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पुरानी यादें रानी के साथ दो दिन (भाग-2)

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मैं उसके पीछे वाशरूम में चला गया, वो नहाने की तैयारी कर रही थी, मैंने उसे जकड लिया ” चलो साथ नहाते हैं! ” , वो हंसने लगी ” मौका मिला है तो सब कुछ ही कर डालोगे? ” , मैंने उसे घूमा दिया ” हाँ रानी, मुझ व सब कुछ करना है जो फिल्मो में दिखाते है ” , मैंने शावर चला दिया और हम नहाने लगे, वो मुझे नहला रही थी और मैं उसे, हम बाहर आए, उसने मुझे पीछे से जकड लिया ” साहिल मैंने कभी ब्लू फिल्म नहीं देखि ” उसके मुम्मे मेरी पीठ से सटे हुए थे, मैं घूम गया ” जल्दी काम ख़त्म करलो, फिर आराम से देखेंगे और करेंगे भी ” , मैंने उसे याद दिलाया ” जब तक मेरे साथ हो तुम सिर्फ ब्रा और पैंटी पहनोगी ” वो मुस्कुराई ” जो हुक्म मेरे राजा ” . मैं शाम के लिए एक हाफ लेने चला गया. मैं वापिस आया और अपनी चाबी से अन्दर आया, तो देखा की वो मेरे कमरे से निकल रही थी ” कहाँ गए थे? ” , मैंने अपने बैग से हाफ निकाला और उसके सामने रख दिया ” मूड बनाने का सामान लाने गया था ” , वो मुस्कुराई ” साहिल तुम तो बड़े शौक़ीन हो ” मैं उसके पास गया ” तुम्हारे जैसे सेक्सी औरत मेरे सामने ब्रा पैंटी में घूमे तो कौन साला मना करेगा? ” वो मेरे पास आई ” साहिल मैं तुम्हे सेक्सी लगती हूँ? ” मैंने उसकी कमर में हाथ डाला ” हाँ रानी तुम बहुत सेक्सी हो ” , वो खुश हो गई ” अच्छा एक एक कर के बताओ तुम्हे मुझ में क्या सेक्सी लगता है ” , मैंने उसके होठों को छूआ और उसे चूमा ” तुम्हारे ये उभरे हुए रसीले होंठ, तुम्हारे ये बड़े बड़े मुम्मे, तुम्हारे ये कमर, तुम्हारे मांसल जाँघे और तुम्हारे ये प्यारी सी चूत ” मैंने उसके हर अंग को चूम के बताया, वो कांप गई ” ओह्ह्ह साहिल मेरी ऐसी तारीफ़, रमेश ने कभी नहीं करि जो जो तुम्हे अच्छा लागता है उसे नहीं लगता, किसी और औरत के चक्कर में पड़ा हुआ है ” , मैंने उसे प्यार से चूमा ” कोई बात नहीं रानी ” दो पेहेर के दो बज रहे थे, हम दोनों ने खाना खाया और सोफे पे बैठ बातें करने लगे, मैं उसकी गोद में सर रखकर लेट गया ” आंटी मैं तुम्हे खुश कर रहा हूँ ना?, मेरा मतलब तुम संतुष्ट हो रही हो? ” , उसने मेरे बालों में हाथ फेरा और झुक कर मेरे होटों को चूमा ” साहिल अगर मुझे अच्छा न लगा होता तो मैं तुम्हारे साथ ऐसे ना बैठी होती ” , मैंने टीवी चलाया और एक बढ़िया सी ब्लू फिल्म चलाई ” आंटी ये देखो और सीखो कैसे कैसे क्या होता है ” , फिल्म शुरू हुई और वो गौर से देख रही थी, फिर एक सीन आया, एक काल आदमी अपने बड़े से लण्ड से एक मोठे मुम्मे वाली औरत की गाड़ मार रहा था, वो देख रानी ” हऐ इसे देख कर मुझ दर्द हो रहा है क्या ये इसका असली है? ” मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लण्ड पे रख दिया ” आंटी मुझे भी ऐसे करना है तुम्हारे साथ ” उसने मेरा लण्ड सहलाया ” ना रे बाबा, ये नहीं होने का