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मां की गर्म जवानी : भाग ३

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फ्रेंड्स
औरत की चरित्र ही उसकी आभूषण होती है लेकिन एक १७ साल की लड़की यदि अपनी मां को गैर मर्द की बाहों में देखेगी तो उसका मेरे पर क्या असर होगा, अंदाज लगाया जा सकता है, मेरे सामने मॉम रमन अंकल की लन्ड को चूसने में लीन थी और मैं तो थक चुकी थी, मेरी चूत से रस निकल चुका था और वक्त रात के ००:२५ बजे थे उसपर ठंड की रात लेकिन लाईव पोर्न देखने का आनंद ही अलग है। रेणु अब लन्ड को मुंह से निकाल फ्रेश होने गई तो मुझे लगा की अब मॉम को चुदवाती देखूंगी लेकिन तभी मेरे सामने पड़ी एक लकड़ी की टूल जिसपर मैं सीधे पैर रखी थी मेरे पैर के ठोकर से गिर गई तो जोर की आवाज हुई और मुझे लगा की मॉम मेरी चोरी पकड़ लेगी, इसलिए तेजी से अपने रूम भागी और चादर ओढ़कर सो गई, कुछ देर बाद मेरे रूम में किसी के घुसने की आहट हुई तो मैं नींद में होने का नाटक कर रही थी और मेरी मां मेरे बदन पर से चादर हटाई तो मैं आंखें खोली ” क्या हुआ मां क्यों नींद खराब कर रही हो
( मां ) तुम यहीं सो रही हो या डाइनिंग हॉल में थी
( मैं दुबारा चादर ओढ़कर बोली ) वाशरूम गई थी तो तुम क्यों अब तक जग रही हो
( मॉम गुस्से में थी ) तुम सच सच बताओ की क्या क्या देख रही थी ” मैं बेड पर उठकर बैठी और हंस दी ” वही जो आप रमन अंकल के साथ कर रही थी और कुछ पूछना है
( मां का तो डर से हाल खराब हो गया ) देखो जिया तुम अभी बच्ची हो और नासमझ इसलिए तुम मेरे दुःख को नही समझ पाओगी ” फिर मैं कुछ नही बोली और वो थोड़ा आगे बढ़कर बोली ” चाहो तो बेड पर बैठकर लाईव पोर्न देख सकती हो
( मैं असमंजस में थी ) नही मैं वहां यदि उत्सुक हो गई तो
( मां हंस दी ) तो क्या मजा लेना ” और मॉम नाईट गाऊन में चूतड मटकाते हुए मेरे सामने से चली गई, मैं इस दुविधा में थी की यदि बेड पर गई तो रमन अंकल मुझे छोड़ेंगे तो नही लेकिन लन्ड चाटकर। क्या खाक मजा आएगा, चुदवाने में ही आनंद मिलता है ये तो कुछ पोर्न मूवी देख समझ चुकी थी, पल भर बाद मैं रूम से निकली फिर वहीं कुर्सी पर बैठी तो अंकल बेड पर लेटकर आराम कर रहे थे और मां उनके बगल में बैठे उनके चौड़ी छाती को चूमते हुए जांघें सहला रही थी, मेरे बुर की खुजलाहट बढ़ने लगी और मैं अब अपने आपको रोक नही पाई, कुर्सी से उठकर दरवाजा को धक्का दी जोकि पहले से ही थोड़ा खुला हुआ था और मुझे रूम में देख मॉम मुस्कुराई ” आओ जिया कुछ नही तो बैठकर कुछ सीख लो ” मैं बेशर्म की तरह बेड पर आई और अंकल के लन्ड के सामने बैठ उसे झट से पकड़ ली, रमन मुस्कुराने लगे ” तो जिया को लोलीपॉप खाने की इच्छा है
( मैं लन्ड का चमड़ा नीचे कर उस पर चुम्बन देने लगी ) ओह तन में तो बिजली का झटका लग रहा है ” लेकिन १७ साल की उम्र कम भी तो नहीं, पिछले चार साल से मासिक धर्म शुरू हो चुका है तो असलील पुस्तकें पढ़ने की आदत सी हो गई है, मैं अब लन्ड पर ओंठ सटाए चुम्बन देने लगी तो मेरी मॉम मेरे स्कर्ट को नीचे खिसका कर मुझे अर्ध नग्न कर दी और जीवन में पहली बार लन्ड को पकड़ी थी तो बहुत मजा आ रहा था, बस इस अंकल से बुर नही चुद्वाना था इसको ध्यान में रखते हुए उसके लन्ड के मांसल सुपाड़ा को ओंठो पर रगड़ने लगी फिर मुंह मेरा खुला तो उसका १/३ लौड़ा मुंह में लिए चूसने लगी, रमन हाथ बढ़ाए मेरे चूची को पकड़ दबाने लगा और बोला ” रेणु जरा इसकी टॉप्स उतारो फिर दूध भी पियूंगा
( रेणु मेरे टॉप्स को गर्दन से निकालना चाहती थी तो मैं सुपाड़ा मुंह से निकाल दी ) लो अब तो ठीक है, १७ साल की कच्ची कली का नंगा बदन ” मैं उत्सुकता वश उनके लन्ड को मुंह में दुबारा ली फिर चूसने लगी तो एक बूब्स पर अंकल का हाथ था तो दूसरे पर मॉम का, मेरी चुचियों को मसलते हुए मुझे सेक्स की आगोश में दोनो ले जा रहे थे तो मैं अब लन्ड को मुंह से निकाल जीभ से चाटने लगी और रमन उठकर बैठ गए, अब मैं पूरी तरह से सर को झुकाए लन्ड को मुंह में ली लेकिन इस बार मां की तरह मुंह में लन्ड लिए चेहरा को हिलाने लगी और रमन मेरे चूतड पर हाथ फेरता हुआ बोला ” जो कहो रेणु तेरी बेटी बहुत मस्त माल बनेगी
