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मैं बनी वैश्या : भाग २

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फ्रेंड्स
पिछले भाग में आपने पढ़ा की कैसे मैं अपने देवर राज के साथ सेक्स की और इस दौरान मेरे पति विवेक अपने दोस्त निखिल के साथ घर आ गए और हम दोनों के शारीरिक संबंध के बारे में उनको जानकारी हुई, रात के ०९:०० बजे मेरा बेटा खाना खाकर सो गया और फिर मुझे जो सजा आज मिलने वाली थी उसमें मजा भी था साथ ही थोड़ा दर्द भी आखिर एक नहीं तीन तीन मर्द के साथ संभोग करना था। मेरे पति विवेक ३१ साल के हैं तो उनका हेंडसम पर्सनेलिटी साथ ही उनके काम कला की मैं कायल हूं तो निखिल की उम्र २६-२७ साल होगी और वो देखने में सुंदर है साथ ही छरहरा बदन और छह फिट की लंबाई, उसके साथ पहले भी मैं हमबिस्तर हो चुकी हूं तो देवर जी के साथ चुदाई में लगी हुई थी की मेरे पति अपने दोस्त के साथ घर आ पहुंचे। रात के ०९:३० बजे होंगे तभी बाहर का खाना भी डिलीवर हुआ और फिर रात की तैयारी शुरू हुई, मैं अपने रूम गई और फ्रेश होने के बाद एक ब्लू रंग की लिंगेरी पहन ली तो निखिल और विवेक डाइनिंग हॉल में बैठ ड्रिंक्स ले रहे थे साथ ही राज था। मैं आईने के सामने खड़ी हुई और अपने आपको देखने लगी, ब्लू रंग की लिंगरी में मैं बिल्कुल ही पोर्न स्टार लग रही थी जिसके खुबसूरत जिस्म पर जो कपड़ा था उससे बूब्स पूरी तरह से दिख रहा था सिर्फ निप्पल ड्रेस में छुपी हुई थी और मेरे आधे जांघों जोकि मोटी और चिकनी थी को ड्रेस ढक रखा था तो पीठ का हिस्सा नग्न था, चूत पर पेंटी थी और इसके सिवाय हरेक अंग की नुमाइश इस कपड़े में हो रही थी चाहें मेरी गोल गद्देदार चूतड हो या बड़ी बड़ी बूब्स या फिर नंगी जांघें साथ में पैर और मैं अब बाल को संवारकर रूम से निकली फिर डाइनिंग हॉल में घुसते ही तीनों मुझे गिद्ध दृष्टि से देखने लगे, विवेक और निखिल तो ड्रिंक्स ले रहा था साथ ही राज भी लेकिन तीनों ही बेशर्म की तरह सिर्फ चढ्ढी और बनियान में थे तभी मैं जाकर अपने पति के जांघ पर बैठ उसके कंधे में बाहें डाल गाल चूम ली ” तो मेरे तीन बेडमेट्स मैं कौन हूं सबको मालूम है बस एक ड्रिंक्स लेकर तुम लोगों को बताती हूं की मैं कितनी हॉट हूं ” और राज मेरे हाथ में ग्लास दिया तो मैं उसको पीने लगी फिर निखिल की ओर देख बोली ” ये राज है मालूम कौन है मेरा
( निखिल मुस्कुराया ) हां आपका देवर है और
( मैं ड्रिंक्स लेकर ग्लास राज को थमाई ) तुम दोनों जब डोर बेल बजाय तभी ये मेरे ऊपर लेट मुझे मजा दे रहा था
( निखिल बोला ) तो फिर पहले उसको ही मौका मिलना चाहिए ” और मैं दूसरा ड्रिंक्स लेकर राज के बगल में सोफा पर बैठ गई फिर बोली ” जाकर मेरे रूम के कबर्ड से सिगरेट की पैकेट ले आ जब तक व्हिस्की की नशा चढ़ ना जाए सेक्स में मजा कहां ” राज उठकर गया तो निखिल मेरे सामने आकर खड़ा हुआ और मैं उसके जांघिया पर से लन्ड पकड़ दबाने लगी फिर सोफा के किनारे हुए उसके चढ्ढी उतार लन्ड पकड़ चूमने लगी तो राज उधर से आया ” लिजिए सिगरेट फूंकने की जगह भाभी तो सिगार पीने लगी