मुझसे ” उसने मेरे बैठे हुए लण्ड को बाहर निकाला ” देखो ऐसे में भी कितना मोटा है तुम्हारा टोपा! ” उसके छूने से मेरा लण्ड हरकत में आ गया और उसके हाथ में खड़ा होने लगा, वो फिल्म देख रही थी और मेरा हिला रही थी, मेरा लण्ड पूरा खड़ा हो चूका था, मैंने हाथ बड़ा कर उसका ब्रा खोल दिया और उसके मुम्मे चूसने लगा ” आंटी तुम्हारे देखो असली और मोटे है, उसने तो बड़े करवा रखे है ” , उसके निप्पल खड़े होने लगे और मैं उन्हें चूसने लगा, उसने मेरा टोपा अपनी मुठी में भर लिया ” देखो अब मेरी मुट्ठी में भी नहीं आ रहा ” उसकी नज़र फिल्म से हट नहीं रही थी, मैंने उसे छेड़ते हुए ” आंटी लगता है तुम्हे उसका लण्ड पसंद आ गया एक टक देखे जा रही हो ” , उसने मेरी तरफ देखा ” साहिल वो फिल्म है ” मेरा लण्ड हिलाते हुई बोली ” ये असलियत हैं, मैं असलियत में जीती हूँ ” , मैं उसके मोटे मुम्मो को चूमने लगा ” और यह भी असली है ” उसे फिल्म अच्छी लग रही थी, मैंने उससे पूछा ” आंटी तुम दारु पीती हो? ” , वो मुस्कुराई हाँ कभी कभी चल जाती है,, मैंने दो गिलास में पेग बनाए और उसे दिया और उसने एक बारी में गटक लिया मैंने भी पेग लगा लिया और फिर उसकी गोद में सर रखके लेट गया, वो फिर मेरे बालों को सहलाने लगी ” साहिल तुम भी सोचते होंगे की मैं कैसी औरत हूँ, की अपने से आड़े उम्र के लड़के से लग रही हूँ, पर समझ नहीं आ रहा की, तुमने कौनसी रग दबा दी की मैं तुम्हे मना कर ही नहीं पाई ” मैंने उसे जकड लिया और उसके पेट को चूमने लगा ” रानी रमेश के अलावा तुमने कभी नहीं किया? ” उसने मुझे देखा ” जानना चा रहे हो? हाँ किया है ” मैं थोड़ा हिल गया ” अच्छा किसके साथ? ” वो हसने लगी ” अरे बुद्धू तुम्हारे साथ ” वो मेरी शक़्क़्ल देख समझ गई ” नहीं साहिल इसलिए मुझे समझ नहीं आ रहा की, इतने साल की शादी और दो बच्चों के बाद अब मुझ क्या हुआ की मैंने लाज शर्म छोड़ कर ये काम कर किया ” , मैं भी सोच में पड़ गया, मैं तेरहा साल का था जबसे वो हमारे पास काम कर रही है, और आज तक उसकी कोई गलत बात सामने नहीं आई, मैं शर्मिंदा हो गया ” नहीं रानी मेरा वो मतलब नहीं था, वो तुमने कंडोम के लिए बोलै था इसलिए! ” वो फिर हसने लगी, और उसने मेरी उदरवेअर में हाथ डाल दिया और मेरे लण्ड को पकड़ लिया ” ये अब बड़ा हो गया है, कंडोम इसलिए बोला है की, कहीं तुम आंटी को मम्मी न बना दो ” वो हांसे जा रही थी, मैं झेप गया ” रानी ऐसा हो सकता है क्या? ” . वो झुकी और मेरे होटों को चूमा ” हाँ अब तुम जवान हो गए हो और माल भी ढेर सारा छोड़ते हो ” , मैंने उसके होटों को हाथ लगाया ” आंटी तुम्हारे मुम्मे बड़े ज़बरदस्त है ” मेरा लण्ड उसके हाथ में खड़ा होने लगा था और अब उसका ध्यान भी फिल्म से हट कर मेरे पे आ रहा था, वो मेरे लण्ड के साथ साथ अब मेरी गोलियों को भी सहला रही थी, मैंने उसके मुम्मो को चूमा ” आंटी क्या तुम रमेश के साथ भी ऐसे ही करती हो? ” वो चुप हो गई और उसकी पकड़ भी ढीली पड़ गई ” जबसे वो तीन साल पहले