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भैया के साथ सहवास : भाग २

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जिया का कॉलेज जाना संभव नही था तो नितिन अपने बॉस को कॉल कर छुट्टी ले लिया, साहब का तो तबीयत खराब है लेकिन वो तो बेड पर मुझे लिटाकर चोदने के फिराक में हैं, मैं स्नान तो नही की लेकिन ओरल सेक्स के इंटरवल में काफी बनाने चली गई, भैया के अलावा घर में मैं हूं तो क्या खाक कपड़ा पहनती, वैसे भी मार्च का महीना तो गर्मी का मौसम आरम्भ हो चुका है। किचन में काफी बना रही थी की नितिन पीछे से आकर मुझे बाहों में जकड़ लिया और गर्दन चूमने लगा, उसका एक हाथ मेरे बूब्स को दबाए जा रहा था ” नितिन काफी बना रही हूं, उहूँ क्या तुम मेरे चूतड पर गड़ा रहे हो
( वो मेरे गाल चूम लिया ) पीछे पलट कर देख लो मेरी जान ” फिर वो मुझे छोड़ा तो मैं काफी कप में डालकर डाइनिंग हॉल आई, नंगे बदन खूबसूरत ही होते हैं लेकिन मेरी जिस्म काफी सेक्सी थी, ऐसा मेरे आशिक कहते हैं और कॉफी पीते हुए मैं नितिन की ओर देखी तो वो बोला ” दस बजे मार्केट निकलूंगा फिर बीयर खरीद लाऊंगा
( मैं उसके टाईट लन्ड देख चूसने के मूड में थी ) वो तो है लेकिन नितिन खाना भी बाहर से ही मंगवाना होगा, मुझसे नही बनेगा
( वो मेरी चूची पुचकारता हुआ ) कोई बात नही बेबी, खाना दोपहर में कोई घर दे जाएगा ” फिर मैं उनके सामने फर्श पर बैठी तो कॉफी पीकर अब लन्ड चूसने की इच्छा थी, नितिन के टॉवेल को खोली फिर उनका ७ इंच लंबा लन्ड पकड़कर चूमने लगी तो भैया चुपचाप बैठे हुए मुझे देख रहे थे और उनके लन्ड का सुपाड़ा अब मैं जीभ पर रगड़ने लगी, उम्र में तीन साल बड़े थे और काम कला में निपुण, मेरे जीभ से सुपाड़ा का घर्षण उन्हें तड़पाने लगा और वो अब हाथ बढ़ाकर मेरी एक बूब्स पकड़ दबाने लगे ” आराम से चूस मेरी जान आज बीयर बाद में पहले वीर्य का स्वाद चख ले ” मैं थोड़ी झेंप गई फिर मुंह खोले उनके लन्ड का आधा से अधिक हिस्सा लेकर चूसने लगी तो नितिन एक हाथ से मेरे बाल सहला रहे थे तो दूसरा मेरी चूची पर था, मेरे मुंह में उनका लन्ड और अकड़ने लगा तो मैं धैर्य खो बैठी फिर सर का झटका देते हुए मुखमैथुन का आनंद लेने लगी, कसम से लन्ड चूसना मुझे सबसे अधिक पसंद था तो बुर चटवाने की इच्छा रहती थी, मेरी बुर जिससे कुछ देर बाद रस निकली थी दुबारा उसके अंदर हलचल मच उठी फिर भी इतनी जल्दी लन्ड छोड़ना नहीं चाहती थी, भैया मेरे बूब्स छोड़कर अब मेरे बाल कसकर पकड़े फिर बैठे हुए कमर ऊपर नीचे करते हुए मेरी मुंह को ही चोदने लगे, मेरे गले तक सुपाड़ा पहुंच रहा था फिर भी भैया को परास्त करने में लगी हुई थी, वो सिसकते हुए मेरे मुंह में लन्ड का धक्का मारने लगे ” उह ओह आह तुम तो रात भर मुझे सपना में छेड़ती रही
( मैं लन्ड मुंह से निकाली ) अबे घोंचू, तो मेरे कमरे में आकर सपना को साकार कर लेते ” फिर उनके लन्ड को जड़ से थामकर जीभ से चाटने लगी, मानो आइस क्रीम चाट रही हूं तो नितिन पूछा ” तुम वो गर्भ निरोधक दवाई रखी हो जान
( मैं हंस दी ) अच्छा सो क्या मैं हर दिन टांगे फैलाकर चुदवाती फिरती हूं ” और जिया दुबारा भैया के लन्ड मुंह में लेकर चूसने लगी तो नितिन शांत बैठा हुआ था, मैं मुखमैथुन करने में मस्त थी की डोर बेल बजने लगा, लन्ड को मुंह से निकाल अपने बेडरूम भागी तो भैया अपना पैजामा पहनने लगे, पता नही कौन किससे मिलने आया है और थोड़ी देर तक मैं किसी महिला की आवाज सुनी फिर बर्दास्त नही हुआ तो डाइनिंग हॉल में निकली, पड़ोस की शोभा आंटी आई थी, मैं टॉप्स और स्कर्ट में थी और उनके पैर छूकर बोली ” और आंटी सब ठीक है ना
