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मामा और भांजी की प्रेम कहानी : भाग ६

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जिया मामा के बिस्तर पर अर्ध नग्न अवस्था में लेटी हुई थी तो समर मेरे जांघो के बीच चेहरा किए बुर को चूमने लगा फिर खुद ही उंगलियों की मदद से बुर फैलाई तो मामा जीभ घुसाए चाटने लगा और मेरे टॉप्स के ऊपर से ही चूची को दबाए जा रहा था, मैं उनके आने से पहले स्नान कर ली होती तो शायद साथ में स्नान नही करते और सुबह सुबह सेक्स ना करते, लेकिन जब लन्ड चूस चूसकर उसे टाईट कर ही दी साथ ही चूची मामा ने चूसा तो क्यों नही बुर चटवाकर चुदवा ही लूं, बुर और लन्ड के लिए क्या सुबह क्या शाम उसे तो सिर्फ संभोग की सुझती है। समर अब मेरे बुर को चाटते हुए टॉप्स को ऊपर करने लगे तो मुझे लगा की कौन देखने वाला है, आराम से मां के आने तक मजे लो और अब मेरी टॉप्स गर्दन तक आ गई तो समर बुर को चाटने में लीन था और मैं सिसक रही थी ” उई मां खुजली बढ़ गई अरे मामू अब चाटना छोड़ रस निकलने वाली है
( समर चेहरा ऊपर किया ) बेबी अब तेरी बुर की फांकों को ओंठो के बीच लेकर चुसूंगा फिर तेरी बुर रस छोड़े या नहीं वो जाने ” इतने में समर मेरी बुर की मोटी फांकों को ओंठो के बीच लेकर चूसने लगा तो उसका हाथ मेरे सपाट पेट पर घूम रहा था, जिसे पकड़कर मैं अपनी चूची पर रख दी, वो उस कोमल गोल चूची को पुचकारने लगे लेकिन बुर चूसने में लगे हुए थे ” उह आह अब निकाला ” तो मेरी योनि रस से गीली हो गई और मामा उसे चूसकर मुंह से निकाले फिर जीभ घुसाए चाटने लगे ” क्यों मामा भांजी की बुर टेस्टी है
( समर बोला ) बिलकुल
( मैं बोली ) औरतों की बुर चाटने में अधिक मजा आयेगा समझे
( समर मेरी चूची पकड़ दबाए जा रहा था ) वो क्यों
( मैं बोली ) बुद्धू हो, मेरी बुर तो मां की बुर से टाईट होगी क्यों
( मामा बोला ) समझ गया तब तो रेणु दीदी को नींद की दवाई खिलाकर बुर चाट ही लेता हूं ” और इतने में मेन गेट खटखटाने की आवाज आई तो मामा लुंगी पहन लिए और मैं टॉप्स सहित स्कर्ट को ठीक करके लेटी हुई टी वी ऑन की, बरामदे पर आवाज सुनते ही समझ गई कि कामवाली बाई आई है और मामा उससे बोले ” तुम पहले मेरे रूम की सफाई कर दो फिर कहीं करना ” और मैं टी वी देख तो रही थी लेकिन सही में मेरा ध्यान मामा के फौलादी लन्ड पर थी, ये साली जल्दी से झाडू मारकर निकले तो चुदवा ही लूं और वो झाडू लगाते हुए बाहर निकली की इतने में मैं मां की आवाज सुनी, मेरा तो मुड़ खराब हो गया। बेड पर लेटे हुए टी वी देख रही थी की मां रूम में आई और मुझे प्रसाद खाने को दी ” क्या घर में रहकर बोर होती रहती हो जाकर खेत खलिहान घूम आओ
