बरसात की रात शिखा के साथ | Erotic Stories
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बरसात की रात शिखा के साथ

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दोस्तों मेरा नाम अमित, उम्र 35 साल. मैं एक कंपनी में मैनेजर हूँ. मेरे प्रोजेक्ट में एक लड़की है जिसका नाम शिखा है. उसकी उम्र सिर्फ २४ साल है पर उसका बदन औरतो जैसा भरा हुआ है. उसके बूब्बे बड़े बड़े पपीते जैसे है, और गांड बाहर निकली हुई है. उसका बदन का शेप 38-30-38 है.
काम के सिलसिले में उससे मेरी काफी बात होती है. मैं हमेशा उसकी चूचियों और बाहर निकली हुई गांड को ताड़ता हूँ. एक दिन वो ऑफिस में एक वाइट शर्ट और ब्लैक स्कर्ट पहन कर आयी थी. शर्ट बहुत ही टाइट था, जिसकी वजह से चूचियां किसी बड़े बड़े पहाड़ो के जैसी लग रही थी. उसने अंदर ब्लैक कलर की ब्रा पहनी थी जो दिख रही थी. बड़ी बड़ी चूचियों की वजह से शर्ट बहुत ही टाइट था. एक प्रोग्राम को चेक करवाने के लिए वो मेरी केबिन में आयी.. जब वो चल रही थी तो उसकी चूचियां बाउंस हो रही थी.. उफ्फ्फ क्या नजारा था.. वो मेरे सामने आकर मुझे प्रोग्राम दिखाने लगी पर मेरी नजरे तो उसकी चूचियों पर ही टिकी थी. उसकी शर्ट के २ बटन्स खुले थे.. जिसकी वजह से जब वो झुक कर मुझे प्रोग्राम दिखा रही थी तब शर्ट के अंदर से मस्त क्लीवेज दिख रहा था.. मेरा मुंह खुला का खुला रह गया.. ऐसा सीन देखते ही लंड में हलचल शुरू हो गयी.. जब वो जाने लगी तो स्कर्ट में कैद उसकी चौड़ी गांड बहुत हिल रही थी.. उसने हिल पहन रखा था जिससे उसकी मोटी गांड और बाहर निकल गयी थी.. मैं सोचा काश ऐसी माल चोदने मिल जाये तो मजा आ जायेगा…
शाम के ८ बजे मैं अपना काम ख़तम करके घर के लिए निकला, उस समय ऑफिस में कोई नहीं था. बाहर अँधेरा हो चूका था और काफी बारिश हो रही थी. मैं अपनी कार से ऑफिस के बाहर निकला तो देखा की शिखा बस स्टैंड में बस का वेट कर रही थी.. वो पूरी की पूरी भींग चुकी थी. मैंने कार रोकी और शिखा को अंदर आने के लिया बोला. वो भी जल्दी कार में बैठ गयी
शिखा: थैंक्स सर, कब से वेट कर रही हूँ बस नहीं मिल रही है
मैं: कोई बात नहीं.. पर तुम तो पूरी भींग चुकी हो
शिखा सामने वाली शीट पर बैठी थी.. मैं कार चलाते उससे बात कर रहा था और उसके भीगे जवान बदन को ताड़ रहा था.. उसके कपडे पुरे गीले हो चुके थे और उसके बदन से चिपक गए थे.. गीली होने की वजह से उसकी वाइट शर्ट ट्रांसपेरेंट हो गयी और अंदर की ब्लैक ब्रा दिखने लगी थी.. साथ ही साथ बड़े बड़े तरबूजों का शेप भी दिख रहा था.. बारिश की बूंदे उसकी गर्दन से होती हुई क्लीवेज में जा रही थी.. ऐसा लग रहा था की पानी दो पहाड़ो के बीच में समा रही है.. शिखा ने मेरी नजरो को देख लिया पर कुछ बोली नहीं..
मैं: शिखा तुम काफी गीली हो गयी हो ऐसे तो तुम बीमार पड जाओगी.. मेरा घर पास में ही है वापस चल कर अपने कपडे सूखा लो फिर अपने घर चले जाना
शिखा: पर आपकी वाइफ…
मैं: अरे उसकी टेंशन ना लो.. वो मायके गयी है..