उस औरत के चक्कर में पड़ा था, हमारे बीच सब ख़तम है ” , मैं उठ गया ” तुमने तीन साल से किया ही नहीं, मन होता है तो क्या करती हो ” , वो मुस्कुराई ” इन सब चीज़ो से ध्यान हट गया, बच्चों को पालने में ” , अब उसकी नज़र मुझपर थी ” पर उस दिन जब तुमने, निकाल कर दिखाया तो सब बदल गया ” मैं उसकी टांगो के बीच बैठ गया और उसकी मांसल जांघो को चूमने लगा ” क्या बदल गया आंटी? ” , मैंने धीरे से उसकी पैंटी नीचे सरकानी शुरू की, वो थोड़ा सा उठी ” साहिल तीन साल से कुछ नहीं किया और एक दम से ऐसा कुछ दिख जाए जिसकी चाह हो तो फिर कौन रुक पाएगा! ” , मैंने उसकी पैंटी उतारली और उसके सूंघा ” तुम्हारी खुशबू मुझे पागल कर देती है, देखो कैसे खड़ा हो रहा है ” , उसने मेरे लण्ड को देखा ” तुम भी ना बिलकुल पागल हो, कुछ भी करते हो ” , मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया ” क्या करू आंटी तुम हो इतनी सेक्सी, मेरी बीवी अगर इतनी सेक्सी हो, तो मैं किसी और औरत की तरफ देखूं भी ना ” वो मुस्कुराने लगी ” साहिल ये तुम इसलिए कह रहे हो की तुमने अभी कुछ देखा नहीं है कल को कोई जवान सील बंद मिलेगी तब पूछूँगी! ” , मैं उसके टांगो के बीच बैठ गया और उन्हें फैला दिया ” रानी जो भी पैर में पहली पसंद तुम ही रहोगी ” , उसने मुझे हटाया और कारपेट पर लेट गई और उसने अपनी बाहें फैला दी ” आओ मेरे राजा, प्यार करो अपनी रानी को ” , मैं उसके पैरों से उसे चुनते हुए ऊपर जाने लगा वो तड़प गई ” अह्ह्ह साहिल कहाँ से सोचते हो अह्ह्ह हहहह हर बारी कुछ नया करते हो ससस ” , मैं उसके जांघो को चूमता हुआ उसके जघनरोम पे पंहुचा, वो ज़ोर ज़ोर से आहे भर रही थी ” अह्ह्ह हहह हऐ साहिल हम्म्म्म ” , मैं थोड़ी देर उसे वहीं चूमता रहा, उसकी खुशबू मुझे मस्त कर रही थी, उसने पैर फैला दिया और मैं उसके दरार में जीब फेरते हुए उसके भगशेफ को छेड़ा, वो कांप उठी ” अह्ह्ह्ह माँ ” मैं उसे चाटने लगा, वो अब तड़प रही थी, मैं फिर उसके कामुक शरीर को चूमते हुए ऊपर जाने लगा, मैं उसके मुम्मो पे आकर रुक गया और उन्हें चूमने और चूसने लगा, वो अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी, फिर हमारे होंठ मिले और वो पागलों के तरह मुझे चूमने लगी, मैं उसके ऊपर लेट कर उसे चूम रहा था, उसने अपने पैर फैला दिए और मेरे लण्ड को चूत पे सेट कर दिया, मेरा टोपा थोड़ा सा अंदर घुसा, उसके मुझे रोक दिया ” बस इतना ही रखो, उसकी चूत की कसावट मुझे महसूस हो रही थी, मैंने उसके होंठो को चूमा ” आंटी कंडोम लगा लूँ? ” उसने ना कर दी ” अभी रहने दो रात को लगा लेना ” मैं धीरे धीरे आगे पीछे होने लगा की टोपा अंदर न घुसे ” आंटी ऐसे क्या मज़ा आएगा? ” वो मुस्कुराई ” ये तुम्हारी तयारी हो रही है, सब कुछ करो पर पूरा अंदर नहीं डालना! ” मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैं वैसे ही करता रहा, उसकी चूत में से पानी बह रहा था और बहुत चिकना हो रहा था, मैं उसके साथ लेट गया ” आंटी बहुत गीला हो