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प्यासी औरत और पड़ोस का लड़का : भाग ३

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फ्रेंड्स
दीपा मल्होत्रा आर्मी ऑफिसर की बीबी थी तो शादी के पहले मुझे सेक्स का मजा मिला, वो भी अपने छोटे भाई राहुल के साथ फिर दोनो कभी कभार मजे करने लगे और उसके बाद पति विवेक के साथ दिल्ली आर्मी कैंट में रहने लगी फिर विवेक भी मुझे वाइफ स्वैपिंग के लिए उकसाया तो आग में घी डालकर उसने मेरी जवानी को और मस्त कर दिया तो वहां कई गैर मर्दों के संग मैं बिस्तर गर्म की फिर अंबाला छावनी में तो प्लेबॉय के साथ ही वीकेंड सेक्स होने लगा और अब दानापुर में हूं तो साथ में एक दो साल का बेटा भी है। मैं तो अभी सोफा पर नंगे बैठकर ड्रिंक्स ली तो पड़ोस का लड़का रितेश मेरी ओर आकर्षित हुआ, भैया से सैंया बना डाली और उसका लन्ड अब चूसने को मैं आतुर थी तो वाशरूम से आते ही रितेश सोफा पर बैठ गया, मैं नशे में तो धूत थीं ही साथ ही किसी प्यासी औरत की तरह जिस्म की आग में जल रही थी और अब उसके सामने घुटनो के बल बैठकर लन्ड को पकड़ ली ” रितेश तुम कितनों के साथ मजे ले चुके हो
( वो मेरी चूची को पकड़ मसल दिया ) तू मेरे लन्ड को चाट ना, क्यों बातें करके मजा किरकिरा कर रही है ” मैं रितेश के लन्ड को पकड़ उसको चूमने लगी, लन्ड तो लंबा था लेकिन उतना कड़ा नही फिर भी प्यासी औरत के लिए तो लन्ड कोई भी हो उसको अच्छा ही लगता है, मैं उससे नजरे मिलाते हुए मुंह खोल सुपाड़ा को अंदर ली फिर चूसने लगी तो रितेश मेरे बूब्स पर हाथ लगाए दबाने लगा। दीपा मांसल सुपाड़ा को ओंठो के बीच लिए चूसने लगी तो वो मेरे बाल सहला रहा था और इतने में मैं मुंह खोल पूरा लन्ड निगल गई, उसका सुपाड़ा गले तक जा पहुंचा और मैं अपने सर को ऊपर नीचे करते हुए लन्ड चूसने लगी, उसके साथ चुम्बन क्रिया से लेकर योनि चाटने तक में ही मेरी बुर खुजलाने लगी तो मेरे बूब्स के निप्पल भी टाईट हो गए, ये तो कामुक होने की निशानी है और दीपा उसके लन्ड मुंह में लिए चेहरा को ऊपर नीचे करते हुए मुखमैथुन कर रही थी तो रितेश मेरे चूची को पुचकार रहा था, मैं मुंह में ही लन्ड के अकड़ को महसूस करने लगी तो दो मिनट चूसने के बाद मुंह से निकाली फिर उसके सामने से चूतड बलखाते हुए वाशरुम चली गई, फ्रेश हुई फिर वापस आई तो रितेश मेरे नग्न जिस्म को देखता हुआ ओंठो पर जीभ फेर रहा था।
मैं उसके बगल में बैठी फिर बोली ” जरा ड्रिंक्स तो बनाओ भाई फिर बहना की चूदाई करना
( रितेश ग्लास में व्हिस्की डालने लगा ) तुम व्हिस्की कब से पी रही हो
