेज चोद ना क्यों दीदी को तरसा रहा है
( मैं उनके चूची को दबाने लगा और लन्ड का धक्का बुर में देता हुआ मस्त था ) तेरी जैसी खुबसूरती और सेक्सी औरत को किस के लिए तरसना है डार्लिंग ” रेखा चुप रही और चूतड हिलाते हुए चुदवाने में लीन थी, सोचा भी नही था की मेरी बड़ी बहन मेरे इरादे को समझकर खुद टांगे चिहार देंगी, भले ही दुनिया के नजर में पाप हो लेकिन इस मस्ती के सामने कुछ नहीं सूझता और अब उनकी बुर गर्म हो चुकी थी तो मैं भी थकावट महुशुस करने लगा ” तेजी से चूतड हिलाओ ना मेरा लन्ड रस गिराने को है
( वो पीछे मुड़कर बोली ) तो फिर देर क्यों राजा जल्दी से दीदी की चूत में रस गिराकर बीबी बना ले ” मेरा लन्ड बिलकुल ही आग बन चुका था तो दोनों चुदाई में मस्त थे और तभी मेरा लन्ड वीर्य स्खलित कर शांत पड़ गया तो रेखा झट से अपना चूतड आगे कर लन्ड को बाहर की और मेरे सामने झुककर लन्ड को मुंह में भर वीर्य का स्वाद चखने लगी फिर दोनों अपने अपने कपड़े पहने और छत से नीचे आकर अपने रूम में जाकर सो गए।

This content appeared first on new sex story .com

Also Read: Massage Lene Ki Jagah Deni Padi

This story रेखा और रोहित का जिस्मानी प्यार : भाग २ appeared first on erosstories.com

Part 2 of 2 complete
Continue to Part 3 →
रेखा और रोहित का जिस्मानी प्यार : भाग ३
View all 2 parts →