( मैं बोली ) खेत खलिहान में का है, तुमको जहां जाना है जाओ ” मां रूम से निकल गई लेकिन मेरी इच्छा तो मामा के साथ घूमने की थी ही और कुछ देर बाद रूम से निकल बरामदे पर आई तो मामा अपने बाईक के पास खड़े थे लेकिन मेरे पास तो मां और नानी थी, पूछने में भी नही बन रहा था की मैं मां से बोली ” मामा किधर जा रहे हैं
( मामा चेहरा पीछे कर बोले ) जा रहा हूं पास के मार्केट से कुछ सामान लेने कुछ मंगवाना है
( मैं बोली ) मुझे भी जरा घुमाए दियो ” और मैं अपने रूम गई फिर झट से पेंटी स्कर्ट के अंदर पहन कर बाहर आई, अब मामा बाईक को घर से बाहर निकाले तो मैं एक झोला लेकर बाहर निकली तो समर बोला ” कुछ काम है की सिर्फ
( मैं गुस्सा गई ) ठीक है मैं घर में ही रहती हूं तुम जाओ ” लेकिन ज्योंहि पीछे मुड़ी मामा मेरे कलाई को थाम लिए ” ओह इतना नखड़ा काहे का चल आज तुझे ऐसी जगह लेकर जाएंगे जहां तुम्हे सिर्फ मजा ही आयेगा ” मैं मामा के पीछे बाईक पर बैठी फिर मामा बाईक चलाने लगे तो गांव के अंदर तो उनसे थोड़ी दूरी बनाए एक ही ओर दोनो पैर रखे बैठी रही लेकिन गांव से निकलते ही जब समर एक सुनसान सड़क की ओर बाईक को मोड़ा तब मैं उससे चिपक कर बैठ गई, अपने मुलायम बूब्स उसके पीठ से रगड़ रही थी तो एक हाथ उसके कमर पर रखी ” किधर ले जा रहे हो मामा मार्केट तो दूसरी तरफ है
( मामा बोले ) मार्केट में कोई काम नही है बल्कि तुम्हें जन्नत दिखाने ले जा रहे हैं ” और मैं जानबूझकर उसके पेंट पर से ही लन्ड के उभार को सहलाई ” जन्नत तो देख चुकी हूं समर खुजली हो रही थी की सारे लोग घर आ गए ” और मैं उस इलाके के बंजर भूमि सहित पेड़ पोंधो को देख समझ चुकी थी की मामा मुझे किसी सुनसान जगह पर जमकर चोदेगा और फिर वो बाईक को एक जगह पर लगाया और मैं उतरी तो वो बोला ” सामने देख तो
( मैं सामने एक नदी देखी ) इधर गांव के आशिक लोग मजा लेने आते हैं बांकी यहां छुपने का भी जगह है ” और दोनो उतरे तो मामा बाईक की डिक्की से एक पोलिबेग निकाला और बोला ” चल आ मेरे साथ मार्केट घुमाता हूं ” मैं उसके साथ नदी के किनारे तक गई फिर दोनो बैठ गए, समय सुबह के १०:४५ बजे थे तो मामा मेरे बगल में बैठकर बैग से एक बीयर की बोतल निकाला और मुझे सिगरेट की डब्बी थमाया तो मैं सिगरेट फूंकने लगी लेकिन मामा के जींस के जिप भी खोलने लगी तो समर दो ग्लास में बीयर डाल रहा था ” अरे डार्लिंग थोड़ा धैर्य रख ना बुर की आग बुझा कर ही रहूंगा ” फिर दोनो बीयर पीने लगे तो समर जींस उतार दिया और वो एक बॉक्सर पहना हुआ था तो मैं बीयर एक ही सांस में पीकर उसके बॉक्सर को नीचे करने लगी तो समर मेरे बूब्स को पकड़ बोला ” यहां तेरी मां बहुत साल पहले एक मजदूर से चुदवा रही थी पकड़ी गई ” मैं उसके लन्ड को पकड़ सहलाने लगी तो समर बोला ” एक ग्लास बीयर पीने दो और तुम मेरे पर्स में एक दवाई है खा लो फिर चोद चोदकर तुझे मस्त कर दूंगा ”