( मैं उसकी ओर देखी ) भाभी नहीं आज की रात मैं तुम लोगों के लिए वैश्या हूं और मुझे मुन्नी कहो समझे ” फिर मैं निखिल के लन्ड का सुपाड़ा मुंह मे भर चूसने लगी तो वो मेरे बाल पर हाथ फेरते हुए मुंह में लन्ड डालने लगा और उसका १/२ लन्ड ही मेरे मुंह को भर दिया जिसे चूसने लगी तो राज मेरे बगल मे बैठा मेरे ड्रेस के स्ट्रैप्स जोकि बाहों पर थे को नीचे करने लगा, मेरे बूब्स को पकड़ दबाने लगा तो मेरे पति विवेक मेरे पैर के पास बैठ गए और निखिल अपना एक पैर सोफा के किनारे रख खड़ा था जिसके दोनों पैर के बीच में विवेक बैठा हुआ मेरे जांघो को सहलाने लगा। मैं तो लन्ड चूसने में मस्त थी तो राज मेरे एक बूब्स को नंगा कर मुंह उसपर लगाया फिर उसे मुंह में लिए चूसने लगा तो मैं सोफा के किनारे बैठ अब निखिल के लन्ड को मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी और दोनों जांघो को फैला दी तो विवेक मेरे ड्रेस को कमर तक किया फिर मेरी पैंटी की हूक खोल नग्न चूत को सहलाने लगा और मैं ” आह ओह उह उई आआआअह्ह्हह अब आराम से चूसो मेरी चूची
( इतने में विवेक मेरे जांघो के बीच चेहरा लगाया और चूत चूमने लगा ) ओह उह मेरी चूत में जीभ घुसाओ बे साले ” फिर मैं निखिल का लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी तो राज चूची चूसता हुआ मेरे दाहिने कंधे से भी ड्रेस का स्ट्रेप्स नीचे कर दिया तो दीपा पूर्णत नग्न थी जिसके एक चूची को चूसकर राज लाल कर दिया फिर मेरी दाहिने ओर आया तो विवेक मेरे चूत की फांकों को फैलाकर उसमें जीभ घुसाए चाटने लगा, मेरी चूत की कोमल छेद में पूरा जीभ घुसेड़ चाटे जा रहा था तो मैं निखिल का लन्ड मुंह में लिए सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और राज अब मेरे बूब्स को दबाते हुए बदन पर हाथ फेर रहा था, एक साथ तीन मर्द को संभालना किसी सामान्य औरत के वश की बात नही है ये मेरे जैसी रण्डी ही कर सकती है जिसके स्तन देवर के मुंह में थे तो पति बूर चाटने में लीन था और मैं पति के जूनियर का लन्ड चूसने में लीन थी और फिर मैं कामुक हो गई, निखिल के कमर को पीछे कर लन्ड मुंह से निकाल अपने आपको स्थिर करने लगी ” आह उह उई प्लीज अब चोदो मुझे उह उई कितनी गुदगुदी हो रही है ” और विवेक बूर से जीभ निकाल उठकर खड़ा हुआ तो निखिल मेरे बाईं ओर बैठकर चूची को दबाने लगा तो राज मेरी चूची चूसने में मस्त था और फिर विवेक खुद अपना चढ्ढी उतार लन्ड को पकड़ मेरे ओंठ पर रगड़ने लगा और मैं खुद उसका लन्ड पकड़ मुंह में भर चूसने लगी तो मेरे दोनों स्तन चूसने में दोनों लगे हुए थे और फिर विवेक मेरे मुंह में लन्ड का धक्का देता हुआ मस्त था तो मैं बूर की खुजली से परेशान थी, निखिल चूची छोड़ मेरे गाल पर हाथ फेरने लगा और मैं पति का लन्ड मुंह में लिए मुखमैथुन कर रही थी तो राज भी चूची छोड़ फ्रेश होने चला गया और मैं कुछ देर बाद विवेक का लन्ड मुंह से निकाल बोली ” अब मैं पहले राज से चुदंगी फिर तुम दोनों की बारी
( निखिल बोला ) अबे साली रण्डी पहले बूर चाटने दे ना फिर चुदाना आज तो पूरी रात तेरी बूर को लन्ड मिलता ही रहेगा ” और मैं चुप रही।
राज फ्रेश होकर आया फिर वो मेरे सामने खड़ा होकर चढ्ढी उतार दिया तो निखिल और विवेक पहले से नंगे थे, मैं राज का लन्ड पकड़ चूम ली ” बेटा तुम ड्रिंक्स बनाओ अभी तेरी मां पर व्हिस्की की नशा नहीं चढ़ी है ” और तीनों खिलखिलाकर हंस दिए, चार नग्न इंसान साथ में ड्रिंक्स लेने लगे और मैं जांघ पर जांघ चढ़ाए बैठी थी फिर मुझे सिगरेट पीने की इच्छा हुई तो मैं उठकर नंगे ही बालकनी चली गई और मुझे कोई भी नंगा देख नहीं सकता था कारण की बालकनी फ्लैट के पिछले हिस्से में थी और मैं व्हिस्की पीते हुए सिगरेट फूंक रही थी, तभी पीछे से आकर कोई मुझे दबोच लिया तो मैं चेहरा पीछे की ” ओह राज बस दो मिनट उसके बाद चोद देना फिर उन भड़वा से चुदूंगी
