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मेरी दोस्त शालिनी

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मै कालेज मे कम ही वक़्त बिताया करता था, कुछ क्लास रोज करने के बाद मौज मस्ती मे लीन हो जाता था ! लगभग साल भर से लड़्कीयो और औरतो की चुत का दिवाना हो चुका था तो बियर पीने की आदत 2-3 साल पुरानी थी ! एक दिन कालेज से दोपहर मे निकलने पर ही था की मेरे क्लास की एक छात्रा शालिनी मेरे पास आकर बोली…… “राहुल आज तुम जरा मेरी मदद कर दो

(राहुल) सो क्या शालिनी

(शालिनी) मुझे घर छोड़ दो अपने बाईक से

(राहुल) चलो इसी बहाने तुम्हारा घर भी देख लुंग़ा. ” वो मेरे पिच्हे बाईक पर बैठी तो मै उसको लेकर चल पड़ा, बाईक पर एक दुरी बनाए मेरे कंधे पर हाथ रखे वो बैठी थी ! शालिनी स्कर्ट और टोप्स मे सुंदर दिख रही थी तो मै इस फ़िराक मे था की कैसे इस माल को रिझाया जाये ! मेरी उम्र की शालिनी देखने मे सुंदर थी तो उसके स्तन उम्र के हिसाब से बड़े-2 दिख रहे थे, लम्बाई 5 फ़ीट 4 इंच के करीब होगी और उसका चुत्तर काफ़ी मांसल और गददेदार लग रहा था !

शालिनी के घर पहुंचा और वो बाईक से उतर कर बोली…… “आओ अंदर चाय तो कम से कम पी लो

(राहुल) ठीक है. ” फ़िर उसके घर के अंदर गया तो उसकी मम्मी से मुलाकात हुई…… “मम्मी ये राहुल है मेरे क्लास मे पढ्ता है. ” तो मै उनको हाथ जोड़्कर प्रणाम किया और फ़िर उनके घर मे बैठा था, पल भर बाद उनकी मम्मी चाय लेकर आई और फ़िर हमसब साथ बैठ्कर चाय पीने लगे ! शालिनी से अधिक खुबसुरत तो उसकी मम्मी थी जोकि साड़ी और ड़ीप गले वाले ब्लाउज मे सेक्सी दिख रही थी ! मै दोनो को घुरता हुआ चाय पीने लगा और फ़िर बोला…… “चलता हु आंटी…. मिलता हु शालिनी “. मै उसके घर से निकल गया और अभी थोड़ी दुरी तय की थी की मेरा मोबाईल बजने लगा, बाईक को सड़क के किनारे लगाकर फ़ोन पर बात करने लगा…… “हेलो कौन बोल रहा है

(लड़्की) आवाज नही पह्चान पा रहे हो शालिनी हु

(राहुल) ओह शालिनी बोलो

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(शालिनी) तुम वापस मेरे घर आ जाओ, मम्मी अपनी सहेली के पास गयी है. ” मै शालिनी के घर के लिये वापस हो गया, उसके घर पह्नचकर दरवाजा को खटखटाया तो शालिनी नारंग़ी रंग़ के गाउन मे सेक्सी दिख रही थी ! मै अंदर घुसा तो वो दरवाजा बंद कर दी, मेरे सामने आकर खड़ी थी तो मै उससे नज़र मिलाते हुए पुच्हा…… “क्या बात है शालिनी तुम मुझे फ़िर से बुला ली….. ” वो बिना कुछ बोले मेरे से लिपट गयी तो मै भी उसको बाहो के घेरे मे लेकर उसके ओंठ और चेहरे को चुमने लगा! शालिनी मेरे गर्दन से चेहरे तक चुम्बन देती रही और मेरा हाथ उसके भरे पुरे नितम्ब पर घुमने लगा!