जिया की बुर की खुजली चरम पर थी और मैं दवाई खाकर मामा के साथ फिर से बीयर पीने लगी, साथ ही अपना हाथ स्कर्ट में घुसाए पेंटी उतार बुर को नंगा कर दी और अब समर के सामने टांगे फैलाई खड़ी हो गई तो मेरा स्कर्ट कमर पर था ” साली तू बहुत बड़ी रांड़ है आखिर रेणु दीदी की बेटी जो ठहरी
( मैं उसके कंधे पर एक जांघ रख बुर को फैलाई ) मुफ्त में दे रही हूं तो रण्डी समझ रहा है ले चाट इसे ” तो समर बुर को चूमने लगा साथ ही चूतड सहलाता हुआ मस्त था लेकिन उसकी लन्ड देख मुझे मुंह में पानी आने लगी, वो पल भर बाद बोला ” चल यहां पर लेट जा फिर चोदता हूं ” मैं वहां पर लेटी और अपने दोनो हाथो को पीछे कर उसके ऊपर अपना सर रख ली तो मामा अब लन्ड पकड़े मेरी जांघो के बीच बैठा और सुपाड़ा को बुर में पेलकर पूछा ” तुम्हें दर्द हो तो जोर से चिल्लाना ताकि ये हसीन वादियां तेरी गूंज सुन सके
( मैं आधा लन्ड घुसते ही दर्द में आ गई ) अरे निखट्टू धक्का तो मार साले ” और वो मेरे कमर को पकड़े धक्का दिया की मुझे दिन में ही तारे दिखने लगे, चिंखुक उठी ” बाप रे फाड़ दिया मेरी बुर अबे मादरजात धीरे चोद रात को अपनी दीदी को ताकत दिखाना ” और उसका लन्ड गपागप अंदर बाहर होने लगा तो समर मुझे चोदते हुए मेरे एक बूब्स को भी दबाने लगा तो मैं खुद ही टॉप्स को गले से निकाल चुचियों को नग्न कर दी, ब्रेसियर तो पहनी नही थी इसलिए कहिए तो नंगी थी सिर्फ स्कर्ट ही कमर पर थी जिसे मामा खोलकर वहीं पर रहने दिए, उनका लन्ड बुर में धक्का देते हुए मुझे मजा दे रहा था की मामा बोले ” तू और तेरी जिस्म तो इतनी अनमोल है की अगर कोई बूढ़ा भी देख लिया तो उसका लन्ड फंफना उठेगा ” मैं चुदाई कराते हुए मस्त थी लेकिन इतने में समर की मोबाइल बजने लगी तो मैं उसको बोली ” थोड़ा ब्रेक दे दो डियर तेरी मोबाइल भी बज रही है बात भी कर लो ” मामा मेरी बुर से लन्ड निकाला तो मैं अब उठी और नंगे थोड़ी दूरी पर जाकर मूतने लगे, नदी के किनारे मैं खड़ी हुई इधर उधर देख रही थी तो सही में दूर दूर तक कोई नहीं दिख रहा था, समर बातें कर रहा था की मैं ग्लास में बीयर डाली फिर पीने लगी तो समर भी मोबाइल रखा और मेरे बगल में बैठकर बीयर पीने लगा, एक सिगरेट लिए पूछा ” तू चुदाई में उस्ताद, उस पर से सिगरेट शराब सब पीने की आदि है
( मैं समर के लन्ड को पकड़ हिलाने लगी ) वो सब छोड़ो ये बताओ की रेणु दीदी को आज रात पेलोगे
( समर मुझे सिगरेट थमाया फिर मेरी कंधे पर हाथ रखा ) जवान लौंडिया को भोगूंगा की बूढ़ी औरत को, ” और फिर दोनो बीयर पी लिए तो जिया अब अलग अंदाज में चुदाई कराने वाली थी, अगले भाग में!

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