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मॉम ने मुझे हवस का शिकार बनाया

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फ्रेंड्स
मैं विशाल अग्रवाल, उम्र २० वर्ष तो लंबाई ६ फीट साथ ही चौड़ी छाती और कसरती बदन, मेरी मॉम विशाखा ३८ वर्ष की हैं जो देखने में खूबसूरत हैं, लंबाई ५’६ इंच तो चूचियां बड़ी बड़ी, चूतड गोल और गुंबदाकार तो मोटी चिकनी जांघो के बीच उनकी चूत जोकि क्लीन शेव होती है लेकिन लालिमा लिए चूत के मुहाने पर काले धब्बे, यकीनन चूत चुदाई की निशानी है और हम दोनों के बीच एक रात शारीरिक संबंध बना वो भी उनका प्लान था। हम लोग लखनऊ शहर में रहते हैं जहां की मैं, मेरे डैड, मॉम और मेरी बहन आकांक्षा रहती है, गोमती नगर में हमारा घर है और डैड बिजनेस करते हैं तो मेरी मॉम विशाखा हाउसवाइफ होने के साथ साथ मॉडर्न ख्यालात की औरत है जोकि क्लब और पार्टी में काफी समय एंजॉय करती है। एक सुबह उठकर बालकनी में गया तो मॉम बैठकर नुजपेपर पढ़ रही थी और मुझे देख मुस्कुराई ” गुड मॉर्निंग विशाल बहुत जल्दी बेड छोड़ दिए
( मैं कुर्सी पर बैठा ) गुड मॉर्निंग वैसे आप भी जल्द ही जाग गईं
( मॉम गुलाबी रंग के नाईट गाऊन में खूबसूरत दिख रही थी ) हां कल शाम ना तो क्लब गई थी और ना ही कोई पार्टी में ” और फिर घर की दाई चाय का प्याला लाकर दी तो मैं चाय की चुस्की लेते हुए मॉम की ओर देखा तो वो बोली ” एक घण्टे बाद मुझे देखना वो भी बिना कपड़े के
( मैं हंस दिया ) ओह सो क्या आकांक्षा भी सुबह सुबह कहीं गई क्या
( मॉम बोली ) हां कॉलेज में सीनियर को फेयरवेल पार्टी दे रही है तो शाम तक ही आएगी ” और मैं चाय पीकर अपने रूम गया फिर फ्रेश होकर बेड पर लेटा हुआ मोबाइल में न्यूज पढ़ने लगा, सुबह के ०९:३० बजे होंगे तभी मुझे किसी के रूम में आने की आहट सुनाई दी, यकीनन डैड या बहन तो नहीं ही होगी और मैं दरवाजे की ओर देखा तो मेरी आंखें उस पर टिक गई साथ ही मेरे होश उड़ गए, मेरी मॉम विशाखा ब्रा और पैंटी पहने खड़ी थी, जिस्म तो मांसल था और उनकी बड़ी बड़ी चूचियां लाल रंग की ब्रा में खूबसूरत दिख रही थी तो पेंटी के ऊपर ही उनके गुदाज चूत का आकार बन चुका था और उनकी मोटी चिकनी जांघो को देखता हुआ ओंठ पर जीभ फेरने लगा तो विशाखा बेड के किनारे में आकर खड़ी हुई फिर एक पैर बेड के किनारे पर रख बोली ” बेटा आज तुझे दिन भर ऐसी मस्ती दूंगी ना की तुम आकांक्षा को भूल जाओगे
( मैं उठकर बैठा हुआ अपना हाथ उनके जांघ पर फेरने लगा फिर दूसरा हाथ उनकी जांघो के बीच लगाया ) क्यों नहीं लेकिन पोर्न स्टार की तरह घर में रहने का मतलब ” तो वो मेरे सामने बेड पर बैठ गई फिर मेरे चेहरे को चूमने लगी तो मैं उसके करीब खिसक गया फिर उसके पीठ पर हाथ फेरता हुआ उसके गाल चूमने लगा तो विशाखा मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगी और मेरे शॉर्ट्स को पकड़ बोली ” इसको खोलो देखूं कहीं रात को तुम बहन को तो नहीं चोदे थे