रहा है कुछ समझ नहीं आ रहा! ” वो उठ के बैठ गई और अपनी पैंटी से मेरा टोपा साफ़ किया और फिर अपने आप को पोछा ” तुम्हे झड़ने जैसा तो नहीं लग रहा? ” मैंने ना कर दी ” आंटी तुम मेरे ऊपर बैठ जाओ ” उसने मेरा लण्ड को सहलाया ” सब करुँगी पर धीरे धीरे ” वो मेरे साथ लेट गई ” साहिल तुम मुझे सेहलाओ मैं तुम्हे सहलाती हूँ ” उसने मेरा हाथ अपनी चूत पे रख दिया और मेरा खड़ा लण्ड सहलाने लगी, मैंने उसकी दरार में ऊँगली फेरी ” आंटी जब पहली बार मेरे साथ कैसा लगा था? ” , उसने मेरे टोपे को बड़े प्यार से सहलाया ” वो मैं बता नहीं सकती पर रात भर मेरी सपने में तुम ही आ रहे थे ” , मैंने उसकी चूत में ऊँगली घुसाई ” और मैं क्या कर रहा था? ” उसकी मेरे लण्ड पे टाइट हुई ” अह्ह्ह साहिल तुम मुझे प्यार कर रहे थे ” मैंने उसके मुम्मे को चूसना शुरू किया ” उसके बाद क्या हुआ? ” वो धीरे से बोली ” फिर मेरी नींद खुल गई और मैंने वही किया जो तुम कर रहे हो अब ” उसकी बात सुन मेरा तंत और कैड़ा हो गया ” तुमने मेरे नाम की मुट्ठ मारी? ” वो शर्मा गई ” हाँ ज़िन्दगी में पहल बार ज़रूरत लगी ” उसने गहरी सांस भरी ” ओह्ह साहिल मुझे बहुत अच्छा लग रहा ऐसे तुम्हारे साथ ” , मैंने उसके छोले को सहलाया ” मुझे भी आंटी, मेरा हमेशा से मन था अपने से बड़ी उम्र की औरत के साथ सेक्स करने का ” वो मेरी गोलियों को सहलाने लगी ” साहिल मेरा मन बन रहा है, एक एक और बना लो ” हम दोनों ने एक एक पेग और लगाए, और मैं उसे उठा कर अपने कमरे में ले गया, वो मेरे शरीर पे हाथ फेर रही थी, मैंने उसे बिस्तर पे लेटा दिया वो एक दम से मेरे ऊपर चढ़ बैठी और मेरे शरीर को चूमने लगी ” हऐ साहिल तुम्हारा शरीर कितना मज़बूत है ” वो मेरे सीने को चूमने लगी और मेरे निप्पल को जीब से सेहलाहे लगी, मुझे बहुत अच्छा लगा रहा था ” ओह्ह्ह्ह आंटी बहुत अच्छा लग रहा है ” वो अब धीरे धीरे नीचे जा रही थी, उसने मेरे टोपे को चूमा ” साहिल मैं तुम्हारे टोपे की कायल हो गई हूँ ” वो उसने चूसने लगी, मेरी आह निकल गई ” अह्ह्ह्ह हहहह आंटी गोलियों को भी सहलाओ अह्ह्ह ” , वो सहलाने लगी और मेरा लण्ड चूसने लगी, मैं सातवें आसमान पे था, मेरा लण्ड इतना कैड़ा कभी नहीं हुआ वो मस्त होकर चूस रही थी, और मुझे लग रहा था मेरा छूट जाएगा ” आंटी बस करो निकल जाएगा ” वो मुझे देखती रही और चूसती रही, फिर उसने लण्ड छोड़ दिया और मेरी गोलियों को चूसने लगी, मेरी कपकपी छूट गई ” ओह्ह्ह्ह आंटी क्या कर रही हो छूट जाएगा ” , वो भांप गई थी मई झड़ने वाला हूँ, उसने फिर मेरा लण्ड चूसना शुरू किया, मैं और नहीं रोक पाया, मैंने उसके बाल पकड़ लिए ” अह्ह्ह्हह आंटी हहह हहह हह ” मेरा माल उसके मुँह में ही छूट गया, वो करती रही और माल पीती रही, मैं उठ कर बैठ गया ” आंटी तुमने पी लिया? ” , उसने लण्ड को हिलाया और आखरी बूँद चाटते हुए बोली ” ये भी पहली बार किया है और सिर्फ तुम्हारे लिए, वो मेरे पास लेट गई..

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