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मां, बेटी और मामा : रतिक्रिया का आनंद ३

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चांदनी रात और तीन लोग नग्न अवस्था में छत पर व्हिस्की का आनंद लेते हुए सेक्स कर रहे हैं तो और उन्हें क्या चाहिए, मेरी मां रेणु की उम्र ४० साल होगी तो उनका गदराया जिस्म साथ ही पपीते समान छाती से लटकती चूचियां और मोटी चिकनी जांघो के बीच नर्कद्वार जिसमें ना जाने कितने मर्द ने अपना लन्ड पेला हो तो उनका छोटा भाई २५ साल का जिसके साथ मैं सेक्स कर कहिए तो मां के सामने चरित्रहीन हो गई लेकिन यहां तो दोनो एक ही मर्द के साथ मजे ले रहे थे इसलिए आत्मग्लानि का प्रश्न नही उठता। जिया सिर्फ २२ साल की गर्म जवानी जिसके साथ कई लौंडे रंगरेलिया मना चुके थे और मैं तीन ड्रिंक्स लेकर नशे में चूर थी तो मामा मां की छाती से चिपके स्तनपान कर रहे थे और मैं मामा के लन्ड को पकड़ सहलाने लगी तो मामा स्तनपान करना छोड़ दिए, मां बोली ” जिया अब जरा दिखा अपनी जवानी का जलवा किस अंदाज में चुदाई कराएगी देखूं
( मैं बोली ) तुम जांघें फैलाकर लेटो और मैं तेरी बूर को चाटते हुए डॉगी स्टाइल में चुदाऊंगी क्यों मामा ” वो कुछ नही बोले तो मां चटाई पर टांगें फैलाई लेट गई और मैं उनके जांघो के बीच सर झुकाए कोहनी और घुटनो के बल में हुई तो पीछे मुड़कर बोली ” चल समर पेल अपनी भांजी की बूर तब तक तेरी दीदी की चूत चाटकर रसीला बनाती हूं ” और मामा अपना लन्ड पकड़े मेरी चूतड के सामने बैठे तो वो मेरे जांघों को और फैलाए तो जिया अपना ओंठ मां की बूर पर रखकर चुम्बन देने लगी और मां खुद ही उंगलियों की मदद से अपने बूर को फैलाई, मैं पूरा जीभ घुसाए चाटना शुरू की की मुझे पीछे से चूत में लन्ड घुसने का एहसास हुआ और मैं बूर चाट ही रही थी की मामा ने धक्का देकर चोदना शुरू किया ” ओह उह मामा आराम से इतनी ताकत बहन की बूर में झोंकना
( मामा का लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था ) आराम से चुदवा साली मां है तो नखड़ा दिखा रही है ” तो मेरा जीभ मां की बूर की गहराई तक फिसलने लगा और मैं नशे में चूर अपनी चूतड हिलाना शुरू की, मामा के साथ पहले भी तीन बार चुदवा चुकी थी इसलिए मुझे मजा हद से ज्यादा आ रहा था, मां की बूर से जीभ निकाले अपनी चुदाई पर एकाग्रचित हुई फिर मामा तो कमर पकड़े लन्ड पेले जा रहे थे, बूर का रस हवा में उड़ चुका था तो मामा का लन्ड मेरी कोमल बूर में घर्षण पैदा करके मुझे मजा दे रहा था। जिया तो अपने कमर को हिलाते हुए मामा के लन्ड से चुदवा रही थी की मां अब उठकर नाईट गाऊन पहनी फिर छत से नीचे चली गई और मैं पीछे मुड़कर बोली ” उफ यार बूर में आग लगी हुई है, कितनी देर तक चोदोगे
( समर मेरे सीने से लगें चूची को पकड़ दबाने लगा ) जानू आज तो दोनो की बूर का भर्ता बनाकर ही रहूंगा