शिखा: ठीक है चलते है
मैं और शिखा मेरे घर में आ गए.. मैंने उसे एक टॉवल दिया वो अपने बाल सुखाने लगी. मैं वही सोफे में बैठा उसका गिला जवान बदन देख रहा था… ब्रा शर्ट के ऊपर से दिख रही थी और चूचियां भी नंगी दिख रही थी.. स्कर्ट उसकी गांड से पूरा चिपका हुआ था. उसकी बड़ी और चौड़ी चुत्तड़ो का शेप पूरा पता चल रहा था.. वो ठण्ड से काँप रही थी.. मैं उसके पास गया और उसको हग कर लिया..
शिखा: सर ये आप क्या कर रहे है
मैं: शिखा तुम काँप रही हो.. तुम्हे ठण्ड ना लग जाये इसलिए हग किया है..
शिखा: हाँ सर.. बहुत ठण्ड लग रही है
मैंने उसके गीले बदन पर हाथ फेर रहा था… फिर मैंने उसके नैक पर किश किया.. ओह्ह्ह सर ये क्या कर रहे है..
शिखा थोड़ा माहौल गर्म कर रहा हूँ.. फिर मैंने उसके लिप्स पर किश किया.. शिखा भी अपनी जवानी की गर्मी को ज्यादा देर रोक नहीं पायी और मुझे किश करने लगी… मैंने अपना हाथ उसकी चूचियों पर ले गया और जोर से दबाने लगा…. अह्हह्ह्ह्ह सर.. थोड़ा धीरे….. ओह्ह्ह्ह शिखा डार्लिंग तेरे इन बूब्बो ने मेरा जीना हराम कर रखा है.. आ जी भर कर दबाऊंगा इन्हे.. ओह्ह्ह्हह्ह आईई सर… मैं शर्ट के ऊपर से ही उसकी चूचियों को जोर जोर से मसल रहा था.. उसकी चूचियां बहुत ही बड़ी और भरी हुई थी, जिसे मसलने में मुझे बहुत ही आनंद आ रहा था…
मैं: शिखा डार्लिंग.. तुम बहुत भींग गयी हो… तुम्हारे कपडे उतरने पड़ेंगे
शिखा: ठीक है सर उतार दो
मैं शिखा की शर्ट के बटन्स खोलने लगा… उसका गोरा भीगा बदन ब्लैक ब्रा में बहुत ही सेक्सी लग रहा था.. उसके बड़े बड़े संतरे ब्रा से बाहर आ रहे थे.. मैं उसे उल्टा करके दिवार से सटा दिया और उसकी ब्रा खोल दी… अब मैं उसकी नंगी गोरी बैक को किश कर रहा था और पीछे से उसकी चूचियों को दोनों हाथो से दबा रहा था… उसके दूध बहुत ही बड़े बड़े थे जिसे एक हाथ से दबाना बहुत ही मुश्किल था.. बहुत ही सॉफ्ट और तनी हुई चूचियां थी…
अह्हह्ह्ह्ह सर.. और जोर से दबाओ
ओफ़्फ़्फ़ जानेमन.. आ तो मैं तेरी जवानी का पूरा रस पि जाऊँगा…
फिर मैंने उसकी स्कर्ट का चेन खोल दिया और हाथ अंदर डाल कर उसकी चुत्तड़ो को दबाने लगा.. मैं उसकी स्कर्ट को उतार रहा था.. इतनी चौड़ी और भारी गांड से स्कर्ट को उतारने में काफी दिक्कत आयी.. इतनी बड़ी गांड देख कर मेरा तो लंड पूरा तन गया.. ब्लैक कलर की छोटी सी पैंटी उसकी बड़ी बड़ी चुत्तड़ो के बीच में फंसी हुई थी…. मैंने उसकी चड्डी भी उतार दी.. २४ साल की जवान गदरायी लौंडिया का बदन पूरा नंगा मेरे सामने थे… मैंने टॉवल से उसके बदन को पूरा पोछा.. टॉवल के ऊपर से उसकी चूचियों और गांड को खूब सहलाया और दबाया…
मैं: शिखा अभी भी ठण्ड लग रही है क्या
शिखा: थोड़ी थोड़ी.. पर पहले से काफी ठीक है
मैं: चलो मेरे बेड पर.. पूरा बदन गर्म कर दूंगा…