( मैं बैठे बैठे शॉर्ट्स और बनियान उतार उसके ओंठ चूम लिया ) डार्लिंग तुम्हारे रहते क्या आकांक्षा क्या विनीता, तुम में तो काम रस भरी पड़ी है
( विशाखा मेरे लन्ड पकड़ सहलाने लगी ) वैसे और भी रस घर में है जिसे पीकर मस्त हो सकते हो ” तो मैं मॉम के पीठ पर हाथ फेरता हुआ ब्रा की डोरी को खोल दिया और विशाखा मेरे गोद में जांघें फैलाई बैठ गई साथ ही मेरे कमर से पैर लपेट मुझसे लिपट गई, मैं तो उसके गोल गोल और मुलायम बूब्स का एहसास छाती पर पाने लगा फिर उनके गर्दन में हाथ डाले उनके ओंठ मुंह में भर चूसने लगा तो मॉम की रसीली ओंठ चूसते हुए मुझे बहुत मजा आ रहा था और फिर मैं उनके ओंठ मुंह से निकाल दिया और विशाखा अपनी जीभ मुंह से निकाल मेरे ओंठ चाटने लगी फिर तो मैं उसके जीभ मुंह में भर चूसने लगा और वो मेरे पीठ पर नाखून गड़ाने लगी, विशाखा की जीभ चूसते हुए उसके सांस की खुशबू ले रहा था और मेरा सुस्त पड़ा लन्ड उसके चूत के सामने टाईट होने लगा तभी मॉम मेरे चेहरे को पीछे कर जीभ निकाल ली ” ओह डार्लिंग क्यों इतना जल्दी जीभ निकाल ली
( मॉम मेरे गाल चूम ली फिर जीभ मुंह से निकाल दी ) अब समझा ” और उनकी जीभ चूसते हुए मैं उनके चूतड के नीचे हाथ लगाया तो उनकी चूत की फांकों का एहसास मिला, साली चुदवा चुदवा कर बूर को भोंसड़ा बना ली थी और मैं उनके चूतड की ओर से बूर में एक उंगली घुसाया और कुरेदने लगा तो दोनों जीभ चूसने /चुसवाने मस्त थे, सुबह उठकर सिर्फ चाय का स्वाद लिया था की मॉम नग्न अवस्था में मेरे सामने आ गई और मैं तो उनके जिस्म को देख ही तड़प उठा, मैं अब मॉम का चेहरा पीछे कर जीभ निकाल लिया और विशाखा मेरे गाल चूम ली ” क्यों बेटा इस बार तो तू हार गया
( मैं उनके बूर में उंगली घुसाए कुरेद रहा था ) हां तुम अनुभवी हो और औरत के सामने तो सबको परास्त होना ही पड़ता है ” फिर मॉम उठकर फ्रेश होने चली गई तो मैं नंगे ही उनके रूम चला गया और वहां एक अल्मीरे से व्हिस्की की बोतल निकाला फिर रेफ्रिजरेटर से कोल्ड ड्रिंक्स की बोतल, वापस अपने रूम आया तो मॉम बेड पर लेटी हुई थी और मुझे देख बोली ” वाह क्या बात है ड्रिंक्स बनाओ
( मैं कुर्सी पर बैठ दोनों ग्लास में ड्रिंक्स बनाने लगा तो मेरी नजर मॉम की फैली जांघो के बीच थी और फिर उठकर उन्हें एक ग्लास दिया ) लिजिए मैडम जी ” तो विशाखा बेड से उतरकर कुर्सी पर बैठ गई फिर मेरे रूम का पिछला दरवाजा खोल दी और मेरे पास आकर खड़ी हुई तो मैं भी खड़ा हुआ और दोनों ग्लास आपस में सटाए ” चीयर्स माई सेक्सी मॉम ” और फिर मैं खड़े खड़े ड्रिंक्स पीने लगा तो मॉम मेरे टाईट लन्ड को पकड़ बोली ” सिगरेट नहीं रखे हो विशाल