( राज मेरे बूब्स दबाने लगा ) अपने पति को क्या कह रही हैं
( मैं पीछे मुडकर ड्रिंक्स लेने लगी ) वो कितने के साथ मुझे बिस्तर गर्म करने को मजबूर किए हैं तुम्हें नहीं मालूम ” फिर मैं डाइनिंग हॉल आई और ग्लास टेबल पर रख दी तो फर्श पर बिछे कालीन पर ही मैं डॉगी स्टाइल में हुई फिर तो राज मेरे चूतड के सामने बैठा और मेरे चूतड को चूमते हुए मेरी जांघो को फैलाया फिर उसमें उंगली डाल कुरेदने लगा और निखिल मेरे चेहरे के सामने बैठ गया तो मैं उसका लन्ड मुंह में लिए चूसने लगी, इतने में मेरी चूत से रस निकल गया और राज अपना लन्ड बूर में घुसाने लगा जोकि मेरी चूत आसानी से निगल गई, वो मेरे कमर को पकड़े धकाधक चोदने लगा तो मैं निखिल का लन्ड मुंह में लिए सर का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी फिर अपने चूतड को हिलाते हुए चुदाने लगी और विवेक बोला ” सही में दीपा तो वैश्या से भी अधिक हॉट है
( निखिल आहें भरने लगा ) आह उह उई कितना चूसोगी साली रण्डी अब जरा चोदने दे
( राज बोला ) तो मैं साली की मुंह में वीर्य स्खलित करना चाहता हूं आप इधर आइए ” फिर राज चोदता हुआ मेरे सीने से लटकते स्तन पकड़ दबाने लगा तो मैं चूतड हिलाते हुए चुदाने लगी और अब मैं ” आह ओह उह और तेज चोद ना
( निखिल मेरे चेहरे के सामने से उठकर चला गया ) अभी बताता हूं साली तेरी चूत की गर्मी कैसे निकलता है ” लेकिन राज चोदता हुआ मेरे पीठ को सहला रहा था तो मैं चूतड को हिलाते हुए मस्त थी और फिर राज बूर से लन्ड निकाल मेरे चेहरे के सामने आकर बैठा तो मैं उसके लन्ड मुंह में भर चूसने लगी, मुखमैथुन करते हुए उसके लन्ड का वीर्य चखना था और उधर निखिल लन्ड को चूत में घुसाने लगा।
मैं अब अपने मुंह में लन्ड लिए चेहरा का तेज झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और उधर निखिल का लन्ड बूर में घुसे जा रहा था, तभी राज मेरे बाल पकड़ नीचे से मुंह में धक्का देने लगा और बोला ” ले साली रण्डी अब पी मेरे लन्ड का रसमलाई ” फिर तो मेरे मुंह में वीर्य स्खलित होने लगा तो थोड़ा गले के अंदर गया और थोड़ा मुंह से बाहर निकलने लगा तो राज मेरे सामने से हटा और मेरे ओंठ से लेकर चेहरे तक पर वीर्य गिरा हुआ था लेकिन निखिल तो कमर पकड़े धक्का देने लगा ” आह ओह उह उई थोड़ा ब्रेक दो ना
( निखिल बोला ) रण्डी को ब्रेक वो भी इतनी जल्दी
( मैं तो निखिल का लन्ड चूत में पाकर मस्त थी ) नहीं निखिल क्या है की मुंह के अंदर और मेरे चेहरे पर रस लगी हुई है इसलिए फ्रेश होना चाहती थी
( निखिल का मोटा लन्ड मेरी चूत को धकाधक चोदे जा रहा था ) बस दो मिनट सेक्सी उसके बाद ब्रेक ” तो मैं चूतड हिलाते हुए मजा लेने लगी, रात भर तीनों के साथ सेक्स करना था तो कहिए की राज के साथ पहले से ही चुदाई का मजा ले रही थी फिर विवेक आ गए लेकिन वो सुस्त पड़ने के पहले कम ही देर टिक सका, मेरी चूत तो आग की भट्टी बन चुकी थी और मैं ” आह ओह उह उफ आआआह्हह और तेज चोद साले अपनी बहन को रात भर चोद ना ” सिसकने लगी फिर निखिल लन्ड निकाल लेट गया तो मैं फ्रेश होने चली गई, पहले से मुंह को साफ की फिर चेहरा को और चूत में तो १२-१५ मिनट से लन्ड धक्का दे रहा था सो वो लहर रही थी और मैं वापस बेड पर आई, फिर क्या हुआ अगले भाग में।

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