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मेरी दोस्त शालिनी 2

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‌‌मेरी दोस्त शालिनी मेरे संग एक बार सेक्स का आनंद ले चुकी थी और उस दिन से वो मुझसे शरमाने लगी, उम्र में मेरे करीब थी तो देखने में खूबसूरत! शालिनी की लंबाई ५’५ फीट होगी तो ओंठ रसीले और गर्दन सुराहीनुमा, पेट सपाट तो चूची की उभार मानो दो संतरे समान, उसके नितम्ब गोल गुंबदाकार और चूत बिना बार की! शालिनी की बर चोदे दो हफ़्ते हो चुके थे और इस बीच कॉलेज में दोनों एक दूसरे को निहारने में लीन थे, एक दोपहर कालेज में शालिनी को अकेले देखकर बोला… “क्या बात है, कुछ नाराजगी है क्या ?

(शालिनी) नहीं तो लेकिन सोच रही हूं कि हमदोनो के बीच जो हुआ वो कहीं गलत तो नहीं

(राहुल) इसमें गलत क्या है शालिनी, में तो चाहता हूं कि तुम एक बार और मजे लो, पहली बार दर्द झेली हो. ” शालिनी मेरे प्रस्ताव को स्वीकार ली और बोली…. “आज शाम मेरे साथ घर चलोगे

(राहुल) अभी चलो क्या. ” और दोनों एक ऑटो रिक्शा लेकर उसके घर की और चल पड़े ।

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शालिनी के पापा और मम्मी दोनों नौकरी करते थे, इसलिए घर में दिन के समय कोई नहीं रहता था।हम दोनों अब घर के अंदर थे तो शालिनी घर का दरवाजा लॉक करके अपने रूम की ओर गई जबकि मै सोफ़ा पर बैठा हुआ एक मैगजीन पढ़ने लगा।कुछ देर बाद शालिनी हाल की ओर आई तो मै उसे देख अच्मभित रह गया।वो अपने बदन पर एक लाल रंग के ब्रा और पेंटी पहने मेरी ओर आ रही थी और उसके नग्न जिस्म देख मै तड़प उठा।मै अब खड़ा हो गया और उसे अपने बदन से लगाकर ओंठ गाल चूमने लगा तो वो मेरे पीठ को सहलाते हुए गर्दन को चूम रही थी…. “ऊह युम्म आह्ह्हह्ह राहुल आज मुझे लंड की ऐसी भूख लगी है कि मै

(राहुल) चिंता मत करो जानू तेरी भूख मै मिटाता रहूंगा ।” और मै उसको जकड़ कर पकड़े उसके ओंठ को चूसने लगा जबकि शालिनी मेरे से चिपके चूची को मेरे छाती से रगड़ रही थी, कुछ देर तक जीभ चूसा और फिर वो मेरे शर्ट और जींस उतारने लगी, पल भर बाद दोनों अर्ध रूप से नंगे थे तो वो बिना देर किए ज़मीन पर घुटने के बल बैठी और मेरे कच्छा को खोल दी।मेरा मूसल लंड उसके मुठ्ठी में था और वो मुझसे नजर मिलाते हुए लंड के सुपाड़ा को गाल और ओंठ पर रगड़ने लगी, फिर सुपाड़ा सहित आधा लंड मुहन में भरकर चूसने लगी तो मेरा हाल खराब था।अब शालिनी अपने मूहन का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी तो मै उसके बाल को कसकर पकड़ रखा था, कुछ देर बाद लंड को मुंह से निकाल जीभ से लंड चाटने लगी तो मेरा मन चूत चाटने का होने लगा, शालिनी मुझे छोड़कर सोफ़ा पर बैठी तो मै ज़मीन पर घुटने के बल बैठा हुआ था।