मैं शिखा को अपने साथ बैडरूम में गया, उसकी टॉवल हटा दी और अपने बिस्तर पर लेटा दिया.. मैं उसकी नंगी जिस्म को सहला और किश कर रहा था.. उसकी चुत बहुत ही गीली हो चुकी थी… मैंने एक उंगली उसकी बूर में घुसा दी.. वो चींख पड़ी.. उईईईईई माँ.. उउउउउउ… मैं उंगली अंदर बाहर करने लगा.. जिससे उसकी चुत लुब्रिकेट हो गयी…
शिखा: सर अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा है.. अब डाल दीजिये अपना लौड़ा मेरी चुत में
मैं: ओह्ह्ह्ह शिखा डार्लिंग…. अभी फाड़ता हूँ तेरी चुत…
मैंने अपने सारे कपडे उतार दिया और शिखा की टांगो को फैला कर उसके बीच में आ गया…. मेरा लंड पूरी तरह अकड़ा हुआ था… मैंने लंड उसकी गुफा में रखा और धीरे से पेल दिया.. लंड का सुपाड़ा बूर को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया.. वो बहुत जोर से चींखी..
उईईईईई माँ… बहुत दर्द हो रहा है सर… आईईईई अह्ह्ह्हह्हह
सील टूटने में दर्द होता है शिखा, पर आगे बहुत मजा आएगा..
मैंने 2-४ धक्के मार कर पूरा ८ इंच का लौड़ा उसकी बूर में पेल दिया.. वो बहुत चिल्लाई और मैं उसकी चूचियों को दबा दबा कर पेलता रहा.. उसकी गर्म टाइट बूर मेरे लंड को बहुत मजा दे रही थी.. मैं पुरा लंड बाहर निकालता और जड़ से पेल देता.. उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबा कर मैं उसे थोड़ा आराम दे रहा था.. धीरे धीरे उसकी दर्द अब सिसकारियों में बदल रही थी….
शिखा: अह्ह्ह्हह्हह.. उह्ह्ह्हह्ह सर
मैं: सर नहीं अमित बोलो
शिखा: ओह्ह्ह्हह्ह अमित आपसे लिफ्ट लेना तो बहुत महंगा पड़ा मुझे..
मैं: ओह्ह्ह्हह शिखा डार्लिंग.. बारिश के मौसम तेरी जैसी गर्म लौंडिया बिस्तर में हो तो मजा ही आ जाता है
शिखा: अह्हह्ह्ह्ह अमित.. और तेज मारो
मैं बहुत तेजी से शिखा की बूर चोदने लगा.. वो भी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थी… पुरे कमरे में उसकी सिसकारियों की आवाज गूंज रही थी.. कोई सुने तो समझ में आ जाये की किसी लड़की की जबरदस्त चुदाई चल रही है..
शिखा: अह्हह्ह्ह्ह अमित.. आपने तो लिफ्ट के बदले मेरी चुत मार ली
मैं: ओह्ह्ह्ह डार्लिंग बहुत दिनों से तेरी लेना चाहता था मैं.. आज मुराद पूरी हुई है..
शिखा: अह्ह्ह्हह्हह ओह्ह्ह्ह अमित.. फक मी बेबी.. यू टूक माय वर्जिनिटी… फक मी हार्डर….
लम्बी चुदाई के बाद मैं शिखा के बूर में ही झड़ गया…
शिखा: सर अब तो मुझे घर छोड़ दो
मैं: डार्लिंग ३ दिनों के लिए मेरी बीवी मायके गयी है.. अब तुम ३ दिनों तक यही रहोगी और मेरा बिस्तर गर्म करोगी
शिखा: ओह्ह्ह्ह अमित… तुम तो ३ दिनों में मेरा कचूमर निकाल दोगे
मैं: ओह्ह्ह्हह जानेमन पूरा मजे दूंगा.. चलो रेडी हो जाओ नेक्स्ट राउंड के लिए
मैं फिरसे शिखा के ऊपर चढ़ गया और उसे चोदने लगा…..

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