बगल वाली भाभी के घर चोरी – 2 | Erotic Stories
Erotic Stories
Free Desi Indian Hindi Sex stories, Tamil sex stories

बगल वाली भाभी के घर चोरी – 2

⏰ 1 min read

अब मेरे पास पैसे थे, मैंने एक अच्छा सा गिफ्ट लेकर अपनी गर्लफ्रेंड को दे दिया.. एक हफ्ते बाद, एक दिन शाम को मैं कॉलेज से वापस आ रहा था.. रास्ते में ही अपर्णा भाभी का घर पड़ता है.. उस समय भाभी बाहर में बैठी चाय पी रही थी.. उसने मुझे देखा और आवाज लगाई
भाभी: रोहित सुन इधर
मैं: जी भाभी.. क्या हुआ
मैं गेट खोलकर अंदर चला गया और भाभी के सामने वाली चेयर में बैठ गया.. अपर्णा भाभी ने एक कलरफूल साड़ी पहनी हुई.. ३५ साल का गोरा और जवान बदन साड़ी में खिल रहा था.. रेड कलर की ब्लाउज भाभी की जवानी को छुपाने की नाकामयाब कोशिश कर रहे थे.. उसके विशाल स्तन ब्लाउज के बटन्स में जोरदार तनाव पैदा कर रहे थे.. मेरा ध्यान तो ब्लाउज के डीप क्लीवेज से झाँकती हुई उनकी गोरी चूचियों पर था.. वैसे तो मैं भाभी को बड़ी इज्जत की नजरो से देखता था.. पर उस रात के बाद अब मेरी नजरो के आगे सिर्फ उसका नंगा जिस्म ही घूमता है.. भाभी हमेशा पूरा सज सवर कर रहती है.. अपर्णा भाभी फुल मेकअप लगाती है जिससे वो और सुन्दर लगती है.. माथे पर बिंदिया, सिन्दूर से उनकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है
भाभी: चाय पियेगा?
मैं: हां भाभी क्यों नहीं.. आपके हाथ की चाय की बात ही अलग है
भाभी चाय लेने किचन की तरफ जाने लगी… पीछे से उसकी मटकती हुई मोटी चुत्तड़े को देख कर लंड खड़ा हो गया.. साड़ी से चिपकी हुई उसकी गांड बहुत ही बड़ी और भारी लग रही थी.. भाभी किचन से चाय लेकर आयी और मुझे पीने को दी..