( मैं उनके बूब्स पकड़ दबा दिया ) हां अभी देता हूं ” फिर मैं ड्रॉअर से सिगरेट की पैकेट निकाला तो विशाखा उसे जलाई और दोनों रूम से निकल पीछे के बालकनी में नंगे ही बैठकर ड्रिंक्स लेने लगे तो मॉम सिगरेट फूंक रही थी, घर के पिछले हिस्से में बागान था और फिर घर की चारदीवारी, उधर से हम दोनों पर किसी की नजर नहीं पड़ सकती थी और मैं एक पैक पीने के बाद मॉम के हाथ से सिगरेट लेकर फूंकने लगा तो वो ड्रिंक्स लेते हुए मेरे लन्ड पकड़ सहलाने लगी, कुछ देर के बाद दोनों रूम में आए फिर विशाखा बेड पर लेट है और मैं उनके जिस्म के ऊपर लेट उनके चेहरा को चूमते हुए बूब्स पकड़ दबाने लगा, मॉम बेड पर काफी गर्म रहती थीं और वो मेरे चेहरे को चूमने लगी तो मैं तुरंत ही उनके ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगा तो वो मेरे पीठ से लेकर चूतड तक को सहला रही थी, मैं तो विशाखा के मांसल बदन पर लेटकर उनके ओंठ को अब मुंह में लिए चूसने लगा तो उनकी उंगली मेरी चूतड के दरार में थी, तभी मॉम का चेहरा लालिमा लिए कामुकता की ओर जा रहा था तो मैं उसके ओंठ मुंह से निकाल दिया फिर उनके गर्दन चूमते हुए बदन पर लेटा रहा तो विशाखा ” बेटा मैं मॉडर्न ख्यालात की औरत हूं इस आसन में कोई मजा नहीं है उठो ” और मैं उनके बदन पर से उतर गया, अब मैं मॉम के बूब्स को पकड़ दबाने लगा तो वो मेरे लन्ड पकड़ सहलाने लगी फिर मैं उनके चेहरे के ऊपर चेहरा कर जीभ मुंह से निकाला तो विशाखा भी जीभ निकाल मेरे जीभ को चाटने लगी साथ ही उनका हाथ मेरे जांघो के बीच लन्ड को पकड़ हिला रहा था फिर मैं मॉम की जीभ मुंह में लिए चूसने लगा तो उनके बड़े बड़े बूब्स को दबाते हुए काफी मजा आ रहा था तो मॉम बेड पर ही जांघ पर जांघ चढ़ाए तड़पने लगी फिर विशाखा मेरे चेहरे को पीछे धकेल जीभ निकाल ली, उनका गोरा चेहरा कामुकता वश लाल हो चुका था तो तेज सांसों के कारण चूचियां उफान ले रही थी जबकि मैं उनके बूब्स की जगह उनके जांघ को सहलाने लगा तो वो खुद जांघों को फैलाकर बोली ” विशाल अब इसको ( बूर की ओर इशारा की ) चाटो
( मैं मॉम के बूब्स पकड़ चेहरा उस पर किया ) पहले दूध पी लूं फिर चाटूंगा ” और मैं मुंह खोले उनकी चूची अंदर लिए चूसने लगा, उनकी चूची का १/३ हिस्सा मेरी मुंह में था कारण की उनकी चूची इतनी बड़ी थी की पूरा मुंह मे ले पाना ही मुस्किल था और मैं चूची चूसता हुआ उनके चेहरे पर हाथ फेरने लगा तो मॉम मेरे लन्ड को पकड़ हिलाने लगी ” आह ओह उह उई आआआह्ह बूर में बहुत खुजली हो रही है डियर अब चाटो ना
( मैं चूची मुंह से निकाल लिया फिर मॉम के पेट से लेकर कमर तक हाथ फेरने लगा ) यू आर सेक्सी एंड हॉट ” फिर मैं उनके कमर से लेकर पेट तक पर चुम्बन देने लगा तो मॉम मेरे सर पर हाथ फेरने लगी, आगे क्या हुआ… अगले भाग में।

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