शालिनी मेरे ओंठ को चुसते हुए अपना जिभ मेरे मुह्न मे भर दी तो मै उसको कसकर पकड़े उसके जिभ को चुसने लगा, साथ हि उसके गाउन को पकड़कर कमर की ओर करने लगा ! पल भर बाद वो जिभ बाहर खिंचकर मेरे ओंठ को चुमी…… “अब सम्झे दुबारा क्यो बुलाई. ” शालिनी मेरे जिंस पर हाथ लगाकर खोलने लगी तो मै उसके गाउन को कमर तक करके उसे गर्दन की ओर कर दिया, फ़िर उसके गाउन को जिस्म से निकालकर उसे अर्ध नग्न कर दिया ! शालिनी के जिस्म पर लाल रंग़ के ब्रा और पेंटी थे तो मेरा जिंस और शर्ट खुल चुका था, अब मै शालिनी को गोद मे लेकर बेड़रूम चला गया और बेड़ पर उसे लिटाकर खुद उसके पैर के पास बैठ गया ! शालिनी के स्तन की उफ़ान उसके सांसो के साथ उपर निचे हो रही थी तो मै उसके गाल को चुमते हुए चुचि को मसलने लगा, वो मेरे पिठ पर हाथ फ़ेर रही थी तो मै उसके ब्रा को खोलकर एक स्तन को मुह्न मे ले लिया और चुसने लगा ! शालिनी 20-21 साल की मस्त माल थी तो मै उसके चुची को चुसता हुआ दुसरे स्तन को मसलने लगा, स्तन काफ़ी टाईट और नारङी की भांती थी तो निप्पल भुरे किस्मिस की तरह, मेरा लंड़ चड़्ही के भितर फ़नफ़ना रहा था तो मै उसके दुसरे स्तन को चुसने लगा, शालिनी मेरे बाल पर हाथ फ़ेर रही थी…. “आह्हह ऊम्मम्म राहुल बहुत मजा आ रहा है और तेज चुसो ना मेरी बुर मे किड़े रेंग़ रहे है. ” मै शालिनी के नग्न जिस्म पर औंध कर स्तनपान करने लगा तो वो अपने दोनो जङ्हा को एक द्सरे से रगड़ने लगी ! उसके सपाट पेट से कमर तक को चुमता हुआ मस्त था तो शालिनी अपने चुचि को खुद दबा रही थी !

शालिनी काम की आग मे जल रही थी तो मै उसके नितम्ब के निचे एक तकिया ड़ाल दिया और उसके दोनो जङ्हा को दो दिशा मे कर दिया, शालिनी के चिकने जङ्हा से लेकर खुबसुरत टांग़ तक पर हाथ फ़ेर रहा था ! अब अपना सर झुकाया और उसके कमर को थामे जाङ्ह चुमने लगा, वो सिसक रही थी तो मै उसके दोनो जङ्हा को चुम चुम कर गरम कर दिया, अब उसके पेंटी को खोल दिया तो शालिनी अपने हथेली से बुर को ढक ली ! मै शालिनी के हाथ को बुर पर से हटाकर उसके लालिमा लिये चुत को देखने लगा, ब्रेड़ पकोड़े की तरह फ़ुली हुई चुत पर बार नही थी तो दोनो फ़ांक आपस मे सटे हुए ! मै उसकी चुत पर चुम्बन देने लगा तो वो “ऊह्हह राहुल आश्हह्हह्ह बहुत मजा आ रहा है. ” और मै बुर को चुम-2 कर लाल कर दिया तो शालिनी बुर को फ़लकाने लगी और मेरा जिभ उसकी बुर को चाट्ने लगा, मेरा आधा जिभ बुर को चोद रहा था तो मेरा हाथ चुची मसल रहा था, पल भर बाद उसके बुर को मुह्न मे भरकर चुभलाने लगा तो वो ‘अबे साले कुत्ते बुर चुसता ही रहेगा की चोदेगा भी ‘ उसकी बातो से लग रहा था मानो वो पहले से चुदवा चुकी हो ! मै बुर को मुह्न से निकाला तो वो बाथ रूम भागी !