( मैं चूतड स्थिर किए बोली ) अबे साले तेरे जैसे कितने लौंडे तेरी बहन की बूर की आरती उतार चुका है हां मेरी जैसी कमसिन कली की चूत पर ही तू अच्छे से मोहर मार सकता है
( मामा चोदते हुए हांफने लगा ) ठीक है फिर तेरी मां की गांड़ ही चोदकर उसे रुलाऊंगा ” मैं मूसल लन्ड से चार पांच मिनट से चुदवा रही थी तो मामा अचानक से लन्ड को बूर से निकाल दिया ” थोड़ा ब्रेक हो जाए फिर मस्ती करेंगे
( मैं सीधी लेटी ) पता नही रेणु दीदी क्या करने गई है
( मामा सिगरेट फूंकने लगे ) कुछ खाने गई होगी ” और मामा मेरे बगल में लेटकर मेरे चेहरे को चूमने लगे तो मैं भी मामू के चेहरा को चूमने लगी, फिर तो मामा चित लेटे हुए थे और मैं उनके ऊपर सवार हुए उनके ओंठ चूम ली, अब समर मेरे पीठ को सहलाने लगा तो मेरी बूब्स उनकी छाती से दबी हुई थी और उनके पैर से पैर रगड़ने में मुझे बेहद आनंद मिल रहा था, तभी मैं उनकी छाती चूमने लगी, मामा बूब्स पर हाथ लगाए उसे दबाने लगे तो मैं उनको चूमते हुए कमर तक गई और तभी मां छत पर आई ” तुम लोगो के लिए कुछ खाने को लाई हूं ” मैं तो उनके लन्ड को पकड़ हिलाने लगी फिर मुंह खोल उसे अंदर ली और चूसने लगी तो मामा बोले ” क्या लाई है खाने के लिए
( वो बैठी ) पनीर और ब्रेड के पकोड़े बाकी खाना तो रखा हुआ है, अब राउंड निपटा कर नीचे ही ” मैं देखी की मां अपने भाई को अपने हाथो से पकोड़े खिला रही है तो मैं मुखमैथुन करते हुए समर के झांट नोचने लगी और मामा बोले ” बेबी अब जरा छोड़ो ” मैं लन्ड मुंह से निकाली फिर सीधे बैठ गई।
मामा मुझे लिटाया फिर बूर को सहलाने लगा तो मैं लेटी हुई मां की चूची को पकड़ दबाने लगी और झट से मामा मेरी जांघो के बीच सर झुकाए बूर को चूमने लगे, उस पर बाल नही थे लेकिन छोटे रोएं उग आए थे तो समर बूर को चूमने लगा और मां अब मेरी चूची को पकड़ दबाने लगी ” तेरी उम्र में तो मेरी चूचियां इससे काफी बड़ी थी
( मैं बोली ) होगी क्यों नही आखिर कितनों ने आपकी खेत में जुताई की होगी, उह मामा बूर है कोई चमड़ा नही साला फांकों को ओंठो के बीच दबाए चूस रहा है
( मां बोली ) क्यों तुमको बूर चटाना अच्छा नही लगता
( मैं हंस दी ) क्यों नही लेकिन तेरे भाई का लन्ड बहुत मोटा है
( मामा चेहरा ऊपर किया ) अच्छा फिर भी तो चुदवाने को तड़पती हैं ” मैं कुछ नही बोली फिर समर बूर में जीभ घुसाए चाटना शुरु किया, वैसे भी २२ साल की छोकरी की चूत में कितना फैलाव होगा कि पूरी जीभ घुसाए मर्द चाटते रहे तो समर बूर में आधा जीभ घुसाए चाटने में लीन था और उसका हाथ मेरी चूची मसल रहा था ” उह ओह आह बहुत मजा आ रहा है समर चाट कुत्ते जल्दी ही रस निकलेगा ” और मैं चाहती थी की बूर रसीली हो जाए ताकि मूसल लन्ड से चुदाई आराम से करवा सकूं, वैसे मेरी मां भी चुदाई को आतुर थी लेकिन मामा भांजी को चोदेगा की अपनी रेणु दीदी को, ये पढ़िए अगले भाग में।

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