भाभी: आज कल दिखता नहीं है.. कहा घूमता रहता है..
मैं: बस भाभी पढाई चल रही है
भाभी: अच्छा पढाई चल रही है या गर्लफ्रेंड साथ घुमा जा रहा है
मैं: क्या भाभी आप भी
भाभी: अच्छा ये सब छोड़.. एक बात बताती हूँ
मैं: हाँ भाभी बोलो
भाभी: एक हफ्ता पहले हमारे घर पर चोरी हुई थी जब मैं रात को घर पर अकेली थी
मैं:ओह्ह्ह भाभी.. फिर आपने भैया को बताया क्या
भाभी: नहीं बताया रोहित.. क्यूकी चोर को मैं जानती हो और मैं नहीं चाहती उसकी जिंदगी बर्बाद हो
ये सुनकर मैं हक्का बक्का रह गया.. मैं ये सोचकर खुश था की भाभी ने मुझे मास्क की वजह से नहीं पहचाना है.. क्या भाभी सही में जानती है की उस दिन मैं चोरी करने आया था.. मेरे पसीने छूटने लगे
भाभी: क्यों रोहित.. उस दिन तुम ही थे ना रात को
मैं: वो भाभी वो मैं.. वो मैं
भाभी: रोहित उस दिन तुम्हारे हाथ के इस दाग से मैं पहचान गया था..
मैं: सॉरी भाभी.. मुझे माफ़ कर दो.. मुझे कुछ पैसो की जरुरत थी.. इसलिए मुझे ऐसा करना पड़ा
भाभी: फिर रोहित तुमने मेरे साथ वो गन्दा काम क्यों किया
मैं: भाभी उस दिन गलती से हो गया..
भाभी: रोहित.. मैं एक पतिवर्ता पत्नी हूँ.. तुमने मुझे ख़राब कर दिया
मैं: सॉरी भाभी.. मैं आपकी बहुत इज्जत करता हूँ.. पर उस रात आपको नाईटी में देखकर मेरी नियत डोल गयी थी
भाभी: अच्छा तो अभी मैं साड़ी में हूँ तो तुम मेरी इज्जत करोगे.. अगर मेरा पल्लू गिर जाये तो फिर तेरी नियत नहीं डोलेगी
भाभी ने अपना पल्लू निचे गिरा दिया.. मुझे समझ में नहीं आ रहा था की भाभी गुस्सा है या चोदने का न्योता दे रही है.. रेड कलर की टाइट ब्लाउज में भाभी के दूध दो बड़े बड़े पहाड़ो जैसे दिख रहे थे.. ब्लाउज का गला बहुत ही बड़ा और उसके दूध आधा नंगे दिख रहे थे… अपर्णा भाभी के सांसो के साथ उसके दूध ऊपर निचे उछल रहे थे
भाभी: आ ना हरामी.. अब दूर से ऐसे क्यों देख रहा है.. उस दिन तो पूरा नंगा करके चोदा था तूने
मैं: भाभी प्लीज माफ़ करदो.. मैं आपकी बहुत रेस्पेक्ट करता हूँ
भाभी: माफ़ी तो तभी मिलेगी जब तू फिर से मुझे नंगा करके चोदेगा उस रात की तरह