शालिनी एक तोलिया अपने छाति से बांधकर वापस आई और अब मेरे पैर के पास बैठकर मेरे चड़्ही को खोल दी, मै सोफ़ा पर बैठा हुआ शालिनी के बाल को सहला रहा था! वो मेरे मुसललंड़ को चुम रही थी, फ़िर वो मेरे सुपाड़े को अपने मुह्न मे भर ली और धीरे-2 मेरा लंड़ मुह्न मे लेकर चुसने लगी ! वो अपने सर का झट्का देते हुए मेरे लंड़ को चुस रही थी तो मै उसके स्तन को पकड़कर मसल रहा था, पल भर बाद वो मेरे लंड़ को मुह्न से बाहर करके जिभ से चाट्ने लगी तो मै आहे भर रहा था ! अब वो लंड़ को छोड़्कर मेरे बगल मे बैठी और मेरे गाल चुमते हुए बोली…. “राहुल आज तक मैने इसको (लंड़ पकड़कर) अपने अंदर नही लिया है

(उसके चुचि को मसलता हुआ) तो क्या आज लेना है

(शालिनी) ड़र लगता है, सुना है बहुत दर्द होता है

(राहुल) कभी उङ्ली या गाजर मुली बुर मे ड़ाली हो

(शालिनी) जरुर दो साल से तो बुर को उङ्ली या केंड़ल मिल रहा है

(राहुल) तो फ़िर मजा ले ही लो, पहली चुदाई मे दर्द तो होगा लेकिन फ़िर चुदाई मे आनंद भी आयेगा. ” वो चुदने को तैयार थी तो मै उसको बिस्तर पर नग्न सुला दिया, उसकी बुर पर क्रीम लगाता हुआ बुर मे एक उंग़ली कर दिया, शालिनी की बुर को कुरेदता हुआ उसे रसिला बनाने जा रहा था, उसके एक स्तन को दबाते हुए बुर कुरेद रहा था तो वो ‘आह्हह ऊम्मम्मम राहुल अब मेरी बुर से पानी फ़ेंकने वाला है. ” कुछ देर बाद उसकी चुत से पानी निकलने लगा तो मै झुककर अपना मुह्न उसकी बुर पर लगा दिया और कुत्ते की तरह बुर के रस को चाट्ने लगा !

मै बाथरूम जाकर फ़्रेश हुआ और फ़िर बेड़ पर आया, शालिनी टांग़ फ़ैलाये लेटी हुई थी और मै उसकी जङ्हा के बिच बैठा, अपने लंड़ का सुपाड़ा उसके बुर के मुहाने पर रख लंड़ को बुर मे चापने लगा, 1/3 लंड़ ही बुर मे गया था की बुर के रास्ते तंग़ लगने लगे, तभी उसके कमर को कसकर पकड़ा और बुर मे जोर का झट्का दे दिया, मेरा पुरा लंड़ बुर मे था लेकिन शालिनी चिंख उठी “ऊउई बाप रे बुर फ़ाड़ देगा क्या. ” और मै उसकी बुर को चोदता हुआ उसके बदन पर सवार हो गया! अब शालिनी के ओंठ और गाल चुमते हुए तेजी से चुदाई कर रहा था, जबकि शालिनी की आंखो मे आंसु थे तो चेहरे पर पसीना, मेरा लंड़ उसकी चुत के तार-2 को ढीला कर चुका था ! शालिनी की अनचुदी बुर को अपने मुसललंड़ से चोदता हुआ उसके बदन पर सवार था, वो अब मेरे गाल को चुमने लगी और मुझे कसकर पकड़े हुए बोली……. “दर्द बहुत हो रहा है

(राहुल) चिंता मत करो पहली बार् चुदने मे दर्द होता है फ़िर तो तु खुद ही चुदने को आतुर रहेगी. ” मै उसके बुर से लंड़ बाहर किया और दोनो बाथरूम चले गये, वो बुर के दर्द से परेशान थी तो मै उसको बेड़ पर लिटाया और बुर पर क्रीम की मालिश करने लगा ! शालिनी की चुत के अंदर मख्खन की टिकिया को घुसाने लगा, अब बुर को उंग़ली से कुरेदने लगा और फ़िर से अपने मुसललंड़ को बुर मे पेल दिया, बुर मे लंड़ ड़ाले चुदाई करने लगा तो वो अब लंड़ का मजा ले रही थी ! शालिनी के जिस्म पर औंधकर गपागप लंड़ अंदर बाहर करने लगा तो वो मुझे कसकर जकड़े मुझे चुम रही थी……. “आअह्हह शालिनी मेरा झड़ा आह्हह्ह. ” और शालिनी की बुर मे विर्यपात कराकर शांत पड़ गया !

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