( वो ) हां तुम्हारी मां दोनो का ख्याल रखने के लिए बोलकर गई तो सोची एक बार मिल लूं ” फिर वो उठकर गई, नितिन दरवाजा बंद किया ” मैं भी घर में और तुम भी कॉलेज नहीं गई, क्या सोचेगी
( मैं ) बेकार में रूम से बाहर निकली खैर हटाओ उससे क्या फर्क पड़ता ” फिर मैं अपने रूम चली गई और नितिन मुझे देख बोला ” डार्लिंग तुम नाश्ता करो मैं तब तक मार्केट से आता हूं
( मैं बोली ) ठीक है अपनी बहन के लिए एक पैकेट सिगरेट भी ले लेना साथ ही गर्भ निरोधक दवाई ” और नितिन जल्दी में जींस और शर्ट पहन घर से निकला तो मैं दरवाजा बंद कर ली, अब अपने रूम में आकर कपड़े खोली फिर वाशरूम जाकर स्नान करने लगी, भैया के आने से पहले तक मुझे स्नान कर लेना था ताकि ड्रिंक्स लेते हुए सेक्स का मजा ले सकूं, क्या जनाब काहे का भाई जब गिद्ध दृष्टि हमेशा बहन की चुचियों पर पड़ी रहती है लेकिन अपनी मर्जी से ही नितिन के साथ पहली बार संभोग क्रिया की थी, काहे का आत्मग्लानि जब वो भी खुशी से ही मेरे साथ सेक्स किया और मैं स्नान करके तन को पोंछी फिर एक बेबी डॉल ड्रेस पहन ली, ब्राउन रंग की ये सेक्सी ड्रेस में ब्रा साथ ही था लेकिन ड्रेस जालीदार थी, बस पेंटी से चूत ढक रखी थी और चूचियों की साईज हो या उसका रूप सब दिख रहा था, मोटी चिकनी जांघों का थोड़ा हिस्सा ढका हुआ था लेकिन दिखाई तो दे ही रहा था और मेरे चूतड की गोलाई भी उससे साफ दिख रही थी और ये ड्रेस मुझे एक क्लाइंट ने दी थी जिससे पैसा लेकर होटल में चुदाई थी। मैं नितिन को जल्दी में कामुक करना चाहती थी इसलिए तैयार होकर सोफा पर बैठी थी फिर उठकर सोची की बेड और आमलेट खा ही लिया जाए और किचन से लेकर उसे खाने लगी, खाकर प्लेट किचन में रखने गई की डोर बेल बजने लगा, मैं दरवाजा के पास जाकर पूछी ” कौन है
( भैया बोले ) नितिन हूं दरवाजा तो खोलो ” फिर मैं दरवाजा खोली तो उसके हाथ में एक प्लास्टिक बैग था जिसे मैं उसके हाथ से ले ली और नितिन दरवाजा बंद कर मेरे पीछे आया और मैं डाइनिंग टेबल पर सामान रखी की वो मुझे पीछे से पकड़ लिया और गर्दन चूमने लगा ” ओह भैया पहले मूड तो बनाने दो
( वो मेरी बूब्स दबाने लगे ) तुझे देखकर ही मूड बन गया जान ” फिर नितिन वहीं पर अपना कपड़ा उतारा और चड्डी बनियान पहने सोफा पर बैठ गया, मैं किचन से ग्लास लाकर रखी तो वो उठकर फ्रेश होने गया ” वाकई तू तो सेक्स बम लग रही है ” मैं सोफा पर बैठकर ओपनर से बीयर की बोतल खोली, ग्लास में बीयर डालकर एक सिगरेट जलाई आखिर पेरेंट्स नही थे, भैया को ही सैंया बना कर मजा ले रही थी, नितिन वापस आया तो उसने जानबूझकर अपने। आपको नंगा कर रखा था तो उसके फनफनाते लन्ड देख मुंह में पानी आ गया फिर नितिन मेरे करीब बैठा तो मैं उसको एक ग्लास थमाई ” पहले शराब फिर शबाब और कबाब रात को
( वो मेरे कंधे पर हाथ रख गर्दन सहलाने लगा ) हां बेबी, जब दोनो कुकर्म कर ही रहे हैं तो फिर क्या सोचना
( मैं नितिन के गाल चूम ली ) ये कुकर्म नहीं डियर ये तो पवित्र रिश्ता है और कल होकर मैं अपने पति से तो तुम अपनी पत्नी से करोगे ” आगे का इंतजार कीजिए

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