Also Read: दीदी की शादी के बाद चुदाई

अब मैं समझ गया की भाभी भी चुदवाना चाहती है… ऊऊह्ह्हह्ह भाभी आपने तो मुझे डरा दिया था..
रोहित… उस रात पहले मुझे बुरा लग रहा था.. पर बाद में मुझे बहुत मजा आया था.. तब से मैं तेरे मोटे लंड की प्यासी हूँ
अपर्णा भाभी मुझे घर के अंदर ले गयी और घर को अंदर से बंद कर दिया.. मैंने भाभी की कमर पर हाथ रखा और अपनी ओर खींचा… भाभी के लाल लाल जूसी होठो को मैं चूमने लगा… उसके लिप्स गुलाब के फूल की तरह थे.. अपर्णा पैंट के ऊपर से मेरे लौड़े को सहला रही थी जो धीरे धीरे विकराल रूप लेने लगा.. मैं भी अपने हाथो से साड़ी के ऊपर से अपर्णा के भारी चुत्तड़ो को दबा रहा था….. बहुत बड़ी और मुलायम गांड थी साली की…….. अह्ह्ह्हह रोहित…
फिर अपर्णा नीचे घुटने के बल आ गयी और मेरे लंड को पैंट के गिरफ्त से आजाद कराया.. मेरा मोटा लौड़ा देख कर अपर्णा की आँखों में चमक आ गयी
उफ्फफ्फ्फ़ रोहित कितना मोटा हथियार है रे तेरा.. जब से तेरा लिया है अब तेरे भैया से वो मजा नहीं आता..
ओह्ह्ह्ह अपर्णा जानेमन आज मैं तेरी चुदास पूरी दूर कर दूंगा…. तू बस मेरा लौड़ा चूस अच्छे से
अपर्णा ने मेरा लंड मुंह में लिया और सक करने लगी.. मेरा मोटा लौड़ा भाभी के होठो और मुंह के गर्माहट से और सख्त हो रहा था… ऊपर से मुझे अपर्णा भाभी के ब्लाउज के अंदर से मोटे मोटे दूध दिख रहे थे… मैं अपर्णा भाभी की बालो को पकड़ कर स्पीड से अपना लंड उसके मुंह में पेल रहा था….. मैं भाभी के मुंह में झड़ गया..
अब मैंने भाभी को उठाया और पीछे से पकड़ लिया.. उसकी चिकनी पीठ को मैं किश कर रहा था.. भाभी आहे भरने लगी.. उउउउ अह्ह्ह्ह.. उसकी गोरी नंगी पीठ को चुम चुम कर मैंने लाल कर दिया..
मैं उसके मोटे मोटे दूध को ब्लाउज के ऊपर से दबाने लगा.. अह्ह्ह्हह रोहित जोर से दबा.. निचोड़ ले इसका पूरा रस…
भाभी की भरी हुई सॉफ्ट चूचियों को दबाने में बहुत मजा आ रहा था..
उफ्फ्फ्फ़ भाभी इन रसीले बूब्बो का तो जवाब ही नहीं.. आज मैं इन्हे खा जाऊँगा
अह्ह्ह्ह उउउउ रोहित अच्छे से मसल मेरी चूचियों और खा जा इन्हे
मैंने ब्लाउज के अंदर हाथ डाल दिया और उसके दूध को मसलने लगा.. इतनी टाइट ब्लाउज में हाथ भी सही से नहीं जा रहा था इसलिए मैंने भाभी की ब्लाउज फाड़ दी.. ब्लाउज के सारे बटन्स टूट कर गिर गए और कैद से दो बड़े बड़े तरबूज आजाद हो गए.. मैंने उसकी दोनों चूचियों को अपने हाथो में भर लिया और धीरे धीरे मसलने लगा.. मेरे हाथ भाभी की बड़ी चूचियों के लिए कम पड़ रहे थे.. इतनी बड़ी चूची को एक हाथ में भरना बहुत ही मुश्किल था…
ओह्ह्ह्ह अपर्णा भाभी कितने बड़े बड़े और कसे हुए बॉल्स है आपके
उउउउ रोहित ऐसी ही दबाते रह यार…
मेरा लौड़ा फिर से टाइट हो रहा था.. मैंने एक हाथ भाभी की पेटीकोट के अंदर डाल दी और उसकी बूर में २ उंगली घुसा दी.. ऐसा करते ही भाभी चिहुंक गयी.. उईईईईई रोहित ये क्या कर रहा है..
मैं एक हाथ से भाभी की दोनों चूचियों को दबा रहा था और दूसरे से उसकी बूर में फिंगरिंग.. अब भाभी बहुत उत्तेजित हो रही थी.. ओह्ह्ह्हह्हह रोहित अब बर्दास्त नहीं हो रहा है.. पेल दे अपना लंड अंदर… मैं तेजी से अपनी उंगलियां भाभी की चुत में अंदर बाहर कर रहा था.. अब उसकी चुत बहुत गीली हो गयी थी.. मैंने भाभी को दिवार के सहारे खड़ा किया और पीछे से उसकी साड़ी ऊपर की.. अपर्णा भाभी की गोरी भारी गांड नंगी हो गयी.. मैंने अपना लौड़ा निकला और भाभी की गीली चुत पर रख दिया. मैंने भाभी की चौड़ी गांड को दोनों हाथो से पकड़ा और लंड को धीरे धीरे भाभी की चुत में घुसाने लगा.. उईईईईई माँ मर गयी रे.. आईई रोहित बहुत मोटा लंड है तेरा.. मेरी बूर फट गयी है…