शालिनी के दोनों पैर दो दिशा में थे तो मै उसके पेंटी खोलकर बर का दीदार किया, अब शालिनी सोफ़ा के किनारे अपने चुट्टर को कर दी और मै उसके चूत के फांक को चूमने लगा, वो मेरे बाल पर हाथ फेरते हुए सिसक रही थी ‘ आह ओह उम्म राहुल अब बर चोदो ना ‘ और वो अपने उंगली कि मदद से चूत को फलकाकर चूत जीभ से चटवाने लगी।मेरा जीभ शालिनी की चूत को जीभ से कुत्ते कि भांति कुरेद रहा था और मै लपालप चूत चाटने लगा और वो मेरे बाल को कसकर थामे मेरे सर को अपने जांघ के बीच और चूत कि और धंसा रही थी, कुछ देर तक चूत को कुरेदा और फिर दोनों फांक को मुंह में लेकर चुभलाने लगा, बर की खुस्बू लेता हुआ पल भर तक चूत को चूसा और फिर सोफ़ा पर बैठ गया।अब मै नंगा था तो शालिनी ब्रा पहने थी, उसके ब्रा को खोलकर चूची को मसलने लगा और फिर एक स्तन को मुंह में भरकर चूभलाने लगा तो वो मेरे मूसल लंड को सहलाते हुए मस्त थी, फिर मै उसकी दूसरी चूची को मुंह में लिया और कुछ देर तक चूसकर लाल कर दिया ।

शालिनी अब मुझे लेकर अपने बेड रूम लेती गई और वो टांग चिहारे बेड पर लेट गई तो मै उसके चूत में लंड पेलकर कमर थामे उसको निहारा और फिर एक जोर का झटका चूत में दे दिया, मेरा २/३ लंड उसकी चूत में था तो वो चिंख पड़ी…. “आह उई मेरी चूत फ़ाड़ देगा क्या आह. ” शालिनी की चूत का सील टूटे दो हफ्ता हुआ था और वो शायद इस बीच किसी से नहीं चुद्वाई थी, मै एक जोर का झटका चूत में दे दिया और फिर तेजी से शालिनी की चूत को चोदने लगा, वो मुझे इशारे से लेटने को बोली तो मै उसके नग्न जिस्म पर सवार होकर चोदने लगा, आज शालिनी को चुदाई मै मज़ा अधिक और दर्द कम हो रहा था, उसके ओंठ को चूमता हुआ पूरे गति से चोद रहा था तो वो बोली….. “आज बेहद मजा आ रहा है राहुल तेजी से चोदो ना. ” और १० मिनट की चुदाई के बाद मै हांफने लगा तो वो अपने गान्ड को ऊपर नीचे करने लगी….. “ओह आह राहुल मेरी चूत से पानी निकलने वाला है. ” और कुछ देर बाद बर पनिया गई तो मै जीभ को चूत में पेलकर रस चाटने लगा।कुछ देर बाद शालिनी की चूत को छोड़कर बाथरूम भागा तो साथ में शालिनी भी थी, दोनों बारी बारी से मुते और फिर बेडरूम आ गए।

शालिनी को बेड पर कुतीया बनाकर उसके मोटे गान्ड के पास बैठा और उसके गान्ड के फांक को अलग करके जीभ से चाटने लगा, उसके गान्ड के छिद्र को जीभ से चाट कर अब मूसल लंड को चूत में पेलकर धीरे धीरे चोदने लगा, अभी आधा लंड बू र के बाहर ही था तो मै उसके कमर को पकड़कर एक जोर का धक्का चूत में दिया और तेज गति से चोदने लगा तो वो सिसकने लगी…. “उह आह ओह राहुल और तेज चोदो ना, आज तो चुदाई का आनंद ही अलग है ” और मै हांफता हुआ उसको चोदने लगा, फिर वो गान्ड को हिलाने लगी और मै ५ मिनट के बाद यानी कि १५ मिनट तक चोदकर वीर्य शालिनी की चूत में झाड़ दिया और फिर दोनों आराम से लेट गए ।

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