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भैया के हवस की शिकार हुई : भाग २

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फ्रेंड्स
पिछले भाग ” भैया के हवस की शिकार हुई ” में आपने पढ़ा की मेरे चचेरे भैया निलेश मेरे साथ काम क्रिया करने लगे, जीवन में पहली बार किसी के स्पर्श और नंगे बदन देख मैं तड़प उठी थी इतना ही नहीं मेरे बदन को उसने चूमा साथ ही मेरे बूब्स को चूसा तो मेरी चूत को चूम चाटकर मुझे कामुक कर दिया और इतने देर में ही मेरी योनि से रस निकलने लगा और फिर मैं फ्रेश होकर आई तो मेरी कामुकता चरम पर थी, खुद कपड़े उतार नंगी हो गई साथ ही बेड पर निलेश के पास बैठ उनके लन्ड को पकड़ चूमने लगी, भैया का लन्ड लंबा और मोटा था जिसके चमड़ा को नीचे कर सुपाड़ा को मैं जीभ से चाटने लगी और निलेश बेड पर लेटे हुए थे, मैं उनको देखते हुए सुपाड़ा को मुंह में भरने लगी और उसे चूस रही थी की भैया हाथ बढ़ाए मेरे बूब्स को पकड़ दबाने लगे तो मैं मुंह खोल १/३ लन्ड अंदर ली फिर चूसते हुए उनके जांघ पर हाथ फेरने लगी तो नीलेश का चेहरा देखने लायक था और मुझे लन्ड चूसते हुए काफी मजा आ रहा था तभी भैया उठकर बैठ गए और मेरे सर पर हाथ रख बोले ” बेबी थोड़ा चेहरा ऊपर नीचे कर मुखमैथुन करो
( मैं मुंह से लन्ड निकाल दी ) लेकिन निलेश इसके बाद और कुछ नहीं
( वो मेरे चेहरे को सहला दिया ) तुम चूसो तो सही फिर और भी मजा आएगा रानी ” और मैं भैया के लन्ड को पकड़ मुंह में भर ली फिर चूसते हुए उनके जांघ सहलाने लगी तो मेरी चूत में खुजली होने लगी, मैं अब मुंह में लन्ड भर चेहरा ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन करने लगी तो निलेश मेरे चूची को पकड़ दबाए जा रहा था और सच पूछो तो भैया ने जब मुझे दबोच लिया और चुम्बन हो या चूची चूसा, सब उन्होंने मेरे मन के खिलाफ किया फिर भी मुझे मजा तो आया, मुखमैथुन करते हुए मैं मस्त थी और मेरे मुंह से लार टपकने लगा तो भैया मेरे स्तन को पकड़ दबाने लगे साथ ही आहें भर रहे थे ” आह ओह उह रिमझिम चूस चूस और तेज ” मेरे बदन में तो आग लगी हुई थी और जो भी हो रहा था वो सब अनायास ही हुआ, मैं अब मुंह में लन्ड लिए चूसने में लीन थी लेकिन अधिक देर से चूसने के कारण मुंह में दर्द भी होने लगा साथ ही लार टपकने लगा तो मैं लन्ड मुंह से निकाल दी फिर चेहरा ऊपर की तो भैया बैठ गए और मुझे लेटने को बोले, मैं लेट गई तो निलेश मेरी चूतड के नीचे तकिया लगाया फिर चूत पर हाथ फेरने लगा ” मैं तो ३-४ दिन यहां हूं और तेरी चूत की सील तोड़ कर ही रहूंगा
( मैं बोली ) लेकिन निलेश ये तो गलत होगा