अह्ह्ह्ह जानेमन अभी भी टाइट है तेरी चुत.. लगता है भैया सही से सेवा नहीं करते है आपके चुत की
ओह्ह्ह्ह रोहित अब तू है ना.. कर दे अच्छे से मेरी चुत की सेवा
उफ्फफ्फ्फ़ अपर्णा जानेमन.. तेरी चुत को चोद चोद कर भोसडा बना दूंगा मैं
मैं जोर जोर से धक्के मारने लगा.. पूरा लंड बाहर निकालता और फिर से भाभी की बूर में जड़ तक पेल देता..
अह्ह्ह्ह उउउउउ रोहित तू तो मार ही देगा रे…
ओह्ह्ह मेरी रंडी भाभी.. तेरी जैसी गदरायी औरत को चोदने में बहुत मजा आता है
आईई उउउउउ रोहित फिर पूरी ताकत से मार मेरी चुत.. और चोद यार
मैं भाभी की झूलती हुई चूचियों को दबा रहा था और जोर जोर से उसकी चुत मार रहा था.. भाभी की कामुक सिसकारियां पुरे रूम में गूँज रही थी.. भाभी की अह्ह्ह्ह उउउउउउ की आवाजे कानो में रस घोल रही थी.. मैं भाभी के बदन को चूमता हुआ अपने जिस्म से चिपका लिया और अपनी बाहो में भरकर तेजी से पेलने लगा.. मेरा लंड खचा खच भाभी की बूर को चिर रहा था….
थोड़ी देर बाद भाभी थक गयी और पोजीशन बदलने के लिए बोलने लगी.. मैं वही पर एक चेयर था उसमे बैठ गयी… अपर्णा भाभी ने अपनी साड़ी और पेटीकोट निकल दी.. अब वो पूरी तरह नंगी हो गयी… क्या गजब की माल औरत थी वो.. बहुत ही घाटीला बदन था भाभी का – तने हुए दो बड़े बड़े दूध, पतली कमर और रस छोड़ती हुई उसकी बूर..
भाभी ने लंड को अपनी बूर में रखा और मेरे लंड पर बैठ गयी.. मेरे लंड को उसकी बूर ने पूरा निगल लिया था.. अब भाभी ऊपर निचे कूद रही थी और चुदाई का मजा ले रही थी
उफ्फ्फ्फ़ भाभी मैं आपको शरीफ औरत समझता था.. कितनी इज्जत करता था.. अभी देखो रंडी की तरह मेरे लंड पर कूद रही हो
अह्ह्ह्हह साले हरामी.. मैं पत्नीव्रता औरत थी.. तूने ही उस रात मुझे चोद कर रंडी बनाया है
ये बात तो है.. पर ये रंडी भाभी मुझे ज्यादा पसंद है…
उउउउउ आईई रोहित फिर चोद अच्छे से अपनी रंडी को.. फाड़ दे मेरी बूर
भाभी जोर जोर से कूद रही थी.. उसकी चूचियां बहुत बाउंस हो रही थी.. मैं उसकी चूचियों को दबा दबा कर चूस रहा था.. ऊऊफफफ भाभी बहुत ही रसीले आम है आपके
अह्ह्ह उउउउउ रोहित मेरा होने वाला है… थोड़ा जोर जोर से मार के झाड़ दे मुझे
अब मैं भी नीचे से अपना लंड पेलने लगा.. भाभी के बड़े बड़े दूध को दबा दबा कर चोदने में बहुत ही मजा आ रहा था.. अब भाभी की मॉनिंग काफी लाउड हो गयी और वो मुझसे लिपट कर जोर जोर से चुदवाने लगी.. मैं भी भाभी को अपनी बाहो में भर कर सम्भोग करने लगा.. आईई उउउउउउ रोहित और तेज यार… उउउउउउ अह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह रोहित मैं तो गयी.. मैंने भी भाभी को थोड़ा और चोदा.. और ख़तम हो गया

भाभी: वाह रोहित तू कमाल का चोदता है
मैं: थैंक्स भाभी.. अब नेक्स्ट कब
भाभी: जल्दी ही.. पर बाहर तू मेरे साथ नार्मल ही बर्ताव करना.. किसी को शक नहीं होना चाहिए..
मैं: नहीं होगा भाभी
मैंने अपने कपडे पहने और वहा से चला गया.. भाभी भी रेडी हो गयी और शरीफ औरत की तरह घर के काम करने लगी..

This story बगल वाली भाभी के घर चोरी – 2 appeared first on new sex story dot com

Leave a Comment