( मैं उसके छाती को सहला रही थी ) शादी के बाद से, विवेक आर्मी में ऑफिसर तो फिर उनकी संगत में ही ड्रिंक्स लेने लगी ” और दोनो ड्रिंक्स ले रहे थे तो मैं सिगरेट फूंकने लगी, रितेश मेरी चूची को पकड़ दबाए जा रहा था तो मैं उससे पूछी ” तो तुम कितनों के साथ सेक्स किए हो रितेश
( वो मेरे गाल चूम लिया ) उहुं आज तक नही
( मैं सिगरेट उसे थमाई ) अच्छा तो तुम कितने भाई बहन हो
( वो ग्लास रख बोला ) एक बड़ी बहन है जोकि दिल्ली में पढ़ाई कर रही है और मैं पटना कॉलेज में पढ़ता हूं
( मैं मुस्कुराई ) ओह यानी सिर्फ हस्तमैथुन कर काम चलाते हो
( रितेश अब मेरे कंधे में हाथ डालकर गाल चूमने लगा ) हां एक बार शीतल दीदी को नंगे देख लिया था लेकिन उनके करीब भी नही गया, हां उनके नग्न जिस्म को याद कर हस्तमैथुन जरूर किया ” अब दीपा उससे अलग हुईं फिर डाइनिंग टेबल के सहारे खड़ी हो गई, मेरे दोनो कोहनी टेबल पर थे तो पैर जमीन पर, अपने आपको घोड़ी की तरह किए जांघें फैलाई और पीछे मुड़कर देखी तो रितेश मेरे चूतड के सामने लन्ड लिए खड़ा था ” लेकिन बिना प्रोटेक्शन के ये काम
( मैं हंस दी ) बेवकूफ, बेटा का जन्म हुआ फिर कॉपर टी लगवा ली, आर्मी वाले की बीबी हूं तो वाईफ स्वैपिंग की परंपरा है डियर, चल अब अपना पेनिस घुसाकर चूदाई कर ” रितेश लन्ड को चूत की दरार में रगड़ने लगा तो मेरी फैली हुई बुर में लन्ड घुसा फिर तो उसने मेरी कमर को पकड़ धक्का दे मारा तो मैं जानबूझकर चिंहुक उठी ” उई मां फट गई मेरी बुर आराम से चोद ना ” लेकिन वो एक ना सुना और पूरा ताकत झोंककर चोदने लगा, उसका लन्ड मुझे कुछ खास परेशान नही कर सकता था फिर भी चूदाई में सिर्फ पति का लन्ड किसी भी महिला को पसंद नही, अलग बात है की अधिकतर महिलाएं पतिव्रता होकर एक ही के साथ जीवन बिता लेती हैं लेकिन मुझे तो शादी के पहले ही लन्ड का चस्का लग चुका था फिर मेरे पति जोकि मेरे पर नजर रखे हुए थे भी ग्रुप सेक्स को तैयार हो गए और फिर वाइफ स्वैपिंग तो प्लेबॉय के साथ सेक्स मेरी आदत सी हो गई। मैं रितेश के लन्ड का मजा लेते हुए अपने कमर को हिलाने लगी तो बुर में लन्ड घर्षण पैदा करके मजा दे रहा था, मैं अपने चूतड को हिलाते हुए चूदाई के मजे को बढ़ा रही थी तो रितेश मेरे सीने से लटकते स्तन को पकड़ दबाए जा रहा था तो दोनो संभोग क्रिया में व्यस्त थे और वो चोदता हुआ बोलने लगा ” ओह उह तेरी चूत में काफी नशा है बेबी ” और इतने में मेरी मोबाइल की रिंग मुझे सुनाई दी, मैं बोली ” थोड़ा ब्रेक दो किसका कॉल है जरा देखूं ” फिर वो लन्ड को बाहर किया तो मैं देखी की विवेक का कॉल था, उसे कॉल की ” हां जानू बोल
( वो बोला ) और क्या कर रही हो
( मैं ) अभी खाना बनाने में लगी हूं
( वो ) रात को क्लब में पार्टी है, वेलकम पार्टी हम दोनो के लिए
( मैं ) तो क्या सिर्फ खाने पीने की व्यवस्था है या कुछ और