( वो मेरी चूत में उंगली घुसाया ) कुछ गलत नहीं होगा बेबी तुम्हें शादी से पहले थोड़ा अनुभव हो जाएगा और क्या ” तो निलेश की उंगली मेरे चूत को कुरेद रही थी साथ ही वो मेरे चूची को पकड़ जीभ से चाटने लगा, मैं तो चुदासी लड़की की तरह सिसकने लगी ” आह ओह उह आआआह्हह बूर में उंगली नहीं.. डाल ” तो भैया मेरे ओंठ चूम लिए और बोले ” तू खुद अपनी टांग फैलाकर मुझसे चोदने को कहेगी ” फिर निलेश मेरी चूत से उंगली निकाल लिए और जीभ से चूत को चाटना शुरु किए तो मैं चूतड को उनकी ओर करने लगी ताकि उनकी जीभ मेरी चूत में घुस जाए फिर भी २० साल की लौंडिया को इतना तो समझ था की फैली हुई चूत उसकी होती है जो अधेड़ उम्र की औरत हो, मैं अब भैया के हाथ का एहसास चूची पर पाने लगी तो उनके जीभ से चूत के अंदर कुछ मजा मिल रहा था इतने में निलेश चूत से जीभ निकाल बैठा फिर मुझे भी उठकर बैठने को बोला तो मैं झट से टॉप्स और स्कर्ट पहन रूम से निकल गई, किचन में जाकर कुछ सब्जी काटने लगी और डाल तो बन चुका था लेकिन मेरी चूत हो या चूची, हरेक अंग में काम रस भरी पड़ी थी और फिर मैं सब्जी काट रहने दी और बाथरूम जाकर फ्रेश हुई।
मैं रूम के अंदर आई तो निलेश नंगे लेटा हुआ था और उसके टाईट लन्ड देख मेरा मन तड़प उठा तो मैं दरवाजा बंद कर बेड पर आई फिर कपड़े उतार उसके लन्ड को पकड़ सहलाने लगी तो निलेश बोला ” रिमझिम फिलहाल तुम मेरा लन्ड चूस चूसकर उसको सुस्त कर दो वैसे तेरी चुदाई तो मैं तुझे तैयार करके ही करूंगा
( मैं उनके लन्ड को पकड़ चूमने लगी ) क्यों नहीं आज की रात या फिर कल की रात आपका ये ( लन्ड पकड़े ) देख मन तड़प उठा उठा है ” और मैं भैया के लन्ड मुंह में भरकर चूसने लगी तो कल्पना की दुनिया में रहकर मैं जिस तरह अपने योनि को तृप्त करती थी उसका असली रूप मैं देख रही थी, भैया का लन्ड मुंह में था तो मैं मुंह का झटका देते हुए मुखमैथुन करने लगी और उनके झांट में उंगली फेरते हुए मस्त थी तो भैया सिसक रहे थे ” आह ओह उह चूस साली रण्डी तू मस्त चूस रही है ” मैं तो कुछ देर तक चूसी की मेरी योनि से रस निकल पड़ा और मैं सुस्त होकर बेड पर लेट गई, भैया के चेहरा को चूम बोली ” अब मैं चली सब्जी बनाने उसके बाद तेरा लोलीपॉप चुसूंगी ” और फिर भैया चादर ओढ़े लेट गए तो मैं स्कर्ट और टॉप्स पहन किचन गई फिर सब्जी बनाने लगी।
मैं कुछ देर बाद रूम आई तो निलेश नींद में सो रहा था और उसके बदन पर सिर्फ चादर था, मैं बेड पर बैठी फिर चादर उनके तन पर से हटाकर लन्ड को पकड़ सुपाड़ा को चेहरा पर रगड़ने लगी, निलेश चित लेटा हुआ था और मैं उसके लन्ड का सुपाड़ा नाक से सटाई फिर उसको सूंघने लगी, इतने में निलेश की आंखें खुली तो वो मुझे देख बोला ” डार्लिंग चूस ना इसको सुस्त कर दे फिर कल रात तेरे चूत की सील तोड़ूंगा ” और मैं पहले तो अपना स्कर्ट और टॉप्स उतार नंगी हो गई फिर लन्ड को मुंह में लिए चूसने लगी तो भैया हाथ बढ़ाए मेरी चूची को पकड़ दबाने लगे, मुझे तो मुखमैथुन करने में बहुत मजा आ रहा था और मैं निलेश के २/३ लन्ड मुंह में लिए चूस रही थी तो मेरी चूत दो बार रस छोड़ भी खुजला रही थी और मुझे पता था की मेरी चूत की खुजली निलेश के लन्ड घुसने से ही खत्म होगी तभी भैया सिसकने लगे ” आह उह उई आआआह्ह चूस साली रण्डी मेरा तो जल्दी ही