( रेणु मेरे पीठ को सहलाने लगी ) तीन चार साल की तो बात है फिर तो शादी कराकर एक जिम्मेवारी से निवृत हो जाऊंगी ” और मैं लन्ड चूसते हुए मुखमैथुन कर रही थी की मेरे मुंह से लार भी टपकने लगा, अब मुंह में दर्द सी होने लगी तो लन्ड छोड़कर सीधे बैठी और रमन मेरे बूब्स को पकड़ पूछे ” किस साईज की ब्रेसियर पहनती हो जिया
( मैं लज्जा के मारे चेहरा को हथेलियों से ढक ली ) मुझे नहीं पता ” मेरी चूचियां उम्र के हिसाब से थोड़ी बड़ी जरूर थी तो रमन मुझे गोद में बिठाए मेरे चेहरे को चूमने लगे और रेणु को बोले ” , तुम थक गई हो जाकर दूसरे रूम में आराम करो
( रेणु बोली ) नही क्या पता तुम इसकी सील तोड़ने में लग गए तो
( मैं मॉम की ओर देखी ) मॉम तुम निश्चिन्त रहो अभी अंकल मेरे साथ ऐसा नहीं करेंगे जाकर मेरे रूम में सो जाओ ” रेणु वहीं पर चादर ओढ़कर लेट गई और रमन मुझे बिस्तर पर लिटाकर मेरे चेहरे को चूमने लगे तो उनका एक हाथ मेरी मुलायम बूब्स को पकड़ दबाए जा रही थी, मेरी हाल खराब हो रही थी तो मैं ” उह ओह बहुत मजा इसमें आता है अब समझी क्यों मेरी मॉम अंकल के साथ मस्ती करती है ” रमन मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगे तो मैं उनके गर्दन में हाथ लगाए किसी सेक्सी लड़की की तरह अपना ओंठ उनके मुंह में घुसाई तो वो मेरे ओंठ चूसते हुए एक बूब्स दबाए जा रहे थे और मॉम बोली ” तू साली मुझसे भी बड़ी राण्ड होगी, अरे रमन कम से कम मुझे चोदकर मेरी बुर की प्यास तो बुझा दो ” वो बिना कुछ बोले मेरे रसीले ओंठ को चूसता रहा, मैं जीवन में पहली बार किसी लड़के / मर्द के छुअन का एहसास ले रही थी वो भी अपने से दुगुने उम्र के मर्द के साथ, अब मेरी बुर में गुदगुदी होने लगी तो पहले बुर में उंगली कर रही थी या बैगन वो मजा नही आता था जोकि फिलहाल ले रही थी, मेरे अंदर की काम इच्छा प्रबल हो चुकी थी तो मैं बुर की गुदगुदी से परेशान होकर उनके चेहरे को पीछे धकेल दी, मेरी सांसें तेज हो चुकी थी तो सीने की धड़कन तेज और मेरी दोनो चूचियां उफान लेने लगी, रमन बोले ” जरा तेरी बेटी की बुर चाट लूं फिर तुझे चोदूंगा ” और मैं हंसकर बोली ” अंकल जरा जल्दी मेरी बुर चाटो और चूस दो कब बुर से रस फेंक दे पता नही ” तो रमन मेरी चूतड के नीचे तकिया लगाकर जांघो को फैलाए और मेरी चुदक्कड़ मां मेरे सीने पर हाथ रख बोली ” बहुत दूध पिलाई हूं जरा पी लूं
( मैं नासमझ बोली ), लेकिन इससे दूध नहीं निकलता है मॉम ” और रेणु के साथ रमन भी खिलखिलाकर हंसने लगे, मेरी बुर पर हाथ फेरते हुए अंकल अचानक से एक उंगली दरार में घुसाए और रगड़ने लगे तो रेणु मेरी बाईं चूची मुंह में भर चूसने लगी, मेरी चूची मां की चूची से काफी छोटी थी सो उनके मुंह में पूरी की पूरी आ गई, मां मेरी चूची चूसने लगी तो रमन मेरी बुर के दरार में जीभ घुसाए नचाने लगा, मेरे लिए एहसास नया था तो पोर्न मूवी देखकर कुछ काम कला के बारें में सीख चुकी थी और अब मेरी मुंह से सिसकारियां निकलने लगी ” ओह आह उह अब और नही इतनी खुजली, मॉम तुम तो चूची चूसना छोड़ो ” ये कहते हुए मैं मॉम के चेहरे को धकेल चूची को मुंह से निवृत की, मॉम मुझे देख मुस्करा रही थी तो मैं लज्जा के मारे चेहरा फेर ली और रमन मेरी चूत को चाटे जा रहे थे, मैं अंकल को बोलती इसके पहले ही वो मेरी बुर की फांकों को ओंठो के बीच लेकर चूसने लगे तो मां मेरी चूची छोड़ बदन सहलाने लगी ” उई मां कितनी खुजली आह उह निकला, ” तो अंकल बुर चूसना छोड़ दिए और मैं दुबारा रस छोड़कर सुस्त पड़ गई, आगे क्या हुआ अगले भाग का इंतजार कीजिए।

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