( विवेक हंस पड़ा ) वो तो तुम पर है वैसे मेरे सीनियर याकूब खान तेरी तस्वीर ही देखकर तुझे चाहने लगे हैं
( मैं बोली ) चुप करो अब वैसा नही होगा ” फिर मैं बेडरूम घुसी और इशारे से रितेश को अंदर बुलाई, बेड पर टांगे फैलाई लेटी तो रितेश बेड पर आया ” हां रितेश चल जल्दी में काम निपटा, शाम के पार्टी के लिए तैयारी भी करनी है ” रितेश मेरी जांघो के बीच लन्ड पकड़े बैठा फिर सुपाड़ा सहित आधा लन्ड पेलकर धक्का मार पूरा लन्ड अंदर कर चोदने लगा तो मैं आराम से चुदवाने लगी, उसके लन्ड से मजा तो आ ही रहा था साथ में एक नई अनुभूति तो मैं अब चुदवाते हुए सिसकने लगी ” उह ओह जान मेरे जिस्म पर तो लेट फिर चूदाई का मजा दूंगी ” रितेश मेरे ऊपर लेटकर धक्का देने लगा तो मैं उसके कमर पर हाथ रख उसके गाल चूमने लगी, अब चुदक्कड औरत की तरह चूतड उछालने लगी तो रितेश के चोदने की रफ्तार धीमी पड़ गई, वो मेरे ओंठ चूमने लगा और मेरे संगमरमर से जिस्म पर सवार होकर धकाधक चोदते हुए मस्त था तो मैं चूतड उछालने मे मस्त थी ” तेज धक्का मार कुत्ते तेरी बहना की बुर को देर तक तेरा लौड़ा चाहिए
( रितेश ओंठ पर ओंठ रख चुम्बन दिया ) चिंता मत कर बहना पांच मिनट तो जरूर चोदूंगा ” और अब मेरी बुर की गर्मी चरम पर थी तो मैं चूतड उछाल उछालकर थकावट महसूस कर रही थी, रितेश चूदाई करता हुआ मेरे ऊपर सवार था और मेरी चूचियां उसकी छाती से रगड़ा खा खाकर जिस्म को मस्ती दे रही थी। मेरी बुर तो आग की भट्टी बन चुकी थी लेकिन दुबारा रस इतनी जल्दी बुर से निकलने वाला नही था, रितेश तो मेरे बदन पर लेटकर धकाधक चोदने में मस्त था लेकिन मेरी जैसी चुदक्कड महिला को इसके लन्ड से क्या होने वाला था, साला कोई निग्रो मर्द मिलता तो उसके एक फुट्टा लौड़े से चुदवाते हुए मजे लेती, अब मैं रितेश के कमर पर हाथ रख चूतड उछालने लगी तो वो पिछले छह सात मिनट से चोदता हुआ हांफने लगा, मर्द जात को तो यहां पर परास्त होना ही पड़ता है लेकिन उनके लन्ड का वीर्य ही महिलाओं के लिए अमृत होती है, अब चूतड उछाल उछाल कर हांफने लगीं ” चोदो साले और तेज बुर को फाड़ दो ओह मेरे बुर से भी रस जल्द ही निकलेगा ” तो दोनो एक दूसरे से चिपके संभोग सुख का मजा ले रहे थे और रितेश के बारे में जैसा सोची थी वो गलत था, इसका लन्ड झट से मेरी बुर में दम तोड़ेगा लेकिन ये तो चोदने में मशगूल था, हांफता हुआ बोला ” अब और नही मेरा निकलेगा ” तो मैं तेजी से चूतड उछालने लगी और क्या संयोग रहा की मेरी बुर से आंसू टपक़ने लगे तो उसका लन्ड भी वीर्य स्खलित कर बुर को ठंड कर दिया। कुछ देर बाद रितेश कपड़ा पहनकर निकल गया तो मैं आराम करने लगी, शाम को पार्टी की तैयारी करनी है तो वहां क्या मेरे साथ होगा, अगले भाग में।

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