वीर्य निकल जाएगा ” और फिर मैं लन्ड को मुंह से निकाल उसे जीभ से चाटने लगी तो निलेश मुझे देख हंस रहा था, मैं तो आज अपने भाई के साथ ही हमबिस्तर हो ली और मेरी सेक्स के बारे में सोच ही बदल गई, अब निलेश उठकर बैठ गया तो मैं भी उसके सामने बैठी हुई थी, मेरे रसीले ओंठ को भैया मुंह में लिए चूसने लगे फिर लन्ड को पकड़ मेरी चूत पर रगड़ने लगे तो मैं भी सब कुछ भूलकर चुदाई को आतुर हो गई और फिर भैया के मुंह से ओंठ निकाल बेड पर लेट गई तो निलेश मेरी जांघो को फैलाया फिर चूत सहलाने लगा ” क्यों बेबी चुदाई का मन है
( मैं चेहरा फेर हंस दी ) ठीक है तो अभी मैं आया ” फिर भैया शॉर्ट्स पहन रूम से निकल गए और मैं तो निलेश का लन्ड चूत में पाने को तड़प थी, बेड पर लेट गई और फिर निलेश रूम में आकर दरवाजा बंद किया ” अब तेरी चुदाई होगी
( मैं पूछी ) लेकिन दर्द भी होता है क्या
( भैया बेड पर बैठ शॉर्ट्स उतार दिए ) मैं क्या लड़की हूं की चुदवा कर दर्द का एहसास होता ” और फिर मेरी जांघो को फैलाकर भैया अपने लन्ड का सुपाड़ा चूत में घुसाने लगे, सुपाड़ा घुसा फिर उनका लन्ड भी घुसने लगा तो मुझे अब लगा की पूरी चूत उसके लन्ड से भरी हुई है तभी निलेश मेरे कमर पर हाथ रख जोर का धक्का दिया और मैं तो दर्द से तड़प उठी ” आह उह उई मां फाड़ दिया, लेकिन इतने में निलेश लन्ड थोड़ा सा बाहर किए फिर से धक्का दिया और में चिल्ला उठी ” उई मां आह निकाल ले कितना मोटा लौड़ा बूर में घुसा दिया है ” लेकिन निलेश मुझे चोदता हुआ मेरे मुंह पर हाथ रख दिया और मुझे तो बूर में खून निकलने का एहसास हुआ फिर भी मालूम था की बूर की झिल्ली फटने से खून निकलती है और मैं लेटी रही तो निलेश का लन्ड मेरी चूत में धक्का दिए जा रहा था, निलेश मेरे ऊपर सवार हुआ और मेरे गाल चूमने लगा तो मेरा हाथ उनके पीठ पर था ” प्लीज भैया अब छोड़ दो
( निलेश मेरे ओंठ चूम लिया ) अबे साली भैया नहीं तेरा सैयां हूं चुदवा कर मजे ले ” निलेश का लन्ड मेरी चूत में किसी खंजर की तरह चुभ रहा था लेकिन ये चुभन तो मेरे शारीरिक सुख का प्रारंभ है और मैं निलेश के गाल चूम बोली ” लेकिन कुछ ऐसा मत करना की……
( निलेश का लन्ड गपागप अंदर बाहर हो रहा था ) अरे सेक्सी तेरी चूत मे वीर्य निकल भी जाएगा न तब भी तुझे पेट से नहीं होने दूंगा ” और मेरी चूत तो मानो आग की भट्टी हो चुकी थी, निलेश मेरे ऊपर सवार हुए चोदने में मस्त था तो मैं ” आह ओह उह उई आआआह्ह अब तो बूर की गर्मी शांत कर दे यार ” निलेश तो मुझे चोद चोदकर हांफने लगा और मैं बेड पर लेटी हुई अब चूत में वीर्य गिरने के इंतजार में थी तभी भैया बोल पड़े ” आआह्नो ओह उह उई ये ले मेरा गिरा ” और निलेश का लन्ड वीर्य स्खलित कर मेरी चूत को गीला कर दिया तो वो मेरे ऊपर लेटे हुए मेरे गाल चूम लिया, थोड़ी देर बाद दोनों अलग हुए और भैया फ्रेश होकर नाश्ता किए तो मैं खाना बनाने में लग गई।

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