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भैया संग सेक्स : रिमझिम (२)

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दोस्तों
मैं तो अपने चचेरे भैया राहुल के साथ शाम को ही सम्भोग सुख ले ली फिर भी ये एक ऐसा भूख है जो खत्म ही नही होती, अगले दिन मेरे पति अपना काम निपटाए फिर शाम को गोरखपुर के लिए निकल पड़े तो भैया उन्हें बस पर चढ़ाने गए थे और मैं बाबू को बहन विनिता के पास छोड़ फ्रेश होने गई, मेरी कांखों के बाल हो या चूत के थोड़ी बहुत उग गई थी और मैं हेयर रिमूवल क्रीम लिए वाशरूम घुसी और नग्न होकर स्नान करने से पहले बुर और कांखों पर क्रीम लगाकर रगड़ी, बाल साफ कर स्नान कर नाईट गाऊन पहन वाशरूम से निकली तो विनिता देख बोली ” क्यों दीदी जीजा जी तो चले गए फिर इतनी तैयारी
( मैं हंस दी ) कैसी तैयारी विनिता, स्नान की फिर ये ड्रेस पहन ली सो क्या नंगे रहती
( विनिता बोली ) बहुत सेक्सी और हॉट लग रही हैं ” मैं चुप रही फिर बेड पर बैठकर पति को कॉल की तो वो बस पर सवार हो चुके थे और विनिता चली गई तब मैं बाबू के लिए दूध जाकर किचन से लाई और उसे बोतल में डाल उसे पिलाने लगी, थोड़ी देर बाद मेरे मोबाइल पर कॉल आया तो देखी राहुल का कॉल है ” हां बोलो
( वो पूछा ) क्या रात को व्हिस्की पियोगी
( मैं बोली ) क्यों नहीं ” फिर मैं बाबू को दूध पिलाई और बेड पर सुलाई, तभी शाम के ०६:४० बजे थे और मैं राहुल का इंतजार करने लगी वैसे भी आज रात तो हम दोनों के बीच कोई विध्न भी नहीं था, राहुल आधे घण्टे बाद घर आया और सीधे छत पर चला गया तभी मैं आंटी और बहन के साथ बैठकर बातें कर रही थी, विनिता उठकर किचन की ओर गई और कुछ देर में भैया भी नीचे आकर बैठे, तभी विनिता चाय लाकर सबको दी तो राहुल मुझे तिरछी नजरों से देख रहा था और मैं चाय पीते हुए उन्हें देख रही थी, आंटी और बहन खाना बनाने में जूट गई तो राहुल बोला ” तुम कभी व्हिस्की चखी हो
( मैं बोली ) हां एक दो बार ” फिर रात को सब लोग साथ में खाना खाए तो मैं उससे पहले ही दो पैक व्हिस्की पी चुकी थी, राहुल खाना खाकर छत पर चला गया तो मुझे भी ऊपर के रूम में ही रुकना था।
मैं थोड़ी देर बाद छत पर गई तो मेरी बहन विनिता बाबू के पास थी और मुझे देख बोली ” तब दीदी क्या मैं खाना खाने जाऊं
( मैं बोली ) ठीक है जाइए
( विनिता बेड पर से उठते पूछी ) अकेले यहां सोइएगा डर तो नही लगेगा
( मैं मुस्कुराई ) उहूँ वैसे भी बगल के रूम में भैया हैं ” विनिता चली गई तो मैं भैया के रूम गई और वो बेड पर लेटकर टी वी देख रहे थे, मुझे देख पूछे ” क्यों खाना पीना हो गया
( मैं बोली ) हां क्यों आपको नींद आ रही है ” वो मुझे घूरने लगे फिर मुझे इशारे से पास बुलाए, मैं तो नाईट गाउन पहन रखी थी और उनके सामने खड़ी हुई तो वो बेड पर उठकर बैठ गए और मेरी नाईट गाउन की डोरी खोल उसे बाहों तक किए तो मेरा नग्न जिस्म उनके सामने था जिसे वो सहलाने लगे फिर मेरी कमर में हाथ डाल मुझे अपनी ओर खींच लिए तो मैं उनके गोद में बैठ गई फिर क्या था, राहुल मेरे चेहरे को चूमना शुरू किए तो मैं उनके गाल को चूम रही थी जबकि वो मेरे नग्न बूब्स को पकड़ दबाना शुरु कर दिए। दोनों बेड के बीचों बीच आ गए फिर भैया मेरे ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन देने लगे तो मैं उनके जांघ पर चूतड रख बैठी हुई उनके मुंह में ओंठ डाल दी फिर वो मेरे रसीले ओंठ चूसते हुए चूची को दबाने लगे, मेरे नग्न खुबसूरत जिस्म उनके सामने था जिसे वो सहला रहे थे तो मैं उनके मुंह से ओंठ निकाल सर को कंधा पर रखी और राहुल मेरे नाईट गाउन को बाहों से बाहर कर मुझे पूर्णतः नग्न कर दिए, चूत पर सिर्फ एक पेंटी थी तो राहुल अब मुझे बेड पर लिटाकर मेरे ऊपर सवार हुए और मैं उनके शॉर्ट्स को उतार उन्हें नंगा कर दी, अब राहुल मेरे ओंठ को चूमने लगे तो मैं अपनी जीभ निकाल उनके ओंठ को चाटने लगी जिसे वो मुंह में लेकर चूसने लगे तो मैं उनके बदन को सहलाते हुए मस्त थी। भैया कुछ देर जीभ चूसे फिर मेरे गर्दन चूमते हुए छाती पर मुंह लगाए और मैं खुद बूब्स पकड़ उनके मुंह में डाल दी जिसे वो चूसते हुए दूसरे को दबाने लगे, मेरी चूची ३४ सी साईज ब्रा में कैद रहती थी तो राहुल चूची के २/३ भाग ही मुंह में लेकर चूस रहा था ” आह उह बुर में कितनी गुदगुदी हो रही है आआआह्हह ” और मैं बिस्तर पर नंगे लेटे हुए सेक्स का मजा ले रही थी। मैं तो एक बच्चे की मां थी फिर भी सारी सीमाएं लांघकर अपने जिस्म कि भूख शांत कर रही थी, राहुल अब दाहिने स्तन मुंह में लेकर चूसने लगा तो मैं चादर पर पैर रगड़ते हुए सिसक रही थी ” उह आह ओह बुर में डाल ना ” तो राहुल चूची मुंह से निकाल दिया फिर मेरे सपाट पेट को चूमते हुए बोला ” बेबी आज तो चूत नहीं गांड़ चोदूंगा
( मैं बोली ) ठीक है मुझे क्या दिक्कत, दोनों छेद में बारी बारी से घुसाना ” और भाई तो कमर तक चूमा फिर मेरी चूतड के नीचे तकिया लगाकर जांघो को फैलाया, बुर पर मुंह लगाकर चूमने लगा तो मैं कामुकता वश चूतड को उपर करने लगी फिर भाई ने बुर के दरार को फैलाया और जीभ से चाटना शुरु किया, मेरी कोमल चूत में जीभ मुझे मजा दे रहा था तो मैं चुदाई को आतुर थी लेकिन राहुल चूत चाटते हुए मेरे कमर को कसकर रखा था और मैं ” आह उह उई अब निकला ” आहे भर रही थी फिर बुर से रस निकलने लगा तो राहुल बुर की फांकों को ओंठ के बीच लिए चूसना शुरू किया और फिर मुझे छोड़ फ्रेश होने चला गया।
मैं बेड पर एक चादर ओढ़कर लेटी रही और फिर जो हुआ वो अगले भाग में…

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